FAQ
श्री राम — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम भगवान विष्णु के अवतार और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं। श्री राम अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र और भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं। उन्हें "मर्यादा पुरुषोत्तम" कहा जाता है क्योंकि उनका सम्पूर्ण जीवन धर्म, सत्य, कर्तव्य और आदर्श आचरण का प्रतिमान है।
परंपरा के अनुसार श्री राम का वाहन — है। उनकी शक्ति/संगिनी माता सीता मानी जाती हैं।
श्री राम का बीज मंत्र "ॐ रां रामाय नमः" है। रोमन में इसे "Om Ram Ramaya Namah" लिखा जाता है। मंत्र-जप श्रद्धा व नियमितता पर आधारित परंपरा है।
श्री राम को रघुनंदन, मर्यादा पुरुषोत्तम, रामचंद्र, दशरथनंदन आदि नामों से भी जाना जाता है। हर नाम उनके किसी एक स्वरूप या गुण की ओर संकेत करता है।
धनुर्धारी, सौम्य मुखमंडल, साथ में सीता, लक्ष्मण व हनुमान; नीलवर्ण व राजसी वेश। परंपरा में उन्हें धर्म, मर्यादा, सत्य, आदर्श का अधिष्ठाता माना जाता है।
इस पृष्ठ पर श्री राम से जुड़े 5 भक्ति पाठ उपलब्ध हैं — आरती, चालीसा, मंत्र व स्तोत्र सहित। हर पाठ हिन्दी, IAST और रोमन तीनों लिपियों में पढ़ा जा सकता है।
