वापस
लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ ऐं ह्रीं हनुमते रामदूताय नमः
मंत्र · श्री हनुमान
पाठ
1
ॐ ऐं ह्रीं हनुमते रामदूताय नमः॥
2
ॐ ऐं ह्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- वाग्-बीज "ऐं" और माया-बीज "ह्रीं" सहित — श्रीराम के दूत हनुमान को नमस्कार।
- (दूसरा प्रचलित रूप — "श्री" उपसर्ग सहित) वाग्-बीज व माया-बीज सहित, श्रीराम के दूत हनुमान को नमस्कार।
लाभ
- परंपरा में इसे राम-भक्ति व सेवा-भाव जगाने से जोड़ा जाता है।
- "ऐं" वाग्-बीज होने से वाणी व बुद्धि की उपासना से भी जोड़ा जाता है।
- रामदूत स्वरूप — हनुमान जी की मूल पहचान का मंत्र माना जाता है।
- रामनवमी व हनुमान जयंती — दोनों पर जप प्रचलित है।
कब करें पाठ
मंगलवार व शनिवार को · हनुमान जयंती व रामनवमी पर · सुंदरकांड के पाठ के साथ · किसी संदेश, वार्ता या यात्रा के आरंभ पर
स्रोत
रामदूत सम्बोधन — "मनोजवं मारुततुल्यवेगम्" श्लोक का चौथा चरण "श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये" · हनुमत्सहस्रनाम परंपरा — "हनुमते रामदूताय" विन्यास · नोट: यह बीजाक्षर-सहित मंत्र-रूप शास्त्रीय मंत्र-सूचियों में नहीं मिला; स्रोत साधना परंपरा है
