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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ सदाशिवाय नमः
मंत्र · श्री शिव
पाठ
1
ॐ सदाशिवाय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- सदाशिव को नमस्कार। जो सदा-सर्वदा कल्याणकारी हैं, जिनका स्वरूप काल से अछूता व नित्य है — उन शिव को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- परंपरा में इसे ध्यान व निर्गुण उपासना का मूल नाम-मंत्र माना जाता है।
- चित्त की स्थिरता व निरंतरता बढ़ने की मान्यता है।
- जीवन की उथल-पुथल में समभाव आने का भाव इससे जोड़ा जाता है।
- शैव सिद्धांत की पंचमुखी सदाशिव उपासना में यह प्रधान मंत्र है।
कब करें पाठ
ब्रह्म मुहूर्त में ध्यान के समय · सोमवार व प्रदोष काल में · महाशिवरात्रि की चारों प्रहर पूजा में · मानसिक अस्थिरता या दुविधा के समय
स्रोत
शिव अष्टोत्तर शतनामावली (शक्तिप्रमोद) — नाम 53 "ॐ सदाशिवाय नमः" · शैव सिद्धांत — पंचमुखी सदाशिव (सद्योजात, वामदेव, अघोर, तत्पुरुष, ईशान) परंपरा
