श्री सरस्वती सहस्रनाम
पाठ
ध्यानम् श्रीमच्चन्दनचर्चितोज्ज्वलवपुः शुक्लाम्बरा मल्लिका- मालालालितकुन्तला प्रविलसन्मुक्तावलीशोभना। सर्वज्ञाननिधानपुस्तकधरा रुद्राक्षमालाङ्किता वाग्देवी वदनाम्बुजे वसतु मे त्रैलोक्यमाता शुभा॥
॥ श्री सनत्कुमार उवाच ॥ पुरा पितामहं दृष्ट्वा जगत्स्थावरजङ्गमम्। निर्विकारं निराभासं स्तम्भीभूतमचेतसम्॥५॥ सृष्ट्वा त्रैलोक्यमखिलं वागभावात्तथाविधम्। आधिक्याभावतः स्वस्य परमेष्ठी जगद्गुरुः॥६॥ दिव्यवर्षायुतं तेन तपो दुष्करमुत्तमम्। ततः कदाचित्सञ्जाता वाणी सर्वार्थशोभिता॥७॥
अहमस्मि महाविद्या सर्ववाचामधीश्वरी। मम नाम्नां सहस्रं तु उपदेक्ष्याम्यनुत्तमम्॥८॥ अनेन संस्तुता नित्यं पत्नी तव भवाम्यहम्। त्वया सृष्टं जगत्सर्वं वाणीयुक्तं भविष्यति॥९॥
इदं रहस्यं परमं मम नामसहस्रकम्। सर्वपापौघशमनं महासारस्वतप्रदम्॥१०॥ महाकवित्वदं लोके वागीशत्वप्रदायकम्। त्वं वा परः पुमान्यस्तु स्तवेनाऽनेन तोषयेत्॥११॥ तस्याहं किङ्करी साक्षाद्भविष्यामि न संशयः। इत्युक्त्वान्तर्दधे वाणी तदारभ्य पितामहः॥१२॥ स्तुत्वा स्तोत्रेण दिव्येन तत्पतित्वमवाप्तवान्। वाणीयुक्तं जगत्सर्वं तदारभ्याभवन्मुने॥१३॥
ऐं वद वद वाग्वादिनी स्वाहा।
फलश्रुतिः इति नाम्नां सरस्वत्याः सहस्रं समुदीरितम्। मन्त्रात्मकं महागोप्यं महासारस्वतप्रदम्॥१॥ यः पठेच्छृणुयाद्भक्त्या त्रिकालं साधकः पुमान्। सर्वविद्यानिधिः साक्षात् स एव भवति ध्रुवम्॥२॥ लभते सम्पदः सर्वाः पुत्रपौत्रादिसम्युताः। मूकोऽपि सर्वविद्यासु चतुर्मुख इवापरः॥३॥
भूत्वा प्राप्नोति सान्निध्यं अन्ते धातुर्मुनीश्वर। सर्वमन्त्रमयं सर्वविद्यामानफलप्रदम्॥४॥ महाकवित्वदं पुंसां महासिद्धिप्रदायकम्। कस्मैचिन्न प्रदातव्यं प्राणैः कण्ठगतैरपि॥५॥ महारहस्यं सततं वाणीनामसहस्रकम्। सुसिद्धमस्मदादीनां स्तोत्रं ते समुदीरितम्॥६॥ ॥ इति श्रीस्कान्दपुराणान्तर्गत सनत्कुमारसंहितायां नारदसनत्कुमारसंवादे श्री सरस्वती सहस्रनाम स्तोत्रम् ॥
व-वर्ग — वाणी, वेद व विश्व-स्वरूप (नाम 1–64)
- ॐ वाचे नमः — वाणी-स्वरूपा
- ॐ वाण्यै नमः — वाणी की देवी
- ॐ वरदायै नमः — वर देने वाली
- ॐ वन्द्यायै नमः — वंदनीय
- ॐ वरारोहायै नमः — श्रेष्ठ आरोहण वाली; सुंदर विग्रह वाली
- ॐ वरप्रदायै नमः — वर प्रदान करने वाली
- ॐ वृत्त्यै नमः — वृत्ति-स्वरूपा; जीविका देने वाली
- ॐ वागीश्वर्यै नमः — वाणी की ईश्वरी
- ॐ वार्तायै नमः — वार्ता-स्वरूपा
- ॐ वरायै नमः — श्रेष्ठ
- ॐ वागीशवल्लभायै नमः — वागीश (ब्रह्मा) की प्रिया
- ॐ विश्वेश्वर्यै नमः — विश्व की ईश्वरी
- ॐ विश्ववन्द्यायै नमः — विश्व द्वारा वंदित
- ॐ विश्वेशप्रियकारिण्यै नमः — विश्वेश का प्रिय करने वाली
- ॐ वाग्वादिन्यै नमः — वाणी बुलवाने वाली
- ॐ वाग्देव्यै नमः — वाणी की देवी
- ॐ वृद्धिदायै नमः — वृद्धि देने वाली
- ॐ वृद्धिकारिण्यै नमः — वृद्धि करने वाली
- ॐ वृद्ध्यै नमः — वृद्धि-स्वरूपा
- ॐ वृद्धायै नमः — वृद्धा; सनातन
- ॐ विषघ्न्यै नमः — विष का नाश करने वाली
- ॐ वृष्ट्यै नमः — वृष्टि-स्वरूपा
- ॐ वृष्टिप्रदायिन्यै नमः — वर्षा देने वाली
- ॐ विश्वाराध्यायै नमः — विश्व द्वारा आराध्य
- ॐ विश्वमात्रे नमः — विश्व की माता
- ॐ विश्वधात्र्यै नमः — विश्व को धारण करने वाली
- ॐ विनायकायै नमः — विघ्नों को दूर करने वाली नायिका
- ॐ विश्वशक्त्यै नमः — विश्व की शक्ति
- ॐ विश्वसारायै नमः — विश्व का सार
- ॐ विश्वायै नमः — विश्व-स्वरूपा
- ॐ विश्वविभावर्यै नमः — विश्व को प्रकाशित करने वाली
- ॐ वेदान्तवेदिन्यै नमः — वेदांत को जानने वाली
- ॐ वेद्यायै नमः — जानने योग्य
- ॐ वित्तायै नमः — वित्त-स्वरूपा; प्रसिद्ध
- ॐ वेदत्रयात्मिकायै नमः — तीनों वेदों की आत्म-स्वरूपा
- ॐ वेदज्ञायै नमः — वेद को जानने वाली
- ॐ वेदजनन्यै नमः — वेदों की जननी
- ॐ विश्वायै नमः — विश्व-स्वरूपा
- ॐ विश्वविभावर्यै नमः — विश्व को प्रकाशित करने वाली
- ॐ वरेण्यायै नमः — वरण करने योग्य; श्रेष्ठ
- ॐ वाङ्मय्यै नमः — वाणीमयी
- ॐ वृद्धायै नमः — सनातन; प्राचीन
- ॐ विशिष्टप्रियकारिण्यै नमः — विशिष्ट जनों का प्रिय करने वाली
- ॐ विश्वतोवदनायै नमः — सब ओर मुख वाली
- ॐ व्याप्तायै नमः — सर्वत्र व्याप्त
- ॐ व्यापिन्यै नमः — व्याप्त होने वाली
- ॐ व्यापकात्मिकायै नमः — व्यापक आत्म-स्वरूपा
- ॐ व्यालघ्न्यै नमः — सर्पों का नाश करने वाली
- ॐ व्यालभूषाङ्ग्यै नमः — सर्पों को आभूषण रूप में धारण करने वाली
- ॐ विरजायै नमः — रजोगुण से रहित; निर्मल
- ॐ वेदनायिकायै नमः — वेदों की नायिका
- ॐ वेदवेदान्तसंवेद्यायै नमः — वेद व वेदांत से जानने योग्य
- ॐ वेदान्तज्ञानरूपिण्यै नमः — वेदांत-ज्ञान की स्वरूपा
- ॐ विभावर्यै नमः — प्रकाशमयी; रात्रि-स्वरूपा
- ॐ विक्रान्तायै नमः — पराक्रमशालिनी
- ॐ विश्वामित्रायै नमः — विश्व की मित्र
- ॐ विधिप्रियायै नमः — विधि (ब्रह्मा) की प्रिया
- ॐ वरिष्ठायै नमः — सर्वश्रेष्ठ
- ॐ विप्रकृष्टायै नमः — अति दूरस्थ; दुर्लभ
- ॐ विप्रवर्यप्रपूजितायै नमः — श्रेष्ठ विप्रों द्वारा पूजित
- ॐ वेदरूपायै नमः — वेद-रूपा
- ॐ वेदमय्यै नमः — वेदमयी
- ॐ वेदमूर्त्यै नमः — वेद की मूर्ति
- ॐ वल्लभायै नमः — प्रिया
ग-वर्ग — गायत्री, गुण व गृह-कल्याण (नाम 65–112)
- ॐ गौर्यै नमः — गौर वर्ण वाली
- ॐ गुणवत्यै नमः — गुणों से युक्त
- ॐ गोप्यायै नमः — गोपनीय; रहस्यमयी
- ॐ गन्धर्वनगरप्रियायै नमः — गंधर्व-नगर को प्रिय
- ॐ गुणमात्रे नमः — गुणों की माता
- ॐ गुणान्तस्थायै नमः — गुणों के भीतर स्थित
- ॐ गुरुरूपायै नमः — गुरु-रूपा
- ॐ गुरुप्रियायै नमः — गुरु को प्रिय
- ॐ गुरुविद्यायै नमः — गुरु-विद्या स्वरूपा
- ॐ गानतुष्टायै नमः — गान से प्रसन्न होने वाली
- ॐ गायकप्रियकारिण्यै नमः — गायकों का प्रिय करने वाली
- ॐ गायत्र्यै नमः — गायत्री-स्वरूपा
- ॐ गिरीशाराध्यायै नमः — गिरीश (शिव) द्वारा आराध्य
- ॐ गिरे नमः — गिर् अर्थात वाणी-स्वरूपा
- ॐ गिरीशप्रियङ्कर्यै नमः — गिरीश का प्रिय करने वाली
- ॐ गिरिज्ञायै नमः — गिरि को जानने वाली
- ॐ ज्ञानविद्यायै नमः — ज्ञान-विद्या स्वरूपा
- ॐ गिरिरूपायै नमः — पर्वत-रूपा
- ॐ गिरीश्वर्यै नमः — गिरि की ईश्वरी
- ॐ गीर्मात्रे नमः — वाणी की माता
- ॐ गणसंस्तुत्यायै नमः — गणों द्वारा स्तुत
- ॐ गणनीयगुणान्वितायै नमः — गिनने योग्य अर्थात प्रशंसनीय गुणों से युक्त
- ॐ गूढरूपायै नमः — गूढ़ रूप वाली
- ॐ गुहायै नमः — गुहा-स्वरूपा; गुप्त
- ॐ गोप्यायै नमः — गोपनीय
- ॐ गोरूपायै नमः — गो-रूपा
- ॐ गवे नमः — गौ-स्वरूपा
- ॐ गुणात्मिकायै नमः — गुणों की आत्म-स्वरूपा
- ॐ गुर्व्यै नमः — गुरु-स्वरूपा; गुरुतर
- ॐ गुर्वम्बिकायै नमः — गुरु की अंबिका
- ॐ गुह्यायै नमः — गुह्य; रहस्यमयी
- ॐ गेयजायै नमः — गान से प्रकट होने वाली
- ॐ गृहनाशिन्यै नमः — गृह-बंधन का नाश करने वाली
- ॐ गृहिण्यै नमः — गृहिणी-स्वरूपा
- ॐ गृहदोषघ्न्यै नमः — गृह-दोषों का नाश करने वाली
- ॐ गवघ्न्यै नमः — गो-संबंधी पाप का नाश करने वाली
- ॐ गुरुवत्सलायै नमः — गुरुजनों पर वात्सल्य रखने वाली
- ॐ गृहात्मिकायै नमः — गृह की आत्म-स्वरूपा
- ॐ गृहाराध्यायै नमः — गृह में आराध्य
- ॐ गृहबाधाविनाशिन्यै नमः — गृह-बाधाओं का विनाश करने वाली
- ॐ गङ्गायै नमः — गंगा-स्वरूपा
- ॐ गिरिसुतायै नमः — पर्वत की पुत्री
- ॐ गम्यायै नमः — प्राप्य; जानने योग्य
- ॐ गजयानायै नमः — गज पर यान करने वाली
- ॐ गुहस्तुतायै नमः — गुह अर्थात कार्तिकेय द्वारा स्तुत
- ॐ गरुडासनसंसेव्यायै नमः — गरुडासन अर्थात विष्णु द्वारा सेवित
- ॐ गोमत्यै नमः — गोमती-स्वरूपा
- ॐ गुणशालिन्यै नमः — गुणों से सुशोभित
श-वर्ग — शारदा, श्रुति व शांति (नाम 113–173)
- ॐ शारदायै नमः — शारदा
- ॐ शाश्वत्यै नमः — शाश्वत; नित्य
- ॐ शैव्यै नमः — शिव-संबंधिनी
- ॐ शाङ्कर्यै नमः — शंकर की शक्ति
- ॐ शङ्करात्मिकायै नमः — शंकर की आत्म-स्वरूपा
- ॐ श्रियै नमः — श्री-स्वरूपा
- ॐ शर्वाण्यै नमः — शर्व अर्थात शिव की पत्नी
- ॐ शतघ्न्यै नमः — शतघ्नी नामक आयुध स्वरूपा
- ॐ शरच्चन्द्रनिभाननायै नमः — शरद-चंद्र सदृश मुख वाली
- ॐ शर्मिष्ठायै नमः — सुख में स्थित
- ॐ शमनघ्न्यै नमः — यम का भय हरने वाली
- ॐ शतसाहस्ररूपिण्यै नमः — लाखों रूप धारण करने वाली
- ॐ शिवायै नमः — कल्याणस्वरूपा
- ॐ शम्भुप्रियायै नमः — शंभु को प्रिय
- ॐ श्रद्धायै नमः — श्रद्धा-स्वरूपा
- ॐ श्रुतिरूपायै नमः — श्रुति-रूपा
- ॐ श्रुतिप्रियायै नमः — श्रुति को प्रिय
- ॐ शुचिष्मत्यै नमः — पवित्रता से युक्त
- ॐ शर्मकर्यै नमः — सुख करने वाली
- ॐ शुद्धिदायै नमः — शुद्धि देने वाली
- ॐ शुद्धिरूपिण्यै नमः — शुद्धि-स्वरूपा
- ॐ शिवायै नमः — कल्याणमयी
- ॐ शिवङ्कर्यै नमः — कल्याण करने वाली
- ॐ शुद्धायै नमः — शुद्ध
- ॐ शिवाराध्यायै नमः — शिव द्वारा आराध्य
- ॐ शिवात्मिकायै नमः — शिव की आत्म-स्वरूपा
- ॐ श्रीमत्यै नमः — श्री से युक्त
- ॐ श्रीमय्यै नमः — श्रीमयी
- ॐ श्राव्यायै नमः — श्रवण योग्य
- ॐ श्रुत्यै नमः — श्रुति-स्वरूपा
- ॐ श्रवणगोचरायै नमः — श्रवण द्वारा गोचर होने वाली
- ॐ शान्त्यै नमः — शांति-स्वरूपा
- ॐ शान्तिकर्यै नमः — शांति करने वाली
- ॐ शान्तायै नमः — शांत
- ॐ शान्ताचारप्रियङ्कर्यै नमः — शांत आचरण वालों का प्रिय करने वाली
- ॐ शीललभ्यायै नमः — शील से प्राप्य
- ॐ शीलवत्यै नमः — शीलवती
- ॐ श्रीमात्रे नमः — श्री की माता
- ॐ शुभकारिण्यै नमः — शुभ करने वाली
- ॐ शुभवाण्यै नमः — शुभ वाणी वाली
- ॐ शुद्धविद्यायै नमः — शुद्ध विद्या स्वरूपा
- ॐ शुद्धचित्तप्रपूजितायै नमः — शुद्ध चित्त वालों द्वारा पूजित
- ॐ श्रीकर्यै नमः — श्री प्रदान करने वाली
- ॐ श्रुतपापघ्न्यै नमः — श्रवण मात्र से पाप नष्ट करने वाली
- ॐ शुभाक्ष्यै नमः — शुभ नेत्रों वाली
- ॐ शुचिवल्लभायै नमः — पवित्र जनों की प्रिया
- ॐ शिवेतरघ्न्यै नमः — अकल्याण का नाश करने वाली
- ॐ शबर्यै नमः — शबरी-स्वरूपा
- ॐ श्रवणीयगुणान्वितायै नमः — सुनने योग्य गुणों से युक्त
- ॐ शार्यै नमः — शारी अर्थात सारिका पक्षी स्वरूपा
- ॐ शिरीषपुष्पाभायै नमः — शिरीष-पुष्प सदृश आभा वाली
- ॐ शमनिष्ठायै नमः — शम अर्थात शांति में निष्ठा वाली
- ॐ शमात्मिकायै नमः — शम की आत्म-स्वरूपा
- ॐ शमान्वितायै नमः — शम से युक्त
- ॐ शमाराध्यायै नमः — शम द्वारा आराध्य
- ॐ शितिकण्ठप्रपूजितायै नमः — शितिकंठ अर्थात शिव द्वारा पूजित
- ॐ शुद्ध्यै नमः — शुद्धि-स्वरूपा
- ॐ शुद्धिकर्यै नमः — शुद्धि करने वाली
- ॐ श्रेष्ठायै नमः — श्रेष्ठ
- ॐ श्रुतानन्तायै नमः — जिनकी अनंतता श्रुति में कही गई
- ॐ शुभावहायै नमः — शुभ लाने वाली
स-वर्ग — सर्वज्ञा, सिद्धिदा व सहस्र-विग्रह (नाम 174–278)
- ॐ सरस्वत्यै नमः — सरस्वती
- ॐ सर्वज्ञायै नमः — सर्वज्ञ
- ॐ सर्वसिद्धिप्रदायिन्यै नमः — समस्त सिद्धियाँ देने वाली
- ॐ सरस्वत्यै नमः — सरस्वती
- ॐ सावित्र्यै नमः — सावित्री-स्वरूपा
- ॐ सन्ध्यायै नमः — संध्या-स्वरूपा
- ॐ सर्वेप्सितप्रदायै नमः — समस्त अभीष्ट देने वाली
- ॐ सर्वार्तिघ्न्यै नमः — समस्त पीड़ाओं का नाश करने वाली
- ॐ सर्वमय्यै नमः — सर्वमयी
- ॐ सर्वविद्याप्रदायिन्यै नमः — समस्त विद्याएँ देने वाली
- ॐ सर्वेश्वर्यै नमः — सर्वेश्वरी
- ॐ सर्वपुण्यायै नमः — समस्त पुण्य-स्वरूपा
- ॐ सर्गस्थित्यन्तकारिण्यै नमः — सृष्टि, स्थिति व संहार करने वाली
- ॐ सर्वाराध्यायै नमः — सबके द्वारा आराध्य
- ॐ सर्वमात्रे नमः — सबकी माता
- ॐ सर्वदेवनिषेवितायै नमः — समस्त देवों द्वारा सेवित
- ॐ सर्वैश्वर्यप्रदायै नमः — समस्त ऐश्वर्य देने वाली
- ॐ सत्यायै नमः — सत्य-स्वरूपा
- ॐ सत्यै नमः — सत्-स्वरूपा
- ॐ सत्वगुणाश्रयायै नमः — सत्त्वगुण की आश्रय
- ॐ सर्वक्रमपदाकारायै नमः — समस्त क्रम-पदों के आकार वाली
- ॐ सर्वदोषनिषूदिन्यै नमः — समस्त दोषों का नाश करने वाली
- ॐ सहस्राक्ष्यै नमः — सहस्र नेत्रों वाली
- ॐ सहस्रास्यायै नमः — सहस्र मुख वाली
- ॐ सहस्रपदसम्युतायै नमः — सहस्र चरणों से युक्त
- ॐ सहस्रहस्तायै नमः — सहस्र हाथों वाली
- ॐ सहस्रगुणालङ्कृतविग्रहायै नमः — सहस्र गुणों से अलंकृत विग्रह वाली
- ॐ सहस्रशीर्षायै नमः — सहस्र मस्तकों वाली
- ॐ सद्रूपायै नमः — सत्-रूपा
- ॐ स्वधायै नमः — स्वधा-स्वरूपा
- ॐ स्वाहायै नमः — स्वाहा-स्वरूपा
- ॐ सुधामय्यै नमः — अमृतमयी
- ॐ षड्ग्रन्थिभेदिन्यै नमः — छह ग्रंथियों का भेदन करने वाली
- ॐ सेव्यायै नमः — सेवा योग्य
- ॐ सर्वलोकैकपूजितायै नमः — समस्त लोकों द्वारा एकमात्र पूजित
- ॐ स्तुत्यायै नमः — स्तुति योग्य
- ॐ स्तुतिमय्यै नमः — स्तुतिमयी
- ॐ साध्यायै नमः — साधने योग्य
- ॐ सवितृप्रियकारिण्यै नमः — सविता का प्रिय करने वाली
- ॐ संशयच्छेदिन्यै नमः — संशय का छेदन करने वाली
- ॐ साङ्ख्यवेद्यायै नमः — सांख्य द्वारा जानने योग्य
- ॐ सङ्ख्यायै नमः — संख्या-स्वरूपा
- ॐ सदीश्वर्यै नमः — सत् की ईश्वरी
- ॐ सिद्धिदायै नमः — सिद्धि देने वाली
- ॐ सिद्धसम्पूज्यायै नमः — सिद्धों द्वारा पूजित
- ॐ सर्वसिद्धिप्रदायिन्यै नमः — समस्त सिद्धियाँ देने वाली
- ॐ सर्वज्ञायै नमः — सर्वज्ञ
- ॐ सर्वशक्त्यै नमः — सर्वशक्ति-स्वरूपा
- ॐ सर्वसम्पत्प्रदायिन्यै नमः — समस्त संपत्ति देने वाली
- ॐ सर्वाऽशुभघ्न्यै नमः — समस्त अशुभ का नाश करने वाली
- ॐ सुखदायै नमः — सुख देने वाली
- ॐ सुखयै नमः — सुख-स्वरूपा
- ॐ संवित्स्वरूपिण्यै नमः — संवित् अर्थात शुद्ध चेतना स्वरूपा
- ॐ सर्वसम्भाषण्यै नमः — सबसे संभाषण करने वाली
- ॐ सर्वजगत्सम्मोहिन्यै नमः — समस्त जगत को मोहित करने वाली
- ॐ सर्वप्रियङ्कर्यै नमः — सबका प्रिय करने वाली
- ॐ सर्वशुभदायै नमः — सब शुभ देने वाली
- ॐ सर्वमङ्गलायै नमः — सर्वमंगला
- ॐ सर्वमन्त्रमय्यै नमः — समस्त मंत्रमयी
- ॐ सर्वतीर्थपुण्यफलप्रदायै नमः — समस्त तीर्थों का पुण्य-फल देने वाली
- ॐ सर्वपुण्यमय्यै नमः — समस्त पुण्यमयी
- ॐ सर्वव्याधिघ्न्यै नमः — समस्त व्याधियों का नाश करने वाली
- ॐ सर्वकामदायै नमः — समस्त कामनाएँ पूर्ण करने वाली
- ॐ सर्वविघ्नहर्यै नमः — समस्त विघ्न हरने वाली
- ॐ सर्ववन्दितायै नमः — सबके द्वारा वंदित
- ॐ सर्वमङ्गलायै नमः — सर्वमंगला
- ॐ सर्वमन्त्रकर्यै नमः — समस्त मंत्र रचने वाली
- ॐ सर्वलक्ष्म्यै नमः — समस्त लक्ष्मी-स्वरूपा
- ॐ सर्वगुणान्वितायै नमः — समस्त गुणों से युक्त
- ॐ सर्वानन्दमय्यै नमः — सर्वानंदमयी
- ॐ सर्वज्ञानदायै नमः — समस्त ज्ञान देने वाली
- ॐ सत्यनायिकायै नमः — सत्य की नायिका
- ॐ सर्वज्ञानमय्यै नमः — समस्त ज्ञानमयी
- ॐ सर्वराज्यदायै नमः — समस्त राज्य देने वाली
- ॐ सर्वमुक्तिदायै नमः — समस्त मुक्ति देने वाली
- ॐ सुप्रभायै नमः — सुंदर प्रभा वाली
- ॐ सर्वदायै नमः — सब कुछ देने वाली
- ॐ सर्वायै नमः — सर्व-स्वरूपा
- ॐ सर्वलोकवशङ्कर्यै नमः — समस्त लोकों को वश में करने वाली
- ॐ सुभगायै नमः — सौभाग्यशालिनी
- ॐ सुन्दर्यै नमः — सुंदरी
- ॐ सिद्धायै नमः — सिद्ध-स्वरूपा
- ॐ सिद्धाम्बायै नमः — सिद्धों की अंबा
- ॐ सिद्धमातृकायै नमः — सिद्ध मातृका-स्वरूपा
- ॐ सिद्धमात्रे नमः — सिद्धों की माता
- ॐ सिद्धविद्यायै नमः — सिद्ध विद्या स्वरूपा
- ॐ सिद्धेश्यै नमः — सिद्धों की ईश्वरी
- ॐ सिद्धरूपिण्यै नमः — सिद्ध-रूपिणी
- ॐ सुरूपिण्यै नमः — सुंदर रूप वाली
- ॐ सुखमय्यै नमः — सुखमयी
- ॐ सेवकप्रियकारिण्यै नमः — सेवकों का प्रिय करने वाली
- ॐ स्वामिन्यै नमः — स्वामिनी
- ॐ सर्वदायै नमः — सब कुछ देने वाली
- ॐ सेव्यायै नमः — सेवा योग्य
- ॐ स्थूलसूक्ष्मापराम्बिकायै नमः — स्थूल, सूक्ष्म तथा पर — तीनों रूपों वाली अंबिका
- ॐ साररूपायै नमः — सार-रूपा
- ॐ सरोरूपायै नमः — सरोवर-स्वरूपा
- ॐ सत्यभूतायै नमः — सत्य-भूता; सत्य में स्थित
- ॐ समाश्रयायै नमः — सबका आश्रय
- ॐ सिताऽसितायै नमः — श्वेत तथा श्याम — दोनों वर्ण वाली
- ॐ सरोजाक्ष्यै नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाली
- ॐ सरोजासनवल्लभायै नमः — कमलासन अर्थात ब्रह्मा की प्रिया
- ॐ सरोरुहाभायै नमः — कमल सदृश आभा वाली
- ॐ सर्वाङ्ग्यै नमः — सुंदर अंगों वाली
- ॐ सुरेन्द्रादिप्रपूजितायै नमः — इंद्रादि देवों द्वारा पूजित
म-वर्ग — महादेवी, मेधा व महामाया (नाम 279–391)
- ॐ महादेव्यै नमः — महादेवी
- ॐ महेशान्यै नमः — महेशानी
- ॐ महासारस्वतप्रदायै नमः — महान सारस्वत-फल देने वाली
- ॐ महासरस्वत्यै नमः — महासरस्वती
- ॐ मुक्तायै नमः — मुक्त; बंधन-रहित
- ॐ मुक्तिदायै नमः — मुक्ति देने वाली
- ॐ मोहनाशिन्यै नमः — मोह का नाश करने वाली
- ॐ महेश्वर्यै नमः — महेश्वरी
- ॐ महानन्दायै नमः — महान आनंद-स्वरूपा
- ॐ महामन्त्रमय्यै नमः — महामंत्रमयी
- ॐ मह्यै नमः — मही अर्थात पृथ्वी-स्वरूपा
- ॐ महालक्ष्म्यै नमः — महालक्ष्मी-स्वरूपा
- ॐ महाविद्यायै नमः — महाविद्या-स्वरूपा
- ॐ मात्रे नमः — माता
- ॐ मन्दरवासिन्यै नमः — मंदराचल पर निवास करने वाली
- ॐ मन्त्रगम्यायै नमः — मंत्र द्वारा प्राप्य
- ॐ मन्त्रमात्रे नमः — मंत्रों की माता
- ॐ महामन्त्रफलप्रदायै नमः — महामंत्र का फल देने वाली
- ॐ महामुक्त्यै नमः — महान मुक्ति-स्वरूपा
- ॐ महानित्यायै नमः — महानित्या; सदा विद्यमान
- ॐ महासिद्धिप्रदायिन्यै नमः — महासिद्धि देने वाली
- ॐ महासिद्धायै नमः — महासिद्धा
- ॐ महामात्रे नमः — महान माता
- ॐ महदाकारसम्युतायै नमः — महान आकार से युक्त
- ॐ मह्यै नमः — महती; महिमामयी
- ॐ महेश्वर्यै नमः — महेश्वरी
- ॐ मूर्त्यै नमः — मूर्ति-स्वरूपा
- ॐ मोक्षदायै नमः — मोक्ष देने वाली
- ॐ मणिभूषणायै नमः — मणियों से विभूषित
- ॐ मेनकायै नमः — मेनका-स्वरूपा
- ॐ मानिन्यै नमः — मानिनी
- ॐ मान्यायै नमः — माननीय
- ॐ मृत्युघ्न्यै नमः — मृत्यु का नाश करने वाली
- ॐ मेरुरूपिण्यै नमः — मेरु-रूपिणी
- ॐ मदिराक्ष्यै नमः — मदिरा सदृश मत्त नेत्रों वाली
- ॐ मदावासायै नमः — आनंद का निवास
- ॐ मखरूपायै नमः — यज्ञ-रूपा
- ॐ मखेश्वर्यै नमः — यज्ञ की ईश्वरी
- ॐ महामोहायै नमः — महामोह-स्वरूपा
- ॐ महामायायै नमः — महामाया
- ॐ मातॄणां मूर्ध्निसंस्थितायै नमः — मातृकाओं के मस्तक पर स्थित
- ॐ महापुण्यायै नमः — महान पुण्य-स्वरूपा
- ॐ मुदावासायै नमः — हर्ष का निवास
- ॐ महासम्पत्प्रदायिन्यै नमः — महान संपत्ति देने वाली
- ॐ मणिपूरैकनिलयायै नमः — मणिपूर चक्र में निवास करने वाली
- ॐ मधुरूपायै नमः — मधु-रूपा; मधुर
- ॐ मदोत्कटायै नमः — मद से उत्कट
- ॐ महासूक्ष्मायै नमः — महासूक्ष्म
- ॐ महाशान्तायै नमः — महाशांत
- ॐ महाशान्तिप्रदायिन्यै नमः — महान शांति देने वाली
- ॐ मुनिस्तुतायै नमः — मुनियों द्वारा स्तुत
- ॐ मोहहन्त्र्यै नमः — मोह का हरण करने वाली
- ॐ माधव्यै नमः — माधवी
- ॐ माधवप्रियायै नमः — माधव अर्थात विष्णु को प्रिय
- ॐ मायै नमः — मा अर्थात माता-स्वरूपा
- ॐ महादेवसंस्तुत्यायै नमः — महादेव द्वारा स्तुत्य
- ॐ महिषीगणपूजितायै नमः — महिषियों के समूह द्वारा पूजित
- ॐ मृष्टान्नदायै नमः — स्वादिष्ट अन्न देने वाली
- ॐ माहेन्द्र्यै नमः — माहेंद्री
- ॐ महेन्द्रपददायिन्यै नमः — इंद्र-पद देने वाली
- ॐ मत्यै नमः — मति-स्वरूपा
- ॐ मतिप्रदायै नमः — मति देने वाली
- ॐ मेधायै नमः — मेधा-स्वरूपा
- ॐ मर्त्यलोकनिवासिन्यै नमः — मर्त्यलोक में निवास करने वाली
- ॐ मुख्यायै नमः — मुख्य; प्रधान
- ॐ महानिवासायै नमः — महान निवास वाली
- ॐ महाभाग्यजनाश्रितायै नमः — महाभाग्यशाली जनों द्वारा आश्रित
- ॐ महिलायै नमः — महिला-स्वरूपा
- ॐ महिमायै नमः — महिमा-स्वरूपा
- ॐ मृत्युहार्यै नमः — मृत्यु का हरण करने वाली
- ॐ मेधाप्रदायिन्यै नमः — मेधा प्रदान करने वाली
- ॐ मेध्यायै नमः — मेध्य; पवित्र
- ॐ महावेगवत्यै नमः — महान वेग वाली
- ॐ महामोक्षफलप्रदायै नमः — महामोक्ष का फल देने वाली
- ॐ महाप्रभाभायै नमः — महान प्रभा की आभा वाली
- ॐ महत्यै नमः — महती
- ॐ महादेवप्रियङ्कर्यै नमः — महादेव का प्रिय करने वाली
- ॐ महापोषायै नमः — महान पोषण करने वाली
- ॐ महर्थ्यै नमः — महान अर्थ-स्वरूपा
- ॐ मुक्ताहारविभूषणायै नमः — मोतियों के हार से विभूषित
- ॐ माणिक्यभूषणायै नमः — माणिक्य से विभूषित
- ॐ मन्त्रायै नमः — मंत्र-स्वरूपा
- ॐ मुख्यचन्द्रार्धशेखरायै नमः — मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने वाली
- ॐ मनोरूपायै नमः — मन-रूपा
- ॐ मनश्शुद्ध्यै नमः — मन की शुद्धि स्वरूपा
- ॐ मनश्शुद्धिप्रदायिन्यै नमः — मन की शुद्धि देने वाली
- ॐ महाकारुण्यसम्पूर्णायै नमः — महान करुणा से परिपूर्ण
- ॐ मनोनमनवन्दितायै नमः — मन के नम्र होने पर वंदित
- ॐ महापातकजालघ्न्यै नमः — महापातकों के जाल का नाश करने वाली
- ॐ मुक्तिदायै नमः — मुक्ति देने वाली
- ॐ मुक्तभूषणायै नमः — मुक्ता अर्थात मोतियों के आभूषण वाली
- ॐ मनोन्मन्यै नमः — मनोन्मनी अर्थात मन से परे की स्थिति स्वरूपा
- ॐ महास्थूलायै नमः — महास्थूल
- ॐ महाक्रतुफलप्रदायै नमः — महायज्ञ का फल देने वाली
- ॐ महापुण्यफलप्राप्यायै नमः — महान पुण्य के फल से प्राप्य
- ॐ मायात्रिपुरनाशिन्यै नमः — माया-रूपी त्रिपुर का नाश करने वाली
- ॐ महानसायै नमः — महानस अर्थात पाकशाला-स्वरूपा
- ॐ महामेधायै नमः — महान मेधा वाली
- ॐ महामोदायै नमः — महान आनंद-स्वरूपा
- ॐ महेश्वर्यै नमः — महेश्वरी
- ॐ मालाधर्यै नमः — माला धारण करने वाली
- ॐ महोपायायै नमः — महान उपाय-स्वरूपा
- ॐ महातीर्थफलप्रदायै नमः — महातीर्थों का फल देने वाली
- ॐ महामङ्गलसम्पूर्णायै नमः — महामंगल से परिपूर्ण
- ॐ महादारिद्र्यनाशिन्यै नमः — महान दरिद्रता का नाश करने वाली
- ॐ महामखायै नमः — महायज्ञ-स्वरूपा
- ॐ महामेघायै नमः — महामेघ-स्वरूपा
- ॐ महाकाल्यै नमः — महाकाली-स्वरूपा
- ॐ महाप्रियायै नमः — महाप्रिया
- ॐ महाभूषायै नमः — महान आभूषणों वाली
- ॐ महादेहायै नमः — महान देह वाली
- ॐ महाराज्ञ्यै नमः — महारानी
- ॐ मुदालयायै नमः — आनंद का आलय
भ-वर्ग — भारती, भक्ति व भोग-मोक्ष (नाम 392–472)
- ॐ भूरिदायै नमः — प्रचुर दान करने वाली
- ॐ भाग्यदायै नमः — भाग्य देने वाली
- ॐ भोग्यायै नमः — भोग्य-स्वरूपा
- ॐ भोग्यदायै नमः — भोग्य पदार्थ देने वाली
- ॐ भोगदायिन्यै नमः — भोग देने वाली
- ॐ भवान्यै नमः — भवानी
- ॐ भूतिदायै नमः — ऐश्वर्य देने वाली
- ॐ भूत्यै नमः — विभूति-स्वरूपा
- ॐ भूम्यै नमः — भूमि-स्वरूपा
- ॐ भूमिसुनायिकायै नमः — भूमि की श्रेष्ठ नायिका
- ॐ भूतधात्र्यै नमः — प्राणियों को धारण करने वाली
- ॐ भयहर्यै नमः — भय हरने वाली
- ॐ भक्तसारस्वतप्रदायै नमः — भक्तों को सारस्वत-फल देने वाली
- ॐ भुक्त्यै नमः — भुक्ति-स्वरूपा
- ॐ भुक्तिप्रदायै नमः — भोग प्रदान करने वाली
- ॐ भोक्त्र्यै नमः — भोक्त्री
- ॐ भक्त्यै नमः — भक्ति-स्वरूपा
- ॐ भक्तिप्रदायिन्यै नमः — भक्ति देने वाली
- ॐ भक्तसायुज्यदायै नमः — भक्तों को सायुज्य देने वाली
- ॐ भक्तस्वर्गदायै नमः — भक्तों को स्वर्ग देने वाली
- ॐ भक्तराज्यदायै नमः — भक्तों को राज्य देने वाली
- ॐ भागीरथ्यै नमः — भागीरथी-स्वरूपा
- ॐ भवाराध्यायै नमः — भव अर्थात शिव द्वारा आराध्य
- ॐ भाग्यासज्जनपूजितायै नमः — सौभाग्यवश सज्जनों द्वारा पूजित
- ॐ भवस्तुत्यायै नमः — भव द्वारा स्तुत्य
- ॐ भानुमत्यै नमः — भानुमती; तेजस्विनी
- ॐ भवसागरतारिण्यै नमः — भवसागर से तारने वाली
- ॐ भूत्यै नमः — विभूति-स्वरूपा
- ॐ भूषायै नमः — भूषण-स्वरूपा
- ॐ भूतेश्यै नमः — भूतों की ईश्वरी
- ॐ भाललोचनपूजितायै नमः — भाल-लोचन अर्थात शिव द्वारा पूजित
- ॐ भूतायै नमः — भूत; विद्यमान
- ॐ भव्यायै नमः — भव्य
- ॐ भविष्यायै नमः — भविष्य-स्वरूपा
- ॐ भवविद्यायै नमः — भव-विद्या स्वरूपा
- ॐ भवात्मिकायै नमः — भव की आत्म-स्वरूपा
- ॐ बाधापहारिण्यै नमः — बाधाओं का अपहरण करने वाली
- ॐ बन्धुरूपायै नमः — बंधु-रूपा
- ॐ भुवनपूजितायै नमः — भुवन द्वारा पूजित
- ॐ भवघ्न्यै नमः — भव-बंधन का नाश करने वाली
- ॐ भक्तिलभ्यायै नमः — भक्ति से प्राप्य
- ॐ भक्तरक्षणतत्परायै नमः — भक्तों की रक्षा में तत्पर
- ॐ भक्तार्तिशमन्यै नमः — भक्तों की पीड़ा शमन करने वाली
- ॐ भाग्यायै नमः — भाग्य-स्वरूपा
- ॐ भोगदानकृतोद्यमायै नमः — भोग देने के उद्यम में तत्पर
- ॐ भुजङ्गभूषणायै नमः — भुजंगों को आभूषण रूप में धारण करने वाली
- ॐ भीमायै नमः — भीमा
- ॐ भीमाक्ष्यै नमः — भीम नेत्रों वाली
- ॐ भीमरूपिण्यै नमः — भीम रूप वाली
- ॐ भाविन्यै नमः — भाविनी
- ॐ भ्रातृरूपायै नमः — भ्राता-रूपा
- ॐ भारत्यै नमः — भारती
- ॐ भवनायिकायै नमः — भवन अर्थात लोक की नायिका
- ॐ भाषायै नमः — भाषा-स्वरूपा
- ॐ भाषावत्यै नमः — भाषा से युक्त
- ॐ भीष्मायै नमः — भीष्मा; अति भयंकर
- ॐ भैरव्यै नमः — भैरवी
- ॐ भैरवप्रियायै नमः — भैरव को प्रिय
- ॐ भूत्यै नमः — विभूति-स्वरूपा
- ॐ भासितसर्वाङ्ग्यै नमः — प्रकाशित समस्त अंगों वाली
- ॐ भूतिदायै नमः — ऐश्वर्य देने वाली
- ॐ भूतिनायिकायै नमः — विभूति की नायिका
- ॐ भास्वत्यै नमः — भास्वती; देदीप्यमान
- ॐ भगमालायै नमः — ऐश्वर्य की माला वाली
- ॐ भिक्षादानकृतोद्यमायै नमः — भिक्षा-दान के उद्यम में तत्पर
- ॐ भिक्षुरूपायै नमः — भिक्षु-रूपा
- ॐ भक्तिकर्यै नमः — भक्ति उत्पन्न करने वाली
- ॐ भक्तलक्ष्मीप्रदायिन्यै नमः — भक्तों को लक्ष्मी देने वाली
- ॐ भ्रान्तिघ्नायै नमः — भ्रांति का नाश करने वाली
- ॐ भ्रान्तिरूपायै नमः — भ्रांति-रूपा
- ॐ भूतिदायै नमः — ऐश्वर्य देने वाली
- ॐ भूतिकारिण्यै नमः — ऐश्वर्य करने वाली
- ॐ भिक्षणीयायै नमः — भिक्षा देने योग्य
- ॐ भिक्षुमात्रे नमः — भिक्षुओं की माता
- ॐ भाग्यवद्दृष्टिगोचरायै नमः — भाग्यवानों की दृष्टि में आने वाली
- ॐ भोगवत्यै नमः — भोगवती
- ॐ भोगरूपायै नमः — भोग-रूपा
- ॐ भोगमोक्षफलप्रदायै नमः — भोग तथा मोक्ष — दोनों का फल देने वाली
- ॐ भोगश्रान्तायै नमः — भोग से विरत
- ॐ भाग्यवत्यै नमः — भाग्यवती
- ॐ भक्ताघौघविनाशिन्यै नमः — भक्तों के पाप-समूह का नाश करने वाली
ब-वर्ग — ब्राह्मी, बुद्धि व बिंदु-नाद (नाम 473–521)
- ॐ ब्राह्म्यै नमः — ब्राह्मी
- ॐ ब्रह्मस्वरूपायै नमः — ब्रह्म-स्वरूपा
- ॐ बृहत्यै नमः — बृहती; विशाल
- ॐ ब्रह्मवल्लभायै नमः — ब्रह्मा की प्रिया
- ॐ ब्रह्मदायै नमः — ब्रह्म-ज्ञान देने वाली
- ॐ ब्रह्ममात्रे नमः — ब्रह्म की माता
- ॐ ब्रह्माण्यै नमः — ब्रह्माणी
- ॐ ब्रह्मदायिन्यै नमः — ब्रह्म-पद देने वाली
- ॐ ब्रह्मेश्यै नमः — ब्रह्म की ईश्वरी
- ॐ ब्रह्मसंस्तुत्यायै नमः — ब्रह्मा द्वारा स्तुत
- ॐ ब्रह्मवेद्यायै नमः — ब्रह्म द्वारा जानने योग्य
- ॐ बुधप्रियायै नमः — बुध को प्रिय
- ॐ बालेन्दुशेखरायै नमः — बाल-चंद्र को शिखा पर धारण करने वाली
- ॐ बालायै नमः — बाला
- ॐ बलिपूजाकरप्रियायै नमः — बलि-पूजा करने वालों को प्रिय
- ॐ बलदायै नमः — बल देने वाली
- ॐ बिन्दुरूपायै नमः — बिंदु-रूपा
- ॐ बालसूर्यसमप्रभायै नमः — बाल-सूर्य के समान प्रभा वाली
- ॐ ब्रह्मरूपायै नमः — ब्रह्म-रूपा
- ॐ ब्रह्ममय्यै नमः — ब्रह्ममयी
- ॐ ब्रध्नमण्डलमध्यगायै नमः — सूर्यमंडल के मध्य में स्थित
- ॐ ब्रह्माण्यै नमः — ब्रह्माणी
- ॐ बुद्धिदायै नमः — बुद्धि देने वाली
- ॐ बुद्ध्यै नमः — बुद्धि-स्वरूपा
- ॐ बुद्धिरूपायै नमः — बुद्धि-रूपा
- ॐ बुधेश्वर्यै नमः — बुधों की ईश्वरी
- ॐ बन्धक्षयकर्यै नमः — बंधनों का क्षय करने वाली
- ॐ बाधानाशिन्यै नमः — बाधाओं का नाश करने वाली
- ॐ बन्धुरूपिण्यै नमः — बंधु-रूपिणी
- ॐ बिन्द्वालयायै नमः — बिंदु में निवास करने वाली
- ॐ बिन्दुभूषायै नमः — बिंदु से विभूषित
- ॐ बिन्दुनादसमन्वितायै नमः — बिंदु तथा नाद से समन्वित
- ॐ बीजरूपायै नमः — बीज-रूपा
- ॐ बीजमात्रे नमः — बीजों की माता
- ॐ ब्रह्मण्यायै नमः — ब्रह्मण्य; ब्राह्मणों की हितकारिणी
- ॐ ब्रह्मकारिण्यै नमः — ब्रह्म-भाव उत्पन्न करने वाली
- ॐ बहुरूपायै नमः — अनेक रूप वाली
- ॐ बलवत्यै नमः — बलवती
- ॐ ब्रह्मज्ञायै नमः — ब्रह्म को जानने वाली
- ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमः — ब्रह्मचारिणी
- ॐ ब्रह्मस्तुत्यायै नमः — ब्रह्मा द्वारा स्तुत्य
- ॐ ब्रह्मविद्यायै नमः — ब्रह्मविद्या-स्वरूपा
- ॐ ब्रह्माण्डाधिपवल्लभायै नमः — ब्रह्मांड के अधिपति की प्रिया
- ॐ ब्रह्मेशविष्णुरूपायै नमः — ब्रह्मा, शिव व विष्णु — तीनों की रूपा
- ॐ ब्रह्मविष्ण्वीशसंस्थितायै नमः — ब्रह्मा, विष्णु व ईश में स्थित
- ॐ बुद्धिरूपायै नमः — बुद्धि-रूपा
- ॐ बुधेशान्यै नमः — बुधों की ईशानी
- ॐ बन्ध्यै नमः — बंध-स्वरूपा
- ॐ बन्धविमोचन्यै नमः — बंधन से मुक्त करने वाली
अ-वर्ग — अक्षमाला, अनंता व अमृतेश्वरी (नाम 522–616)
- ॐ अक्षमालायै नमः — अक्षमाला धारण करने वाली
- ॐ अक्षराकारायै नमः — अक्षर के आकार वाली
- ॐ अक्षरायै नमः — अक्षर; अविनाशी
- ॐ अक्षरफलप्रदायै नमः — अक्षर-साधना का फल देने वाली
- ॐ अनन्तायै नमः — अनंत
- ॐ आनन्दसुखदायै नमः — आनंद व सुख देने वाली
- ॐ अनन्तचन्द्रनिभाननायै नमः — अनंत चंद्रमाओं सदृश मुख वाली
- ॐ अनन्तमहिमायै नमः — अनंत महिमा वाली
- ॐ अघोरायै नमः — अघोरा
- ॐ अनन्तगम्भीरसम्मितायै नमः — अनंत गंभीरता से युक्त
- ॐ अदृष्टायै नमः — अदृष्ट; इंद्रियों से अगोचर
- ॐ अदृष्टदायै नमः — अदृष्ट अर्थात प्रारब्ध देने वाली
- ॐ अनन्तायै नमः — अनंत
- ॐ अदृष्टभाग्यफलप्रदायै नमः — अदृष्ट भाग्य का फल देने वाली
- ॐ अरुन्धत्यै नमः — अरुंधती-स्वरूपा
- ॐ अव्ययीनाथायै नमः — अव्यय की अधिष्ठात्री
- ॐ अनेकसद्गुणसम्युतायै नमः — अनेक सद्गुणों से युक्त
- ॐ अनेकभूषणायै नमः — अनेक आभूषणों वाली
- ॐ अदृश्यायै नमः — अदृश्य
- ॐ अनेकलेखनिषेवितायै नमः — अनेक देवों द्वारा सेवित
- ॐ अनन्तायै नमः — अनंत
- ॐ अनन्तसुखदायै नमः — अनंत सुख देने वाली
- ॐ अघोरायै नमः — अघोरा
- ॐ अघोरस्वरूपिण्यै नमः — अघोर-स्वरूपिणी
- ॐ अशेषदेवतारूपायै नमः — समस्त देवताओं की रूपा
- ॐ अमृतरूपायै नमः — अमृत-रूपा
- ॐ अमृतेश्वर्यै नमः — अमृत की ईश्वरी
- ॐ अनवद्यायै नमः — अनवद्य; निर्दोष
- ॐ अनेकहस्तायै नमः — अनेक हाथों वाली
- ॐ अनेकमाणिक्यभूषणायै नमः — अनेक माणिक्यों से विभूषित
- ॐ अनेकविघ्नसंहर्त्र्यै नमः — अनेक विघ्नों का संहार करने वाली
- ॐ अनेकाभरणान्वितायै नमः — अनेक आभरणों से युक्त
- ॐ अविद्याज्ञानसंहर्त्र्यै नमः — अविद्या-रूपी ज्ञान का संहार करने वाली
- ॐ अविद्याजालनाशिन्यै नमः — अविद्या के जाल का नाश करने वाली
- ॐ अभिरूपायै नमः — अभिरूप; सुंदर
- ॐ अनवद्याङ्ग्यै नमः — निर्दोष अंगों वाली
- ॐ अप्रतर्क्यगतिप्रदायै नमः — तर्क से परे गति देने वाली
- ॐ अकलङ्करूपिण्यै नमः — कलंक-रहित रूप वाली
- ॐ अनुग्रहपरायणायै नमः — अनुग्रह में तत्पर
- ॐ अम्बरस्थायै नमः — अंबर अर्थात आकाश में स्थित
- ॐ अम्बरमयायै नमः — आकाशमयी
- ॐ अम्बरमालायै नमः — आकाश-रूपी माला वाली
- ॐ अम्बुजेक्षणायै नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाली
- ॐ अम्बिकायै नमः — अंबिका
- ॐ अब्जकरायै नमः — हाथ में कमल धारण करने वाली
- ॐ अब्जस्थायै नमः — कमल पर स्थित
- ॐ अंशुमत्यै नमः — अंशुमती; किरणों वाली
- ॐ अंशुशतान्वितायै नमः — सैकड़ों किरणों से युक्त
- ॐ अम्बुजायै नमः — कमल-स्वरूपा
- ॐ अनवरायै नमः — अनवरा; अनुपम
- ॐ अखण्डायै नमः — अखंड
- ॐ अम्बुजासनमहाप्रियायै नमः — कमलासन अर्थात ब्रह्मा की महाप्रिया
- ॐ अजरायै नमः — अजरा; जरा-रहित
- ॐ अमरसंसेव्यायै नमः — अमरों द्वारा सेवित
- ॐ अजरसेवितपद्युगायै नमः — अजर देवों द्वारा सेवित चरण-युगल वाली
- ॐ अतुलार्थप्रदायै नमः — अतुल अर्थ देने वाली
- ॐ अर्थैक्यायै नमः — अर्थ की एकता स्वरूपा
- ॐ अत्युदारायै नमः — अत्यंत उदार
- ॐ अभयान्वितायै नमः — अभय से युक्त
- ॐ अनाथवत्सलायै नमः — अनाथों पर वात्सल्य रखने वाली
- ॐ अनन्तप्रियायै नमः — अनंत को प्रिय
- ॐ अनन्तेप्सितप्रदायै नमः — अनंत अभीष्ट देने वाली
- ॐ अम्बुजाक्ष्यै नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाली
- ॐ अम्बुरूपायै नमः — जल-रूपा
- ॐ अम्बुजातोद्भवमहाप्रियायै नमः — कमल से उत्पन्न ब्रह्मा की महाप्रिया
- ॐ अखण्डायै नमः — अखंड
- ॐ अमरस्तुत्यायै नमः — अमरों द्वारा स्तुत्य
- ॐ अमरनायकपूजितायै नमः — देवराज इंद्र द्वारा पूजित
- ॐ अजेयायै नमः — अजेय
- ॐ अजसङ्काशायै नमः — अज अर्थात ब्रह्मा के सदृश
- ॐ अज्ञाननाशिन्यै नमः — अज्ञान का नाश करने वाली
- ॐ अभीष्टदायै नमः — अभीष्ट देने वाली
- ॐ अक्तायै नमः — अक्ता; तेज से अनुलिप्त
- ॐ अघनेनायै नमः — पाप का हरण करने वाली
- ॐ अस्त्रेश्यै नमः — अस्त्रों की ईश्वरी
- ॐ अलक्ष्मीनाशिन्यै नमः — अलक्ष्मी का नाश करने वाली
- ॐ अनन्तसारायै नमः — अनंत सार वाली
- ॐ अनन्तश्रियै नमः — अनंत श्री वाली
- ॐ अनन्तविधिपूजितायै नमः — अनंत विधियों से पूजित
- ॐ अभीष्टायै नमः — अभीष्ट
- ॐ अमर्त्यसम्पूज्यायै नमः — अमर्त्य अर्थात देवों द्वारा पूजित
- ॐ अस्तोदयविवर्जितायै नमः — उदय व अस्त से रहित
- ॐ आस्तिकस्वान्तनिलयायै नमः — आस्तिकों के अंतःकरण में निवास करने वाली
- ॐ अस्त्ररूपायै नमः — अस्त्र-रूपा
- ॐ अस्त्रवत्यै नमः — अस्त्रों से युक्त
- ॐ अस्खलत्यै नमः — अस्खलित; अविचल
- ॐ अस्खलद्रूपायै नमः — अस्खलित रूप वाली
- ॐ अस्खलद्विद्याप्रदायिन्यै नमः — अस्खलित विद्या देने वाली
- ॐ अस्खलत्सिद्धिदायै नमः — अस्खलित सिद्धि देने वाली
- ॐ आनन्दायै नमः — आनंद-स्वरूपा
- ॐ अम्बुजातायै नमः — कमल से उत्पन्न
- ॐ अमरनायिकायै नमः — अमरों की नायिका
- ॐ अमेयायै नमः — अमेय; अपरिमेय
- ॐ अशेषपापघ्न्यै नमः — समस्त पापों का नाश करने वाली
- ॐ अक्षयसारस्वतप्रदायै नमः — अक्षय सारस्वत-फल देने वाली
ज-वर्ग — जया, जगन्माता व जाड्य-नाश (नाम 617–706)
- ॐ जयायै नमः — जया
- ॐ जयन्त्यै नमः — जयंती
- ॐ जयदायै नमः — जय देने वाली
- ॐ जन्मकर्मविवर्जितायै नमः — जन्म व कर्म से रहित
- ॐ जगत्प्रियायै नमः — जगत को प्रिय
- ॐ जगन्मात्रे नमः — जगत की माता
- ॐ जगदीश्वरवल्लभायै नमः — जगदीश्वर की प्रिया
- ॐ जात्यै नमः — जाति-स्वरूपा
- ॐ जयायै नमः — जया
- ॐ जितामित्रायै नमः — शत्रुओं को जीतने वाली
- ॐ जप्यायै नमः — जप करने योग्य
- ॐ जपनकारिण्यै नमः — जप कराने वाली
- ॐ जीवन्यै नमः — जीवन-स्वरूपा
- ॐ जीवनिलयायै नमः — जीवन का निवास
- ॐ जीवाख्यायै नमः — जीव नाम वाली
- ॐ जीवधारिण्यै नमः — जीव को धारण करने वाली
- ॐ जाह्नव्यै नमः — जाह्नवी-स्वरूपा
- ॐ ज्यायै नमः — ज्या अर्थात धनुष की डोरी स्वरूपा
- ॐ जपवत्यै नमः — जप से युक्त
- ॐ जातिरूपायै नमः — जाति-रूपा
- ॐ जयप्रदायै नमः — जय देने वाली
- ॐ जनार्दनप्रियकर्यै नमः — जनार्दन का प्रिय करने वाली
- ॐ जोषनीयायै नमः — सेवा करने योग्य
- ॐ जगत्स्थितायै नमः — जगत में स्थित
- ॐ जगज्ज्येष्ठायै नमः — जगत में ज्येष्ठ
- ॐ जगन्मायायै नमः — जगत की माया
- ॐ जीवनत्राणकारिण्यै नमः — जीवन की रक्षा करने वाली
- ॐ जीवातुलतिकायै नमः — जीवन-रूपी अमृत-लता
- ॐ जीवजन्म्यै नमः — जीवों को जन्म देने वाली
- ॐ जन्मनिबर्हण्यै नमः — जन्म-बंधन का उच्छेद करने वाली
- ॐ जाड्यविध्वंसनकर्यै नमः — जड़ता का विध्वंस करने वाली
- ॐ जगद्योन्यै नमः — जगत की योनि
- ॐ जयात्मिकायै नमः — जय की आत्म-स्वरूपा
- ॐ जगदानन्दजनन्यै नमः — जगत के आनंद की जननी
- ॐ जम्ब्व्यै नमः — जंबू-स्वरूपा
- ॐ जलजेक्षणायै नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाली
- ॐ जयन्त्यै नमः — जयंती
- ॐ जङ्गपूगघ्न्यै नमः — दोष-समूह का नाश करने वाली
- ॐ जनितज्ञानविग्रहायै नमः — ज्ञान-विग्रह उत्पन्न करने वाली
- ॐ जटायै नमः — जटा-स्वरूपा
- ॐ जटावत्यै नमः — जटा धारण करने वाली
- ॐ जप्यायै नमः — जप करने योग्य
- ॐ जपकर्तृप्रियङ्कर्यै नमः — जप करने वालों का प्रिय करने वाली
- ॐ जपकृत्पापसंहर्त्र्यै नमः — जप करने वालों के पाप का संहार करने वाली
- ॐ जपकृत्फलदायिन्यै नमः — जप करने वालों को फल देने वाली
- ॐ जपापुष्पसमप्रख्यायै नमः — जपा-पुष्प के समान कांति वाली
- ॐ जपाकुसुमधारिण्यै नमः — जपा-कुसुम धारण करने वाली
- ॐ जनन्यै नमः — जननी
- ॐ जन्मरहितायै नमः — जन्म से रहित
- ॐ ज्योतिर्वृत्यभिदायिन्यै नमः — ज्योतिर्मय वृत्ति प्रदान करने वाली
- ॐ जटाजूटनचन्द्रार्धायै नमः — जटा-जूट में अर्धचंद्र धारण करने वाली
- ॐ जगत्सृष्टिकर्यै नमः — जगत की सृष्टि करने वाली
- ॐ जगत्त्राणकर्यै नमः — जगत की रक्षा करने वाली
- ॐ जाड्यध्वंसकर्त्र्यै नमः — जड़ता का ध्वंस करने वाली
- ॐ जयेश्वर्यै नमः — जय की ईश्वरी
- ॐ जगद्बीजायै नमः — जगत का बीज
- ॐ जयावासायै नमः — जय का निवास
- ॐ जन्मभुवे नमः — जन्म की भूमि
- ॐ जन्मनाशिन्यै नमः — जन्म का नाश करने वाली
- ॐ जन्मान्त्यरहितायै नमः — जन्म तथा अंत से रहित
- ॐ जैत्र्यै नमः — जैत्री; विजयशीला
- ॐ जगद्योन्यै नमः — जगत की योनि
- ॐ जपात्मिकायै नमः — जप की आत्म-स्वरूपा
- ॐ जयलक्षणसम्पूर्णायै नमः — जय के लक्षणों से परिपूर्ण
- ॐ जयदानकृतोद्यमायै नमः — जय देने के उद्यम में तत्पर
- ॐ जम्भराद्यादिसंस्तुत्यायै नमः — जंभारि अर्थात इंद्रादि द्वारा स्तुत्य
- ॐ जम्भारिफलदायिन्यै नमः — इंद्र-पद का फल देने वाली
- ॐ जगत्त्रयहितायै नमः — तीनों लोकों का हित करने वाली
- ॐ ज्येष्ठायै नमः — ज्येष्ठा
- ॐ जगत्त्रयवशङ्कर्यै नमः — तीनों लोकों को वश में करने वाली
- ॐ जगत्त्रयाम्बायै नमः — तीनों लोकों की अंबा
- ॐ जगत्यै नमः — जगती-स्वरूपा
- ॐ ज्वालायै नमः — ज्वाला-स्वरूपा
- ॐ ज्वालितलोचनायै नमः — प्रज्वलित नेत्रों वाली
- ॐ ज्वालिन्यै नमः — ज्वालिनी; प्रज्वलित होने वाली
- ॐ ज्वलनाभासायै नमः — अग्नि सदृश आभा वाली
- ॐ ज्वलन्त्यै नमः — ज्वलंती; देदीप्यमान
- ॐ ज्वलनात्मिकायै नमः — अग्नि की आत्म-स्वरूपा
- ॐ जितारातिसुरस्तुत्यायै नमः — शत्रुओं को जीतने वाले देवों द्वारा स्तुत्य
- ॐ जितक्रोधायै नमः — क्रोध को जीतने वाली
- ॐ जितेन्द्रियायै नमः — इंद्रियों को जीतने वाली
- ॐ जरामरणशून्यायै नमः — जरा व मरण से रहित
- ॐ जनित्र्यै नमः — जनित्री; उत्पन्न करने वाली
- ॐ जन्मनाशिन्यै नमः — जन्म का नाश करने वाली
- ॐ जलजाभायै नमः — कमल सदृश आभा वाली
- ॐ जलमय्यै नमः — जलमयी
- ॐ जलजासनवल्लभायै नमः — कमलासन अर्थात ब्रह्मा की प्रिया
- ॐ जलजस्थायै नमः — कमल पर स्थित
- ॐ जपाराध्यायै नमः — जप द्वारा आराध्य
- ॐ जनमङ्गलकारिण्यै नमः — जन-मंगल करने वाली
क-वर्ग — कमला, करुणा व कवित्व-दात्री (नाम 707–810)
- ॐ कामिन्यै नमः — कामिनी
- ॐ कामरूपायै नमः — इच्छानुसार रूप धारण करने वाली
- ॐ काम्यायै नमः — काम्य; वांछनीय
- ॐ काम्यप्रदायिन्यै नमः — काम्य फल देने वाली
- ॐ कमौल्यै नमः — सुंदर मौलि अर्थात मुकुट वाली
- ॐ कामदायै नमः — कामनाएँ पूर्ण करने वाली
- ॐ कर्त्र्यै नमः — कर्त्री; करने वाली
- ॐ क्रतुकर्मफलप्रदायै नमः — यज्ञ-कर्म का फल देने वाली
- ॐ कृतघ्नघ्न्यै नमः — कृतघ्नों का नाश करने वाली
- ॐ क्रियारूपायै नमः — क्रिया-रूपा
- ॐ कार्यकारणरूपिण्यै नमः — कार्य व कारण दोनों की रूपिणी
- ॐ कञ्जाक्ष्यै नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाली
- ॐ करुणारूपायै नमः — करुणा-रूपा
- ॐ केवलामरसेवितायै नमः — केवल अमरों द्वारा सेवित
- ॐ कल्याणकारिण्यै नमः — कल्याण करने वाली
- ॐ कान्तायै नमः — कांता; कमनीय
- ॐ कान्तिदायै नमः — कांति देने वाली
- ॐ कान्तिरूपिण्यै नमः — कांति-रूपिणी
- ॐ कमलायै नमः — कमला
- ॐ कमलावासायै नमः — कमल में निवास करने वाली
- ॐ कमलोत्पलमालिन्यै नमः — कमल तथा उत्पल की माला वाली
- ॐ कुमुद्वत्यै नमः — कुमुदों से युक्त
- ॐ कल्याण्यै नमः — कल्याणी
- ॐ कान्त्यै नमः — कांति-स्वरूपा
- ॐ कामेशवल्लभायै नमः — कामेश्वर की प्रिया
- ॐ कामेश्वर्यै नमः — कामेश्वरी
- ॐ कमलिन्यै नमः — कमलिनी
- ॐ कामदायै नमः — कामनाएँ पूर्ण करने वाली
- ॐ कामबन्धिन्यै नमः — काम को बाँधने वाली
- ॐ कामधेनवे नमः — कामधेनु-स्वरूपा
- ॐ काञ्चनाक्ष्यै नमः — स्वर्ण सदृश नेत्रों वाली
- ॐ काञ्चनाभायै नमः — स्वर्ण सदृश आभा वाली
- ॐ कलानिधये नमः — कलाओं की निधि
- ॐ क्रियायै नमः — क्रिया-स्वरूपा
- ॐ कीर्तिकर्यै नमः — कीर्ति करने वाली
- ॐ कीर्त्यै नमः — कीर्ति-स्वरूपा
- ॐ क्रतुश्रेष्ठायै नमः — यज्ञों में श्रेष्ठ
- ॐ कृतेश्वर्यै नमः — कृत की ईश्वरी
- ॐ क्रतुसर्वक्रियास्तुत्यायै नमः — यज्ञ तथा समस्त क्रियाओं द्वारा स्तुत्य
- ॐ क्रतुकृत्प्रियकारिण्यै नमः — यज्ञ करने वालों का प्रिय करने वाली
- ॐ क्लेशनाशकर्यै नमः — क्लेशों का नाश करने वाली
- ॐ कर्त्र्यै नमः — कर्त्री
- ॐ कर्मदायै नमः — कर्म-फल देने वाली
- ॐ कर्मबन्धिन्यै नमः — कर्म से बाँधने वाली
- ॐ कर्मबन्धहर्यै नमः — कर्म-बंधन हरने वाली
- ॐ कृष्टायै नमः — कृष्टा; आकर्षित करने वाली
- ॐ क्लमघ्न्यै नमः — थकान का नाश करने वाली
- ॐ कञ्जलोचनायै नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाली
- ॐ कन्दर्पजनन्यै नमः — कंदर्प की जननी
- ॐ कान्तायै नमः — कांता; कमनीय
- ॐ करुणायै नमः — करुणा-स्वरूपा
- ॐ करुणावत्यै नमः — करुणा से युक्त
- ॐ क्लीङ्कारिण्यै नमः — क्लीं बीज का उच्चारण करने वाली
- ॐ कृपाकारायै नमः — कृपा के आकार वाली
- ॐ कृपासिन्धवे नमः — कृपा का सागर
- ॐ कृपावत्यै नमः — कृपावती
- ॐ करुणार्द्रायै नमः — करुणा से आर्द्र
- ॐ कीर्तिकर्यै नमः — कीर्ति करने वाली
- ॐ कल्मषघ्न्यै नमः — कल्मष का नाश करने वाली
- ॐ क्रियाकर्यै नमः — क्रिया करने वाली
- ॐ क्रियाशक्त्यै नमः — क्रिया-शक्ति स्वरूपा
- ॐ कामरूपायै नमः — इच्छानुसार रूप धारण करने वाली
- ॐ कमलोत्पलगन्धिन्यै नमः — कमल तथा उत्पल की गंध वाली
- ॐ कलायै नमः — कला-स्वरूपा
- ॐ कलावत्यै नमः — कलाओं से युक्त
- ॐ कूर्म्यै नमः — कूर्म-स्वरूपा
- ॐ कूटस्थायै नमः — कूटस्थ; अविचल
- ॐ कञ्जसंस्थितायै नमः — कमल पर स्थित
- ॐ कालिकायै नमः — कालिका-स्वरूपा
- ॐ कल्मषघ्न्यै नमः — कल्मष का नाश करने वाली
- ॐ कमनीयजटान्वितायै नमः — कमनीय जटाओं से युक्त
- ॐ करपद्मायै नमः — कमल सदृश हाथों वाली
- ॐ कराभीष्टप्रदायै नमः — हाथ से अभीष्ट प्रदान करने वाली
- ॐ क्रतुफलप्रदायै नमः — यज्ञ का फल देने वाली
- ॐ कौशिक्यै नमः — कौशिकी-स्वरूपा
- ॐ कोशदायै नमः — कोश अर्थात संचित धन देने वाली
- ॐ काव्यायै नमः — काव्य-स्वरूपा
- ॐ कर्त्र्यै नमः — कर्त्री
- ॐ कोशेश्वर्यै नमः — कोश की ईश्वरी
- ॐ कृशायै नमः — कृशा; तनु-देह वाली
- ॐ कूर्मयानायै नमः — कूर्म पर यान करने वाली
- ॐ कल्पलतायै नमः — कल्पलता-स्वरूपा
- ॐ कालकूटविनाशिन्यै नमः — कालकूट विष का नाश करने वाली
- ॐ कल्पोद्यानवत्यै नमः — कल्प-उद्यान से युक्त
- ॐ कल्पवनस्थायै नमः — कल्पवन में स्थित
- ॐ कल्पकारिण्यै नमः — कल्प की रचना करने वाली
- ॐ कदम्बकुसुमाभासायै नमः — कदंब-पुष्प सदृश आभा वाली
- ॐ कदम्बकुसुमप्रियायै नमः — कदंब-पुष्प को प्रिय
- ॐ कदम्बोद्यानमध्यस्थायै नमः — कदंब-उद्यान के मध्य में स्थित
- ॐ कीर्तिदायै नमः — कीर्ति देने वाली
- ॐ कीर्तिभूषणायै नमः — कीर्ति से विभूषित
- ॐ कुलमात्रे नमः — कुल की माता
- ॐ कुलावासायै नमः — कुल में निवास करने वाली
- ॐ कुलाचारप्रियङ्कर्यै नमः — कुलाचार का प्रिय करने वाली
- ॐ कुलनाथायै नमः — कुल की अधीश्वरी
- ॐ कामकलायै नमः — काम-कला स्वरूपा
- ॐ कलानाथायै नमः — कलाओं की अधिष्ठात्री
- ॐ कलेश्वर्यै नमः — कला की ईश्वरी
- ॐ कुन्दमन्दारपुष्पाभायै नमः — कुंद तथा मंदार-पुष्प सदृश आभा वाली
- ॐ कपर्दस्थितचन्द्रिकायै नमः — जटा-जूट पर चंद्रिका धारण करने वाली
- ॐ कवित्वदायै नमः — कवित्व-शक्ति देने वाली
- ॐ काम्यमात्रे नमः — काम्य फलों की माता
- ॐ कविमात्रे नमः — कवियों की माता
- ॐ कलाप्रदायै नमः — कला प्रदान करने वाली
त-वर्ग — तुरीया, त्रयी-रूपा व त्रिपुरा (नाम 811–891)
- ॐ तरुण्यै नमः — तरुणी
- ॐ तरुणीतातायै नमः — तरुणियों की पालक
- ॐ ताराधिपसमाननायै नमः — तारापति चंद्र सदृश मुख वाली
- ॐ तृप्तये नमः — तृप्ति-स्वरूपा
- ॐ तृप्तिप्रदायै नमः — तृप्ति देने वाली
- ॐ तर्क्यायै नमः — तर्क द्वारा जानने योग्य
- ॐ तपन्यै नमः — तपन-स्वरूपा
- ॐ तापिन्यै नमः — ताप उत्पन्न करने वाली
- ॐ तर्पण्यै नमः — तर्पण करने वाली
- ॐ तीर्थरूपायै नमः — तीर्थ-रूपा
- ॐ त्रिपदायै नमः — तीन पदों वाली
- ॐ त्रिदशेश्वर्यै नमः — देवों की ईश्वरी
- ॐ त्रिदिवेश्यै नमः — त्रिदिव अर्थात स्वर्ग की ईशी
- ॐ त्रिजनन्यै नमः — तीनों लोकों की जननी
- ॐ त्रिमात्रे नमः — तीनों की माता
- ॐ त्र्यम्बकेश्वर्यै नमः — त्र्यंबक अर्थात शिव की ईश्वरी
- ॐ त्रिपुरायै नमः — त्रिपुरा
- ॐ त्रिपुरेशान्यै नमः — त्रिपुर की ईशानी
- ॐ त्र्यम्बकायै नमः — त्र्यंबका; तीन नेत्रों वाली
- ॐ त्रिपुराम्बिकायै नमः — त्रिपुर की अंबिका
- ॐ त्रिपुरश्रियै नमः — त्रिपुर की श्री
- ॐ त्रयीरूपायै नमः — तीनों वेदों की रूपा
- ॐ त्रयीवेद्यायै नमः — तीनों वेदों द्वारा जानने योग्य
- ॐ त्रयीश्वर्यै नमः — तीनों वेदों की ईश्वरी
- ॐ त्रय्यन्तवेदिन्यै नमः — वेदांत को जानने वाली
- ॐ ताम्रायै नमः — ताम्र वर्ण वाली
- ॐ तापत्रितयहारिण्यै नमः — तीनों तापों का हरण करने वाली
- ॐ तमालसदृश्यै नमः — तमाल वृक्ष के सदृश श्याम
- ॐ त्रात्रे नमः — त्राता; रक्षा करने वाली
- ॐ तरुणादित्यसन्निभायै नमः — उदीयमान सूर्य के सदृश
- ॐ त्रैलोक्यव्यापिन्यै नमः — तीनों लोकों में व्याप्त
- ॐ तृप्तायै नमः — तृप्त
- ॐ तृप्तिकृते नमः — तृप्ति करने वाली
- ॐ तत्त्वरूपिण्यै नमः — तत्त्व-रूपिणी
- ॐ तुर्यायै नमः — तुरीया अवस्था स्वरूपा
- ॐ त्रैलोक्यसंस्तुत्यायै नमः — तीनों लोकों द्वारा स्तुत्य
- ॐ त्रिगुणायै नमः — त्रिगुण-स्वरूपा
- ॐ त्रिगुणेश्वर्यै नमः — तीनों गुणों की ईश्वरी
- ॐ त्रिपुरघ्न्यै नमः — त्रिपुर का नाश करने वाली
- ॐ त्रिमात्रे नमः — तीनों की माता
- ॐ त्र्यम्बकायै नमः — त्र्यंबका
- ॐ त्रिगुणान्वितायै नमः — तीनों गुणों से युक्त
- ॐ तृष्णाच्छेदकर्यै नमः — तृष्णा का छेदन करने वाली
- ॐ तृप्तायै नमः — तृप्त
- ॐ तीक्ष्णायै नमः — तीक्ष्ण
- ॐ तीक्ष्णस्वरूपिण्यै नमः — तीक्ष्ण स्वरूप वाली
- ॐ तुलायै नमः — तुला-स्वरूपा
- ॐ तुलादिरहितायै नमः — तुलना आदि से रहित; अनुपम
- ॐ तत्तद्ब्रह्मस्वरूपिण्यै नमः — उन-उन समस्त ब्रह्म-रूपों की स्वरूपा
- ॐ त्राणकर्त्र्यै नमः — रक्षा करने वाली
- ॐ त्रिपापघ्न्यै नमः — तीनों प्रकार के पापों का नाश करने वाली
- ॐ त्रिदशायै नमः — त्रिदशा; देव-स्वरूपा
- ॐ त्रिदशान्वितायै नमः — देवों से युक्त
- ॐ तथ्यायै नमः — तथ्य; सत्य-स्वरूपा
- ॐ त्रिशक्त्यै नमः — तीनों शक्तियों की स्वरूपा
- ॐ त्रिपदायै नमः — तीन पदों वाली
- ॐ तुर्यायै नमः — तुरीया
- ॐ त्रैलोक्यसुन्दर्यै नमः — तीनों लोकों में सुंदर
- ॐ तेजस्कर्यै नमः — तेज उत्पन्न करने वाली
- ॐ त्रिमूर्त्याद्यायै नमः — तीनों मूर्तियों में आद्य
- ॐ तेजोरूपायै नमः — तेजो-रूपा
- ॐ त्रिधामतायै नमः — तीन धामों वाली
- ॐ त्रिचक्रकर्त्र्यै नमः — तीनों चक्रों की कर्त्री
- ॐ त्रिभगायै नमः — तीनों ऐश्वर्यों वाली
- ॐ तुर्यातीतफलप्रदायै नमः — तुरीय से भी परे का फल देने वाली
- ॐ तेजस्विन्यै नमः — तेजस्विनी
- ॐ तापहार्यै नमः — ताप का हरण करने वाली
- ॐ तापोपप्लवनाशिन्यै नमः — ताप-रूपी उपद्रव का नाश करने वाली
- ॐ तेजोगर्भायै नमः — तेज को गर्भ में धारण करने वाली
- ॐ तपस्सारायै नमः — तप का सार
- ॐ त्रिपुरारिप्रियङ्कर्यै नमः — त्रिपुरारि अर्थात शिव का प्रिय करने वाली
- ॐ तन्व्यै नमः — तन्वी; कृश-देह वाली
- ॐ तापससन्तुष्टायै नमः — तपस्वियों से संतुष्ट होने वाली
- ॐ तपनाङ्गजभीतिनुते नमः — सूर्यपुत्र यम के भय से पीड़ित जनों द्वारा नमस्कृत
- ॐ त्रिलोचनायै नमः — तीन नेत्रों वाली
- ॐ त्रिमार्गायै नमः — तीन मार्गों वाली
- ॐ तृतीयायै नमः — तृतीया-स्वरूपा
- ॐ त्रिदशस्तुतायै नमः — देवों द्वारा स्तुत
- ॐ त्रिसुन्दर्यै नमः — तीनों लोकों में सुंदर
- ॐ त्रिपथगायै नमः — तीन पथों में बहने वाली
- ॐ तुरीयपददायिन्यै नमः — तुरीय पद देने वाली
श-वर्ग (द्वितीय) — शुभा से शुभान्विता, दस नामों का लघु खंड (नाम 892–901)
- ॐ शुभायै नमः — शुभ
- ॐ शुभावत्यै नमः — शुभ से युक्त
- ॐ शान्तायै नमः — शांत
- ॐ शान्तिदायै नमः — शांति देने वाली
- ॐ शुभदायिन्यै नमः — शुभ देने वाली
- ॐ शीतलायै नमः — शीतल
- ॐ शूलिन्यै नमः — शूल धारण करने वाली
- ॐ शीतायै नमः — शीता; शीतल
- ॐ श्रीमत्यै नमः — श्रीमती
- ॐ शुभान्वितायै नमः — शुभ से युक्त
य-वर्ग — यज्ञ, यंत्र व योगि-मोक्षप्रदायिनी (नाम 902–1008)
- ॐ योगसिद्धिप्रदायै नमः — योग-सिद्धि देने वाली
- ॐ योग्यायै नमः — योग्य
- ॐ यज्ञेनपरिपूरितायै नमः — यज्ञ से परिपूर्ण होने वाली
- ॐ यज्ञायै नमः — यज्ञ-स्वरूपा
- ॐ यज्ञमय्यै नमः — यज्ञमयी
- ॐ यक्ष्यै नमः — यक्षी-स्वरूपा
- ॐ यक्षिण्यै नमः — यक्षिणी
- ॐ यक्षिवल्लभायै नमः — यक्षों की प्रिया
- ॐ यज्ञप्रियायै नमः — यज्ञ को प्रिय
- ॐ यज्ञपूज्यायै नमः — यज्ञ में पूज्य
- ॐ यज्ञतुष्टायै नमः — यज्ञ से संतुष्ट होने वाली
- ॐ यमस्तुतायै नमः — यम द्वारा स्तुत
- ॐ यामिनीयप्रभायै नमः — रात्रि-नाथ चंद्र सदृश प्रभा वाली
- ॐ याम्यायै नमः — याम्या; दक्षिण दिशा की अधिष्ठात्री
- ॐ यजनीयायै नमः — यजन करने योग्य
- ॐ यशस्कर्यै नमः — यश करने वाली
- ॐ यज्ञकर्त्र्यै नमः — यज्ञ करने वाली
- ॐ यज्ञरूपायै नमः — यज्ञ-रूपा
- ॐ यशोदायै नमः — यश देने वाली
- ॐ यज्ञसंस्तुतायै नमः — यज्ञ में स्तुत
- ॐ यज्ञेश्यै नमः — यज्ञ की ईशी
- ॐ यज्ञफलदायै नमः — यज्ञ का फल देने वाली
- ॐ योगयोन्यै नमः — योग की योनि
- ॐ यजुस्स्तुतायै नमः — यजुर्वेद द्वारा स्तुत
- ॐ यमिसेव्यायै नमः — संयमियों द्वारा सेवनीय
- ॐ यमाराध्यायै नमः — संयमियों द्वारा आराध्य
- ॐ यमिपूज्यायै नमः — संयमियों द्वारा पूज्य
- ॐ यमीश्वर्यै नमः — संयमियों की ईश्वरी
- ॐ योगिन्यै नमः — योगिनी
- ॐ योगरूपायै नमः — योग-रूपा
- ॐ योगकर्तृप्रियङ्कर्यै नमः — योग करने वालों का प्रिय करने वाली
- ॐ योगयुक्तायै नमः — योग से युक्त
- ॐ योगमय्यै नमः — योगमयी
- ॐ योगयोगीश्वराम्बिकायै नमः — योग व योगीश्वरों की अंबिका
- ॐ योगज्ञानमय्यै नमः — योग-ज्ञानमयी
- ॐ योनये नमः — योनि; उद्गम-स्थान
- ॐ यमाद्यष्टाङ्गयोगतायै नमः — यम आदि अष्टांग योग स्वरूपा
- ॐ यन्त्रिताघौघसंहारायै नमः — नियंत्रित किए गए पाप-समूह का संहार करने वाली
- ॐ यमलोकनिवारिण्यै नमः — यम-लोक से निवारण करने वाली
- ॐ यष्टिव्यष्टीशसंस्तुत्यायै नमः — समष्टि व व्यष्टि के अधीश्वर द्वारा स्तुत्य
- ॐ यमाद्यष्टाङ्गयोगयुजे नमः — यम आदि अष्टांग योग से युक्त
- ॐ योगीश्वर्यै नमः — योगीश्वरी
- ॐ योगमात्रे नमः — योग की माता
- ॐ योगसिद्धायै नमः — योग में सिद्ध
- ॐ योगदायै नमः — योग देने वाली
- ॐ योगारूढायै नमः — योग पर आरूढ़
- ॐ योगमय्यै नमः — योगमयी
- ॐ योगरूपायै नमः — योग-रूपा
- ॐ यवीयस्यै नमः — यवीयसी; नित्य युवा
- ॐ यन्त्ररूपायै नमः — यंत्र-रूपा
- ॐ यन्त्रस्थायै नमः — यंत्र में स्थित
- ॐ यन्त्रपूज्यायै नमः — यंत्र में पूज्य
- ॐ यन्त्रिकायै नमः — यंत्र की अधिष्ठात्री
- ॐ युगकर्त्र्यै नमः — युगों की कर्त्री
- ॐ युगमय्यै नमः — युगमयी
- ॐ युगधर्मविवर्जितायै नमः — युग-धर्म से रहित
- ॐ यमुनायै नमः — यमुना-स्वरूपा
- ॐ यामिन्यै नमः — यामिनी; रात्रि-स्वरूपा
- ॐ याम्यायै नमः — याम्या
- ॐ यमुनाजलमध्यगायै नमः — यमुना-जल के मध्य में स्थित
- ॐ यातायातप्रशमन्यै नमः — आवागमन अर्थात जन्म-मरण का शमन करने वाली
- ॐ यातनानांनिकृन्तन्यै नमः — यातनाओं का छेदन करने वाली
- ॐ योगावासायै नमः — योग का निवास
- ॐ योगिवन्द्यायै नमः — योगियों द्वारा वंदनीय
- ॐ यत्तच्छब्दस्वरूपिण्यै नमः — यत्-तत् शब्दों की स्वरूपा
- ॐ योगक्षेममय्यै नमः — योग-क्षेममयी
- ॐ यन्त्रायै नमः — यंत्र-स्वरूपा
- ॐ यावदक्षरमातृकायै नमः — जितने अक्षर हैं, उन सबकी मातृका
- ॐ यावत्पदमय्यै नमः — समस्त पदों की स्वरूपा
- ॐ यावच्छब्दरूपायै नमः — समस्त शब्दों की रूपा
- ॐ यथेश्वर्यै नमः — यथेश्वरी
- ॐ यत्तदीयायै नमः — उन सबकी अपनी
- ॐ यक्षवन्द्यायै नमः — यक्षों द्वारा वंदनीय
- ॐ यद्विद्यायै नमः — समस्त विद्या-स्वरूपा
- ॐ यतिसंस्तुतायै नमः — यतियों द्वारा स्तुत
- ॐ यावद्विद्यामय्यै नमः — जितनी विद्याएँ हैं, उन सबकी मयी
- ॐ यावद्विद्याबृन्दसुवन्दितायै नमः — समस्त विद्याओं के समूह द्वारा सुवंदित
- ॐ योगिहृत्पद्मनिलयायै नमः — योगियों के हृदय-कमल में निवास करने वाली
- ॐ योगिवर्यप्रियङ्कर्यै नमः — श्रेष्ठ योगियों का प्रिय करने वाली
- ॐ योगिवन्द्यायै नमः — योगियों द्वारा वंदनीय
- ॐ योगिमात्रे नमः — योगियों की माता
- ॐ योगीशफलदायिन्यै नमः — योगीशों को फल देने वाली
- ॐ यक्षवन्द्यायै नमः — यक्षों द्वारा वंदनीय
- ॐ यक्षपूज्यायै नमः — यक्षों द्वारा पूज्य
- ॐ यक्षराजसुपूजितायै नमः — यक्षराज कुबेर द्वारा सुपूजित
- ॐ यज्ञरूपायै नमः — यज्ञ-रूपा
- ॐ यज्ञतुष्टायै नमः — यज्ञ से संतुष्ट होने वाली
- ॐ यायजूकस्वरूपिण्यै नमः — यायजूक अर्थात नित्य यज्ञ करने वाले की स्वरूपा
- ॐ यन्त्राराध्यायै नमः — यंत्र द्वारा आराध्य
- ॐ यन्त्रमध्यायै नमः — यंत्र के मध्य में स्थित
- ॐ यन्त्रकर्तृप्रियङ्कर्यै नमः — यंत्र रचने वालों का प्रिय करने वाली
- ॐ यन्त्रारूढायै नमः — यंत्र पर आरूढ़
- ॐ यन्त्रपूज्यायै नमः — यंत्र में पूज्य
- ॐ योगिध्यानपरायणायै नमः — योगियों के ध्यान में तत्पर
- ॐ यजनीयायै नमः — यजन करने योग्य
- ॐ यमस्तुत्यायै नमः — यम द्वारा स्तुत्य
- ॐ योगयुक्तायै नमः — योग से युक्त
- ॐ यशस्कर्यै नमः — यश करने वाली
- ॐ योगबद्धायै नमः — योग से बद्ध
- ॐ यतिस्तुत्यायै नमः — यतियों द्वारा स्तुत्य
- ॐ योगज्ञायै नमः — योग को जानने वाली
- ॐ योगनायक्यै नमः — योग की नायिका
- ॐ योगिज्ञानप्रदायै नमः — योगियों को ज्ञान देने वाली
- ॐ यक्ष्यै नमः — यक्षी-स्वरूपा
- ॐ यमबाधाविनाशिन्यै नमः — यम की बाधा का विनाश करने वाली
- ॐ योगिकाम्यप्रदात्र्यै नमः — योगियों की काम्य वस्तु देने वाली
- ॐ योगिमोक्षप्रदायिन्यै नमः — योगियों को मोक्ष देने वाली
अर्थ (हिन्दी)
- ध्यान: जिनका उज्ज्वल शरीर श्रीमान चन्दन से चर्चित है, जो श्वेत वस्त्र धारण किए हैं, जिनके केश मल्लिका-पुष्पों की माला से सुशोभित हैं, जो देदीप्यमान मुक्ता-मालाओं से शोभित हैं, जो समस्त ज्ञान की निधि-रूप पुस्तक धारण करती हैं और रुद्राक्ष-माला से अंकित हैं — वे कल्याणमयी त्रैलोक्य-माता वाग्देवी मेरे मुख-कमल में निवास करें।
- कथा-भूमिका: सनत्कुमार बोले — पूर्वकाल में पितामह ब्रह्मा ने देखा कि स्थावर-जंगम सहित समस्त जगत निर्विकार, निराभास, स्तम्भित तथा चेतना-रहित पड़ा है। सम्पूर्ण त्रैलोक्य की सृष्टि कर चुकने पर भी वह इसी दशा में था — केवल वाणी के अभाव के कारण। तब जगद्गुरु परमेष्ठी ने दस हज़ार दिव्य वर्षों तक दुष्कर तथा उत्तम तप किया, और तब कभी समस्त अर्थों से शोभित वाणी प्रकट हुईं।
- वाणी का वचन: "मैं महाविद्या हूँ, समस्त वाणियों की अधीश्वरी। मैं तुम्हें अपने सहस्र नामों का अनुत्तम उपदेश दूँगी। इनसे नित्य स्तुति किए जाने पर मैं तुम्हारी पत्नी हो जाऊँगी, और तुम्हारा रचा हुआ समस्त जगत वाणी से युक्त हो जाएगा।"
- फल तथा परिणाम: "मेरा यह सहस्रनाम परम रहस्य है — समस्त पाप-समूह का शमन करने वाला तथा महान सारस्वत-फल देने वाला; लोक में महाकवित्व देने वाला और वागीशत्व प्रदान करने वाला। तुम हो या कोई अन्य पुरुष — जो भी इस स्तव से मुझे संतुष्ट करेगा, मैं साक्षात् उसकी किंकरी हो जाऊँगी, इसमें संशय नहीं।" यह कहकर वाणी अंतर्धान हो गईं। तभी से पितामह ने इस दिव्य स्तोत्र से स्तुति कर उनका पतित्व प्राप्त किया — और हे मुने, तभी से समस्त जगत वाणी से युक्त हुआ।
- पाठ से पूर्व कहा जाने वाला बीज-मंत्र, जो मूल पाठ में नाम-श्लोकों के ठीक पहले दिया गया है।
- फलश्रुति: इस प्रकार सरस्वती के सहस्र नाम कहे गए — जो मंत्रात्मक, महागोपनीय तथा महान सारस्वत-फल देने वाले हैं। जो साधक भक्तिपूर्वक तीनों कालों में इनका पाठ अथवा श्रवण करता है, वह निश्चय ही साक्षात् समस्त विद्याओं का निधि हो जाता है। वह पुत्र-पौत्र आदि सहित समस्त संपदाएँ प्राप्त करता है, और मूक भी समस्त विद्याओं में दूसरे चतुर्मुख ब्रह्मा के समान हो जाता है।
- फलश्रुति (क्रमशः): हे मुनीश्वर, वह अंत में धाता ब्रह्मा का सान्निध्य प्राप्त करता है। यह स्तोत्र सर्वमंत्रमय है, समस्त विद्याओं का यथोचित फल देने वाला, पुरुषों को महाकवित्व देने वाला तथा महासिद्धि प्रदान करने वाला है। प्राण कंठ में आ जाएँ तब भी यह किसी को भी नहीं दे देना चाहिए — वाणी का यह सहस्रनाम सतत महारहस्य है। हमारे जैसों के लिए भली प्रकार सिद्ध यह स्तोत्र तुम्हें कह दिया गया। — इस प्रकार श्रीस्कन्दपुराण के अंतर्गत सनत्कुमार संहिता में नारद-सनत्कुमार संवाद का श्री सरस्वती सहस्रनाम स्तोत्र सम्पूर्ण हुआ।
लाभ
- फलश्रुति कहती है कि भक्तिपूर्वक त्रिकाल पाठ करने वाला "सर्वविद्यानिधिः साक्षात्" अर्थात समस्त विद्याओं का साक्षात् निधि हो जाता है।
- फलश्रुति की सबसे प्रसिद्ध पंक्ति — "मूकोऽपि सर्वविद्यासु चतुर्मुख इवापरः": मूक भी समस्त विद्याओं में दूसरे चतुर्मुख ब्रह्मा के समान हो जाता है।
- स्तोत्र स्वयं को महासारस्वतप्रद, महाकवित्वद तथा वागीशत्वप्रदायक कहता है — अर्थात यह कवित्व व वाणी-सिद्धि का स्तोत्र है।
- नाम 902–1008 का सम्पूर्ण य-वर्ग योग-साधना का है, अतः यह पाठ योग-मार्ग के साधकों के लिए भी उतना ही है जितना विद्यार्थियों के लिए।
- भूमिका का भाव यह है कि वाणी के बिना सृष्टि जड़ थी — इसलिए यह केवल पुस्तक-ज्ञान नहीं, अभिव्यक्ति की साधना का स्तोत्र है।
कब करें पाठ
बसंत पंचमी पर सम्पूर्ण पाठ · विद्यारंभ-संस्कार तथा नए शैक्षणिक सत्र के आरंभ पर · गुरुवार को सरस्वती पूजन के समय · परीक्षा अथवा किसी बड़ी रचना-साधना के पूर्व संकल्प के साथ · फलश्रुति के अनुसार त्रिकाल — प्रातः, मध्याह्न व सायं
स्रोत
रचयिता: पारंपरिक (सनत्कुमार-कथित). stotranidhi.com — श्री सरस्वती सहस्रनामावली (आधार सूची; 1008 नाम). प्रत्येक बीसवें नाम पर दिए क्रमांक-चिह्न यंत्रवत् जाँचे गए — सभी 51 चिह्न सही स्थान पर, अंतिम "१००८" सहित। · stotranidhi.com — श्री सरस्वती सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक-रूप; ध्यान, नारद-सनत्कुमार संवाद की 14 श्लोक भूमिका, 144 नाम-श्लोक तथा 6 श्लोक फलश्रुति). इससे पद-विच्छेद की स्वतंत्र पुष्टि हुई और मूल ग्रंथ का नाम मिला — "इति श्रीस्कान्दपुराणान्तर्गत सनत्कुमारसंहितायां नारदसनत्कुमारसंवादे श्री सरस्वती सहस्रनाम स्तोत्रम्"। · ⚠️ पाठ-भेद दर्ज: आधार-स्रोत नाम 160 पर "शबर्यै [*शर्वर्यै*]" तथा नाम 772 पर "कूर्म्यै *" छापता है — अर्थात स्रोत स्वयं वैकल्पिक पाठ की ओर संकेत करता है। मुख्य पाठ शबरी रखा गया (आधार-पृष्ठ की मुख्य प्रविष्टि); वैकल्पिक पाठ छिपाया नहीं गया। · ⚠️ यांत्रिक पाठ-निष्कर्षण इन्हीं दो टिप्पणी-खंडों पर टूटकर गिनती 1006 दिखाता है। कारण खोजकर पुनः निष्कर्षण किया गया → 1008 नाम, सभी 51 क्रमांक-चिह्न संरेखित। संख्या घटाकर नहीं सुलझाया गया। · ⚠️ नाम 595 "अघनेना" तथा नाम 654 "जङ्गपूगघ्नी" का निश्चित व्युत्पत्ति-अर्थ किसी उपलब्ध स्रोत में नहीं मिला; संभावित अर्थ दिया गया है, गढ़ा हुआ निश्चित अर्थ नहीं। · हिंदी अर्थ सत्यापित संस्कृत से अनूदित (1008/1008)।
