श्री सरस्वती सहस्रनाम

śrī sarasvatī sahasranāma

Shri Saraswati Sahasranama

समय
35–45 मिनट (सम्पूर्ण)
श्लोक
7
कुल नाम
1008
कठिनाई
कठिन (Advanced)
शुभ दिन
बसंत पंचमी; गुरुवार; विद्यारंभ तथा परीक्षा-काल
उद्देश्य:विद्या (Knowledge)वाणी-सिद्धि (Eloquence)योग-साधना (Yogic Practice)
✓ संपूर्ण

श्री सरस्वती सहस्रनाम माँ सरस्वती के 1008 नामों का स्तोत्र है, जो स्कन्द पुराण की सनत्कुमार संहिता से आता है। यह वाच् से आरंभ होकर योगिमोक्षप्रदायिनी पर समाप्त होता है, और इसके नाम आद्याक्षर के अनुसार तेरह वर्गों में क्रमबद्ध हैं। सम्पूर्ण पाठ में 35–45 मिनट लगते हैं।

परिचय

माँ सरस्वती विद्या, बुद्धि, संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी हैं।

स्रोत: स्कन्द पुराण की सनत्कुमार संहिता — नारद के प्रश्न पर सनत्कुमार द्वारा कथित; 144 नाम-श्लोक तथा फलश्रुति

एक नज़र में

मंत्र / पाठश्री सरस्वती सहस्रनाम
IASTśrī sarasvatī sahasranāma
देवतामाँ सरस्वती
मूल स्रोतस्कन्द पुराण की सनत्कुमार संहिता — नारद के प्रश्न पर सनत्कुमार द्वारा कथित; 144 नाम-श्लोक तथा फलश्रुति
शुभ दिनबसंत पंचमी; गुरुवार; विद्यारंभ तथा परीक्षा-काल
पाठ समय35–45 मिनट (सम्पूर्ण)
कठिनाईकठिन (Advanced)
छंदअनुष्टुप्

उद्भव / पृष्ठभूमि

श्री सरस्वती सहस्रनाम माँ सरस्वती के 1008 नामों का स्तोत्र है और इसका मूल स्कन्द पुराण की सनत्कुमार संहिता में है — पाठ स्वयं अंत में यह ग्रंथ-संदर्भ दर्ज करता है, जो सहस्रनामों में कम ही होता है।

इसकी कथा-भूमिका उन थोड़े-से स्थानों में है जहाँ सृष्टि की कमी बताई जाती है, और वह कमी वस्तुओं की नहीं, वाणी की है। सनत्कुमार नारद से कहते हैं कि पूर्वकाल में ब्रह्मा ने देखा — स्थावर-जंगम सहित सारा जगत निर्विकार, निराभास, स्तम्भीभूत तथा अचेतस् पड़ा है। त्रैलोक्य की रचना पूरी हो चुकी थी, फिर भी वह ऐसा ही था — *"वागभावात्"*, केवल वाणी के अभाव के कारण। तब ब्रह्मा ने दस हज़ार दिव्य वर्षों तक दुष्कर तप किया, और तब वाणी प्रकट हुईं।

प्रकट होकर वे स्वयं कहती हैं — *"अहमस्मि महाविद्या सर्ववाचामधीश्वरी"*, और यही सहस्रनाम उपदेश करती हैं, इस वचन के साथ कि इनसे नित्य स्तुति करने पर वे ब्रह्मा की पत्नी होंगी और *"त्वया सृष्टं जगत्सर्वं वाणीयुक्तं भविष्यति"* — तुम्हारा रचा हुआ समस्त जगत वाणी से युक्त हो जाएगा। भूमिका का अंतिम श्लोक इसी को पूरा करता है: *"वाणीयुक्तं जगत्सर्वं तदारभ्याभवन्मुने"* — तभी से समस्त जगत वाणी से युक्त हुआ।

यह ध्यान देने योग्य है कि बसंत पंचमी की लोक-प्रचलित कथा — जिसमें ब्रह्मा कमंडल का जल छिड़कते हैं और वीणा की झंकार से प्राणी बोलने लगते हैं — इसी भाव का लोक-रूप है। दोनों में मूल बात एक ही है: सृष्टि पहले से थी, उस दिन उसे स्वर मिला।

सूची की बनावट अपने आप में उल्लेखनीय है। 1008 नाम आद्याक्षर के अनुसार तेरह वर्गों में क्रमबद्ध हैं — व (64), ग (48), श (61), स (105), म (113), भ (81), ब (49), अ (95), ज (90), क (104), त (81), फिर श का एक छोटा दस-नामी खंड, और अंत में य (107)। यही कारण है कि पूरे स्तोत्र में "व" से आरंभ होने वाले नाम एक साथ आते हैं, "म" वाले एक साथ, और इसी तरह आगे। नाम खोजने वाले के लिए यह सूची किसी शब्दकोश जैसी है।

पहला नाम स्वयं में कथन है — वाच्, अर्थात "वाणी"। यह कोई विशेषण या उपाधि नहीं, स्वयं वह वस्तु है जिसके अभाव में जगत जड़ था। और 1008वाँ नाम योगिमोक्षप्रदायिनी है — योगियों को मोक्ष देने वाली। सूची वाणी से आरंभ होकर मोक्ष पर समाप्त होती है।

अंत का य-वर्ग सबसे बड़ा है (107 नाम) और वह लगभग पूरा योग व यज्ञ का है — यज्ञरूपा, यज्ञतुष्टा, यंत्ररूपा, यंत्रमध्या, योगिनी, योगमाता, योगीश्वरी, यमाद्यष्टाङ्गयोगता (यम आदि अष्टांग योग स्वरूपा) और अंत में योगिज्ञानप्रदा, योगिकाम्यप्रदात्री, योगिमोक्षप्रदायिनी। विद्या की देवी का स्तोत्र योग-साधना पर समाप्त होता है, विद्या पर नहीं।

एक और बात जो चौंकाती है, वह अष्टोत्तर शतनामावली से मेल खाती है — यह सूची भी सरस्वती को केवल विद्या तक सीमित नहीं रखती। इसमें महाकाली (386), कालिका (775), त्रिपुरा (827), त्रिपुरघ्नी (849), भैरवी (448), ब्राह्मी (473), कौशिकी (781) तथा महामाया (318) — सब हैं। दोनों सूचियाँ स्वतंत्र रचनाएँ हैं, पर उनकी दृष्टि एक है: सरस्वती आदिशक्ति का ही एक रूप हैं।

फलश्रुति की एक पंक्ति असामान्य रूप से सुंदर है — *"मूकोऽपि सर्वविद्यासु चतुर्मुख इवापरः"*: पाठ करने वाला मूक भी समस्त विद्याओं में दूसरे चतुर्मुख ब्रह्मा के समान हो जाता है। और उसी फलश्रुति में एक कड़ी गोपनीयता-शर्त भी है — *"कस्मैचिन्न प्रदातव्यं प्राणैः कण्ठगतैरपि"*: प्राण कंठ में आ जाएँ तब भी यह किसी को यों ही नहीं दे देना चाहिए। ऐसा स्पष्ट निषेध बहुत कम सहस्रनामों में मिलता है, और यहाँ वह इसलिए दर्ज है क्योंकि पाठ स्वयं कहता है — छिपाने के लिए नहीं, आदर के लिए।

ध्यान व आरंभिक श्लोक

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ध्यानम् श्रीमच्चन्दनचर्चितोज्ज्वलवपुः शुक्लाम्बरा मल्लिका- मालालालितकुन्तला प्रविलसन्मुक्तावलीशोभना। सर्वज्ञाननिधानपुस्तकधरा रुद्राक्षमालाङ्किता वाग्देवी वदनाम्बुजे वसतु मे त्रैलोक्यमाता शुभा॥

ध्यान: जिनका उज्ज्वल शरीर श्रीमान चन्दन से चर्चित है, जो श्वेत वस्त्र धारण किए हैं, जिनके केश मल्लिका-पुष्पों की माला से सुशोभित हैं, जो देदीप्यमान मुक्ता-मालाओं से शोभित हैं, जो समस्त ज्ञान की निधि-रूप पुस्तक धारण करती हैं और रुद्राक्ष-माला से अंकित हैं — वे कल्याणमयी त्रैलोक्य-माता वाग्देवी मेरे मुख-कमल में निवास करें।

॥ श्री सनत्कुमार उवाच ॥ पुरा पितामहं दृष्ट्वा जगत्स्थावरजङ्गमम्। निर्विकारं निराभासं स्तम्भीभूतमचेतसम्॥५॥ सृष्ट्वा त्रैलोक्यमखिलं वागभावात्तथाविधम्। आधिक्याभावतः स्वस्य परमेष्ठी जगद्गुरुः॥६॥ दिव्यवर्षायुतं तेन तपो दुष्करमुत्तमम्। ततः कदाचित्सञ्जाता वाणी सर्वार्थशोभिता॥७॥

कथा-भूमिका: सनत्कुमार बोले — पूर्वकाल में पितामह ब्रह्मा ने देखा कि स्थावर-जंगम सहित समस्त जगत निर्विकार, निराभास, स्तम्भित तथा चेतना-रहित पड़ा है। सम्पूर्ण त्रैलोक्य की सृष्टि कर चुकने पर भी वह इसी दशा में था — केवल वाणी के अभाव के कारण। तब जगद्गुरु परमेष्ठी ने दस हज़ार दिव्य वर्षों तक दुष्कर तथा उत्तम तप किया, और तब कभी समस्त अर्थों से शोभित वाणी प्रकट हुईं।

अहमस्मि महाविद्या सर्ववाचामधीश्वरी। मम नाम्नां सहस्रं तु उपदेक्ष्याम्यनुत्तमम्॥८॥ अनेन संस्तुता नित्यं पत्नी तव भवाम्यहम्। त्वया सृष्टं जगत्सर्वं वाणीयुक्तं भविष्यति॥९॥

वाणी का वचन: "मैं महाविद्या हूँ, समस्त वाणियों की अधीश्वरी। मैं तुम्हें अपने सहस्र नामों का अनुत्तम उपदेश दूँगी। इनसे नित्य स्तुति किए जाने पर मैं तुम्हारी पत्नी हो जाऊँगी, और तुम्हारा रचा हुआ समस्त जगत वाणी से युक्त हो जाएगा।"

इदं रहस्यं परमं मम नामसहस्रकम्। सर्वपापौघशमनं महासारस्वतप्रदम्॥१०॥ महाकवित्वदं लोके वागीशत्वप्रदायकम्। त्वं वा परः पुमान्यस्तु स्तवेनाऽनेन तोषयेत्॥११॥ तस्याहं किङ्करी साक्षाद्भविष्यामि न संशयः। इत्युक्त्वान्तर्दधे वाणी तदारभ्य पितामहः॥१२॥ स्तुत्वा स्तोत्रेण दिव्येन तत्पतित्वमवाप्तवान्। वाणीयुक्तं जगत्सर्वं तदारभ्याभवन्मुने॥१३॥

फल तथा परिणाम: "मेरा यह सहस्रनाम परम रहस्य है — समस्त पाप-समूह का शमन करने वाला तथा महान सारस्वत-फल देने वाला; लोक में महाकवित्व देने वाला और वागीशत्व प्रदान करने वाला। तुम हो या कोई अन्य पुरुष — जो भी इस स्तव से मुझे संतुष्ट करेगा, मैं साक्षात् उसकी किंकरी हो जाऊँगी, इसमें संशय नहीं।" यह कहकर वाणी अंतर्धान हो गईं। तभी से पितामह ने इस दिव्य स्तोत्र से स्तुति कर उनका पतित्व प्राप्त किया — और हे मुने, तभी से समस्त जगत वाणी से युक्त हुआ।

ऐं वद वद वाग्वादिनी स्वाहा।

पाठ से पूर्व कहा जाने वाला बीज-मंत्र, जो मूल पाठ में नाम-श्लोकों के ठीक पहले दिया गया है।

फलश्रुतिः इति नाम्नां सरस्वत्याः सहस्रं समुदीरितम्। मन्त्रात्मकं महागोप्यं महासारस्वतप्रदम्॥१॥ यः पठेच्छृणुयाद्भक्त्या त्रिकालं साधकः पुमान्। सर्वविद्यानिधिः साक्षात् स एव भवति ध्रुवम्॥२॥ लभते सम्पदः सर्वाः पुत्रपौत्रादिसम्युताः। मूकोऽपि सर्वविद्यासु चतुर्मुख इवापरः॥३॥

फलश्रुति: इस प्रकार सरस्वती के सहस्र नाम कहे गए — जो मंत्रात्मक, महागोपनीय तथा महान सारस्वत-फल देने वाले हैं। जो साधक भक्तिपूर्वक तीनों कालों में इनका पाठ अथवा श्रवण करता है, वह निश्चय ही साक्षात् समस्त विद्याओं का निधि हो जाता है। वह पुत्र-पौत्र आदि सहित समस्त संपदाएँ प्राप्त करता है, और मूक भी समस्त विद्याओं में दूसरे चतुर्मुख ब्रह्मा के समान हो जाता है।

भूत्वा प्राप्नोति सान्निध्यं अन्ते धातुर्मुनीश्वर। सर्वमन्त्रमयं सर्वविद्यामानफलप्रदम्॥४॥ महाकवित्वदं पुंसां महासिद्धिप्रदायकम्। कस्मैचिन्न प्रदातव्यं प्राणैः कण्ठगतैरपि॥५॥ महारहस्यं सततं वाणीनामसहस्रकम्। सुसिद्धमस्मदादीनां स्तोत्रं ते समुदीरितम्॥६॥ ॥ इति श्रीस्कान्दपुराणान्तर्गत सनत्कुमारसंहितायां नारदसनत्कुमारसंवादे श्री सरस्वती सहस्रनाम स्तोत्रम् ॥

फलश्रुति (क्रमशः): हे मुनीश्वर, वह अंत में धाता ब्रह्मा का सान्निध्य प्राप्त करता है। यह स्तोत्र सर्वमंत्रमय है, समस्त विद्याओं का यथोचित फल देने वाला, पुरुषों को महाकवित्व देने वाला तथा महासिद्धि प्रदान करने वाला है। प्राण कंठ में आ जाएँ तब भी यह किसी को भी नहीं दे देना चाहिए — वाणी का यह सहस्रनाम सतत महारहस्य है। हमारे जैसों के लिए भली प्रकार सिद्ध यह स्तोत्र तुम्हें कह दिया गया। — इस प्रकार श्रीस्कन्दपुराण के अंतर्गत सनत्कुमार संहिता में नारद-सनत्कुमार संवाद का श्री सरस्वती सहस्रनाम स्तोत्र सम्पूर्ण हुआ।

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नाम सूची (Name List)

लिपि:

व-वर्ग — वाणी, वेद व विश्व-स्वरूप (नाम 1–64)

  1. 1.
    ॐ वाचे नमःवाणी-स्वरूपा
  2. 2.
    ॐ वाण्यै नमःवाणी की देवी
  3. 3.
    ॐ वरदायै नमःवर देने वाली
  4. 4.
    ॐ वन्द्यायै नमःवंदनीय
  5. 5.
    ॐ वरारोहायै नमःश्रेष्ठ आरोहण वाली; सुंदर विग्रह वाली
  6. 6.
    ॐ वरप्रदायै नमःवर प्रदान करने वाली
  7. 7.
    ॐ वृत्त्यै नमःवृत्ति-स्वरूपा; जीविका देने वाली
  8. 8.
    ॐ वागीश्वर्यै नमःवाणी की ईश्वरी
  9. 9.
    ॐ वार्तायै नमःवार्ता-स्वरूपा
  10. 10.
    ॐ वरायै नमःश्रेष्ठ
  11. 11.
    ॐ वागीशवल्लभायै नमःवागीश (ब्रह्मा) की प्रिया
  12. 12.
    ॐ विश्वेश्वर्यै नमःविश्व की ईश्वरी
  13. 13.
    ॐ विश्ववन्द्यायै नमःविश्व द्वारा वंदित
  14. 14.
    ॐ विश्वेशप्रियकारिण्यै नमःविश्वेश का प्रिय करने वाली
  15. 15.
    ॐ वाग्वादिन्यै नमःवाणी बुलवाने वाली
  16. 16.
    ॐ वाग्देव्यै नमःवाणी की देवी
  17. 17.
    ॐ वृद्धिदायै नमःवृद्धि देने वाली
  18. 18.
    ॐ वृद्धिकारिण्यै नमःवृद्धि करने वाली
  19. 19.
    ॐ वृद्ध्यै नमःवृद्धि-स्वरूपा
  20. 20.
    ॐ वृद्धायै नमःवृद्धा; सनातन
  21. 21.
    ॐ विषघ्न्यै नमःविष का नाश करने वाली
  22. 22.
    ॐ वृष्ट्यै नमःवृष्टि-स्वरूपा
  23. 23.
    ॐ वृष्टिप्रदायिन्यै नमःवर्षा देने वाली
  24. 24.
    ॐ विश्वाराध्यायै नमःविश्व द्वारा आराध्य
  25. 25.
    ॐ विश्वमात्रे नमःविश्व की माता
  26. 26.
    ॐ विश्वधात्र्यै नमःविश्व को धारण करने वाली
  27. 27.
    ॐ विनायकायै नमःविघ्नों को दूर करने वाली नायिका
  28. 28.
    ॐ विश्वशक्त्यै नमःविश्व की शक्ति
  29. 29.
    ॐ विश्वसारायै नमःविश्व का सार
  30. 30.
    ॐ विश्वायै नमःविश्व-स्वरूपा
  31. 31.
    ॐ विश्वविभावर्यै नमःविश्व को प्रकाशित करने वाली
  32. 32.
    ॐ वेदान्तवेदिन्यै नमःवेदांत को जानने वाली
  33. 33.
    ॐ वेद्यायै नमःजानने योग्य
  34. 34.
    ॐ वित्तायै नमःवित्त-स्वरूपा; प्रसिद्ध
  35. 35.
    ॐ वेदत्रयात्मिकायै नमःतीनों वेदों की आत्म-स्वरूपा
  36. 36.
    ॐ वेदज्ञायै नमःवेद को जानने वाली
  37. 37.
    ॐ वेदजनन्यै नमःवेदों की जननी
  38. 38.
    ॐ विश्वायै नमःविश्व-स्वरूपा
  39. 39.
    ॐ विश्वविभावर्यै नमःविश्व को प्रकाशित करने वाली
  40. 40.
    ॐ वरेण्यायै नमःवरण करने योग्य; श्रेष्ठ
  41. 41.
    ॐ वाङ्मय्यै नमःवाणीमयी
  42. 42.
    ॐ वृद्धायै नमःसनातन; प्राचीन
  43. 43.
    ॐ विशिष्टप्रियकारिण्यै नमःविशिष्ट जनों का प्रिय करने वाली
  44. 44.
    ॐ विश्वतोवदनायै नमःसब ओर मुख वाली
  45. 45.
    ॐ व्याप्तायै नमःसर्वत्र व्याप्त
  46. 46.
    ॐ व्यापिन्यै नमःव्याप्त होने वाली
  47. 47.
    ॐ व्यापकात्मिकायै नमःव्यापक आत्म-स्वरूपा
  48. 48.
    ॐ व्यालघ्न्यै नमःसर्पों का नाश करने वाली
  49. 49.
    ॐ व्यालभूषाङ्ग्यै नमःसर्पों को आभूषण रूप में धारण करने वाली
  50. 50.
    ॐ विरजायै नमःरजोगुण से रहित; निर्मल
  51. 51.
    ॐ वेदनायिकायै नमःवेदों की नायिका
  52. 52.
    ॐ वेदवेदान्तसंवेद्यायै नमःवेद व वेदांत से जानने योग्य
  53. 53.
    ॐ वेदान्तज्ञानरूपिण्यै नमःवेदांत-ज्ञान की स्वरूपा
  54. 54.
    ॐ विभावर्यै नमःप्रकाशमयी; रात्रि-स्वरूपा
  55. 55.
    ॐ विक्रान्तायै नमःपराक्रमशालिनी
  56. 56.
    ॐ विश्वामित्रायै नमःविश्व की मित्र
  57. 57.
    ॐ विधिप्रियायै नमःविधि (ब्रह्मा) की प्रिया
  58. 58.
    ॐ वरिष्ठायै नमःसर्वश्रेष्ठ
  59. 59.
    ॐ विप्रकृष्टायै नमःअति दूरस्थ; दुर्लभ
  60. 60.
    ॐ विप्रवर्यप्रपूजितायै नमःश्रेष्ठ विप्रों द्वारा पूजित
  61. 61.
    ॐ वेदरूपायै नमःवेद-रूपा
  62. 62.
    ॐ वेदमय्यै नमःवेदमयी
  63. 63.
    ॐ वेदमूर्त्यै नमःवेद की मूर्ति
  64. 64.
    ॐ वल्लभायै नमःप्रिया

ग-वर्ग — गायत्री, गुण व गृह-कल्याण (नाम 65–112)

  1. 65.
    ॐ गौर्यै नमःगौर वर्ण वाली
  2. 66.
    ॐ गुणवत्यै नमःगुणों से युक्त
  3. 67.
    ॐ गोप्यायै नमःगोपनीय; रहस्यमयी
  4. 68.
    ॐ गन्धर्वनगरप्रियायै नमःगंधर्व-नगर को प्रिय
  5. 69.
    ॐ गुणमात्रे नमःगुणों की माता
  6. 70.
    ॐ गुणान्तस्थायै नमःगुणों के भीतर स्थित
  7. 71.
    ॐ गुरुरूपायै नमःगुरु-रूपा
  8. 72.
    ॐ गुरुप्रियायै नमःगुरु को प्रिय
  9. 73.
    ॐ गुरुविद्यायै नमःगुरु-विद्या स्वरूपा
  10. 74.
    ॐ गानतुष्टायै नमःगान से प्रसन्न होने वाली
  11. 75.
    ॐ गायकप्रियकारिण्यै नमःगायकों का प्रिय करने वाली
  12. 76.
    ॐ गायत्र्यै नमःगायत्री-स्वरूपा
  13. 77.
    ॐ गिरीशाराध्यायै नमःगिरीश (शिव) द्वारा आराध्य
  14. 78.
    ॐ गिरे नमःगिर् अर्थात वाणी-स्वरूपा
  15. 79.
    ॐ गिरीशप्रियङ्कर्यै नमःगिरीश का प्रिय करने वाली
  16. 80.
    ॐ गिरिज्ञायै नमःगिरि को जानने वाली
  17. 81.
    ॐ ज्ञानविद्यायै नमःज्ञान-विद्या स्वरूपा
  18. 82.
    ॐ गिरिरूपायै नमःपर्वत-रूपा
  19. 83.
    ॐ गिरीश्वर्यै नमःगिरि की ईश्वरी
  20. 84.
    ॐ गीर्मात्रे नमःवाणी की माता
  21. 85.
    ॐ गणसंस्तुत्यायै नमःगणों द्वारा स्तुत
  22. 86.
    ॐ गणनीयगुणान्वितायै नमःगिनने योग्य अर्थात प्रशंसनीय गुणों से युक्त
  23. 87.
    ॐ गूढरूपायै नमःगूढ़ रूप वाली
  24. 88.
    ॐ गुहायै नमःगुहा-स्वरूपा; गुप्त
  25. 89.
    ॐ गोप्यायै नमःगोपनीय
  26. 90.
    ॐ गोरूपायै नमःगो-रूपा
  27. 91.
    ॐ गवे नमःगौ-स्वरूपा
  28. 92.
    ॐ गुणात्मिकायै नमःगुणों की आत्म-स्वरूपा
  29. 93.
    ॐ गुर्व्यै नमःगुरु-स्वरूपा; गुरुतर
  30. 94.
    ॐ गुर्वम्बिकायै नमःगुरु की अंबिका
  31. 95.
    ॐ गुह्यायै नमःगुह्य; रहस्यमयी
  32. 96.
    ॐ गेयजायै नमःगान से प्रकट होने वाली
  33. 97.
    ॐ गृहनाशिन्यै नमःगृह-बंधन का नाश करने वाली
  34. 98.
    ॐ गृहिण्यै नमःगृहिणी-स्वरूपा
  35. 99.
    ॐ गृहदोषघ्न्यै नमःगृह-दोषों का नाश करने वाली
  36. 100.
    ॐ गवघ्न्यै नमःगो-संबंधी पाप का नाश करने वाली
  37. 101.
    ॐ गुरुवत्सलायै नमःगुरुजनों पर वात्सल्य रखने वाली
  38. 102.
    ॐ गृहात्मिकायै नमःगृह की आत्म-स्वरूपा
  39. 103.
    ॐ गृहाराध्यायै नमःगृह में आराध्य
  40. 104.
    ॐ गृहबाधाविनाशिन्यै नमःगृह-बाधाओं का विनाश करने वाली
  41. 105.
    ॐ गङ्गायै नमःगंगा-स्वरूपा
  42. 106.
    ॐ गिरिसुतायै नमःपर्वत की पुत्री
  43. 107.
    ॐ गम्यायै नमःप्राप्य; जानने योग्य
  44. 108.
    ॐ गजयानायै नमःगज पर यान करने वाली
  45. 109.
    ॐ गुहस्तुतायै नमःगुह अर्थात कार्तिकेय द्वारा स्तुत
  46. 110.
    ॐ गरुडासनसंसेव्यायै नमःगरुडासन अर्थात विष्णु द्वारा सेवित
  47. 111.
    ॐ गोमत्यै नमःगोमती-स्वरूपा
  48. 112.
    ॐ गुणशालिन्यै नमःगुणों से सुशोभित

श-वर्ग — शारदा, श्रुति व शांति (नाम 113–173)

  1. 113.
    ॐ शारदायै नमःशारदा
  2. 114.
    ॐ शाश्वत्यै नमःशाश्वत; नित्य
  3. 115.
    ॐ शैव्यै नमःशिव-संबंधिनी
  4. 116.
    ॐ शाङ्कर्यै नमःशंकर की शक्ति
  5. 117.
    ॐ शङ्करात्मिकायै नमःशंकर की आत्म-स्वरूपा
  6. 118.
    ॐ श्रियै नमःश्री-स्वरूपा
  7. 119.
    ॐ शर्वाण्यै नमःशर्व अर्थात शिव की पत्नी
  8. 120.
    ॐ शतघ्न्यै नमःशतघ्नी नामक आयुध स्वरूपा
  9. 121.
    ॐ शरच्चन्द्रनिभाननायै नमःशरद-चंद्र सदृश मुख वाली
  10. 122.
    ॐ शर्मिष्ठायै नमःसुख में स्थित
  11. 123.
    ॐ शमनघ्न्यै नमःयम का भय हरने वाली
  12. 124.
    ॐ शतसाहस्ररूपिण्यै नमःलाखों रूप धारण करने वाली
  13. 125.
    ॐ शिवायै नमःकल्याणस्वरूपा
  14. 126.
    ॐ शम्भुप्रियायै नमःशंभु को प्रिय
  15. 127.
    ॐ श्रद्धायै नमःश्रद्धा-स्वरूपा
  16. 128.
    ॐ श्रुतिरूपायै नमःश्रुति-रूपा
  17. 129.
    ॐ श्रुतिप्रियायै नमःश्रुति को प्रिय
  18. 130.
    ॐ शुचिष्मत्यै नमःपवित्रता से युक्त
  19. 131.
    ॐ शर्मकर्यै नमःसुख करने वाली
  20. 132.
    ॐ शुद्धिदायै नमःशुद्धि देने वाली
  21. 133.
    ॐ शुद्धिरूपिण्यै नमःशुद्धि-स्वरूपा
  22. 134.
    ॐ शिवायै नमःकल्याणमयी
  23. 135.
    ॐ शिवङ्कर्यै नमःकल्याण करने वाली
  24. 136.
    ॐ शुद्धायै नमःशुद्ध
  25. 137.
    ॐ शिवाराध्यायै नमःशिव द्वारा आराध्य
  26. 138.
    ॐ शिवात्मिकायै नमःशिव की आत्म-स्वरूपा
  27. 139.
    ॐ श्रीमत्यै नमःश्री से युक्त
  28. 140.
    ॐ श्रीमय्यै नमःश्रीमयी
  29. 141.
    ॐ श्राव्यायै नमःश्रवण योग्य
  30. 142.
    ॐ श्रुत्यै नमःश्रुति-स्वरूपा
  31. 143.
    ॐ श्रवणगोचरायै नमःश्रवण द्वारा गोचर होने वाली
  32. 144.
    ॐ शान्त्यै नमःशांति-स्वरूपा
  33. 145.
    ॐ शान्तिकर्यै नमःशांति करने वाली
  34. 146.
    ॐ शान्तायै नमःशांत
  35. 147.
    ॐ शान्ताचारप्रियङ्कर्यै नमःशांत आचरण वालों का प्रिय करने वाली
  36. 148.
    ॐ शीललभ्यायै नमःशील से प्राप्य
  37. 149.
    ॐ शीलवत्यै नमःशीलवती
  38. 150.
    ॐ श्रीमात्रे नमःश्री की माता
  39. 151.
    ॐ शुभकारिण्यै नमःशुभ करने वाली
  40. 152.
    ॐ शुभवाण्यै नमःशुभ वाणी वाली
  41. 153.
    ॐ शुद्धविद्यायै नमःशुद्ध विद्या स्वरूपा
  42. 154.
    ॐ शुद्धचित्तप्रपूजितायै नमःशुद्ध चित्त वालों द्वारा पूजित
  43. 155.
    ॐ श्रीकर्यै नमःश्री प्रदान करने वाली
  44. 156.
    ॐ श्रुतपापघ्न्यै नमःश्रवण मात्र से पाप नष्ट करने वाली
  45. 157.
    ॐ शुभाक्ष्यै नमःशुभ नेत्रों वाली
  46. 158.
    ॐ शुचिवल्लभायै नमःपवित्र जनों की प्रिया
  47. 159.
    ॐ शिवेतरघ्न्यै नमःअकल्याण का नाश करने वाली
  48. 160.
    ॐ शबर्यै नमःशबरी-स्वरूपा
  49. 161.
    ॐ श्रवणीयगुणान्वितायै नमःसुनने योग्य गुणों से युक्त
  50. 162.
    ॐ शार्यै नमःशारी अर्थात सारिका पक्षी स्वरूपा
  51. 163.
    ॐ शिरीषपुष्पाभायै नमःशिरीष-पुष्प सदृश आभा वाली
  52. 164.
    ॐ शमनिष्ठायै नमःशम अर्थात शांति में निष्ठा वाली
  53. 165.
    ॐ शमात्मिकायै नमःशम की आत्म-स्वरूपा
  54. 166.
    ॐ शमान्वितायै नमःशम से युक्त
  55. 167.
    ॐ शमाराध्यायै नमःशम द्वारा आराध्य
  56. 168.
    ॐ शितिकण्ठप्रपूजितायै नमःशितिकंठ अर्थात शिव द्वारा पूजित
  57. 169.
    ॐ शुद्ध्यै नमःशुद्धि-स्वरूपा
  58. 170.
    ॐ शुद्धिकर्यै नमःशुद्धि करने वाली
  59. 171.
    ॐ श्रेष्ठायै नमःश्रेष्ठ
  60. 172.
    ॐ श्रुतानन्तायै नमःजिनकी अनंतता श्रुति में कही गई
  61. 173.
    ॐ शुभावहायै नमःशुभ लाने वाली

स-वर्ग — सर्वज्ञा, सिद्धिदा व सहस्र-विग्रह (नाम 174–278)

  1. 174.
    ॐ सरस्वत्यै नमःसरस्वती
  2. 175.
    ॐ सर्वज्ञायै नमःसर्वज्ञ
  3. 176.
    ॐ सर्वसिद्धिप्रदायिन्यै नमःसमस्त सिद्धियाँ देने वाली
  4. 177.
    ॐ सरस्वत्यै नमःसरस्वती
  5. 178.
    ॐ सावित्र्यै नमःसावित्री-स्वरूपा
  6. 179.
    ॐ सन्ध्यायै नमःसंध्या-स्वरूपा
  7. 180.
    ॐ सर्वेप्सितप्रदायै नमःसमस्त अभीष्ट देने वाली
  8. 181.
    ॐ सर्वार्तिघ्न्यै नमःसमस्त पीड़ाओं का नाश करने वाली
  9. 182.
    ॐ सर्वमय्यै नमःसर्वमयी
  10. 183.
    ॐ सर्वविद्याप्रदायिन्यै नमःसमस्त विद्याएँ देने वाली
  11. 184.
    ॐ सर्वेश्वर्यै नमःसर्वेश्वरी
  12. 185.
    ॐ सर्वपुण्यायै नमःसमस्त पुण्य-स्वरूपा
  13. 186.
    ॐ सर्गस्थित्यन्तकारिण्यै नमःसृष्टि, स्थिति व संहार करने वाली
  14. 187.
    ॐ सर्वाराध्यायै नमःसबके द्वारा आराध्य
  15. 188.
    ॐ सर्वमात्रे नमःसबकी माता
  16. 189.
    ॐ सर्वदेवनिषेवितायै नमःसमस्त देवों द्वारा सेवित
  17. 190.
    ॐ सर्वैश्वर्यप्रदायै नमःसमस्त ऐश्वर्य देने वाली
  18. 191.
    ॐ सत्यायै नमःसत्य-स्वरूपा
  19. 192.
    ॐ सत्यै नमःसत्-स्वरूपा
  20. 193.
    ॐ सत्वगुणाश्रयायै नमःसत्त्वगुण की आश्रय
  21. 194.
    ॐ सर्वक्रमपदाकारायै नमःसमस्त क्रम-पदों के आकार वाली
  22. 195.
    ॐ सर्वदोषनिषूदिन्यै नमःसमस्त दोषों का नाश करने वाली
  23. 196.
    ॐ सहस्राक्ष्यै नमःसहस्र नेत्रों वाली
  24. 197.
    ॐ सहस्रास्यायै नमःसहस्र मुख वाली
  25. 198.
    ॐ सहस्रपदसम्युतायै नमःसहस्र चरणों से युक्त
  26. 199.
    ॐ सहस्रहस्तायै नमःसहस्र हाथों वाली
  27. 200.
    ॐ सहस्रगुणालङ्कृतविग्रहायै नमःसहस्र गुणों से अलंकृत विग्रह वाली
  28. 201.
    ॐ सहस्रशीर्षायै नमःसहस्र मस्तकों वाली
  29. 202.
    ॐ सद्रूपायै नमःसत्-रूपा
  30. 203.
    ॐ स्वधायै नमःस्वधा-स्वरूपा
  31. 204.
    ॐ स्वाहायै नमःस्वाहा-स्वरूपा
  32. 205.
    ॐ सुधामय्यै नमःअमृतमयी
  33. 206.
    ॐ षड्ग्रन्थिभेदिन्यै नमःछह ग्रंथियों का भेदन करने वाली
  34. 207.
    ॐ सेव्यायै नमःसेवा योग्य
  35. 208.
    ॐ सर्वलोकैकपूजितायै नमःसमस्त लोकों द्वारा एकमात्र पूजित
  36. 209.
    ॐ स्तुत्यायै नमःस्तुति योग्य
  37. 210.
    ॐ स्तुतिमय्यै नमःस्तुतिमयी
  38. 211.
    ॐ साध्यायै नमःसाधने योग्य
  39. 212.
    ॐ सवितृप्रियकारिण्यै नमःसविता का प्रिय करने वाली
  40. 213.
    ॐ संशयच्छेदिन्यै नमःसंशय का छेदन करने वाली
  41. 214.
    ॐ साङ्ख्यवेद्यायै नमःसांख्य द्वारा जानने योग्य
  42. 215.
    ॐ सङ्ख्यायै नमःसंख्या-स्वरूपा
  43. 216.
    ॐ सदीश्वर्यै नमःसत् की ईश्वरी
  44. 217.
    ॐ सिद्धिदायै नमःसिद्धि देने वाली
  45. 218.
    ॐ सिद्धसम्पूज्यायै नमःसिद्धों द्वारा पूजित
  46. 219.
    ॐ सर्वसिद्धिप्रदायिन्यै नमःसमस्त सिद्धियाँ देने वाली
  47. 220.
    ॐ सर्वज्ञायै नमःसर्वज्ञ
  48. 221.
    ॐ सर्वशक्त्यै नमःसर्वशक्ति-स्वरूपा
  49. 222.
    ॐ सर्वसम्पत्प्रदायिन्यै नमःसमस्त संपत्ति देने वाली
  50. 223.
    ॐ सर्वाऽशुभघ्न्यै नमःसमस्त अशुभ का नाश करने वाली
  51. 224.
    ॐ सुखदायै नमःसुख देने वाली
  52. 225.
    ॐ सुखयै नमःसुख-स्वरूपा
  53. 226.
    ॐ संवित्स्वरूपिण्यै नमःसंवित् अर्थात शुद्ध चेतना स्वरूपा
  54. 227.
    ॐ सर्वसम्भाषण्यै नमःसबसे संभाषण करने वाली
  55. 228.
    ॐ सर्वजगत्सम्मोहिन्यै नमःसमस्त जगत को मोहित करने वाली
  56. 229.
    ॐ सर्वप्रियङ्कर्यै नमःसबका प्रिय करने वाली
  57. 230.
    ॐ सर्वशुभदायै नमःसब शुभ देने वाली
  58. 231.
    ॐ सर्वमङ्गलायै नमःसर्वमंगला
  59. 232.
    ॐ सर्वमन्त्रमय्यै नमःसमस्त मंत्रमयी
  60. 233.
    ॐ सर्वतीर्थपुण्यफलप्रदायै नमःसमस्त तीर्थों का पुण्य-फल देने वाली
  61. 234.
    ॐ सर्वपुण्यमय्यै नमःसमस्त पुण्यमयी
  62. 235.
    ॐ सर्वव्याधिघ्न्यै नमःसमस्त व्याधियों का नाश करने वाली
  63. 236.
    ॐ सर्वकामदायै नमःसमस्त कामनाएँ पूर्ण करने वाली
  64. 237.
    ॐ सर्वविघ्नहर्यै नमःसमस्त विघ्न हरने वाली
  65. 238.
    ॐ सर्ववन्दितायै नमःसबके द्वारा वंदित
  66. 239.
    ॐ सर्वमङ्गलायै नमःसर्वमंगला
  67. 240.
    ॐ सर्वमन्त्रकर्यै नमःसमस्त मंत्र रचने वाली
  68. 241.
    ॐ सर्वलक्ष्म्यै नमःसमस्त लक्ष्मी-स्वरूपा
  69. 242.
    ॐ सर्वगुणान्वितायै नमःसमस्त गुणों से युक्त
  70. 243.
    ॐ सर्वानन्दमय्यै नमःसर्वानंदमयी
  71. 244.
    ॐ सर्वज्ञानदायै नमःसमस्त ज्ञान देने वाली
  72. 245.
    ॐ सत्यनायिकायै नमःसत्य की नायिका
  73. 246.
    ॐ सर्वज्ञानमय्यै नमःसमस्त ज्ञानमयी
  74. 247.
    ॐ सर्वराज्यदायै नमःसमस्त राज्य देने वाली
  75. 248.
    ॐ सर्वमुक्तिदायै नमःसमस्त मुक्ति देने वाली
  76. 249.
    ॐ सुप्रभायै नमःसुंदर प्रभा वाली
  77. 250.
    ॐ सर्वदायै नमःसब कुछ देने वाली
  78. 251.
    ॐ सर्वायै नमःसर्व-स्वरूपा
  79. 252.
    ॐ सर्वलोकवशङ्कर्यै नमःसमस्त लोकों को वश में करने वाली
  80. 253.
    ॐ सुभगायै नमःसौभाग्यशालिनी
  81. 254.
    ॐ सुन्दर्यै नमःसुंदरी
  82. 255.
    ॐ सिद्धायै नमःसिद्ध-स्वरूपा
  83. 256.
    ॐ सिद्धाम्बायै नमःसिद्धों की अंबा
  84. 257.
    ॐ सिद्धमातृकायै नमःसिद्ध मातृका-स्वरूपा
  85. 258.
    ॐ सिद्धमात्रे नमःसिद्धों की माता
  86. 259.
    ॐ सिद्धविद्यायै नमःसिद्ध विद्या स्वरूपा
  87. 260.
    ॐ सिद्धेश्यै नमःसिद्धों की ईश्वरी
  88. 261.
    ॐ सिद्धरूपिण्यै नमःसिद्ध-रूपिणी
  89. 262.
    ॐ सुरूपिण्यै नमःसुंदर रूप वाली
  90. 263.
    ॐ सुखमय्यै नमःसुखमयी
  91. 264.
    ॐ सेवकप्रियकारिण्यै नमःसेवकों का प्रिय करने वाली
  92. 265.
    ॐ स्वामिन्यै नमःस्वामिनी
  93. 266.
    ॐ सर्वदायै नमःसब कुछ देने वाली
  94. 267.
    ॐ सेव्यायै नमःसेवा योग्य
  95. 268.
    ॐ स्थूलसूक्ष्मापराम्बिकायै नमःस्थूल, सूक्ष्म तथा पर — तीनों रूपों वाली अंबिका
  96. 269.
    ॐ साररूपायै नमःसार-रूपा
  97. 270.
    ॐ सरोरूपायै नमःसरोवर-स्वरूपा
  98. 271.
    ॐ सत्यभूतायै नमःसत्य-भूता; सत्य में स्थित
  99. 272.
    ॐ समाश्रयायै नमःसबका आश्रय
  100. 273.
    ॐ सिताऽसितायै नमःश्वेत तथा श्याम — दोनों वर्ण वाली
  101. 274.
    ॐ सरोजाक्ष्यै नमःकमल-सदृश नेत्रों वाली
  102. 275.
    ॐ सरोजासनवल्लभायै नमःकमलासन अर्थात ब्रह्मा की प्रिया
  103. 276.
    ॐ सरोरुहाभायै नमःकमल सदृश आभा वाली
  104. 277.
    ॐ सर्वाङ्ग्यै नमःसुंदर अंगों वाली
  105. 278.
    ॐ सुरेन्द्रादिप्रपूजितायै नमःइंद्रादि देवों द्वारा पूजित

म-वर्ग — महादेवी, मेधा व महामाया (नाम 279–391)

  1. 279.
    ॐ महादेव्यै नमःमहादेवी
  2. 280.
    ॐ महेशान्यै नमःमहेशानी
  3. 281.
    ॐ महासारस्वतप्रदायै नमःमहान सारस्वत-फल देने वाली
  4. 282.
    ॐ महासरस्वत्यै नमःमहासरस्वती
  5. 283.
    ॐ मुक्तायै नमःमुक्त; बंधन-रहित
  6. 284.
    ॐ मुक्तिदायै नमःमुक्ति देने वाली
  7. 285.
    ॐ मोहनाशिन्यै नमःमोह का नाश करने वाली
  8. 286.
    ॐ महेश्वर्यै नमःमहेश्वरी
  9. 287.
    ॐ महानन्दायै नमःमहान आनंद-स्वरूपा
  10. 288.
    ॐ महामन्त्रमय्यै नमःमहामंत्रमयी
  11. 289.
    ॐ मह्यै नमःमही अर्थात पृथ्वी-स्वरूपा
  12. 290.
    ॐ महालक्ष्म्यै नमःमहालक्ष्मी-स्वरूपा
  13. 291.
    ॐ महाविद्यायै नमःमहाविद्या-स्वरूपा
  14. 292.
    ॐ मात्रे नमःमाता
  15. 293.
    ॐ मन्दरवासिन्यै नमःमंदराचल पर निवास करने वाली
  16. 294.
    ॐ मन्त्रगम्यायै नमःमंत्र द्वारा प्राप्य
  17. 295.
    ॐ मन्त्रमात्रे नमःमंत्रों की माता
  18. 296.
    ॐ महामन्त्रफलप्रदायै नमःमहामंत्र का फल देने वाली
  19. 297.
    ॐ महामुक्त्यै नमःमहान मुक्ति-स्वरूपा
  20. 298.
    ॐ महानित्यायै नमःमहानित्या; सदा विद्यमान
  21. 299.
    ॐ महासिद्धिप्रदायिन्यै नमःमहासिद्धि देने वाली
  22. 300.
    ॐ महासिद्धायै नमःमहासिद्धा
  23. 301.
    ॐ महामात्रे नमःमहान माता
  24. 302.
    ॐ महदाकारसम्युतायै नमःमहान आकार से युक्त
  25. 303.
    ॐ मह्यै नमःमहती; महिमामयी
  26. 304.
    ॐ महेश्वर्यै नमःमहेश्वरी
  27. 305.
    ॐ मूर्त्यै नमःमूर्ति-स्वरूपा
  28. 306.
    ॐ मोक्षदायै नमःमोक्ष देने वाली
  29. 307.
    ॐ मणिभूषणायै नमःमणियों से विभूषित
  30. 308.
    ॐ मेनकायै नमःमेनका-स्वरूपा
  31. 309.
    ॐ मानिन्यै नमःमानिनी
  32. 310.
    ॐ मान्यायै नमःमाननीय
  33. 311.
    ॐ मृत्युघ्न्यै नमःमृत्यु का नाश करने वाली
  34. 312.
    ॐ मेरुरूपिण्यै नमःमेरु-रूपिणी
  35. 313.
    ॐ मदिराक्ष्यै नमःमदिरा सदृश मत्त नेत्रों वाली
  36. 314.
    ॐ मदावासायै नमःआनंद का निवास
  37. 315.
    ॐ मखरूपायै नमःयज्ञ-रूपा
  38. 316.
    ॐ मखेश्वर्यै नमःयज्ञ की ईश्वरी
  39. 317.
    ॐ महामोहायै नमःमहामोह-स्वरूपा
  40. 318.
    ॐ महामायायै नमःमहामाया
  41. 319.
    ॐ मातॄणां मूर्ध्निसंस्थितायै नमःमातृकाओं के मस्तक पर स्थित
  42. 320.
    ॐ महापुण्यायै नमःमहान पुण्य-स्वरूपा
  43. 321.
    ॐ मुदावासायै नमःहर्ष का निवास
  44. 322.
    ॐ महासम्पत्प्रदायिन्यै नमःमहान संपत्ति देने वाली
  45. 323.
    ॐ मणिपूरैकनिलयायै नमःमणिपूर चक्र में निवास करने वाली
  46. 324.
    ॐ मधुरूपायै नमःमधु-रूपा; मधुर
  47. 325.
    ॐ मदोत्कटायै नमःमद से उत्कट
  48. 326.
    ॐ महासूक्ष्मायै नमःमहासूक्ष्म
  49. 327.
    ॐ महाशान्तायै नमःमहाशांत
  50. 328.
    ॐ महाशान्तिप्रदायिन्यै नमःमहान शांति देने वाली
  51. 329.
    ॐ मुनिस्तुतायै नमःमुनियों द्वारा स्तुत
  52. 330.
    ॐ मोहहन्त्र्यै नमःमोह का हरण करने वाली
  53. 331.
    ॐ माधव्यै नमःमाधवी
  54. 332.
    ॐ माधवप्रियायै नमःमाधव अर्थात विष्णु को प्रिय
  55. 333.
    ॐ मायै नमःमा अर्थात माता-स्वरूपा
  56. 334.
    ॐ महादेवसंस्तुत्यायै नमःमहादेव द्वारा स्तुत्य
  57. 335.
    ॐ महिषीगणपूजितायै नमःमहिषियों के समूह द्वारा पूजित
  58. 336.
    ॐ मृष्टान्नदायै नमःस्वादिष्ट अन्न देने वाली
  59. 337.
    ॐ माहेन्द्र्यै नमःमाहेंद्री
  60. 338.
    ॐ महेन्द्रपददायिन्यै नमःइंद्र-पद देने वाली
  61. 339.
    ॐ मत्यै नमःमति-स्वरूपा
  62. 340.
    ॐ मतिप्रदायै नमःमति देने वाली
  63. 341.
    ॐ मेधायै नमःमेधा-स्वरूपा
  64. 342.
    ॐ मर्त्यलोकनिवासिन्यै नमःमर्त्यलोक में निवास करने वाली
  65. 343.
    ॐ मुख्यायै नमःमुख्य; प्रधान
  66. 344.
    ॐ महानिवासायै नमःमहान निवास वाली
  67. 345.
    ॐ महाभाग्यजनाश्रितायै नमःमहाभाग्यशाली जनों द्वारा आश्रित
  68. 346.
    ॐ महिलायै नमःमहिला-स्वरूपा
  69. 347.
    ॐ महिमायै नमःमहिमा-स्वरूपा
  70. 348.
    ॐ मृत्युहार्यै नमःमृत्यु का हरण करने वाली
  71. 349.
    ॐ मेधाप्रदायिन्यै नमःमेधा प्रदान करने वाली
  72. 350.
    ॐ मेध्यायै नमःमेध्य; पवित्र
  73. 351.
    ॐ महावेगवत्यै नमःमहान वेग वाली
  74. 352.
    ॐ महामोक्षफलप्रदायै नमःमहामोक्ष का फल देने वाली
  75. 353.
    ॐ महाप्रभाभायै नमःमहान प्रभा की आभा वाली
  76. 354.
    ॐ महत्यै नमःमहती
  77. 355.
    ॐ महादेवप्रियङ्कर्यै नमःमहादेव का प्रिय करने वाली
  78. 356.
    ॐ महापोषायै नमःमहान पोषण करने वाली
  79. 357.
    ॐ महर्थ्यै नमःमहान अर्थ-स्वरूपा
  80. 358.
    ॐ मुक्ताहारविभूषणायै नमःमोतियों के हार से विभूषित
  81. 359.
    ॐ माणिक्यभूषणायै नमःमाणिक्य से विभूषित
  82. 360.
    ॐ मन्त्रायै नमःमंत्र-स्वरूपा
  83. 361.
    ॐ मुख्यचन्द्रार्धशेखरायै नमःमस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने वाली
  84. 362.
    ॐ मनोरूपायै नमःमन-रूपा
  85. 363.
    ॐ मनश्शुद्ध्यै नमःमन की शुद्धि स्वरूपा
  86. 364.
    ॐ मनश्शुद्धिप्रदायिन्यै नमःमन की शुद्धि देने वाली
  87. 365.
    ॐ महाकारुण्यसम्पूर्णायै नमःमहान करुणा से परिपूर्ण
  88. 366.
    ॐ मनोनमनवन्दितायै नमःमन के नम्र होने पर वंदित
  89. 367.
    ॐ महापातकजालघ्न्यै नमःमहापातकों के जाल का नाश करने वाली
  90. 368.
    ॐ मुक्तिदायै नमःमुक्ति देने वाली
  91. 369.
    ॐ मुक्तभूषणायै नमःमुक्ता अर्थात मोतियों के आभूषण वाली
  92. 370.
    ॐ मनोन्मन्यै नमःमनोन्मनी अर्थात मन से परे की स्थिति स्वरूपा
  93. 371.
    ॐ महास्थूलायै नमःमहास्थूल
  94. 372.
    ॐ महाक्रतुफलप्रदायै नमःमहायज्ञ का फल देने वाली
  95. 373.
    ॐ महापुण्यफलप्राप्यायै नमःमहान पुण्य के फल से प्राप्य
  96. 374.
    ॐ मायात्रिपुरनाशिन्यै नमःमाया-रूपी त्रिपुर का नाश करने वाली
  97. 375.
    ॐ महानसायै नमःमहानस अर्थात पाकशाला-स्वरूपा
  98. 376.
    ॐ महामेधायै नमःमहान मेधा वाली
  99. 377.
    ॐ महामोदायै नमःमहान आनंद-स्वरूपा
  100. 378.
    ॐ महेश्वर्यै नमःमहेश्वरी
  101. 379.
    ॐ मालाधर्यै नमःमाला धारण करने वाली
  102. 380.
    ॐ महोपायायै नमःमहान उपाय-स्वरूपा
  103. 381.
    ॐ महातीर्थफलप्रदायै नमःमहातीर्थों का फल देने वाली
  104. 382.
    ॐ महामङ्गलसम्पूर्णायै नमःमहामंगल से परिपूर्ण
  105. 383.
    ॐ महादारिद्र्यनाशिन्यै नमःमहान दरिद्रता का नाश करने वाली
  106. 384.
    ॐ महामखायै नमःमहायज्ञ-स्वरूपा
  107. 385.
    ॐ महामेघायै नमःमहामेघ-स्वरूपा
  108. 386.
    ॐ महाकाल्यै नमःमहाकाली-स्वरूपा
  109. 387.
    ॐ महाप्रियायै नमःमहाप्रिया
  110. 388.
    ॐ महाभूषायै नमःमहान आभूषणों वाली
  111. 389.
    ॐ महादेहायै नमःमहान देह वाली
  112. 390.
    ॐ महाराज्ञ्यै नमःमहारानी
  113. 391.
    ॐ मुदालयायै नमःआनंद का आलय

भ-वर्ग — भारती, भक्ति व भोग-मोक्ष (नाम 392–472)

  1. 392.
    ॐ भूरिदायै नमःप्रचुर दान करने वाली
  2. 393.
    ॐ भाग्यदायै नमःभाग्य देने वाली
  3. 394.
    ॐ भोग्यायै नमःभोग्य-स्वरूपा
  4. 395.
    ॐ भोग्यदायै नमःभोग्य पदार्थ देने वाली
  5. 396.
    ॐ भोगदायिन्यै नमःभोग देने वाली
  6. 397.
    ॐ भवान्यै नमःभवानी
  7. 398.
    ॐ भूतिदायै नमःऐश्वर्य देने वाली
  8. 399.
    ॐ भूत्यै नमःविभूति-स्वरूपा
  9. 400.
    ॐ भूम्यै नमःभूमि-स्वरूपा
  10. 401.
    ॐ भूमिसुनायिकायै नमःभूमि की श्रेष्ठ नायिका
  11. 402.
    ॐ भूतधात्र्यै नमःप्राणियों को धारण करने वाली
  12. 403.
    ॐ भयहर्यै नमःभय हरने वाली
  13. 404.
    ॐ भक्तसारस्वतप्रदायै नमःभक्तों को सारस्वत-फल देने वाली
  14. 405.
    ॐ भुक्त्यै नमःभुक्ति-स्वरूपा
  15. 406.
    ॐ भुक्तिप्रदायै नमःभोग प्रदान करने वाली
  16. 407.
    ॐ भोक्त्र्यै नमःभोक्त्री
  17. 408.
    ॐ भक्त्यै नमःभक्ति-स्वरूपा
  18. 409.
    ॐ भक्तिप्रदायिन्यै नमःभक्ति देने वाली
  19. 410.
    ॐ भक्तसायुज्यदायै नमःभक्तों को सायुज्य देने वाली
  20. 411.
    ॐ भक्तस्वर्गदायै नमःभक्तों को स्वर्ग देने वाली
  21. 412.
    ॐ भक्तराज्यदायै नमःभक्तों को राज्य देने वाली
  22. 413.
    ॐ भागीरथ्यै नमःभागीरथी-स्वरूपा
  23. 414.
    ॐ भवाराध्यायै नमःभव अर्थात शिव द्वारा आराध्य
  24. 415.
    ॐ भाग्यासज्जनपूजितायै नमःसौभाग्यवश सज्जनों द्वारा पूजित
  25. 416.
    ॐ भवस्तुत्यायै नमःभव द्वारा स्तुत्य
  26. 417.
    ॐ भानुमत्यै नमःभानुमती; तेजस्विनी
  27. 418.
    ॐ भवसागरतारिण्यै नमःभवसागर से तारने वाली
  28. 419.
    ॐ भूत्यै नमःविभूति-स्वरूपा
  29. 420.
    ॐ भूषायै नमःभूषण-स्वरूपा
  30. 421.
    ॐ भूतेश्यै नमःभूतों की ईश्वरी
  31. 422.
    ॐ भाललोचनपूजितायै नमःभाल-लोचन अर्थात शिव द्वारा पूजित
  32. 423.
    ॐ भूतायै नमःभूत; विद्यमान
  33. 424.
    ॐ भव्यायै नमःभव्य
  34. 425.
    ॐ भविष्यायै नमःभविष्य-स्वरूपा
  35. 426.
    ॐ भवविद्यायै नमःभव-विद्या स्वरूपा
  36. 427.
    ॐ भवात्मिकायै नमःभव की आत्म-स्वरूपा
  37. 428.
    ॐ बाधापहारिण्यै नमःबाधाओं का अपहरण करने वाली
  38. 429.
    ॐ बन्धुरूपायै नमःबंधु-रूपा
  39. 430.
    ॐ भुवनपूजितायै नमःभुवन द्वारा पूजित
  40. 431.
    ॐ भवघ्न्यै नमःभव-बंधन का नाश करने वाली
  41. 432.
    ॐ भक्तिलभ्यायै नमःभक्ति से प्राप्य
  42. 433.
    ॐ भक्तरक्षणतत्परायै नमःभक्तों की रक्षा में तत्पर
  43. 434.
    ॐ भक्तार्तिशमन्यै नमःभक्तों की पीड़ा शमन करने वाली
  44. 435.
    ॐ भाग्यायै नमःभाग्य-स्वरूपा
  45. 436.
    ॐ भोगदानकृतोद्यमायै नमःभोग देने के उद्यम में तत्पर
  46. 437.
    ॐ भुजङ्गभूषणायै नमःभुजंगों को आभूषण रूप में धारण करने वाली
  47. 438.
    ॐ भीमायै नमःभीमा
  48. 439.
    ॐ भीमाक्ष्यै नमःभीम नेत्रों वाली
  49. 440.
    ॐ भीमरूपिण्यै नमःभीम रूप वाली
  50. 441.
    ॐ भाविन्यै नमःभाविनी
  51. 442.
    ॐ भ्रातृरूपायै नमःभ्राता-रूपा
  52. 443.
    ॐ भारत्यै नमःभारती
  53. 444.
    ॐ भवनायिकायै नमःभवन अर्थात लोक की नायिका
  54. 445.
    ॐ भाषायै नमःभाषा-स्वरूपा
  55. 446.
    ॐ भाषावत्यै नमःभाषा से युक्त
  56. 447.
    ॐ भीष्मायै नमःभीष्मा; अति भयंकर
  57. 448.
    ॐ भैरव्यै नमःभैरवी
  58. 449.
    ॐ भैरवप्रियायै नमःभैरव को प्रिय
  59. 450.
    ॐ भूत्यै नमःविभूति-स्वरूपा
  60. 451.
    ॐ भासितसर्वाङ्ग्यै नमःप्रकाशित समस्त अंगों वाली
  61. 452.
    ॐ भूतिदायै नमःऐश्वर्य देने वाली
  62. 453.
    ॐ भूतिनायिकायै नमःविभूति की नायिका
  63. 454.
    ॐ भास्वत्यै नमःभास्वती; देदीप्यमान
  64. 455.
    ॐ भगमालायै नमःऐश्वर्य की माला वाली
  65. 456.
    ॐ भिक्षादानकृतोद्यमायै नमःभिक्षा-दान के उद्यम में तत्पर
  66. 457.
    ॐ भिक्षुरूपायै नमःभिक्षु-रूपा
  67. 458.
    ॐ भक्तिकर्यै नमःभक्ति उत्पन्न करने वाली
  68. 459.
    ॐ भक्तलक्ष्मीप्रदायिन्यै नमःभक्तों को लक्ष्मी देने वाली
  69. 460.
    ॐ भ्रान्तिघ्नायै नमःभ्रांति का नाश करने वाली
  70. 461.
    ॐ भ्रान्तिरूपायै नमःभ्रांति-रूपा
  71. 462.
    ॐ भूतिदायै नमःऐश्वर्य देने वाली
  72. 463.
    ॐ भूतिकारिण्यै नमःऐश्वर्य करने वाली
  73. 464.
    ॐ भिक्षणीयायै नमःभिक्षा देने योग्य
  74. 465.
    ॐ भिक्षुमात्रे नमःभिक्षुओं की माता
  75. 466.
    ॐ भाग्यवद्दृष्टिगोचरायै नमःभाग्यवानों की दृष्टि में आने वाली
  76. 467.
    ॐ भोगवत्यै नमःभोगवती
  77. 468.
    ॐ भोगरूपायै नमःभोग-रूपा
  78. 469.
    ॐ भोगमोक्षफलप्रदायै नमःभोग तथा मोक्ष — दोनों का फल देने वाली
  79. 470.
    ॐ भोगश्रान्तायै नमःभोग से विरत
  80. 471.
    ॐ भाग्यवत्यै नमःभाग्यवती
  81. 472.
    ॐ भक्ताघौघविनाशिन्यै नमःभक्तों के पाप-समूह का नाश करने वाली

ब-वर्ग — ब्राह्मी, बुद्धि व बिंदु-नाद (नाम 473–521)

  1. 473.
    ॐ ब्राह्म्यै नमःब्राह्मी
  2. 474.
    ॐ ब्रह्मस्वरूपायै नमःब्रह्म-स्वरूपा
  3. 475.
    ॐ बृहत्यै नमःबृहती; विशाल
  4. 476.
    ॐ ब्रह्मवल्लभायै नमःब्रह्मा की प्रिया
  5. 477.
    ॐ ब्रह्मदायै नमःब्रह्म-ज्ञान देने वाली
  6. 478.
    ॐ ब्रह्ममात्रे नमःब्रह्म की माता
  7. 479.
    ॐ ब्रह्माण्यै नमःब्रह्माणी
  8. 480.
    ॐ ब्रह्मदायिन्यै नमःब्रह्म-पद देने वाली
  9. 481.
    ॐ ब्रह्मेश्यै नमःब्रह्म की ईश्वरी
  10. 482.
    ॐ ब्रह्मसंस्तुत्यायै नमःब्रह्मा द्वारा स्तुत
  11. 483.
    ॐ ब्रह्मवेद्यायै नमःब्रह्म द्वारा जानने योग्य
  12. 484.
    ॐ बुधप्रियायै नमःबुध को प्रिय
  13. 485.
    ॐ बालेन्दुशेखरायै नमःबाल-चंद्र को शिखा पर धारण करने वाली
  14. 486.
    ॐ बालायै नमःबाला
  15. 487.
    ॐ बलिपूजाकरप्रियायै नमःबलि-पूजा करने वालों को प्रिय
  16. 488.
    ॐ बलदायै नमःबल देने वाली
  17. 489.
    ॐ बिन्दुरूपायै नमःबिंदु-रूपा
  18. 490.
    ॐ बालसूर्यसमप्रभायै नमःबाल-सूर्य के समान प्रभा वाली
  19. 491.
    ॐ ब्रह्मरूपायै नमःब्रह्म-रूपा
  20. 492.
    ॐ ब्रह्ममय्यै नमःब्रह्ममयी
  21. 493.
    ॐ ब्रध्नमण्डलमध्यगायै नमःसूर्यमंडल के मध्य में स्थित
  22. 494.
    ॐ ब्रह्माण्यै नमःब्रह्माणी
  23. 495.
    ॐ बुद्धिदायै नमःबुद्धि देने वाली
  24. 496.
    ॐ बुद्ध्यै नमःबुद्धि-स्वरूपा
  25. 497.
    ॐ बुद्धिरूपायै नमःबुद्धि-रूपा
  26. 498.
    ॐ बुधेश्वर्यै नमःबुधों की ईश्वरी
  27. 499.
    ॐ बन्धक्षयकर्यै नमःबंधनों का क्षय करने वाली
  28. 500.
    ॐ बाधानाशिन्यै नमःबाधाओं का नाश करने वाली
  29. 501.
    ॐ बन्धुरूपिण्यै नमःबंधु-रूपिणी
  30. 502.
    ॐ बिन्द्वालयायै नमःबिंदु में निवास करने वाली
  31. 503.
    ॐ बिन्दुभूषायै नमःबिंदु से विभूषित
  32. 504.
    ॐ बिन्दुनादसमन्वितायै नमःबिंदु तथा नाद से समन्वित
  33. 505.
    ॐ बीजरूपायै नमःबीज-रूपा
  34. 506.
    ॐ बीजमात्रे नमःबीजों की माता
  35. 507.
    ॐ ब्रह्मण्यायै नमःब्रह्मण्य; ब्राह्मणों की हितकारिणी
  36. 508.
    ॐ ब्रह्मकारिण्यै नमःब्रह्म-भाव उत्पन्न करने वाली
  37. 509.
    ॐ बहुरूपायै नमःअनेक रूप वाली
  38. 510.
    ॐ बलवत्यै नमःबलवती
  39. 511.
    ॐ ब्रह्मज्ञायै नमःब्रह्म को जानने वाली
  40. 512.
    ॐ ब्रह्मचारिण्यै नमःब्रह्मचारिणी
  41. 513.
    ॐ ब्रह्मस्तुत्यायै नमःब्रह्मा द्वारा स्तुत्य
  42. 514.
    ॐ ब्रह्मविद्यायै नमःब्रह्मविद्या-स्वरूपा
  43. 515.
    ॐ ब्रह्माण्डाधिपवल्लभायै नमःब्रह्मांड के अधिपति की प्रिया
  44. 516.
    ॐ ब्रह्मेशविष्णुरूपायै नमःब्रह्मा, शिव व विष्णु — तीनों की रूपा
  45. 517.
    ॐ ब्रह्मविष्ण्वीशसंस्थितायै नमःब्रह्मा, विष्णु व ईश में स्थित
  46. 518.
    ॐ बुद्धिरूपायै नमःबुद्धि-रूपा
  47. 519.
    ॐ बुधेशान्यै नमःबुधों की ईशानी
  48. 520.
    ॐ बन्ध्यै नमःबंध-स्वरूपा
  49. 521.
    ॐ बन्धविमोचन्यै नमःबंधन से मुक्त करने वाली

अ-वर्ग — अक्षमाला, अनंता व अमृतेश्वरी (नाम 522–616)

  1. 522.
    ॐ अक्षमालायै नमःअक्षमाला धारण करने वाली
  2. 523.
    ॐ अक्षराकारायै नमःअक्षर के आकार वाली
  3. 524.
    ॐ अक्षरायै नमःअक्षर; अविनाशी
  4. 525.
    ॐ अक्षरफलप्रदायै नमःअक्षर-साधना का फल देने वाली
  5. 526.
    ॐ अनन्तायै नमःअनंत
  6. 527.
    ॐ आनन्दसुखदायै नमःआनंद व सुख देने वाली
  7. 528.
    ॐ अनन्तचन्द्रनिभाननायै नमःअनंत चंद्रमाओं सदृश मुख वाली
  8. 529.
    ॐ अनन्तमहिमायै नमःअनंत महिमा वाली
  9. 530.
    ॐ अघोरायै नमःअघोरा
  10. 531.
    ॐ अनन्तगम्भीरसम्मितायै नमःअनंत गंभीरता से युक्त
  11. 532.
    ॐ अदृष्टायै नमःअदृष्ट; इंद्रियों से अगोचर
  12. 533.
    ॐ अदृष्टदायै नमःअदृष्ट अर्थात प्रारब्ध देने वाली
  13. 534.
    ॐ अनन्तायै नमःअनंत
  14. 535.
    ॐ अदृष्टभाग्यफलप्रदायै नमःअदृष्ट भाग्य का फल देने वाली
  15. 536.
    ॐ अरुन्धत्यै नमःअरुंधती-स्वरूपा
  16. 537.
    ॐ अव्ययीनाथायै नमःअव्यय की अधिष्ठात्री
  17. 538.
    ॐ अनेकसद्गुणसम्युतायै नमःअनेक सद्गुणों से युक्त
  18. 539.
    ॐ अनेकभूषणायै नमःअनेक आभूषणों वाली
  19. 540.
    ॐ अदृश्यायै नमःअदृश्य
  20. 541.
    ॐ अनेकलेखनिषेवितायै नमःअनेक देवों द्वारा सेवित
  21. 542.
    ॐ अनन्तायै नमःअनंत
  22. 543.
    ॐ अनन्तसुखदायै नमःअनंत सुख देने वाली
  23. 544.
    ॐ अघोरायै नमःअघोरा
  24. 545.
    ॐ अघोरस्वरूपिण्यै नमःअघोर-स्वरूपिणी
  25. 546.
    ॐ अशेषदेवतारूपायै नमःसमस्त देवताओं की रूपा
  26. 547.
    ॐ अमृतरूपायै नमःअमृत-रूपा
  27. 548.
    ॐ अमृतेश्वर्यै नमःअमृत की ईश्वरी
  28. 549.
    ॐ अनवद्यायै नमःअनवद्य; निर्दोष
  29. 550.
    ॐ अनेकहस्तायै नमःअनेक हाथों वाली
  30. 551.
    ॐ अनेकमाणिक्यभूषणायै नमःअनेक माणिक्यों से विभूषित
  31. 552.
    ॐ अनेकविघ्नसंहर्त्र्यै नमःअनेक विघ्नों का संहार करने वाली
  32. 553.
    ॐ अनेकाभरणान्वितायै नमःअनेक आभरणों से युक्त
  33. 554.
    ॐ अविद्याज्ञानसंहर्त्र्यै नमःअविद्या-रूपी ज्ञान का संहार करने वाली
  34. 555.
    ॐ अविद्याजालनाशिन्यै नमःअविद्या के जाल का नाश करने वाली
  35. 556.
    ॐ अभिरूपायै नमःअभिरूप; सुंदर
  36. 557.
    ॐ अनवद्याङ्ग्यै नमःनिर्दोष अंगों वाली
  37. 558.
    ॐ अप्रतर्क्यगतिप्रदायै नमःतर्क से परे गति देने वाली
  38. 559.
    ॐ अकलङ्करूपिण्यै नमःकलंक-रहित रूप वाली
  39. 560.
    ॐ अनुग्रहपरायणायै नमःअनुग्रह में तत्पर
  40. 561.
    ॐ अम्बरस्थायै नमःअंबर अर्थात आकाश में स्थित
  41. 562.
    ॐ अम्बरमयायै नमःआकाशमयी
  42. 563.
    ॐ अम्बरमालायै नमःआकाश-रूपी माला वाली
  43. 564.
    ॐ अम्बुजेक्षणायै नमःकमल-सदृश नेत्रों वाली
  44. 565.
    ॐ अम्बिकायै नमःअंबिका
  45. 566.
    ॐ अब्जकरायै नमःहाथ में कमल धारण करने वाली
  46. 567.
    ॐ अब्जस्थायै नमःकमल पर स्थित
  47. 568.
    ॐ अंशुमत्यै नमःअंशुमती; किरणों वाली
  48. 569.
    ॐ अंशुशतान्वितायै नमःसैकड़ों किरणों से युक्त
  49. 570.
    ॐ अम्बुजायै नमःकमल-स्वरूपा
  50. 571.
    ॐ अनवरायै नमःअनवरा; अनुपम
  51. 572.
    ॐ अखण्डायै नमःअखंड
  52. 573.
    ॐ अम्बुजासनमहाप्रियायै नमःकमलासन अर्थात ब्रह्मा की महाप्रिया
  53. 574.
    ॐ अजरायै नमःअजरा; जरा-रहित
  54. 575.
    ॐ अमरसंसेव्यायै नमःअमरों द्वारा सेवित
  55. 576.
    ॐ अजरसेवितपद्युगायै नमःअजर देवों द्वारा सेवित चरण-युगल वाली
  56. 577.
    ॐ अतुलार्थप्रदायै नमःअतुल अर्थ देने वाली
  57. 578.
    ॐ अर्थैक्यायै नमःअर्थ की एकता स्वरूपा
  58. 579.
    ॐ अत्युदारायै नमःअत्यंत उदार
  59. 580.
    ॐ अभयान्वितायै नमःअभय से युक्त
  60. 581.
    ॐ अनाथवत्सलायै नमःअनाथों पर वात्सल्य रखने वाली
  61. 582.
    ॐ अनन्तप्रियायै नमःअनंत को प्रिय
  62. 583.
    ॐ अनन्तेप्सितप्रदायै नमःअनंत अभीष्ट देने वाली
  63. 584.
    ॐ अम्बुजाक्ष्यै नमःकमल-सदृश नेत्रों वाली
  64. 585.
    ॐ अम्बुरूपायै नमःजल-रूपा
  65. 586.
    ॐ अम्बुजातोद्भवमहाप्रियायै नमःकमल से उत्पन्न ब्रह्मा की महाप्रिया
  66. 587.
    ॐ अखण्डायै नमःअखंड
  67. 588.
    ॐ अमरस्तुत्यायै नमःअमरों द्वारा स्तुत्य
  68. 589.
    ॐ अमरनायकपूजितायै नमःदेवराज इंद्र द्वारा पूजित
  69. 590.
    ॐ अजेयायै नमःअजेय
  70. 591.
    ॐ अजसङ्काशायै नमःअज अर्थात ब्रह्मा के सदृश
  71. 592.
    ॐ अज्ञाननाशिन्यै नमःअज्ञान का नाश करने वाली
  72. 593.
    ॐ अभीष्टदायै नमःअभीष्ट देने वाली
  73. 594.
    ॐ अक्तायै नमःअक्ता; तेज से अनुलिप्त
  74. 595.
    ॐ अघनेनायै नमःपाप का हरण करने वाली
  75. 596.
    ॐ अस्त्रेश्यै नमःअस्त्रों की ईश्वरी
  76. 597.
    ॐ अलक्ष्मीनाशिन्यै नमःअलक्ष्मी का नाश करने वाली
  77. 598.
    ॐ अनन्तसारायै नमःअनंत सार वाली
  78. 599.
    ॐ अनन्तश्रियै नमःअनंत श्री वाली
  79. 600.
    ॐ अनन्तविधिपूजितायै नमःअनंत विधियों से पूजित
  80. 601.
    ॐ अभीष्टायै नमःअभीष्ट
  81. 602.
    ॐ अमर्त्यसम्पूज्यायै नमःअमर्त्य अर्थात देवों द्वारा पूजित
  82. 603.
    ॐ अस्तोदयविवर्जितायै नमःउदय व अस्त से रहित
  83. 604.
    ॐ आस्तिकस्वान्तनिलयायै नमःआस्तिकों के अंतःकरण में निवास करने वाली
  84. 605.
    ॐ अस्त्ररूपायै नमःअस्त्र-रूपा
  85. 606.
    ॐ अस्त्रवत्यै नमःअस्त्रों से युक्त
  86. 607.
    ॐ अस्खलत्यै नमःअस्खलित; अविचल
  87. 608.
    ॐ अस्खलद्रूपायै नमःअस्खलित रूप वाली
  88. 609.
    ॐ अस्खलद्विद्याप्रदायिन्यै नमःअस्खलित विद्या देने वाली
  89. 610.
    ॐ अस्खलत्सिद्धिदायै नमःअस्खलित सिद्धि देने वाली
  90. 611.
    ॐ आनन्दायै नमःआनंद-स्वरूपा
  91. 612.
    ॐ अम्बुजातायै नमःकमल से उत्पन्न
  92. 613.
    ॐ अमरनायिकायै नमःअमरों की नायिका
  93. 614.
    ॐ अमेयायै नमःअमेय; अपरिमेय
  94. 615.
    ॐ अशेषपापघ्न्यै नमःसमस्त पापों का नाश करने वाली
  95. 616.
    ॐ अक्षयसारस्वतप्रदायै नमःअक्षय सारस्वत-फल देने वाली

ज-वर्ग — जया, जगन्माता व जाड्य-नाश (नाम 617–706)

  1. 617.
    ॐ जयायै नमःजया
  2. 618.
    ॐ जयन्त्यै नमःजयंती
  3. 619.
    ॐ जयदायै नमःजय देने वाली
  4. 620.
    ॐ जन्मकर्मविवर्जितायै नमःजन्म व कर्म से रहित
  5. 621.
    ॐ जगत्प्रियायै नमःजगत को प्रिय
  6. 622.
    ॐ जगन्मात्रे नमःजगत की माता
  7. 623.
    ॐ जगदीश्वरवल्लभायै नमःजगदीश्वर की प्रिया
  8. 624.
    ॐ जात्यै नमःजाति-स्वरूपा
  9. 625.
    ॐ जयायै नमःजया
  10. 626.
    ॐ जितामित्रायै नमःशत्रुओं को जीतने वाली
  11. 627.
    ॐ जप्यायै नमःजप करने योग्य
  12. 628.
    ॐ जपनकारिण्यै नमःजप कराने वाली
  13. 629.
    ॐ जीवन्यै नमःजीवन-स्वरूपा
  14. 630.
    ॐ जीवनिलयायै नमःजीवन का निवास
  15. 631.
    ॐ जीवाख्यायै नमःजीव नाम वाली
  16. 632.
    ॐ जीवधारिण्यै नमःजीव को धारण करने वाली
  17. 633.
    ॐ जाह्नव्यै नमःजाह्नवी-स्वरूपा
  18. 634.
    ॐ ज्यायै नमःज्या अर्थात धनुष की डोरी स्वरूपा
  19. 635.
    ॐ जपवत्यै नमःजप से युक्त
  20. 636.
    ॐ जातिरूपायै नमःजाति-रूपा
  21. 637.
    ॐ जयप्रदायै नमःजय देने वाली
  22. 638.
    ॐ जनार्दनप्रियकर्यै नमःजनार्दन का प्रिय करने वाली
  23. 639.
    ॐ जोषनीयायै नमःसेवा करने योग्य
  24. 640.
    ॐ जगत्स्थितायै नमःजगत में स्थित
  25. 641.
    ॐ जगज्ज्येष्ठायै नमःजगत में ज्येष्ठ
  26. 642.
    ॐ जगन्मायायै नमःजगत की माया
  27. 643.
    ॐ जीवनत्राणकारिण्यै नमःजीवन की रक्षा करने वाली
  28. 644.
    ॐ जीवातुलतिकायै नमःजीवन-रूपी अमृत-लता
  29. 645.
    ॐ जीवजन्म्यै नमःजीवों को जन्म देने वाली
  30. 646.
    ॐ जन्मनिबर्हण्यै नमःजन्म-बंधन का उच्छेद करने वाली
  31. 647.
    ॐ जाड्यविध्वंसनकर्यै नमःजड़ता का विध्वंस करने वाली
  32. 648.
    ॐ जगद्योन्यै नमःजगत की योनि
  33. 649.
    ॐ जयात्मिकायै नमःजय की आत्म-स्वरूपा
  34. 650.
    ॐ जगदानन्दजनन्यै नमःजगत के आनंद की जननी
  35. 651.
    ॐ जम्ब्व्यै नमःजंबू-स्वरूपा
  36. 652.
    ॐ जलजेक्षणायै नमःकमल-सदृश नेत्रों वाली
  37. 653.
    ॐ जयन्त्यै नमःजयंती
  38. 654.
    ॐ जङ्गपूगघ्न्यै नमःदोष-समूह का नाश करने वाली
  39. 655.
    ॐ जनितज्ञानविग्रहायै नमःज्ञान-विग्रह उत्पन्न करने वाली
  40. 656.
    ॐ जटायै नमःजटा-स्वरूपा
  41. 657.
    ॐ जटावत्यै नमःजटा धारण करने वाली
  42. 658.
    ॐ जप्यायै नमःजप करने योग्य
  43. 659.
    ॐ जपकर्तृप्रियङ्कर्यै नमःजप करने वालों का प्रिय करने वाली
  44. 660.
    ॐ जपकृत्पापसंहर्त्र्यै नमःजप करने वालों के पाप का संहार करने वाली
  45. 661.
    ॐ जपकृत्फलदायिन्यै नमःजप करने वालों को फल देने वाली
  46. 662.
    ॐ जपापुष्पसमप्रख्यायै नमःजपा-पुष्प के समान कांति वाली
  47. 663.
    ॐ जपाकुसुमधारिण्यै नमःजपा-कुसुम धारण करने वाली
  48. 664.
    ॐ जनन्यै नमःजननी
  49. 665.
    ॐ जन्मरहितायै नमःजन्म से रहित
  50. 666.
    ॐ ज्योतिर्वृत्यभिदायिन्यै नमःज्योतिर्मय वृत्ति प्रदान करने वाली
  51. 667.
    ॐ जटाजूटनचन्द्रार्धायै नमःजटा-जूट में अर्धचंद्र धारण करने वाली
  52. 668.
    ॐ जगत्सृष्टिकर्यै नमःजगत की सृष्टि करने वाली
  53. 669.
    ॐ जगत्त्राणकर्यै नमःजगत की रक्षा करने वाली
  54. 670.
    ॐ जाड्यध्वंसकर्त्र्यै नमःजड़ता का ध्वंस करने वाली
  55. 671.
    ॐ जयेश्वर्यै नमःजय की ईश्वरी
  56. 672.
    ॐ जगद्बीजायै नमःजगत का बीज
  57. 673.
    ॐ जयावासायै नमःजय का निवास
  58. 674.
    ॐ जन्मभुवे नमःजन्म की भूमि
  59. 675.
    ॐ जन्मनाशिन्यै नमःजन्म का नाश करने वाली
  60. 676.
    ॐ जन्मान्त्यरहितायै नमःजन्म तथा अंत से रहित
  61. 677.
    ॐ जैत्र्यै नमःजैत्री; विजयशीला
  62. 678.
    ॐ जगद्योन्यै नमःजगत की योनि
  63. 679.
    ॐ जपात्मिकायै नमःजप की आत्म-स्वरूपा
  64. 680.
    ॐ जयलक्षणसम्पूर्णायै नमःजय के लक्षणों से परिपूर्ण
  65. 681.
    ॐ जयदानकृतोद्यमायै नमःजय देने के उद्यम में तत्पर
  66. 682.
    ॐ जम्भराद्यादिसंस्तुत्यायै नमःजंभारि अर्थात इंद्रादि द्वारा स्तुत्य
  67. 683.
    ॐ जम्भारिफलदायिन्यै नमःइंद्र-पद का फल देने वाली
  68. 684.
    ॐ जगत्त्रयहितायै नमःतीनों लोकों का हित करने वाली
  69. 685.
    ॐ ज्येष्ठायै नमःज्येष्ठा
  70. 686.
    ॐ जगत्त्रयवशङ्कर्यै नमःतीनों लोकों को वश में करने वाली
  71. 687.
    ॐ जगत्त्रयाम्बायै नमःतीनों लोकों की अंबा
  72. 688.
    ॐ जगत्यै नमःजगती-स्वरूपा
  73. 689.
    ॐ ज्वालायै नमःज्वाला-स्वरूपा
  74. 690.
    ॐ ज्वालितलोचनायै नमःप्रज्वलित नेत्रों वाली
  75. 691.
    ॐ ज्वालिन्यै नमःज्वालिनी; प्रज्वलित होने वाली
  76. 692.
    ॐ ज्वलनाभासायै नमःअग्नि सदृश आभा वाली
  77. 693.
    ॐ ज्वलन्त्यै नमःज्वलंती; देदीप्यमान
  78. 694.
    ॐ ज्वलनात्मिकायै नमःअग्नि की आत्म-स्वरूपा
  79. 695.
    ॐ जितारातिसुरस्तुत्यायै नमःशत्रुओं को जीतने वाले देवों द्वारा स्तुत्य
  80. 696.
    ॐ जितक्रोधायै नमःक्रोध को जीतने वाली
  81. 697.
    ॐ जितेन्द्रियायै नमःइंद्रियों को जीतने वाली
  82. 698.
    ॐ जरामरणशून्यायै नमःजरा व मरण से रहित
  83. 699.
    ॐ जनित्र्यै नमःजनित्री; उत्पन्न करने वाली
  84. 700.
    ॐ जन्मनाशिन्यै नमःजन्म का नाश करने वाली
  85. 701.
    ॐ जलजाभायै नमःकमल सदृश आभा वाली
  86. 702.
    ॐ जलमय्यै नमःजलमयी
  87. 703.
    ॐ जलजासनवल्लभायै नमःकमलासन अर्थात ब्रह्मा की प्रिया
  88. 704.
    ॐ जलजस्थायै नमःकमल पर स्थित
  89. 705.
    ॐ जपाराध्यायै नमःजप द्वारा आराध्य
  90. 706.
    ॐ जनमङ्गलकारिण्यै नमःजन-मंगल करने वाली

क-वर्ग — कमला, करुणा व कवित्व-दात्री (नाम 707–810)

  1. 707.
    ॐ कामिन्यै नमःकामिनी
  2. 708.
    ॐ कामरूपायै नमःइच्छानुसार रूप धारण करने वाली
  3. 709.
    ॐ काम्यायै नमःकाम्य; वांछनीय
  4. 710.
    ॐ काम्यप्रदायिन्यै नमःकाम्य फल देने वाली
  5. 711.
    ॐ कमौल्यै नमःसुंदर मौलि अर्थात मुकुट वाली
  6. 712.
    ॐ कामदायै नमःकामनाएँ पूर्ण करने वाली
  7. 713.
    ॐ कर्त्र्यै नमःकर्त्री; करने वाली
  8. 714.
    ॐ क्रतुकर्मफलप्रदायै नमःयज्ञ-कर्म का फल देने वाली
  9. 715.
    ॐ कृतघ्नघ्न्यै नमःकृतघ्नों का नाश करने वाली
  10. 716.
    ॐ क्रियारूपायै नमःक्रिया-रूपा
  11. 717.
    ॐ कार्यकारणरूपिण्यै नमःकार्य व कारण दोनों की रूपिणी
  12. 718.
    ॐ कञ्जाक्ष्यै नमःकमल-सदृश नेत्रों वाली
  13. 719.
    ॐ करुणारूपायै नमःकरुणा-रूपा
  14. 720.
    ॐ केवलामरसेवितायै नमःकेवल अमरों द्वारा सेवित
  15. 721.
    ॐ कल्याणकारिण्यै नमःकल्याण करने वाली
  16. 722.
    ॐ कान्तायै नमःकांता; कमनीय
  17. 723.
    ॐ कान्तिदायै नमःकांति देने वाली
  18. 724.
    ॐ कान्तिरूपिण्यै नमःकांति-रूपिणी
  19. 725.
    ॐ कमलायै नमःकमला
  20. 726.
    ॐ कमलावासायै नमःकमल में निवास करने वाली
  21. 727.
    ॐ कमलोत्पलमालिन्यै नमःकमल तथा उत्पल की माला वाली
  22. 728.
    ॐ कुमुद्वत्यै नमःकुमुदों से युक्त
  23. 729.
    ॐ कल्याण्यै नमःकल्याणी
  24. 730.
    ॐ कान्त्यै नमःकांति-स्वरूपा
  25. 731.
    ॐ कामेशवल्लभायै नमःकामेश्वर की प्रिया
  26. 732.
    ॐ कामेश्वर्यै नमःकामेश्वरी
  27. 733.
    ॐ कमलिन्यै नमःकमलिनी
  28. 734.
    ॐ कामदायै नमःकामनाएँ पूर्ण करने वाली
  29. 735.
    ॐ कामबन्धिन्यै नमःकाम को बाँधने वाली
  30. 736.
    ॐ कामधेनवे नमःकामधेनु-स्वरूपा
  31. 737.
    ॐ काञ्चनाक्ष्यै नमःस्वर्ण सदृश नेत्रों वाली
  32. 738.
    ॐ काञ्चनाभायै नमःस्वर्ण सदृश आभा वाली
  33. 739.
    ॐ कलानिधये नमःकलाओं की निधि
  34. 740.
    ॐ क्रियायै नमःक्रिया-स्वरूपा
  35. 741.
    ॐ कीर्तिकर्यै नमःकीर्ति करने वाली
  36. 742.
    ॐ कीर्त्यै नमःकीर्ति-स्वरूपा
  37. 743.
    ॐ क्रतुश्रेष्ठायै नमःयज्ञों में श्रेष्ठ
  38. 744.
    ॐ कृतेश्वर्यै नमःकृत की ईश्वरी
  39. 745.
    ॐ क्रतुसर्वक्रियास्तुत्यायै नमःयज्ञ तथा समस्त क्रियाओं द्वारा स्तुत्य
  40. 746.
    ॐ क्रतुकृत्प्रियकारिण्यै नमःयज्ञ करने वालों का प्रिय करने वाली
  41. 747.
    ॐ क्लेशनाशकर्यै नमःक्लेशों का नाश करने वाली
  42. 748.
    ॐ कर्त्र्यै नमःकर्त्री
  43. 749.
    ॐ कर्मदायै नमःकर्म-फल देने वाली
  44. 750.
    ॐ कर्मबन्धिन्यै नमःकर्म से बाँधने वाली
  45. 751.
    ॐ कर्मबन्धहर्यै नमःकर्म-बंधन हरने वाली
  46. 752.
    ॐ कृष्टायै नमःकृष्टा; आकर्षित करने वाली
  47. 753.
    ॐ क्लमघ्न्यै नमःथकान का नाश करने वाली
  48. 754.
    ॐ कञ्जलोचनायै नमःकमल-सदृश नेत्रों वाली
  49. 755.
    ॐ कन्दर्पजनन्यै नमःकंदर्प की जननी
  50. 756.
    ॐ कान्तायै नमःकांता; कमनीय
  51. 757.
    ॐ करुणायै नमःकरुणा-स्वरूपा
  52. 758.
    ॐ करुणावत्यै नमःकरुणा से युक्त
  53. 759.
    ॐ क्लीङ्कारिण्यै नमःक्लीं बीज का उच्चारण करने वाली
  54. 760.
    ॐ कृपाकारायै नमःकृपा के आकार वाली
  55. 761.
    ॐ कृपासिन्धवे नमःकृपा का सागर
  56. 762.
    ॐ कृपावत्यै नमःकृपावती
  57. 763.
    ॐ करुणार्द्रायै नमःकरुणा से आर्द्र
  58. 764.
    ॐ कीर्तिकर्यै नमःकीर्ति करने वाली
  59. 765.
    ॐ कल्मषघ्न्यै नमःकल्मष का नाश करने वाली
  60. 766.
    ॐ क्रियाकर्यै नमःक्रिया करने वाली
  61. 767.
    ॐ क्रियाशक्त्यै नमःक्रिया-शक्ति स्वरूपा
  62. 768.
    ॐ कामरूपायै नमःइच्छानुसार रूप धारण करने वाली
  63. 769.
    ॐ कमलोत्पलगन्धिन्यै नमःकमल तथा उत्पल की गंध वाली
  64. 770.
    ॐ कलायै नमःकला-स्वरूपा
  65. 771.
    ॐ कलावत्यै नमःकलाओं से युक्त
  66. 772.
    ॐ कूर्म्यै नमःकूर्म-स्वरूपा
  67. 773.
    ॐ कूटस्थायै नमःकूटस्थ; अविचल
  68. 774.
    ॐ कञ्जसंस्थितायै नमःकमल पर स्थित
  69. 775.
    ॐ कालिकायै नमःकालिका-स्वरूपा
  70. 776.
    ॐ कल्मषघ्न्यै नमःकल्मष का नाश करने वाली
  71. 777.
    ॐ कमनीयजटान्वितायै नमःकमनीय जटाओं से युक्त
  72. 778.
    ॐ करपद्मायै नमःकमल सदृश हाथों वाली
  73. 779.
    ॐ कराभीष्टप्रदायै नमःहाथ से अभीष्ट प्रदान करने वाली
  74. 780.
    ॐ क्रतुफलप्रदायै नमःयज्ञ का फल देने वाली
  75. 781.
    ॐ कौशिक्यै नमःकौशिकी-स्वरूपा
  76. 782.
    ॐ कोशदायै नमःकोश अर्थात संचित धन देने वाली
  77. 783.
    ॐ काव्यायै नमःकाव्य-स्वरूपा
  78. 784.
    ॐ कर्त्र्यै नमःकर्त्री
  79. 785.
    ॐ कोशेश्वर्यै नमःकोश की ईश्वरी
  80. 786.
    ॐ कृशायै नमःकृशा; तनु-देह वाली
  81. 787.
    ॐ कूर्मयानायै नमःकूर्म पर यान करने वाली
  82. 788.
    ॐ कल्पलतायै नमःकल्पलता-स्वरूपा
  83. 789.
    ॐ कालकूटविनाशिन्यै नमःकालकूट विष का नाश करने वाली
  84. 790.
    ॐ कल्पोद्यानवत्यै नमःकल्प-उद्यान से युक्त
  85. 791.
    ॐ कल्पवनस्थायै नमःकल्पवन में स्थित
  86. 792.
    ॐ कल्पकारिण्यै नमःकल्प की रचना करने वाली
  87. 793.
    ॐ कदम्बकुसुमाभासायै नमःकदंब-पुष्प सदृश आभा वाली
  88. 794.
    ॐ कदम्बकुसुमप्रियायै नमःकदंब-पुष्प को प्रिय
  89. 795.
    ॐ कदम्बोद्यानमध्यस्थायै नमःकदंब-उद्यान के मध्य में स्थित
  90. 796.
    ॐ कीर्तिदायै नमःकीर्ति देने वाली
  91. 797.
    ॐ कीर्तिभूषणायै नमःकीर्ति से विभूषित
  92. 798.
    ॐ कुलमात्रे नमःकुल की माता
  93. 799.
    ॐ कुलावासायै नमःकुल में निवास करने वाली
  94. 800.
    ॐ कुलाचारप्रियङ्कर्यै नमःकुलाचार का प्रिय करने वाली
  95. 801.
    ॐ कुलनाथायै नमःकुल की अधीश्वरी
  96. 802.
    ॐ कामकलायै नमःकाम-कला स्वरूपा
  97. 803.
    ॐ कलानाथायै नमःकलाओं की अधिष्ठात्री
  98. 804.
    ॐ कलेश्वर्यै नमःकला की ईश्वरी
  99. 805.
    ॐ कुन्दमन्दारपुष्पाभायै नमःकुंद तथा मंदार-पुष्प सदृश आभा वाली
  100. 806.
    ॐ कपर्दस्थितचन्द्रिकायै नमःजटा-जूट पर चंद्रिका धारण करने वाली
  101. 807.
    ॐ कवित्वदायै नमःकवित्व-शक्ति देने वाली
  102. 808.
    ॐ काम्यमात्रे नमःकाम्य फलों की माता
  103. 809.
    ॐ कविमात्रे नमःकवियों की माता
  104. 810.
    ॐ कलाप्रदायै नमःकला प्रदान करने वाली

त-वर्ग — तुरीया, त्रयी-रूपा व त्रिपुरा (नाम 811–891)

  1. 811.
    ॐ तरुण्यै नमःतरुणी
  2. 812.
    ॐ तरुणीतातायै नमःतरुणियों की पालक
  3. 813.
    ॐ ताराधिपसमाननायै नमःतारापति चंद्र सदृश मुख वाली
  4. 814.
    ॐ तृप्तये नमःतृप्ति-स्वरूपा
  5. 815.
    ॐ तृप्तिप्रदायै नमःतृप्ति देने वाली
  6. 816.
    ॐ तर्क्यायै नमःतर्क द्वारा जानने योग्य
  7. 817.
    ॐ तपन्यै नमःतपन-स्वरूपा
  8. 818.
    ॐ तापिन्यै नमःताप उत्पन्न करने वाली
  9. 819.
    ॐ तर्पण्यै नमःतर्पण करने वाली
  10. 820.
    ॐ तीर्थरूपायै नमःतीर्थ-रूपा
  11. 821.
    ॐ त्रिपदायै नमःतीन पदों वाली
  12. 822.
    ॐ त्रिदशेश्वर्यै नमःदेवों की ईश्वरी
  13. 823.
    ॐ त्रिदिवेश्यै नमःत्रिदिव अर्थात स्वर्ग की ईशी
  14. 824.
    ॐ त्रिजनन्यै नमःतीनों लोकों की जननी
  15. 825.
    ॐ त्रिमात्रे नमःतीनों की माता
  16. 826.
    ॐ त्र्यम्बकेश्वर्यै नमःत्र्यंबक अर्थात शिव की ईश्वरी
  17. 827.
    ॐ त्रिपुरायै नमःत्रिपुरा
  18. 828.
    ॐ त्रिपुरेशान्यै नमःत्रिपुर की ईशानी
  19. 829.
    ॐ त्र्यम्बकायै नमःत्र्यंबका; तीन नेत्रों वाली
  20. 830.
    ॐ त्रिपुराम्बिकायै नमःत्रिपुर की अंबिका
  21. 831.
    ॐ त्रिपुरश्रियै नमःत्रिपुर की श्री
  22. 832.
    ॐ त्रयीरूपायै नमःतीनों वेदों की रूपा
  23. 833.
    ॐ त्रयीवेद्यायै नमःतीनों वेदों द्वारा जानने योग्य
  24. 834.
    ॐ त्रयीश्वर्यै नमःतीनों वेदों की ईश्वरी
  25. 835.
    ॐ त्रय्यन्तवेदिन्यै नमःवेदांत को जानने वाली
  26. 836.
    ॐ ताम्रायै नमःताम्र वर्ण वाली
  27. 837.
    ॐ तापत्रितयहारिण्यै नमःतीनों तापों का हरण करने वाली
  28. 838.
    ॐ तमालसदृश्यै नमःतमाल वृक्ष के सदृश श्याम
  29. 839.
    ॐ त्रात्रे नमःत्राता; रक्षा करने वाली
  30. 840.
    ॐ तरुणादित्यसन्निभायै नमःउदीयमान सूर्य के सदृश
  31. 841.
    ॐ त्रैलोक्यव्यापिन्यै नमःतीनों लोकों में व्याप्त
  32. 842.
    ॐ तृप्तायै नमःतृप्त
  33. 843.
    ॐ तृप्तिकृते नमःतृप्ति करने वाली
  34. 844.
    ॐ तत्त्वरूपिण्यै नमःतत्त्व-रूपिणी
  35. 845.
    ॐ तुर्यायै नमःतुरीया अवस्था स्वरूपा
  36. 846.
    ॐ त्रैलोक्यसंस्तुत्यायै नमःतीनों लोकों द्वारा स्तुत्य
  37. 847.
    ॐ त्रिगुणायै नमःत्रिगुण-स्वरूपा
  38. 848.
    ॐ त्रिगुणेश्वर्यै नमःतीनों गुणों की ईश्वरी
  39. 849.
    ॐ त्रिपुरघ्न्यै नमःत्रिपुर का नाश करने वाली
  40. 850.
    ॐ त्रिमात्रे नमःतीनों की माता
  41. 851.
    ॐ त्र्यम्बकायै नमःत्र्यंबका
  42. 852.
    ॐ त्रिगुणान्वितायै नमःतीनों गुणों से युक्त
  43. 853.
    ॐ तृष्णाच्छेदकर्यै नमःतृष्णा का छेदन करने वाली
  44. 854.
    ॐ तृप्तायै नमःतृप्त
  45. 855.
    ॐ तीक्ष्णायै नमःतीक्ष्ण
  46. 856.
    ॐ तीक्ष्णस्वरूपिण्यै नमःतीक्ष्ण स्वरूप वाली
  47. 857.
    ॐ तुलायै नमःतुला-स्वरूपा
  48. 858.
    ॐ तुलादिरहितायै नमःतुलना आदि से रहित; अनुपम
  49. 859.
    ॐ तत्तद्ब्रह्मस्वरूपिण्यै नमःउन-उन समस्त ब्रह्म-रूपों की स्वरूपा
  50. 860.
    ॐ त्राणकर्त्र्यै नमःरक्षा करने वाली
  51. 861.
    ॐ त्रिपापघ्न्यै नमःतीनों प्रकार के पापों का नाश करने वाली
  52. 862.
    ॐ त्रिदशायै नमःत्रिदशा; देव-स्वरूपा
  53. 863.
    ॐ त्रिदशान्वितायै नमःदेवों से युक्त
  54. 864.
    ॐ तथ्यायै नमःतथ्य; सत्य-स्वरूपा
  55. 865.
    ॐ त्रिशक्त्यै नमःतीनों शक्तियों की स्वरूपा
  56. 866.
    ॐ त्रिपदायै नमःतीन पदों वाली
  57. 867.
    ॐ तुर्यायै नमःतुरीया
  58. 868.
    ॐ त्रैलोक्यसुन्दर्यै नमःतीनों लोकों में सुंदर
  59. 869.
    ॐ तेजस्कर्यै नमःतेज उत्पन्न करने वाली
  60. 870.
    ॐ त्रिमूर्त्याद्यायै नमःतीनों मूर्तियों में आद्य
  61. 871.
    ॐ तेजोरूपायै नमःतेजो-रूपा
  62. 872.
    ॐ त्रिधामतायै नमःतीन धामों वाली
  63. 873.
    ॐ त्रिचक्रकर्त्र्यै नमःतीनों चक्रों की कर्त्री
  64. 874.
    ॐ त्रिभगायै नमःतीनों ऐश्वर्यों वाली
  65. 875.
    ॐ तुर्यातीतफलप्रदायै नमःतुरीय से भी परे का फल देने वाली
  66. 876.
    ॐ तेजस्विन्यै नमःतेजस्विनी
  67. 877.
    ॐ तापहार्यै नमःताप का हरण करने वाली
  68. 878.
    ॐ तापोपप्लवनाशिन्यै नमःताप-रूपी उपद्रव का नाश करने वाली
  69. 879.
    ॐ तेजोगर्भायै नमःतेज को गर्भ में धारण करने वाली
  70. 880.
    ॐ तपस्सारायै नमःतप का सार
  71. 881.
    ॐ त्रिपुरारिप्रियङ्कर्यै नमःत्रिपुरारि अर्थात शिव का प्रिय करने वाली
  72. 882.
    ॐ तन्व्यै नमःतन्वी; कृश-देह वाली
  73. 883.
    ॐ तापससन्तुष्टायै नमःतपस्वियों से संतुष्ट होने वाली
  74. 884.
    ॐ तपनाङ्गजभीतिनुते नमःसूर्यपुत्र यम के भय से पीड़ित जनों द्वारा नमस्कृत
  75. 885.
    ॐ त्रिलोचनायै नमःतीन नेत्रों वाली
  76. 886.
    ॐ त्रिमार्गायै नमःतीन मार्गों वाली
  77. 887.
    ॐ तृतीयायै नमःतृतीया-स्वरूपा
  78. 888.
    ॐ त्रिदशस्तुतायै नमःदेवों द्वारा स्तुत
  79. 889.
    ॐ त्रिसुन्दर्यै नमःतीनों लोकों में सुंदर
  80. 890.
    ॐ त्रिपथगायै नमःतीन पथों में बहने वाली
  81. 891.
    ॐ तुरीयपददायिन्यै नमःतुरीय पद देने वाली

श-वर्ग (द्वितीय) — शुभा से शुभान्विता, दस नामों का लघु खंड (नाम 892–901)

  1. 892.
    ॐ शुभायै नमःशुभ
  2. 893.
    ॐ शुभावत्यै नमःशुभ से युक्त
  3. 894.
    ॐ शान्तायै नमःशांत
  4. 895.
    ॐ शान्तिदायै नमःशांति देने वाली
  5. 896.
    ॐ शुभदायिन्यै नमःशुभ देने वाली
  6. 897.
    ॐ शीतलायै नमःशीतल
  7. 898.
    ॐ शूलिन्यै नमःशूल धारण करने वाली
  8. 899.
    ॐ शीतायै नमःशीता; शीतल
  9. 900.
    ॐ श्रीमत्यै नमःश्रीमती
  10. 901.
    ॐ शुभान्वितायै नमःशुभ से युक्त

य-वर्ग — यज्ञ, यंत्र व योगि-मोक्षप्रदायिनी (नाम 902–1008)

  1. 902.
    ॐ योगसिद्धिप्रदायै नमःयोग-सिद्धि देने वाली
  2. 903.
    ॐ योग्यायै नमःयोग्य
  3. 904.
    ॐ यज्ञेनपरिपूरितायै नमःयज्ञ से परिपूर्ण होने वाली
  4. 905.
    ॐ यज्ञायै नमःयज्ञ-स्वरूपा
  5. 906.
    ॐ यज्ञमय्यै नमःयज्ञमयी
  6. 907.
    ॐ यक्ष्यै नमःयक्षी-स्वरूपा
  7. 908.
    ॐ यक्षिण्यै नमःयक्षिणी
  8. 909.
    ॐ यक्षिवल्लभायै नमःयक्षों की प्रिया
  9. 910.
    ॐ यज्ञप्रियायै नमःयज्ञ को प्रिय
  10. 911.
    ॐ यज्ञपूज्यायै नमःयज्ञ में पूज्य
  11. 912.
    ॐ यज्ञतुष्टायै नमःयज्ञ से संतुष्ट होने वाली
  12. 913.
    ॐ यमस्तुतायै नमःयम द्वारा स्तुत
  13. 914.
    ॐ यामिनीयप्रभायै नमःरात्रि-नाथ चंद्र सदृश प्रभा वाली
  14. 915.
    ॐ याम्यायै नमःयाम्या; दक्षिण दिशा की अधिष्ठात्री
  15. 916.
    ॐ यजनीयायै नमःयजन करने योग्य
  16. 917.
    ॐ यशस्कर्यै नमःयश करने वाली
  17. 918.
    ॐ यज्ञकर्त्र्यै नमःयज्ञ करने वाली
  18. 919.
    ॐ यज्ञरूपायै नमःयज्ञ-रूपा
  19. 920.
    ॐ यशोदायै नमःयश देने वाली
  20. 921.
    ॐ यज्ञसंस्तुतायै नमःयज्ञ में स्तुत
  21. 922.
    ॐ यज्ञेश्यै नमःयज्ञ की ईशी
  22. 923.
    ॐ यज्ञफलदायै नमःयज्ञ का फल देने वाली
  23. 924.
    ॐ योगयोन्यै नमःयोग की योनि
  24. 925.
    ॐ यजुस्स्तुतायै नमःयजुर्वेद द्वारा स्तुत
  25. 926.
    ॐ यमिसेव्यायै नमःसंयमियों द्वारा सेवनीय
  26. 927.
    ॐ यमाराध्यायै नमःसंयमियों द्वारा आराध्य
  27. 928.
    ॐ यमिपूज्यायै नमःसंयमियों द्वारा पूज्य
  28. 929.
    ॐ यमीश्वर्यै नमःसंयमियों की ईश्वरी
  29. 930.
    ॐ योगिन्यै नमःयोगिनी
  30. 931.
    ॐ योगरूपायै नमःयोग-रूपा
  31. 932.
    ॐ योगकर्तृप्रियङ्कर्यै नमःयोग करने वालों का प्रिय करने वाली
  32. 933.
    ॐ योगयुक्तायै नमःयोग से युक्त
  33. 934.
    ॐ योगमय्यै नमःयोगमयी
  34. 935.
    ॐ योगयोगीश्वराम्बिकायै नमःयोग व योगीश्वरों की अंबिका
  35. 936.
    ॐ योगज्ञानमय्यै नमःयोग-ज्ञानमयी
  36. 937.
    ॐ योनये नमःयोनि; उद्गम-स्थान
  37. 938.
    ॐ यमाद्यष्टाङ्गयोगतायै नमःयम आदि अष्टांग योग स्वरूपा
  38. 939.
    ॐ यन्त्रिताघौघसंहारायै नमःनियंत्रित किए गए पाप-समूह का संहार करने वाली
  39. 940.
    ॐ यमलोकनिवारिण्यै नमःयम-लोक से निवारण करने वाली
  40. 941.
    ॐ यष्टिव्यष्टीशसंस्तुत्यायै नमःसमष्टि व व्यष्टि के अधीश्वर द्वारा स्तुत्य
  41. 942.
    ॐ यमाद्यष्टाङ्गयोगयुजे नमःयम आदि अष्टांग योग से युक्त
  42. 943.
    ॐ योगीश्वर्यै नमःयोगीश्वरी
  43. 944.
    ॐ योगमात्रे नमःयोग की माता
  44. 945.
    ॐ योगसिद्धायै नमःयोग में सिद्ध
  45. 946.
    ॐ योगदायै नमःयोग देने वाली
  46. 947.
    ॐ योगारूढायै नमःयोग पर आरूढ़
  47. 948.
    ॐ योगमय्यै नमःयोगमयी
  48. 949.
    ॐ योगरूपायै नमःयोग-रूपा
  49. 950.
    ॐ यवीयस्यै नमःयवीयसी; नित्य युवा
  50. 951.
    ॐ यन्त्ररूपायै नमःयंत्र-रूपा
  51. 952.
    ॐ यन्त्रस्थायै नमःयंत्र में स्थित
  52. 953.
    ॐ यन्त्रपूज्यायै नमःयंत्र में पूज्य
  53. 954.
    ॐ यन्त्रिकायै नमःयंत्र की अधिष्ठात्री
  54. 955.
    ॐ युगकर्त्र्यै नमःयुगों की कर्त्री
  55. 956.
    ॐ युगमय्यै नमःयुगमयी
  56. 957.
    ॐ युगधर्मविवर्जितायै नमःयुग-धर्म से रहित
  57. 958.
    ॐ यमुनायै नमःयमुना-स्वरूपा
  58. 959.
    ॐ यामिन्यै नमःयामिनी; रात्रि-स्वरूपा
  59. 960.
    ॐ याम्यायै नमःयाम्या
  60. 961.
    ॐ यमुनाजलमध्यगायै नमःयमुना-जल के मध्य में स्थित
  61. 962.
    ॐ यातायातप्रशमन्यै नमःआवागमन अर्थात जन्म-मरण का शमन करने वाली
  62. 963.
    ॐ यातनानांनिकृन्तन्यै नमःयातनाओं का छेदन करने वाली
  63. 964.
    ॐ योगावासायै नमःयोग का निवास
  64. 965.
    ॐ योगिवन्द्यायै नमःयोगियों द्वारा वंदनीय
  65. 966.
    ॐ यत्तच्छब्दस्वरूपिण्यै नमःयत्-तत् शब्दों की स्वरूपा
  66. 967.
    ॐ योगक्षेममय्यै नमःयोग-क्षेममयी
  67. 968.
    ॐ यन्त्रायै नमःयंत्र-स्वरूपा
  68. 969.
    ॐ यावदक्षरमातृकायै नमःजितने अक्षर हैं, उन सबकी मातृका
  69. 970.
    ॐ यावत्पदमय्यै नमःसमस्त पदों की स्वरूपा
  70. 971.
    ॐ यावच्छब्दरूपायै नमःसमस्त शब्दों की रूपा
  71. 972.
    ॐ यथेश्वर्यै नमःयथेश्वरी
  72. 973.
    ॐ यत्तदीयायै नमःउन सबकी अपनी
  73. 974.
    ॐ यक्षवन्द्यायै नमःयक्षों द्वारा वंदनीय
  74. 975.
    ॐ यद्विद्यायै नमःसमस्त विद्या-स्वरूपा
  75. 976.
    ॐ यतिसंस्तुतायै नमःयतियों द्वारा स्तुत
  76. 977.
    ॐ यावद्विद्यामय्यै नमःजितनी विद्याएँ हैं, उन सबकी मयी
  77. 978.
    ॐ यावद्विद्याबृन्दसुवन्दितायै नमःसमस्त विद्याओं के समूह द्वारा सुवंदित
  78. 979.
    ॐ योगिहृत्पद्मनिलयायै नमःयोगियों के हृदय-कमल में निवास करने वाली
  79. 980.
    ॐ योगिवर्यप्रियङ्कर्यै नमःश्रेष्ठ योगियों का प्रिय करने वाली
  80. 981.
    ॐ योगिवन्द्यायै नमःयोगियों द्वारा वंदनीय
  81. 982.
    ॐ योगिमात्रे नमःयोगियों की माता
  82. 983.
    ॐ योगीशफलदायिन्यै नमःयोगीशों को फल देने वाली
  83. 984.
    ॐ यक्षवन्द्यायै नमःयक्षों द्वारा वंदनीय
  84. 985.
    ॐ यक्षपूज्यायै नमःयक्षों द्वारा पूज्य
  85. 986.
    ॐ यक्षराजसुपूजितायै नमःयक्षराज कुबेर द्वारा सुपूजित
  86. 987.
    ॐ यज्ञरूपायै नमःयज्ञ-रूपा
  87. 988.
    ॐ यज्ञतुष्टायै नमःयज्ञ से संतुष्ट होने वाली
  88. 989.
    ॐ यायजूकस्वरूपिण्यै नमःयायजूक अर्थात नित्य यज्ञ करने वाले की स्वरूपा
  89. 990.
    ॐ यन्त्राराध्यायै नमःयंत्र द्वारा आराध्य
  90. 991.
    ॐ यन्त्रमध्यायै नमःयंत्र के मध्य में स्थित
  91. 992.
    ॐ यन्त्रकर्तृप्रियङ्कर्यै नमःयंत्र रचने वालों का प्रिय करने वाली
  92. 993.
    ॐ यन्त्रारूढायै नमःयंत्र पर आरूढ़
  93. 994.
    ॐ यन्त्रपूज्यायै नमःयंत्र में पूज्य
  94. 995.
    ॐ योगिध्यानपरायणायै नमःयोगियों के ध्यान में तत्पर
  95. 996.
    ॐ यजनीयायै नमःयजन करने योग्य
  96. 997.
    ॐ यमस्तुत्यायै नमःयम द्वारा स्तुत्य
  97. 998.
    ॐ योगयुक्तायै नमःयोग से युक्त
  98. 999.
    ॐ यशस्कर्यै नमःयश करने वाली
  99. 1000.
    ॐ योगबद्धायै नमःयोग से बद्ध
  100. 1001.
    ॐ यतिस्तुत्यायै नमःयतियों द्वारा स्तुत्य
  101. 1002.
    ॐ योगज्ञायै नमःयोग को जानने वाली
  102. 1003.
    ॐ योगनायक्यै नमःयोग की नायिका
  103. 1004.
    ॐ योगिज्ञानप्रदायै नमःयोगियों को ज्ञान देने वाली
  104. 1005.
    ॐ यक्ष्यै नमःयक्षी-स्वरूपा
  105. 1006.
    ॐ यमबाधाविनाशिन्यै नमःयम की बाधा का विनाश करने वाली
  106. 1007.
    ॐ योगिकाम्यप्रदात्र्यै नमःयोगियों की काम्य वस्तु देने वाली
  107. 1008.
    ॐ योगिमोक्षप्रदायिन्यै नमःयोगियों को मोक्ष देने वाली

अर्थ (हिन्दी)

  1. ध्यान: जिनका उज्ज्वल शरीर श्रीमान चन्दन से चर्चित है, जो श्वेत वस्त्र धारण किए हैं, जिनके केश मल्लिका-पुष्पों की माला से सुशोभित हैं, जो देदीप्यमान मुक्ता-मालाओं से शोभित हैं, जो समस्त ज्ञान की निधि-रूप पुस्तक धारण करती हैं और रुद्राक्ष-माला से अंकित हैं — वे कल्याणमयी त्रैलोक्य-माता वाग्देवी मेरे मुख-कमल में निवास करें।
  2. कथा-भूमिका: सनत्कुमार बोले — पूर्वकाल में पितामह ब्रह्मा ने देखा कि स्थावर-जंगम सहित समस्त जगत निर्विकार, निराभास, स्तम्भित तथा चेतना-रहित पड़ा है। सम्पूर्ण त्रैलोक्य की सृष्टि कर चुकने पर भी वह इसी दशा में था — केवल वाणी के अभाव के कारण। तब जगद्गुरु परमेष्ठी ने दस हज़ार दिव्य वर्षों तक दुष्कर तथा उत्तम तप किया, और तब कभी समस्त अर्थों से शोभित वाणी प्रकट हुईं।
  3. वाणी का वचन: "मैं महाविद्या हूँ, समस्त वाणियों की अधीश्वरी। मैं तुम्हें अपने सहस्र नामों का अनुत्तम उपदेश दूँगी। इनसे नित्य स्तुति किए जाने पर मैं तुम्हारी पत्नी हो जाऊँगी, और तुम्हारा रचा हुआ समस्त जगत वाणी से युक्त हो जाएगा।"
  4. फल तथा परिणाम: "मेरा यह सहस्रनाम परम रहस्य है — समस्त पाप-समूह का शमन करने वाला तथा महान सारस्वत-फल देने वाला; लोक में महाकवित्व देने वाला और वागीशत्व प्रदान करने वाला। तुम हो या कोई अन्य पुरुष — जो भी इस स्तव से मुझे संतुष्ट करेगा, मैं साक्षात् उसकी किंकरी हो जाऊँगी, इसमें संशय नहीं।" यह कहकर वाणी अंतर्धान हो गईं। तभी से पितामह ने इस दिव्य स्तोत्र से स्तुति कर उनका पतित्व प्राप्त किया — और हे मुने, तभी से समस्त जगत वाणी से युक्त हुआ।
  5. पाठ से पूर्व कहा जाने वाला बीज-मंत्र, जो मूल पाठ में नाम-श्लोकों के ठीक पहले दिया गया है।
  6. फलश्रुति: इस प्रकार सरस्वती के सहस्र नाम कहे गए — जो मंत्रात्मक, महागोपनीय तथा महान सारस्वत-फल देने वाले हैं। जो साधक भक्तिपूर्वक तीनों कालों में इनका पाठ अथवा श्रवण करता है, वह निश्चय ही साक्षात् समस्त विद्याओं का निधि हो जाता है। वह पुत्र-पौत्र आदि सहित समस्त संपदाएँ प्राप्त करता है, और मूक भी समस्त विद्याओं में दूसरे चतुर्मुख ब्रह्मा के समान हो जाता है।
  7. फलश्रुति (क्रमशः): हे मुनीश्वर, वह अंत में धाता ब्रह्मा का सान्निध्य प्राप्त करता है। यह स्तोत्र सर्वमंत्रमय है, समस्त विद्याओं का यथोचित फल देने वाला, पुरुषों को महाकवित्व देने वाला तथा महासिद्धि प्रदान करने वाला है। प्राण कंठ में आ जाएँ तब भी यह किसी को भी नहीं दे देना चाहिए — वाणी का यह सहस्रनाम सतत महारहस्य है। हमारे जैसों के लिए भली प्रकार सिद्ध यह स्तोत्र तुम्हें कह दिया गया। — इस प्रकार श्रीस्कन्दपुराण के अंतर्गत सनत्कुमार संहिता में नारद-सनत्कुमार संवाद का श्री सरस्वती सहस्रनाम स्तोत्र सम्पूर्ण हुआ।

लाभ

  • फलश्रुति कहती है कि भक्तिपूर्वक त्रिकाल पाठ करने वाला "सर्वविद्यानिधिः साक्षात्" अर्थात समस्त विद्याओं का साक्षात् निधि हो जाता है।
  • फलश्रुति की सबसे प्रसिद्ध पंक्ति — "मूकोऽपि सर्वविद्यासु चतुर्मुख इवापरः": मूक भी समस्त विद्याओं में दूसरे चतुर्मुख ब्रह्मा के समान हो जाता है।
  • स्तोत्र स्वयं को महासारस्वतप्रद, महाकवित्वद तथा वागीशत्वप्रदायक कहता है — अर्थात यह कवित्व व वाणी-सिद्धि का स्तोत्र है।
  • नाम 902–1008 का सम्पूर्ण य-वर्ग योग-साधना का है, अतः यह पाठ योग-मार्ग के साधकों के लिए भी उतना ही है जितना विद्यार्थियों के लिए।
  • भूमिका का भाव यह है कि वाणी के बिना सृष्टि जड़ थी — इसलिए यह केवल पुस्तक-ज्ञान नहीं, अभिव्यक्ति की साधना का स्तोत्र है।

कब करें पाठ

बसंत पंचमी पर सम्पूर्ण पाठविद्यारंभ-संस्कार तथा नए शैक्षणिक सत्र के आरंभ परगुरुवार को सरस्वती पूजन के समयपरीक्षा अथवा किसी बड़ी रचना-साधना के पूर्व संकल्प के साथफलश्रुति के अनुसार त्रिकाल — प्रातः, मध्याह्न व सायं

पाठ विधि

सम्पूर्ण पाठ 35–45 मिनट का है, अतः एक ही आसन पर बिना उठे करने का संकल्प लेकर बैठें। परंपरा में क्रम यह है — पहले ध्यान श्लोक ("श्रीमच्चन्दनचर्चितोज्ज्वलवपुः"), फिर मूल पाठ में नाम-श्लोकों से ठीक पहले दिया गया बीज-मंत्र "ऐं वद वद वाग्वादिनी स्वाहा", फिर 1008 नाम, और अंत में फलश्रुति। नामावली-रूप में प्रत्येक नाम "ॐ … नमः" के साथ पढ़ते हुए एक श्वेत अथवा पीत पुष्प अर्पित किया जाता है (अर्चना); श्लोक-रूप में यह 144 अनुष्टुप् श्लोकों में पढ़ा जाता है। पूजा-स्थान पर पुस्तक, कलम अथवा वाद्य-यंत्र रखने की परंपरा इस देवी के हर पाठ पर लागू है। यदि सम्पूर्ण पाठ का समय न हो तो सरस्वती अष्टोत्तर शतनामावली (108 नाम, 8–10 मिनट) पढ़ी जा सकती है — पर वह भिन्न रचना है, इसका संक्षेप नहीं।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
मूल ग्रंथस्कन्द पुराण — सनत्कुमार संहिता, नारद-सनत्कुमार संवाद
स्रोत परंपराstotranidhi.com — श्री सरस्वती सहस्रनामावली (आधार सूची; 1008 नाम). प्रत्येक बीसवें नाम पर दिए क्रमांक-चिह्न यंत्रवत् जाँचे गए — सभी 51 चिह्न सही स्थान पर, अंतिम "१००८" सहित। · stotranidhi.com — श्री सरस्वती सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक-रूप; ध्यान, नारद-सनत्कुमार संवाद की 14 श्लोक भूमिका, 144 नाम-श्लोक तथा 6 श्लोक फलश्रुति). इससे पद-विच्छेद की स्वतंत्र पुष्टि हुई और मूल ग्रंथ का नाम मिला — "इति श्रीस्कान्दपुराणान्तर्गत सनत्कुमारसंहितायां नारदसनत्कुमारसंवादे श्री सरस्वती सहस्रनाम स्तोत्रम्"। · ⚠️ पाठ-भेद दर्ज: आधार-स्रोत नाम 160 पर "शबर्यै [*शर्वर्यै*]" तथा नाम 772 पर "कूर्म्यै *" छापता है — अर्थात स्रोत स्वयं वैकल्पिक पाठ की ओर संकेत करता है। मुख्य पाठ शबरी रखा गया (आधार-पृष्ठ की मुख्य प्रविष्टि); वैकल्पिक पाठ छिपाया नहीं गया। · ⚠️ यांत्रिक पाठ-निष्कर्षण इन्हीं दो टिप्पणी-खंडों पर टूटकर गिनती 1006 दिखाता है। कारण खोजकर पुनः निष्कर्षण किया गया → 1008 नाम, सभी 51 क्रमांक-चिह्न संरेखित। संख्या घटाकर नहीं सुलझाया गया। · ⚠️ नाम 595 "अघनेना" तथा नाम 654 "जङ्गपूगघ्नी" का निश्चित व्युत्पत्ति-अर्थ किसी उपलब्ध स्रोत में नहीं मिला; संभावित अर्थ दिया गया है, गढ़ा हुआ निश्चित अर्थ नहीं। · हिंदी अर्थ सत्यापित संस्कृत से अनूदित (1008/1008)।
रचयितापारंपरिक (सनत्कुमार-कथित)
अंतिम अद्यतनजून 2026

संपादकीय टिप्पणी: मूल ग्रंथ स्पष्ट है — पाठ स्वयं "इति श्रीस्कान्दपुराणान्तर्गत सनत्कुमारसंहितायां नारदसनत्कुमारसंवादे श्री सरस्वती सहस्रनाम स्तोत्रम्" कहकर समाप्त होता है। यह सरस्वती अष्टोत्तर शतनामावली से भिन्न रचना है — वह 108 नामों की अलग सूची है जो "सरस्वती" से आरंभ होती है। दो तकनीकी बातें दर्ज हैं। पहली: आधार-पृष्ठ पर नाम 160 तथा 772 के आगे पाठ-भेद की टिप्पणी छपी है (160 पर "शबर्यै [*शर्वर्यै*]"), जिससे यांत्रिक पाठ-निष्कर्षण दो नाम छोड़ देता है और गिनती 1006 दिखती है — कारण खोजकर सुधारा गया, संख्या घटाकर नहीं; मुख्य पाठ शबरी रखा गया है और वैकल्पिक पाठ यहाँ दर्ज है। दूसरी: नाम 595 "अघनेना" तथा नाम 654 "जङ्गपूगघ्नी" का पाठ अनिश्चित है — इनका निश्चित व्युत्पत्ति-अर्थ किसी उपलब्ध स्रोत में नहीं मिला, अतः संभावित अर्थ दिया गया है, गढ़ा हुआ नहीं।

देव परिचय

माँ सरस्वती

Goddess Saraswati

माँ सरस्वती विद्या, बुद्धि, संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी हैं।

देवता वर्गविद्या · ज्ञान · संगीत · कला · वाणी
वाहनहंस
मुख्य मंत्रॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
माँ सरस्वती के पाठ
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श्री सरस्वती सहस्रनाम — सामान्य प्रश्न

संबंधित पर्व व व्रत

माँ सरस्वती भक्ति संग्रह

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