FAQ
माँ सरस्वती — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
माँ सरस्वती विद्या, बुद्धि, संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी हैं। माँ सरस्वती ज्ञान, विद्या, वाणी, संगीत और समस्त कलाओं की देवी हैं। श्वेत वस्त्रधारिणी माता हंस पर विराजमान होकर वीणा का वादन करती हैं।
परंपरा के अनुसार माँ सरस्वती का वाहन हंस है। उनकी शक्ति/संगिनी भगवान ब्रह्मा मानी जाती हैं।
माँ सरस्वती का बीज मंत्र "ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" है। रोमन में इसे "Om Aim Saraswatyai Namah" लिखा जाता है। मंत्र-जप श्रद्धा व नियमितता पर आधारित परंपरा है।
माँ सरस्वती को शारदा, वीणावादिनी, वाग्देवी, भारती आदि नामों से भी जाना जाता है। हर नाम उनके किसी एक स्वरूप या गुण की ओर संकेत करता है।
श्वेतवस्त्रा, चतुर्भुजा, हाथों में वीणा, पुस्तक, माला; कमल व हंस के साथ विराजमान। परंपरा में उन्हें विद्या, ज्ञान, संगीत, कला का अधिष्ठाता माना जाता है।
इस पृष्ठ पर माँ सरस्वती से जुड़े 4 भक्ति पाठ उपलब्ध हैं — आरती, चालीसा, मंत्र व स्तोत्र सहित। हर पाठ हिन्दी, IAST और रोमन तीनों लिपियों में पढ़ा जा सकता है।
