सरस्वती गायत्री मंत्र

sarasvatī gāyatrī mantra

Saraswati Gayatri Mantra

समय
40 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
मध्यम
शुभ दिन
बसंत पंचमी व बुधवार
उद्देश्य:विद्या (Knowledge)बुद्धि (Wisdom)परीक्षा सफलता (Exam Success)
✓ संपूर्ण

परिचय

माँ सरस्वती विद्या, बुद्धि, संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी हैं।

स्रोत: पारंपरिक सरस्वती गायत्री (गायत्री छंद)

मंत्र

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ॐ वाग्देव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ वाग्देव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्॥

oṃ vāgdevyai ca vidmahe kāmarājāya dhīmahi | tanno devī pracodayāt ||

Om Vagdevyai Cha Vidmahe Kamarajaya Dhimahi, Tanno Devi Prachodayat.

उच्चारण मार्गदर्शन: "वाग्-देव्यै", "विद्-म-हे", "धी-म-हि" स्पष्ट बोलें। "धीमहि" में "धी" दीर्घ; "प्रचोदयात्" का "त्" हल्का हलन्त।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

वाग्देव्यैवाणी की देवी (सरस्वती) को
विद्महेहम जानते हैं
धीमहिहम ध्यान करते हैं
तन्नो देवी प्रचोदयात्वे देवी हमारी बुद्धि को प्रेरित करें

अर्थ (हिन्दी)

  1. हम वाग्देवी (सरस्वती) को जानते हैं और उनका ध्यान करते हैं; वे देवी हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें।

लाभ

  • विद्या, बुद्धि व स्मरण-शक्ति में वृद्धि होती है।
  • वाणी में मधुरता व स्पष्टता आती है।
  • परीक्षा व अध्ययन में सफलता मिलती है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: स्फटिक माला

उत्तम समय: प्रातः व बुधवार

जप का उत्तम समय

प्रातः अध्ययन से पूर्वबसंत पंचमी व बुधवार कोपरीक्षा से पूर्व

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

सरस्वती जी के समक्ष श्वेत पुष्प अर्पित कर स्फटिक माला से 108 बार जप करें। बसंत पंचमी व अध्ययन-काल में जप विशेष फलदायी होता है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरापारंपरिक सरस्वती गायत्री परंपरा
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

माँ सरस्वती

Goddess Saraswati

माँ सरस्वती विद्या, बुद्धि, संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी हैं।

देवता वर्गविद्या · ज्ञान · संगीत · कला · वाणी
वाहनहंस
मुख्य मंत्रॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
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