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॥ श्री ॥

श्री शनैश्चर सहस्रनाम

सहस्रनाम · श्री शनि देव

पाठ

विनियोगः अस्य श्रीशनैश्चरसहस्रनामस्तोत्रमहामन्त्रस्य। काश्यप ऋषिः। अनुष्टुप् छन्दः। शनैश्चरो देवता। शं बीजम्। नं शक्तिः। मं कीलकम्। शनैश्चरप्रसादसिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः॥

करन्यासः शनैश्चराय अङ्गुष्ठाभ्यां नमः। मन्दगतये तर्जनीभ्यां नमः। अधोक्षजाय मध्यमाभ्यां नमः। सौरये अनामिकाभ्यां नमः। शुष्कोदराय कनिष्ठिकाभ्यां नमः। छायात्मजाय करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः। हृदयादिन्यासः शनैश्चराय हृदयाय नमः। मन्दगतये शिरसे स्वाहा। अधोक्षजाय शिखायै वषट्। सौरये कवचाय हुम्। शुष्कोदराय नेत्रत्रयाय वौषट्। छायात्मजाय अस्त्राय फट्। भूर्भुवः सुवरोमिति दिग्बन्धः॥

ध्यानम् चापासनो गृध्रधरस्तु नीलः प्रत्यङ्मुखः काश्यप गोत्रजातः। सशूलचापेषु गदाधरोऽव्यात् सौराष्ट्रदेशप्रभवश्च शौरिः॥ नीलाम्बरो नीलवपुः किरीटी गृध्रासनस्थो विकृताननश्च। केयूरहारादिविभूषिताङ्गः सदाऽस्तु मे मन्दगतिः प्रसन्नः॥

फलश्रुतिः (श्लोक-रूप से) क्षमाधरः क्षयद्वारो नाम्नामष्टसहस्रकम्। वाक्येनैकेन वक्ष्यामि वाञ्छितार्थं प्रयच्छति॥ तस्मात्सर्वप्रयत्नेन नियमेन जपेत्सुधीः॥ ॥ इति श्री शनैश्चर सहस्रनाम स्तोत्रम् ॥

स्वर-वर्ग (अ से औ) — अघहर, आपद्बान्धव व ओंकारबीज (नाम 1–126)

  1. ॐ अमिताभाषिणे नमः — अपरिमित वाणी वाले
  2. ॐ अघहराय नमः — पाप हरने वाले
  3. ॐ अशेषदुरितापहाय नमः — समस्त दुरितों को दूर करने वाले
  4. ॐ अघोररूपाय नमः — अघोर रूप वाले
  5. ॐ अतिदीर्घकायाय नमः — अत्यंत दीर्घ काया वाले
  6. ॐ अशेषभयानकाय नमः — अशेष भयानक
  7. ॐ अनन्ताय नमः — अनंत
  8. ॐ अन्नदात्रे नमः — अन्न देने वाले
  9. ॐ अश्वत्थमूलजपप्रियाय नमः — पीपल की जड़ के पास किए गए जप से प्रसन्न होने वाले
  10. ॐ अतिसम्पत्प्रदाय नमः — अत्यधिक संपत्ति देने वाले
  11. ॐ अमोघाय नमः — अमोघ; व्यर्थ न जाने वाले
  12. ॐ अन्यस्तुत्याप्रकोपिताय नमः — अन्य की स्तुति से कुपित न होने वाले
  13. ॐ अपराजिताय नमः — अपराजित
  14. ॐ अद्वितीयाय नमः — अद्वितीय
  15. ॐ अतितेजसे नमः — अत्यंत तेजस्वी
  16. ॐ अभयप्रदाय नमः — अभय देने वाले
  17. ॐ अष्टमस्थाय नमः — अष्टम भाव में स्थित रहने वाले
  18. ॐ अञ्जननिभाय नमः — अंजन के सदृश
  19. ॐ अखिलात्मने नमः — समस्त की आत्मा
  20. ॐ अर्कनन्दनाय नमः — अर्क अर्थात सूर्य के पुत्र
  21. ॐ अतिदारुणाय नमः — अत्यंत दारुण
  22. ॐ अक्षोभ्याय नमः — क्षुब्ध न होने वाले
  23. ॐ अप्सरोभिः प्रपूजिताय नमः — अप्सराओं द्वारा पूजित
  24. ॐ अभीष्टफलदाय नमः — अभीष्ट फल देने वाले
  25. ॐ अरिष्टमथनाय नमः — अरिष्टों का मथन करने वाले
  26. ॐ अमरपूजिताय नमः — अमरों द्वारा पूजित
  27. ॐ अनुग्राह्याय नमः — अनुग्रह करने योग्य
  28. ॐ अप्रमेयपराक्रमविभीषणाय नमः — अप्रमेय पराक्रम से भयंकर
  29. ॐ असाध्ययोगाय नमः — असाध्य योग वाले
  30. ॐ अखिलदोषघ्नाय नमः — समस्त दोषों का नाश करने वाले
  31. ॐ अपराकृताय नमः — किसी से पराभूत न होने वाले
  32. ॐ अप्रमेयाय नमः — अप्रमेय; माप से परे
  33. ॐ अतिसुखदाय नमः — अत्यंत सुख देने वाले
  34. ॐ अमराधिपपूजिताय नमः — देवराज इंद्र द्वारा पूजित
  35. ॐ अवलोकात्सर्वनाशाय नमः — जिनके अवलोकन मात्र से सर्वनाश होता है
  36. ॐ अश्वत्थामद्विरायुधाय नमः — अश्वत्थामा के समान आयुध वाले
  37. ॐ अपराधसहिष्णवे नमः — अपराध सहन करने वाले
  38. ॐ अश्वत्थामसुपूजिताय नमः — अश्वत्थामा द्वारा भली प्रकार पूजित
  39. ॐ अनन्तपुण्यफलदाय नमः — अनंत पुण्य का फल देने वाले
  40. ॐ अतृप्ताय नमः — अतृप्त
  41. ॐ अतिबलाय नमः — अत्यंत बलवान
  42. ॐ अवलोकात्सर्ववन्द्याय नमः — जिनके अवलोकन मात्र से सर्वत्र वंदनीयता प्राप्त होती है
  43. ॐ अक्षीणकरुणानिधये नमः — कभी क्षीण न होने वाली करुणा के निधि
  44. ॐ अविद्यामूलनाशाय नमः — अविद्या की जड़ का नाश करने वाले
  45. ॐ अक्षय्यफलदायकाय नमः — अक्षय फल देने वाले
  46. ॐ आनन्दपरिपूर्णाय नमः — आनंद से परिपूर्ण
  47. ॐ आयुष्कारकाय नमः — आयु के कारक
  48. ॐ आश्रितेष्टार्थवरदाय नमः — आश्रितों को अभीष्ट अर्थ का वर देने वाले
  49. ॐ आधिव्याधिहराय नमः — आधि तथा व्याधि हरने वाले
  50. ॐ आनन्दमयाय नमः — आनंदमय
  51. ॐ आनन्दकराय नमः — आनंद करने वाले
  52. ॐ आयुधधारकाय नमः — आयुध धारण करने वाले
  53. ॐ आत्मचक्राधिकारिणे नमः — अपने चक्र के अधिकारी
  54. ॐ आत्मस्तुत्यपरायणाय नमः — अपने ही नामों की स्तुति में तत्पर
  55. ॐ आयुष्कराय नमः — आयु करने वाले
  56. ॐ आनुपूर्व्याय नमः — आनुपूर्वी; क्रम से चलने वाले
  57. ॐ आत्मायत्तजगत्त्रयाय नमः — जिनके अधीन तीनों जगत हैं
  58. ॐ आत्मनामजपप्रीताय नमः — अपने नाम के जप से प्रसन्न होने वाले
  59. ॐ आत्माधिकफलप्रदाय नमः — अपने से भी अधिक फल देने वाले
  60. ॐ आदित्यसम्भवाय नमः — आदित्य से उत्पन्न
  61. ॐ आर्तिभञ्जनाय नमः — पीड़ा का भंजन करने वाले
  62. ॐ आत्मरक्षकाय नमः — आत्मा की रक्षा करने वाले
  63. ॐ आपद्बान्धवाय नमः — आपत्ति में बंधु
  64. ॐ आनन्दरूपाय नमः — आनंद-रूप
  65. ॐ आयुःप्रदाय नमः — आयु देने वाले
  66. ॐ आकर्णपूर्णचापाय नमः — कान तक धनुष खींचने वाले
  67. ॐ आत्मोद्दिष्टद्विजप्रदाय नमः — अपने उद्देश्य से द्विज को दान कराने वाले
  68. ॐ आनुकूल्याय नमः — अनुकूल होने वाले
  69. ॐ आत्मरूपप्रतिमादानसुप्रियाय नमः — अपने रूप की प्रतिमा के दान से प्रसन्न होने वाले
  70. ॐ आत्मारामाय नमः — आत्मा में ही रमण करने वाले
  71. ॐ आदिदेवाय नमः — आदि देव
  72. ॐ आपन्नार्तिविनाशनाय नमः — आपत्तिग्रस्त की पीड़ा का विनाश करने वाले
  73. ॐ इन्दिरार्चितपादाय नमः — इंदिरा अर्थात लक्ष्मी द्वारा अर्चित चरणों वाले
  74. ॐ इन्द्रभोगफलप्रदाय नमः — इंद्र के भोग का फल देने वाले
  75. ॐ इन्द्रदेवस्वरूपाय नमः — इंद्रदेव के स्वरूप
  76. ॐ इष्टेष्टवरदायकाय नमः — अभीष्ट का अभीष्ट वर देने वाले
  77. ॐ इष्टापूर्तिप्रदाय नमः — इष्ट तथा पूर्त कर्मों का फल देने वाले
  78. ॐ इन्दुमतीष्टवरदायकाय नमः — इंदुमती को अभीष्ट वर देने वाले
  79. ॐ इन्दिरारमणप्रीताय नमः — इंदिरा-रमण अर्थात विष्णु को प्रिय
  80. ॐ इन्द्रवंशनृपार्चिताय नमः — इंद्रवंशी राजाओं द्वारा अर्चित
  81. ॐ इहामुत्रेष्टफलदाय नमः — इस लोक तथा परलोक — दोनों में अभीष्ट फल देने वाले
  82. ॐ इन्दिरारमणार्चिताय नमः — इंदिरा-रमण अर्थात विष्णु द्वारा अर्चित
  83. ॐ ईद्रियाय नमः — ऐंद्रिय; इंद्रिय-स्वरूप
  84. ॐ ईश्वरप्रीताय नमः — ईश्वर को प्रिय
  85. ॐ ईषणात्रयवर्जिताय नमः — तीनों एषणाओं से रहित
  86. ॐ उमास्वरूपाय नमः — उमा के स्वरूप
  87. ॐ उद्बोध्याय नमः — बोध कराने योग्य
  88. ॐ उशनाय नमः — उशना; कवि-स्वरूप
  89. ॐ उत्सवप्रियाय नमः — उत्सव को प्रिय
  90. ॐ उमादेव्यर्चनप्रीताय नमः — उमादेवी के अर्चन से प्रसन्न होने वाले
  91. ॐ उच्चस्थोच्चफलप्रदाय नमः — उच्च राशि में स्थित होने पर उच्च फल देने वाले
  92. ॐ उरुप्रकाशाय नमः — विशाल प्रकाश वाले
  93. ॐ उच्चस्थयोगदाय नमः — उच्च स्थान में योग देने वाले
  94. ॐ उरुपराक्रमाय नमः — महान पराक्रम वाले
  95. ॐ ऊर्ध्वलोकादिसञ्चारिणे नमः — ऊर्ध्व लोकों आदि में संचरण करने वाले
  96. ॐ ऊर्ध्वलोकादिनायकाय नमः — ऊर्ध्व लोकों आदि के नायक
  97. ॐ ऊर्जस्विने नमः — ऊर्जस्वी; बलशाली
  98. ॐ ऊनपादाय नमः — ऊन अर्थात अपूर्ण चरण वाले
  99. ॐ ऋकाराक्षरपूजिताय नमः — ऋकार अक्षर से पूजित
  100. ॐ ऋषिप्रोक्तपुराणज्ञाय नमः — ऋषियों द्वारा कहे गए पुराणों को जानने वाले
  101. ॐ ऋषिभिः परिपूजिताय नमः — ऋषियों द्वारा भली प्रकार पूजित
  102. ॐ ऋग्वेदवन्द्याय नमः — ऋग्वेद द्वारा वंदित
  103. ॐ ऋग्रूपिणे नमः — ऋक्-रूप वाले
  104. ॐ ऋजुमार्गप्रवर्तकाय नमः — ऋजु अर्थात सरल मार्ग पर प्रवृत्त कराने वाले
  105. ॐ लुळितोद्धारकाय नमः — विचलितों का उद्धार करने वाले
  106. ॐ लूतभवपाश प्रभञ्जनाय नमः — लूत अर्थात मकड़ी के जाल सदृश भव-पाश का भंजन करने वाले
  107. ॐ लूकाररूपकाय नमः — लूकार अक्षर के रूप वाले
  108. ॐ लब्धधर्ममार्गप्रवर्तकाय नमः — प्राप्त धर्म-मार्ग पर प्रवृत्त कराने वाले
  109. ॐ एकाधिपत्यसाम्राज्यप्रदाय नमः — एकाधिपत्य तथा साम्राज्य देने वाले
  110. ॐ एनौघनाशनाय नमः — पाप-समूह का नाश करने वाले
  111. ॐ एकपादे नमः — एक चरण वाले
  112. ॐ एकस्मै नमः — एक; अद्वितीय
  113. ॐ एकोनविंशतिमासभुक्तिदाय नमः — उन्नीस मास की भुक्ति देने वाले
  114. ॐ एकोनविंशतिवर्षदशाय नमः — उन्नीस वर्ष की दशा वाले
  115. ॐ एणाङ्कपूजिताय नमः — एणाङ्क अर्थात चंद्रमा द्वारा पूजित
  116. ॐ ऐश्वर्यफलदाय नमः — ऐश्वर्य का फल देने वाले
  117. ॐ ऐन्द्राय नमः — ऐंद्र; इंद्र-सम्बन्धी
  118. ॐ ऐरावतसुपूजिताय नमः — ऐरावत द्वारा भली प्रकार पूजित
  119. ॐ ओंकारजपसुप्रीताय नमः — ओंकार के जप से प्रसन्न होने वाले
  120. ॐ ओंकारपरिपूजिताय नमः — ओंकार द्वारा परिपूजित
  121. ॐ ओंकारबीजाय नमः — ओंकार ही जिनका बीज है
  122. ॐ औदार्यहस्ताय नमः — उदार हाथ वाले
  123. ॐ औन्नत्यदायकाय नमः — उन्नति देने वाले
  124. ॐ औदार्यगुणाय नमः — उदारता ही जिनका गुण है
  125. ॐ औदार्यशीलाय नमः — उदार शील वाले
  126. ॐ औषधकारकाय नमः — औषध करने वाले

क-वर्ग — कालरूप, काकवाह तथा कृष्ण-गो दान का बड़ा खंड (नाम 127–226)

  1. ॐ करपङ्कजसन्नद्धधनुषे नमः — कर-कमल में धनुष धारण करने वाले
  2. ॐ करुणानिधये नमः — करुणा के निधि
  3. ॐ कालाय नमः — काल-स्वरूप
  4. ॐ कठिनचित्ताय नमः — कठोर चित्त वाले
  5. ॐ कालमेघसमप्रभाय नमः — घने मेघ के समान प्रभा वाले
  6. ॐ किरीटिने नमः — किरीट धारण करने वाले
  7. ॐ कर्मकृते नमः — कर्म करने वाले
  8. ॐ कारयित्रे नमः — कराने वाले
  9. ॐ कालसहोदराय नमः — काल के सहोदर
  10. ॐ कालाम्बराय नमः — काले वस्त्र वाले
  11. ॐ काकवाहाय नमः — काक अर्थात कौवे को वाहन बनाने वाले
  12. ॐ कर्मठाय नमः — कर्म में दृढ़
  13. ॐ काश्यपान्वयाय नमः — कश्यप के वंश वाले
  14. ॐ कालचक्रप्रभेदिने नमः — काल-चक्र का भेदन करने वाले
  15. ॐ कालरूपिणे नमः — काल के रूप वाले
  16. ॐ कारणाय नमः — कारण-स्वरूप
  17. ॐ कारिमूर्तये नमः — कर्ता की मूर्ति
  18. ॐ कालभर्त्रे नमः — काल के भर्ता
  19. ॐ किरीटमकुटोज्ज्वलाय नमः — किरीट व मुकुट से उज्ज्वल
  20. ॐ कार्यकारणकालज्ञाय नमः — कार्य, कारण तथा काल को जानने वाले
  21. ॐ काञ्चनाभरथान्विताय नमः — स्वर्ण सदृश आभा वाले रथ से युक्त
  22. ॐ कालदंष्ट्राय नमः — काल सदृश दाढ़ों वाले
  23. ॐ क्रोधरूपाय नमः — क्रोध के रूप वाले
  24. ॐ कराळिने नमः — कराल
  25. ॐ कृष्णकेतनाय नमः — कृष्ण ध्वजा वाले
  26. ॐ कालात्मने नमः — काल की आत्मा
  27. ॐ कालकर्त्रे नमः — काल के कर्ता
  28. ॐ कृतान्ताय नमः — कृतांत; यम-स्वरूप
  29. ॐ कृष्णगोप्रियाय नमः — काली गौ को प्रिय
  30. ॐ कालाग्निरुद्ररूपाय नमः — कालाग्नि रुद्र के रूप वाले
  31. ॐ काश्यपात्मजसम्भवाय नमः — कश्यप के पुत्र सूर्य से उत्पन्न
  32. ॐ कृष्णवर्णहयाय नमः — काले वर्ण के अश्वों वाले
  33. ॐ कृष्णगोक्षीरसुप्रियाय नमः — काली गौ का दूध जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  34. ॐ कृष्णगोघृतसुप्रीताय नमः — काली गौ के घृत से प्रसन्न होने वाले
  35. ॐ कृष्णगोदधिषुप्रियाय नमः — काली गौ का दधि जिन्हें प्रिय है
  36. ॐ कृष्णगावैकचित्ताय नमः — काली गौओं में ही जिनका चित्त लगा रहता है
  37. ॐ कृष्णगोदानसुप्रियाय नमः — काली गौ के दान से अत्यंत प्रसन्न होने वाले
  38. ॐ कृष्णगोदत्तहृदयाय नमः — काली गौ देने वाले को हृदय दे देने वाले
  39. ॐ कृष्णगोरक्षणप्रियाय नमः — काली गौ की रक्षा जिन्हें प्रिय है
  40. ॐ कृष्णगोग्रासचित्तस्य सर्वपीडानिवारकाय नमः — काली गौ को ग्रास देने वाले की समस्त पीड़ा दूर करने वाले
  41. ॐ कृष्णगोदान शान्तस्य सर्वशान्ति फलप्रदाय नमः — काली गौ के दान से शांत हुए जन को समस्त शांति का फल देने वाले
  42. ॐ कृष्णगोस्नान कामस्य गङ्गास्नान फलप्रदाय नमः — काली गौ को स्नान कराने की इच्छा वाले को गंगा-स्नान का फल देने वाले
  43. ॐ कृष्णगोरक्षणस्याशु सर्वाभीष्टफलप्रदाय नमः — काली गौ की रक्षा करने वाले को शीघ्र ही समस्त अभीष्ट फल देने वाले
  44. ॐ कृष्णगावप्रियाय नमः — काली गौएँ जिन्हें प्रिय हैं
  45. ॐ कपिलापशुषुप्रियाय नमः — कपिला गौ जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  46. ॐ कपिलाक्षीरपानस्य सोमपानफलप्रदाय नमः — कपिला का दूध पीने वाले को सोमपान का फल देने वाले
  47. ॐ कपिलादानसुप्रीताय नमः — कपिला के दान से अत्यंत प्रसन्न होने वाले
  48. ॐ कपिलाज्यहुतप्रियाय नमः — कपिला के घृत की आहुति जिन्हें प्रिय है
  49. ॐ कृष्णाय नमः — कृष्ण; श्याम वर्ण वाले
  50. ॐ कृत्तिकान्तस्थाय नमः — कृत्तिका के अंत में स्थित
  51. ॐ कृष्णगोवत्ससुप्रियाय नमः — काली गौ का बछड़ा जिन्हें प्रिय है
  52. ॐ कृष्णमाल्याम्बरधराय नमः — काली माला तथा वस्त्र धारण करने वाले
  53. ॐ कृष्णवर्णतनूरुहाय नमः — काले वर्ण के रोमों वाले
  54. ॐ कृष्णकेतवे नमः — कृष्ण ध्वज वाले
  55. ॐ कृशकृष्णदेहाय नमः — कृश तथा कृष्ण देह वाले
  56. ॐ कृष्णाम्बरप्रियाय नमः — काले वस्त्र जिन्हें प्रिय हैं
  57. ॐ क्रूरचेष्टाय नमः — क्रूर चेष्टा वाले
  58. ॐ क्रूरभावाय नमः — क्रूर भाव वाले
  59. ॐ क्रूरदंष्ट्राय नमः — क्रूर दाढ़ों वाले
  60. ॐ कुरूपिणे नमः — कुरूप
  61. ॐ कमलापति संसेव्याय नमः — कमलापति अर्थात विष्णु द्वारा सेवनीय
  62. ॐ कमलोद्भवपूजिताय नमः — कमल से उत्पन्न ब्रह्मा द्वारा पूजित
  63. ॐ कामितार्थप्रदाय नमः — कामनाओं का अर्थ देने वाले
  64. ॐ कामधेनु पूजनसुप्रियाय नमः — कामधेनु के पूजन से अत्यंत प्रसन्न होने वाले
  65. ॐ कामधेनुसमाराध्याय नमः — कामधेनु द्वारा भली प्रकार आराधित
  66. ॐ कृपायुषविवर्धनाय नमः — कृपा तथा आयु की वृद्धि करने वाले
  67. ॐ कामधेन्वैकचित्ताय नमः — कामधेनु में ही जिनका चित्त लगा रहता है
  68. ॐ कृपराज सुपूजिताय नमः — कृपराज द्वारा भली प्रकार पूजित
  69. ॐ कामदोग्ध्रे नमः — कामनाओं को दुहने वाले
  70. ॐ क्रुद्धाय नमः — क्रुद्ध
  71. ॐ कुरुवंशसुपूजिताय नमः — कुरुवंश द्वारा भली प्रकार पूजित
  72. ॐ कृष्णाङ्गमहिषीदोग्ध्रे नमः — काले अंग वाली भैंस को दुहने वाले
  73. ॐ कृष्णेन कृतपूजनाय नमः — श्रीकृष्ण द्वारा जिनका पूजन किया गया
  74. ॐ कृष्णाङ्गमहिषीदानप्रियाय नमः — काले अंग वाली भैंस का दान जिन्हें प्रिय है
  75. ॐ कोणस्थाय नमः — कोण में स्थित
  76. ॐ कृष्णाङ्गमहिषीदानलोलुपाय नमः — काले अंग वाली भैंस के दान के लिए लालायित
  77. ॐ कामपूजिताय नमः — कामदेव द्वारा पूजित
  78. ॐ क्रूरावलोकनात्सर्वनाशाय नमः — जिनके क्रूर अवलोकन से सर्वनाश होता है
  79. ॐ कृष्णाङ्गदप्रियाय नमः — काले अंगद जिन्हें प्रिय हैं
  80. ॐ खद्योताय नमः — खद्योत अर्थात जुगनू के समान
  81. ॐ खण्डनाय नमः — खंडन करने वाले
  82. ॐ खड्गधराय नमः — खड्ग धारण करने वाले
  83. ॐ खेचरपूजिताय नमः — खेचरों द्वारा पूजित
  84. ॐ खरांशुतनयाय नमः — खरांशु अर्थात सूर्य के पुत्र
  85. ॐ खगानां पतिवाहनाय नमः — खगों के पति को वाहन बनाने वाले
  86. ॐ गोसवासक्तहृदयाय नमः — गो-दान में आसक्त हृदय वाले
  87. ॐ गोचरस्थानदोषहृते नमः — गोचर-स्थान के दोष हरने वाले
  88. ॐ गृहराश्याधिपाय नमः — गृह-राशि के अधिपति
  89. ॐ गृहराजमहाबलाय नमः — गृह-राज तथा महाबली
  90. ॐ गृध्रवाहाय नमः — गृध्र अर्थात गिद्ध वाहन वाले
  91. ॐ गृहपतये नमः — गृह के पति
  92. ॐ गोचराय नमः — गोचर-स्वरूप
  93. ॐ गानलोलुपाय नमः — गान के लिए लालायित
  94. ॐ घोराय नमः — घोर
  95. ॐ घर्माय नमः — घर्म; ताप-स्वरूप
  96. ॐ घनतमसे नमः — घने अंधकार वाले
  97. ॐ घर्मिणे नमः — घर्म अर्थात ताप से युक्त
  98. ॐ घनकृपान्विताय नमः — घनी कृपा से युक्त
  99. ॐ घननीलाम्बरधराय नमः — घने नील वस्त्र धारण करने वाले
  100. ॐ ङादिवर्ण सुसंज्ञिताय नमः — ङ आदि वर्णों से भली प्रकार संज्ञित

च से ण वर्ग — छायापुत्र, ज्योतिःशास्त्रप्रवर्तक व अक्षर-नाम (नाम 227–283)

  1. ॐ चक्रवर्तिसमाराध्याय नमः — चक्रवर्ती राजाओं द्वारा भली प्रकार आराधित
  2. ॐ चन्द्रमत्यसमर्चिताय नमः — चन्द्रमती द्वारा भली प्रकार अर्चित
  3. ॐ चन्द्रमत्यार्तिहारिणे नमः — चन्द्रमती की पीड़ा हरने वाले
  4. ॐ चराचरसुखप्रदाय नमः — चराचर को सुख देने वाले
  5. ॐ चतुर्भुजाय नमः — चार भुजाओं वाले
  6. ॐ चापहस्ताय नमः — हाथ में धनुष वाले
  7. ॐ चराचरहितप्रदाय नमः — चराचर का हित करने वाले
  8. ॐ छायापुत्राय नमः — छाया के पुत्र
  9. ॐ छत्रधराय नमः — छत्र धारण करने वाले
  10. ॐ छायादेवीसुताय नमः — छाया देवी के पुत्र
  11. ॐ जयप्रदाय नमः — जय देने वाले
  12. ॐ जगन्नीलाय नमः — जगत में नील वर्ण वाले
  13. ॐ जपतां सर्वसिद्धिदाय नमः — जप करने वालों को समस्त सिद्धि देने वाले
  14. ॐ जपविध्वस्तविमुखाय नमः — जप से विमुख जनों का विध्वंस करने वाले
  15. ॐ जम्भारिपरिपूजिताय नमः — जम्भारि अर्थात इंद्र द्वारा परिपूजित
  16. ॐ जम्भारिवन्द्याय नमः — जम्भारि अर्थात इंद्र द्वारा वंदित
  17. ॐ जयदाय नमः — जय देने वाले
  18. ॐ जगज्जनमनोहराय नमः — जगत के जनों के मन को हरने वाले
  19. ॐ जगत्त्रयप्रकुपिताय नमः — तीनों जगत पर कुपित होने वाले
  20. ॐ जगत्त्राणपरायणाय नमः — तीनों जगत की रक्षा में तत्पर
  21. ॐ जयाय नमः — जय-स्वरूप
  22. ॐ जयप्रदाय नमः — जय देने वाले
  23. ॐ जगदानन्दकारकाय नमः — जगत को आनंद देने वाले
  24. ॐ ज्योतिषे नमः — ज्योति-स्वरूप
  25. ॐ ज्योतिषां श्रेष्ठाय नमः — ज्योतियों में श्रेष्ठ
  26. ॐ ज्योतिःशास्त्र प्रवर्तकाय नमः — ज्योतिष-शास्त्र के प्रवर्तक
  27. ॐ झर्झरीकृतदेहाय नमः — जर्जर किए गए देह वाले
  28. ॐ झल्लरीवाद्यसुप्रियाय नमः — झल्लरी वाद्य जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  29. ॐ ज्ञानमूर्तिये नमः — ज्ञान की मूर्ति
  30. ॐ ज्ञानगम्याय नमः — ज्ञान से प्राप्य
  31. ॐ ज्ञानिने नमः — ज्ञानी
  32. ॐ ज्ञानमहानिधये नमः — ज्ञान के महानिधि
  33. ॐ ज्ञानप्रबोधकाय नमः — ज्ञान का प्रबोध कराने वाले
  34. ॐ ज्ञानदृष्ट्यावलोकिताय नमः — ज्ञान-दृष्टि से अवलोकन किए जाने वाले
  35. ॐ टङ्किताखिललोकाय नमः — समस्त लोकों को अंकित करने वाले
  36. ॐ टङ्कितैनस्तमोरवये नमः — पाप-रूपी अंधकार के लिए सूर्य
  37. ॐ टङ्कारकारकाय नमः — टंकार करने वाले
  38. ॐ टङ्कृताय नमः — टंकृत; प्रतिध्वनित
  39. ॐ टाम्भदप्रियाय नमः — टकार-ध्वनि जिन्हें प्रिय है (पाठ अनिश्चित)
  40. ॐ ठकारमय सर्वस्वाय नमः — ठकार ही जिनका सर्वस्व है
  41. ॐ ठकारकृतपूजिताय नमः — ठकार द्वारा किए गए पूजन से पूजित
  42. ॐ ढक्कावाद्यप्रीतिकराय नमः — ढक्का वाद्य से प्रीति करने वाले
  43. ॐ डमड्डमरुकप्रियाय नमः — डमरू जिन्हें प्रिय है
  44. ॐ डम्बरप्रभवाय नमः — डम्बर अर्थात आडम्बर से प्रकट होने वाले
  45. ॐ डम्भाय नमः — डम्भ-स्वरूप
  46. ॐ ढक्कानादप्रियङ्कराय नमः — ढक्का के नाद से प्रसन्न होने वाले
  47. ॐ डाकिनी शाकिनी भूत सर्वोपद्रवकारकाय नमः — डाकिनी, शाकिनी तथा भूतों द्वारा समस्त उपद्रव कराने वाले
  48. ॐ डाकिनी शाकिनी भूत सर्वोपद्रवनाशकाय नमः — डाकिनी, शाकिनी तथा भूतों के समस्त उपद्रव का नाश करने वाले
  49. ॐ ढकाररूपाय नमः — ढकार के रूप वाले
  50. ॐ ढाम्भीकाय नमः — ढाम्भीक (पाठ अनिश्चित)
  51. ॐ णकारजपसुप्रियाय नमः — णकार के जप से अत्यंत प्रसन्न होने वाले
  52. ॐ णकारमयमन्त्रार्थाय नमः — णकारमय मंत्र के अर्थ-स्वरूप
  53. ॐ णकारैकशिरोमणये नमः — णकार ही जिनकी एकमात्र शिरोमणि है
  54. ॐ णकारवचनानन्दाय नमः — णकार के वचन से आनंदित होने वाले
  55. ॐ णकारकरुणामयाय नमः — णकार में करुणामय
  56. ॐ णकारमय सर्वस्वाय नमः — णकार ही जिनका सर्वस्व है
  57. ॐ णकारैकपरायणाय नमः — णकार में ही एकमात्र परायण

त-वर्ग — तिल-दान का पूरा खंड तथा तुलोच्च (नाम 284–330)

  1. ॐ तर्जनीधृतमुद्राय नमः — तर्जनी में मुद्रा धारण करने वाले
  2. ॐ तपसां फलदायकाय नमः — तपों का फल देने वाले
  3. ॐ त्रिविक्रमनुताय नमः — त्रिविक्रम द्वारा नमस्कृत
  4. ॐ त्रयीमयवपुर्धराय नमः — तीनों वेदों की मूर्ति रूप शरीर धारण करने वाले
  5. ॐ तपस्विने नमः — तपस्वी
  6. ॐ तपसा दग्धदेहाय नमः — तप से दग्ध देह वाले
  7. ॐ ताम्राधराय नमः — ताम्र वर्ण के अधर वाले
  8. ॐ त्रिकालवेदितव्याय नमः — तीनों कालों में जानने योग्य
  9. ॐ त्रिकालमतितोषिताय नमः — तीनों कालों में अत्यंत संतुष्ट होने वाले
  10. ॐ तुलोच्चयाय नमः — तुला राशि में उच्च होने वाले
  11. ॐ त्रासकराय नमः — त्रास उत्पन्न करने वाले
  12. ॐ तिलतैलप्रियाय नमः — तिल का तेल जिन्हें प्रिय है
  13. ॐ तिलान्न सन्तुष्टमनसे नमः — तिल-मिश्रित अन्न से संतुष्ट मन वाले
  14. ॐ तिलदानप्रियाय नमः — तिल का दान जिन्हें प्रिय है
  15. ॐ तिलभक्ष्यप्रियाय नमः — तिल का भक्ष्य जिन्हें प्रिय है
  16. ॐ तिलचूर्णप्रियाय नमः — तिल का चूर्ण जिन्हें प्रिय है
  17. ॐ तिलखण्डप्रियाय नमः — तिल का खंड जिन्हें प्रिय है
  18. ॐ तिलापूपप्रियाय नमः — तिल का अपूप जिन्हें प्रिय है
  19. ॐ तिलहोमप्रियाय नमः — तिल का होम जिन्हें प्रिय है
  20. ॐ तापत्रयनिवारकाय नमः — तीनों तापों का निवारण करने वाले
  21. ॐ तिलतर्पणसन्तुष्टाय नमः — तिल-तर्पण से संतुष्ट होने वाले
  22. ॐ तिलतैलान्नतोषिताय नमः — तिल, तेल तथा अन्न से संतुष्ट होने वाले
  23. ॐ तिलैकदत्तहृदयाय नमः — केवल तिल देने वाले को भी हृदय दे देने वाले
  24. ॐ तेजस्विने नमः — तेजस्वी
  25. ॐ तेजसान्निधये नमः — तेज के निधि
  26. ॐ तेजसादित्यसङ्काशाय नमः — तेज में आदित्य के सदृश
  27. ॐ तेजोमयवपुर्धराय नमः — तेजोमय शरीर धारण करने वाले
  28. ॐ तत्त्वज्ञाय नमः — तत्त्व को जानने वाले
  29. ॐ तत्त्वगाय नमः — तत्त्व में स्थित
  30. ॐ तीव्राय नमः — तीव्र
  31. ॐ तपोरूपाय नमः — तप के रूप वाले
  32. ॐ तपोमयाय नमः — तपोमय
  33. ॐ तुष्टिदाय नमः — तुष्टि देने वाले
  34. ॐ तुष्टिकृते नमः — तुष्टि करने वाले
  35. ॐ तीक्ष्णाय नमः — तीक्ष्ण
  36. ॐ त्रिमूर्तये नमः — त्रिमूर्ति-स्वरूप
  37. ॐ त्रिगुणात्मकाय नमः — तीनों गुणों की आत्मा वाले
  38. ॐ तिलदीपप्रियाय नमः — तिल का दीप जिन्हें प्रिय है
  39. ॐ तस्यपीडानिवारकाय नमः — उसकी पीड़ा का निवारण करने वाले
  40. ॐ तिलोत्तमामेनकादिनर्तनप्रियाय नमः — तिलोत्तमा व मेनका आदि का नर्तन जिन्हें प्रिय है
  41. ॐ त्रिभागमष्टवर्गाय नमः — तीन भाग तथा अष्टवर्ग वाले
  42. ॐ स्थूलरोम्णे नमः — स्थूल रोमों वाले
  43. ॐ स्थिराय नमः — स्थिर
  44. ॐ स्थिताय नमः — स्थित
  45. ॐ स्थायिने नमः — स्थायी
  46. ॐ स्थापकाय नमः — स्थापना करने वाले
  47. ॐ स्थूलसूक्ष्मप्रदर्शकाय नमः — स्थूल तथा सूक्ष्म — दोनों दिखाने वाले

द व ध वर्ग — दशरथ-प्रसंग, दमयन्ती तथा धर्मराज (नाम 331–410)

  1. ॐ दशरथार्चितपादाय नमः — दशरथ द्वारा अर्चित चरणों वाले
  2. ॐ दशरथस्तोत्रतोषिताय नमः — दशरथ के स्तोत्र से संतुष्ट होने वाले
  3. ॐ दशरथप्रार्थनाकॢप्तदुर्भिक्षविनिवारकाय नमः — दशरथ की प्रार्थना से दुर्भिक्ष का निवारण करने वाले
  4. ॐ दशरथप्रार्थनाकॢप्तवरद्वयप्रदायकाय नमः — दशरथ की प्रार्थना पर दो वर देने वाले
  5. ॐ दशरथस्वात्मदर्शिने नमः — दशरथ को अपना स्वरूप दिखाने वाले
  6. ॐ दशरथाभीष्टदायकाय नमः — दशरथ को अभीष्ट देने वाले
  7. ॐ दोर्भिर्धनुर्धराय नमः — भुजाओं में धनुष धारण करने वाले
  8. ॐ दीर्घश्मश्रुजटाधराय नमः — लंबी दाढ़ी तथा जटा धारण करने वाले
  9. ॐ दशरथस्तोत्रवरदाय नमः — दशरथ के स्तोत्र पर वर देने वाले
  10. ॐ दशरथाभीप्सितप्रदाय नमः — दशरथ की अभीप्सा पूर्ण करने वाले
  11. ॐ दशरथस्तोत्रसन्तुष्टाय नमः — दशरथ के स्तोत्र से संतुष्ट
  12. ॐ दशरथेन सुपूजिताय नमः — दशरथ द्वारा भली प्रकार पूजित
  13. ॐ द्वादशाष्टमजन्मस्थाय नमः — द्वादश, अष्टम तथा जन्म भाव में स्थित रहने वाले
  14. ॐ देवपुङ्गवपूजिताय नमः — देवश्रेष्ठों द्वारा पूजित
  15. ॐ देवदानवदर्पघ्नाय नमः — देव तथा दानव — दोनों का दर्प हरने वाले
  16. ॐ दिनं प्रतिमुनिस्तुताय नमः — प्रतिदिन मुनियों द्वारा स्तुत
  17. ॐ द्वादशस्थाय नमः — द्वादश भाव में स्थित
  18. ॐ द्वादशात्मसुताय नमः — द्वादशात्मा अर्थात सूर्य के पुत्र
  19. ॐ द्वादशनामभृते नमः — बारह नाम धारण करने वाले
  20. ॐ द्वितीयस्थाय नमः — द्वितीय भाव में स्थित
  21. ॐ द्वादशार्कसूनवे नमः — द्वादश आदित्यों में से सूर्य के पुत्र
  22. ॐ दैवज्ञपूजिताय नमः — दैवज्ञों द्वारा पूजित
  23. ॐ दैवज्ञचित्तवासिने नमः — दैवज्ञों के चित्त में निवास करने वाले
  24. ॐ दमयन्त्यासुपूजिताय नमः — दमयन्ती द्वारा भली प्रकार पूजित
  25. ॐ द्वादशाब्दन्तु दुर्भिक्षकारिणे नमः — बारह वर्ष का दुर्भिक्ष करने वाले
  26. ॐ दुःस्वप्ननाशनाय नमः — दुःस्वप्न का नाश करने वाले
  27. ॐ दुराराध्याय नमः — कठिनाई से आराधित होने वाले
  28. ॐ दुराधर्षाय नमः — दुर्धर्ष; जिन्हें दबाया न जा सके
  29. ॐ दमयन्तीवरप्रदाय नमः — दमयन्ती को वर देने वाले
  30. ॐ दुष्टदूराय नमः — दुष्टों से दूर रहने वाले
  31. ॐ दुराचारशमनाय नमः — दुराचार का शमन करने वाले
  32. ॐ दोषवर्जिताय नमः — दोष से रहित
  33. ॐ दुःसहाय नमः — दुःसह
  34. ॐ दोषहन्त्रे नमः — दोषों का नाश करने वाले
  35. ॐ दुर्लभाय नमः — दुर्लभ
  36. ॐ दुर्गमाय नमः — दुर्गम
  37. ॐ दुःखप्रदाय नमः — दुःख देने वाले
  38. ॐ दुःखहन्त्रे नमः — दुःख का नाश करने वाले
  39. ॐ दीप्तरञ्जितदिङ्मुखाय नमः — दीप्ति से दिशाओं के मुख रंजित करने वाले
  40. ॐ दीप्यमान मुखाम्भोजाय नमः — देदीप्यमान मुख-कमल वाले
  41. ॐ दमयन्त्याःशिवप्रदाय नमः — दमयन्ती को कल्याण देने वाले
  42. ॐ दुर्निरीक्ष्याय नमः — दुर्निरीक्ष्य; जिनकी ओर देखा न जा सके
  43. ॐ दृष्टमात्रदैत्यमण्डलनाशकाय नमः — दृष्टि मात्र से दैत्य-मण्डल का नाश करने वाले
  44. ॐ द्विजदानैकनिरताय नमः — द्विजों को दान देने में ही निरत
  45. ॐ द्विजाराधनतत्पराय नमः — द्विजों की आराधना में तत्पर
  46. ॐ द्विजसर्वार्तिहारिणे नमः — द्विजों की समस्त पीड़ा हरने वाले
  47. ॐ द्विजराज समर्चिताय नमः — द्विजराज द्वारा भली प्रकार अर्चित
  48. ॐ द्विजदानैकचित्ताय नमः — द्विज-दान में ही जिनका चित्त है
  49. ॐ द्विजराज प्रियङ्कराय नमः — द्विजराज का प्रिय करने वाले
  50. ॐ द्विजाय नमः — द्विज-स्वरूप
  51. ॐ द्विजप्रियाय नमः — द्विजों को प्रिय
  52. ॐ द्विजराजेष्टदायकाय नमः — द्विजराज को अभीष्ट देने वाले
  53. ॐ द्विजरूपाय नमः — द्विज के रूप वाले
  54. ॐ द्विजश्रेष्ठाय नमः — द्विजों में श्रेष्ठ
  55. ॐ दोषदाय नमः — दोष देने वाले
  56. ॐ दुःसहाय नमः — दुःसह
  57. ॐ देवादिदेवाय नमः — देवों के भी आदि देव
  58. ॐ देवेशाय नमः — देवों के ईश
  59. ॐ देवराज सुपूजिताय नमः — देवराज द्वारा भली प्रकार पूजित
  60. ॐ देवराजेष्टवरदाय नमः — देवराज को अभीष्ट वर देने वाले
  61. ॐ देवराज प्रियङ्कराय नमः — देवराज का प्रिय करने वाले
  62. ॐ देवादिवन्दिताय नमः — देवादि द्वारा वंदित
  63. ॐ दिव्यतनवे नमः — दिव्य शरीर वाले
  64. ॐ देवशिखामणये नमः — देवों के शिखामणि
  65. ॐ देवगानप्रियाय नमः — देवों का गान जिन्हें प्रिय है
  66. ॐ देवदेशिकपुङ्गवाय नमः — देव-गुरुओं में श्रेष्ठ
  67. ॐ द्विजात्मजासमाराध्याय नमः — द्विज-कन्या द्वारा भली प्रकार आराधित
  68. ॐ ध्येयाय नमः — ध्यान करने योग्य
  69. ॐ धर्मिणे नमः — धर्मी
  70. ॐ धनुर्धराय नमः — धनुर्धर
  71. ॐ धनुष्मते नमः — धनुष्मान
  72. ॐ धनदात्रे नमः — धन देने वाले
  73. ॐ धर्माधर्मविवर्जिताय नमः — धर्म तथा अधर्म — दोनों से रहित
  74. ॐ धर्मरूपाय नमः — धर्म के रूप वाले
  75. ॐ धनुर्दिव्याय नमः — दिव्य धनुष वाले
  76. ॐ धर्मशास्त्रात्मचेतनाय नमः — धर्मशास्त्र ही जिनकी चेतना है
  77. ॐ धर्मराज प्रियकराय नमः — धर्मराज का प्रिय करने वाले
  78. ॐ धर्मराज सुपूजिताय नमः — धर्मराज द्वारा भली प्रकार पूजित
  79. ॐ धर्मराजेष्टवरदाय नमः — धर्मराज को अभीष्ट वर देने वाले
  80. ॐ धर्माभीष्टफलप्रदाय नमः — धर्म का अभीष्ट फल देने वाले

न-वर्ग — नल-प्रसंग, नक्षत्रमण्डल व नवग्रहाधिराज (नाम 411–501)

  1. ॐ नित्यतृप्तस्वभावाय नमः — नित्य तृप्त स्वभाव वाले
  2. ॐ नित्यकर्मरताय नमः — नित्य कर्म में रत
  3. ॐ निजपीडार्तिहारिणे नमः — अपनी दी हुई पीड़ा को स्वयं हरने वाले
  4. ॐ निजभक्तेष्टदायकाय नमः — अपने भक्तों को अभीष्ट देने वाले
  5. ॐ निर्मासदेहाय नमः — मांस-रहित देह वाले
  6. ॐ नीलाय नमः — नील
  7. ॐ निजस्तोत्रबहुप्रियाय नमः — अपने ही स्तोत्र से अत्यंत प्रसन्न होने वाले
  8. ॐ नळस्तोत्रप्रियाय नमः — नल का स्तोत्र जिन्हें प्रिय है
  9. ॐ नळराजसुपूजिताय नमः — राजा नल द्वारा भली प्रकार पूजित
  10. ॐ नक्षत्रमण्डलगताय नमः — नक्षत्र-मण्डल में गमन करने वाले
  11. ॐ नमताम्प्रियकारकाय नमः — नमस्कार करने वालों का प्रिय करने वाले
  12. ॐ नित्यार्चितपदाम्भोजाय नमः — नित्य अर्चित चरण-कमल वाले
  13. ॐ निजाज्ञापरिपालकाय नमः — अपनी आज्ञा का परिपालन करने वाले
  14. ॐ नवग्रहवराय नमः — नवग्रहों में श्रेष्ठ
  15. ॐ नीलवपुषे नमः — नील शरीर वाले
  16. ॐ नळकरार्चिताय नमः — नल के हाथों अर्चित
  17. ॐ नळप्रियानन्दिताय नमः — नल की प्रिया को आनंदित करने वाले
  18. ॐ नळक्षेत्रनिवासकाय नमः — नल-क्षेत्र में निवास करने वाले
  19. ॐ नळपाकप्रियाय नमः — नल का पाक जिन्हें प्रिय है
  20. ॐ नळपद्भञ्जनक्षमाय नमः — नल के चरणों का भंजन करने में समर्थ
  21. ॐ नळसर्वार्तिहारिणे नमः — नल की समस्त पीड़ा हरने वाले
  22. ॐ नळेनात्मार्थपूजिताय नमः — नल द्वारा आत्म-अर्पण पूर्वक पूजित
  23. ॐ निपाटवीनिवासाय नमः — निपाट वन में निवास करने वाले
  24. ॐ नळाभीष्टवरप्रदाय नमः — नल को अभीष्ट वर देने वाले
  25. ॐ नळतीर्थसकृत् स्नान सर्वपीडानिवारकाय नमः — नल-तीर्थ में एक बार स्नान करने मात्र से समस्त पीड़ा का निवारण करने वाले
  26. ॐ नळेशदर्शनस्याशु साम्राज्यपदवीप्रदाय नमः — नलेश के दर्शन से शीघ्र ही साम्राज्य-पदवी देने वाले
  27. ॐ नक्षत्रराश्यधिपाय नमः — नक्षत्रों तथा राशियों के अधिपति
  28. ॐ नीलध्वजविराजिताय नमः — नील ध्वजा से सुशोभित
  29. ॐ नित्ययोगरताय नमः — नित्य योग में रत
  30. ॐ नवरत्नविभूषिताय नमः — नवरत्नों से विभूषित
  31. ॐ नवधाभज्यदेहाय नमः — नौ प्रकार से विभाजित होने वाली देह वाले
  32. ॐ नवीकृतजगत्त्रयाय नमः — तीनों जगत को नवीन करने वाले
  33. ॐ नवग्रहाधिपाय नमः — नवग्रहों के अधिपति
  34. ॐ नवाक्षरजपप्रियाय नमः — नौ अक्षरों का जप जिन्हें प्रिय है
  35. ॐ नवात्मने नमः — नव-आत्मा वाले
  36. ॐ नवचक्रात्मने नमः — नौ चक्रों की आत्मा वाले
  37. ॐ नवतत्त्वाधिपाय नमः — नौ तत्त्वों के अधिपति
  38. ॐ नवोदन प्रियाय नमः — नया ओदन जिन्हें प्रिय है
  39. ॐ नवधान्यप्रियाय नमः — नया धान्य जिन्हें प्रिय है
  40. ॐ निष्कण्टकाय नमः — कंटक-रहित
  41. ॐ निस्पृहाय नमः — स्पृहा-रहित
  42. ॐ निरपेक्षाय नमः — अपेक्षा-रहित
  43. ॐ निरामयाय नमः — रोग-रहित
  44. ॐ नागराजार्चितपदाय नमः — नागराज द्वारा अर्चित चरणों वाले
  45. ॐ नागराजप्रियङ्कराय नमः — नागराज का प्रिय करने वाले
  46. ॐ नागराजेष्टवरदाय नमः — नागराज को अभीष्ट वर देने वाले
  47. ॐ नागाभरणभूषिताय नमः — नागों के आभूषण से विभूषित
  48. ॐ नागेन्द्रगान निरताय नमः — नागेंद्र के गान में निरत
  49. ॐ नानाभरणभूषिताय नमः — नाना आभूषणों से विभूषित
  50. ॐ नवमित्रस्वरूपाय नमः — नौ मित्रों के स्वरूप
  51. ॐ नानाश्चर्यविधायकाय नमः — नाना आश्चर्य करने वाले
  52. ॐ नानाद्वीपाधिकर्त्रे नमः — नाना द्वीपों के अधिकर्ता
  53. ॐ नानालिपिसमावृताय नमः — नाना लिपियों से आवृत
  54. ॐ नानारूपजगत्स्रष्ट्रे नमः — नाना रूप वाले जगत के स्रष्टा
  55. ॐ नानारूपजनाश्रयाय नमः — नाना रूप वाले जनों के आश्रय
  56. ॐ नानालोकाधिपाय नमः — नाना लोकों के अधिपति
  57. ॐ नानाभाषाप्रियाय नमः — नाना भाषाएँ जिन्हें प्रिय हैं
  58. ॐ नानारूपाधिकारिणे नमः — नाना रूपों के अधिकारी
  59. ॐ नवरत्नप्रियाय नमः — नवरत्न जिन्हें प्रिय हैं
  60. ॐ नानाविचित्रवेषाढ्याय नमः — नाना विचित्र वेषों से समृद्ध
  61. ॐ नानाचित्रविधायकाय नमः — नाना चित्र रचने वाले
  62. ॐ नीलजीमूतसङ्काशाय नमः — नील जीमूत अर्थात मेघ के सदृश
  63. ॐ नीलमेघसमप्रभाय नमः — नील मेघ के समान प्रभा वाले
  64. ॐ नीलाञ्जनचयप्रख्याय नमः — नील अंजन के समूह के सदृश
  65. ॐ नीलवस्त्रधरप्रियाय नमः — नील वस्त्र धारण करने वाले जिन्हें प्रिय हैं
  66. ॐ नीचभाषाप्रचारज्ञाय नमः — नीच भाषाओं के प्रचार को जानने वाले
  67. ॐ नीचे स्वल्पफलप्रदाय नमः — नीच राशि में स्वल्प फल देने वाले
  68. ॐ नानागम विधानज्ञाय नमः — नाना आगमों के विधान को जानने वाले
  69. ॐ नानानृपसमावृताय नमः — नाना राजाओं से घिरे हुए
  70. ॐ नानावर्णाकृतये नमः — नाना वर्णों की आकृति वाले
  71. ॐ नानावर्णस्वरार्तवाय नमः — नाना वर्ण, स्वर तथा ऋतु वाले
  72. ॐ नागलोकान्तवासिने नमः — नागलोक के अंत में निवास करने वाले
  73. ॐ नक्षत्रत्रयसंयुताय नमः — तीन नक्षत्रों से संयुक्त
  74. ॐ नभादिलोकसम्भूताय नमः — नभ आदि लोकों से उत्पन्न
  75. ॐ नामस्तोत्रबहुप्रियाय नमः — नाम-स्तोत्र जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  76. ॐ नामपारायणप्रीताय नमः — नाम-पारायण से प्रसन्न होने वाले
  77. ॐ नामार्चनवरप्रदाय नमः — नाम-अर्चन पर वर देने वाले
  78. ॐ नामस्तोत्रैकचित्ताय नमः — नाम-स्तोत्र में ही जिनका एकमात्र चित्त है
  79. ॐ नानारोगार्तिभञ्जनाय नमः — नाना रोगों की पीड़ा का भंजन करने वाले
  80. ॐ नवग्रहसमाराध्याय नमः — नवग्रहों द्वारा भली प्रकार आराधित
  81. ॐ नवग्रहभयापहाय नमः — नवग्रहों का भय दूर करने वाले
  82. ॐ नवग्रहसुसम्पूज्याय नमः — नवग्रहों द्वारा भली प्रकार पूज्य
  83. ॐ नानावेदसुरक्षकाय नमः — नाना वेदों की भली प्रकार रक्षा करने वाले
  84. ॐ नवग्रहाधिराजाय नमः — नवग्रहों के अधिराज
  85. ॐ नवग्रहजपप्रियाय नमः — नवग्रह-जप जिन्हें प्रिय है
  86. ॐ नवग्रहमयज्योतिषे नमः — नवग्रहमय ज्योति
  87. ॐ नवग्रहवरप्रदाय नमः — नवग्रहों में वर देने वाले
  88. ॐ नवग्रहाणामधिपाय नमः — नवग्रहों के अधिपति
  89. ॐ नवग्रह सुपीडिताय नमः — नवग्रहों द्वारा भली प्रकार पीड़ित
  90. ॐ नवग्रहाधीश्वराय नमः — नवग्रहों के अधीश्वर
  91. ॐ नवमाणिक्यशोभिताय नमः — नवीन माणिक्य से शोभित

प व फ वर्ग — पाण्डव, परशुराम व फाल्गुन (नाम 502–613)

  1. ॐ परमात्मने नमः — परमात्मा
  2. ॐ परब्रह्मणे नमः — परब्रह्म
  3. ॐ परमैश्वर्यकारणाय नमः — परम ऐश्वर्य के कारण
  4. ॐ प्रपन्नभयहारिणे नमः — शरणागत का भय हरने वाले
  5. ॐ प्रमत्तासुरशिक्षकाय नमः — प्रमत्त असुरों को शिक्षा देने वाले
  6. ॐ प्रासहस्ताय नमः — हाथ में प्रास अर्थात भाला धारण करने वाले
  7. ॐ पङ्गुपादाय नमः — पंगु चरण वाले
  8. ॐ प्रकाशात्मने नमः — प्रकाश-स्वरूप
  9. ॐ प्रतापवते नमः — प्रतापवान
  10. ॐ पावनाय नमः — पवित्र करने वाले
  11. ॐ परिशुद्धात्मने नमः — परिशुद्ध आत्मा वाले
  12. ॐ पुत्रपौत्रप्रवर्धनाय नमः — पुत्र-पौत्र की वृद्धि करने वाले
  13. ॐ प्रसन्नात्सर्वसुखदाय नमः — प्रसन्न होने पर समस्त सुख देने वाले
  14. ॐ प्रसन्नेक्षणाय नमः — प्रसन्न नेत्रों वाले
  15. ॐ प्रजापत्याय नमः — प्रजापति-सम्बन्धी
  16. ॐ प्रियकराय नमः — प्रिय करने वाले
  17. ॐ प्रणतेप्सितराज्यदाय नमः — नमन करने वाले को अभीष्ट राज्य देने वाले
  18. ॐ प्रजानां जीवहेतवे नमः — प्रजाओं के जीवन के हेतु
  19. ॐ प्राणिनां परिपालकाय नमः — प्राणियों का परिपालन करने वाले
  20. ॐ प्राणरूपिणे नमः — प्राण-रूप
  21. ॐ प्राणधारिणे नमः — प्राण धारण करने वाले
  22. ॐ प्रजानां हितकारकाय नमः — प्रजाओं का हित करने वाले
  23. ॐ प्राज्ञाय नमः — प्राज्ञ
  24. ॐ प्रशान्ताय नमः — प्रशांत
  25. ॐ प्रज्ञावते नमः — प्रज्ञावान
  26. ॐ प्रजारक्षणदीक्षिताय नमः — प्रजा-रक्षण के लिए दीक्षित
  27. ॐ प्रावृषेण्याय नमः — वर्षा ऋतु से सम्बन्धित
  28. ॐ प्राणकारिणे नमः — प्राण देने वाले
  29. ॐ प्रसन्नोत्सववन्दिताय नमः — प्रसन्नता के उत्सव में वंदित
  30. ॐ प्रज्ञानिवासहेतवे नमः — प्रज्ञा के निवास के हेतु
  31. ॐ पुरुषार्थैकसाधनाय नमः — पुरुषार्थ के एकमात्र साधन
  32. ॐ प्रजाकराय नमः — प्रजा उत्पन्न करने वाले
  33. ॐ प्रातिकूल्याय नमः — प्रतिकूल होने वाले
  34. ॐ पिङ्गळाक्षाय नमः — पिंगल नेत्रों वाले
  35. ॐ प्रसन्नधिये नमः — प्रसन्न बुद्धि वाले
  36. ॐ प्रपञ्चात्मने नमः — प्रपंच की आत्मा
  37. ॐ प्रसवित्रे नमः — उत्पन्न करने वाले
  38. ॐ पुराणपुरुषोत्तमाय नमः — पुराण-पुरुषों में उत्तम
  39. ॐ पुराणपुरुषाय नमः — पुराण-पुरुष
  40. ॐ पुरुहूताय नमः — पुरुहूत; बहुतों द्वारा पुकारे जाने वाले
  41. ॐ प्रपञ्चधृते नमः — प्रपंच को धारण करने वाले
  42. ॐ प्रतिष्ठिताय नमः — प्रतिष्ठित
  43. ॐ प्रीतिकराय नमः — प्रीति करने वाले
  44. ॐ प्रियकारिणे नमः — प्रिय करने वाले
  45. ॐ प्रयोजनाय नमः — प्रयोजन-स्वरूप
  46. ॐ प्रीतिमते नमः — प्रीतिमान
  47. ॐ प्रवरस्तुत्याय नमः — श्रेष्ठों द्वारा स्तुत्य
  48. ॐ पुरूरवसमर्चिताय नमः — पुरूरवा द्वारा अर्चित
  49. ॐ प्रपञ्चकारिणे नमः — प्रपंच करने वाले
  50. ॐ पुण्याय नमः — पुण्य-स्वरूप
  51. ॐ पुरुहूत समर्चिताय नमः — पुरुहूत अर्थात इंद्र द्वारा भली प्रकार अर्चित
  52. ॐ पाण्डवादि सुसंसेव्याय नमः — पाण्डव आदि द्वारा भली प्रकार सेवनीय
  53. ॐ प्रणवाय नमः — प्रणव-स्वरूप
  54. ॐ पुरुषार्थदाय नमः — पुरुषार्थ देने वाले
  55. ॐ पयोदसमवर्णाय नमः — मेघ के समान वर्ण वाले
  56. ॐ पाण्डुपुत्रार्तिभञ्जनाय नमः — पाण्डु-पुत्रों की पीड़ा का भंजन करने वाले
  57. ॐ पाण्डुपुत्रेष्टदात्रे नमः — पाण्डु-पुत्रों को अभीष्ट देने वाले
  58. ॐ पाण्डवानां हितङ्कराय नमः — पाण्डवों का हित करने वाले
  59. ॐ पञ्चपाण्डवपुत्राणां सर्वाभीष्टफलप्रदाय नमः — पाँचों पाण्डव-पुत्रों को समस्त अभीष्ट फल देने वाले
  60. ॐ पञ्चपाण्डवपुत्राणां सर्वारिष्ट निवारकाय नमः — पाँचों पाण्डव-पुत्रों के समस्त अरिष्ट का निवारण करने वाले
  61. ॐ पाण्डुपुत्राद्यर्चिताय नमः — पाण्डु-पुत्रों आदि द्वारा अर्चित
  62. ॐ पूर्वजाय नमः — पूर्वज
  63. ॐ प्रपञ्चभृते नमः — प्रपंच का भरण करने वाले
  64. ॐ परचक्रप्रभेदिने नमः — शत्रु-चक्र का भेदन करने वाले
  65. ॐ पाण्डवेषु वरप्रदाय नमः — पाण्डवों को वर देने वाले
  66. ॐ परब्रह्मस्वरूपाय नमः — परब्रह्म के स्वरूप
  67. ॐ पराज्ञापरिवर्जिताय नमः — दूसरे की आज्ञा से रहित
  68. ॐ परात्पराय नमः — परात्पर; श्रेष्ठ से भी श्रेष्ठ
  69. ॐ पाशहन्त्रे नमः — पाश का नाश करने वाले
  70. ॐ परमाणवे नमः — परमाणु-स्वरूप
  71. ॐ प्रपञ्चकृते नमः — प्रपंच के कर्ता
  72. ॐ पातङ्गिने नमः — पतंग अर्थात सूर्य के पुत्र
  73. ॐ पुरुषाकाराय नमः — पुरुष के आकार वाले
  74. ॐ परशम्भुसमुद्भवाय नमः — पर-शम्भु से उत्पन्न
  75. ॐ प्रसन्नात्सर्वसुखदाय नमः — प्रसन्न होने पर समस्त सुख देने वाले
  76. ॐ प्रपञ्चोद्भवसम्भवाय नमः — प्रपंच के उद्भव से उत्पन्न
  77. ॐ प्रसन्नाय नमः — प्रसन्न
  78. ॐ परमोदाराय नमः — परम उदार
  79. ॐ पराहङ्कारभञ्जनाय नमः — दूसरों के अहंकार का भंजन करने वाले
  80. ॐ पराय नमः — पर; सर्वोपरि
  81. ॐ परमकारुण्याय नमः — परम करुणामय
  82. ॐ परब्रह्ममयाय नमः — परब्रह्ममय
  83. ॐ प्रपन्नभयहारिणे नमः — शरणागत का भय हरने वाले
  84. ॐ प्रणतार्तिहराय नमः — नमन करने वालों की पीड़ा हरने वाले
  85. ॐ प्रसादकृते नमः — प्रसाद करने वाले
  86. ॐ प्रपञ्चाय नमः — प्रपंच-स्वरूप
  87. ॐ पराशक्ति समुद्भवाय नमः — पराशक्ति से उत्पन्न
  88. ॐ प्रदानपावनाय नमः — दान से पवित्र करने वाले
  89. ॐ प्रशान्तात्मने नमः — प्रशांत आत्मा वाले
  90. ॐ प्रभाकराय नमः — प्रभा करने वाले
  91. ॐ प्रपञ्चात्मने नमः — प्रपंच की आत्मा
  92. ॐ प्रपञ्चोपशमनाय नमः — प्रपंच का उपशमन करने वाले
  93. ॐ पृथिवीपतये नमः — पृथ्वी के पति
  94. ॐ परशुराम समाराध्याय नमः — परशुराम द्वारा भली प्रकार आराधित
  95. ॐ परशुरामवरप्रदाय नमः — परशुराम को वर देने वाले
  96. ॐ परशुराम चिरञ्जीविप्रदाय नमः — परशुराम को चिरंजीवित्व देने वाले
  97. ॐ परमपावनाय नमः — परम पवित्र करने वाले
  98. ॐ परमहंसस्वरूपाय नमः — परमहंस के स्वरूप
  99. ॐ परमहंससुपूजिताय नमः — परमहंसों द्वारा भली प्रकार पूजित
  100. ॐ पञ्चनक्षत्राधिपाय नमः — पाँच नक्षत्रों के अधिपति
  101. ॐ पञ्चनक्षत्रसेविताय नमः — पाँच नक्षत्रों द्वारा सेवित
  102. ॐ प्रपञ्चरक्षित्रे नमः — प्रपंच की रक्षा करने वाले
  103. ॐ प्रपञ्चस्यभयङ्कराय नमः — प्रपंच के लिए भयंकर
  104. ॐ फलदानप्रियाय नमः — फल का दान जिन्हें प्रिय है
  105. ॐ फलहस्ताय नमः — हाथ में फल धारण करने वाले
  106. ॐ फलप्रदाय नमः — फल देने वाले
  107. ॐ फलाभिषेकप्रियाय नमः — फलों से अभिषेक जिन्हें प्रिय है
  108. ॐ फल्गुनस्य वरप्रदाय नमः — फाल्गुन अर्थात अर्जुन को वर देने वाले
  109. ॐ फुटच्छमितपापौघाय नमः — तत्काल पाप-समूह का शमन करने वाले
  110. ॐ फल्गुनेन प्रपूजिताय नमः — फाल्गुन अर्थात अर्जुन द्वारा परिपूजित
  111. ॐ फणिराजप्रियाय नमः — फणिराज जिन्हें प्रिय हैं
  112. ॐ फुल्लाम्बुज विलोचनाय नमः — खिले हुए कमल सदृश नेत्रों वाले

ब, भ व म वर्ग — भानुसूनु, मैथिली-प्रसंग व मेषनीच (नाम 614–730)

  1. ॐ बलिप्रियाय नमः — बलि जिन्हें प्रिय है
  2. ॐ बलिने नमः — बलवान
  3. ॐ बभ्रुवे नमः — बभ्रु; पिंगल वर्ण वाले
  4. ॐ ब्रह्मविष्ण्वीशक्लेशकृते नमः — ब्रह्मा, विष्णु व शिव को भी क्लेश देने वाले
  5. ॐ ब्रह्मविष्ण्वीशरूपाय नमः — ब्रह्मा, विष्णु व शिव के रूप वाले
  6. ॐ ब्रह्मशक्रादिदुर्लभाय नमः — ब्रह्मा तथा इंद्र आदि के लिए भी दुर्लभ
  7. ॐ बासदर्ष्ट्या प्रमेयाङ्गाय नमः — दृष्टि से अप्रमेय अंग वाले (पाठ अनिश्चित)
  8. ॐ बिभ्रत्कवचकुण्डलाय नमः — कवच तथा कुण्डल धारण करने वाले
  9. ॐ बहुश्रुताय नमः — बहुश्रुत
  10. ॐ बहुमतये नमः — बहुमति वाले
  11. ॐ ब्रह्मण्याय नमः — ब्रह्मण्य; ब्राह्मणों के हितकारी
  12. ॐ ब्राह्मणप्रियाय नमः — ब्राह्मणों को प्रिय
  13. ॐ बलप्रमथनाय नमः — बल का मथन करने वाले
  14. ॐ ब्रह्मणे नमः — ब्रह्म-स्वरूप
  15. ॐ बहुरूपाय नमः — बहुरूप
  16. ॐ बहुप्रदाय नमः — बहुत देने वाले
  17. ॐ बालार्कद्युतिमते नमः — बाल-सूर्य के सदृश द्युति वाले
  18. ॐ बालाय नमः — बाल-स्वरूप
  19. ॐ बृहद्वक्षसे नमः — विशाल वक्ष वाले
  20. ॐ बृहत्तनवे नमः — विशाल तनु वाले
  21. ॐ ब्रह्माण्डभेदकृते नमः — ब्रह्माण्ड का भेदन करने वाले
  22. ॐ भक्तसर्वार्थसाधकाय नमः — भक्तों के समस्त अर्थ सिद्ध करने वाले
  23. ॐ भव्याय नमः — भव्य
  24. ॐ भोक्त्रे नमः — भोक्ता
  25. ॐ भीतिकृते नमः — भय उत्पन्न करने वाले
  26. ॐ भक्तानुग्रहकारकाय नमः — भक्तों पर अनुग्रह करने वाले
  27. ॐ भीषणाय नमः — भीषण
  28. ॐ भैक्षकारिणे नमः — भिक्षा करने वाले
  29. ॐ भूसुरादि सुपूजिताय नमः — भूसुरों अर्थात ब्राह्मणों आदि द्वारा भली प्रकार पूजित
  30. ॐ भोगभाग्यप्रदाय नमः — भोग तथा भाग्य देने वाले
  31. ॐ भस्मीकृतजगत्त्रयाय नमः — तीनों जगत को भस्म करने वाले
  32. ॐ भयानकाय नमः — भयानक
  33. ॐ भानुसूनवे नमः — भानु अर्थात सूर्य के पुत्र
  34. ॐ भूतिभूषितविग्रहाय नमः — भस्म से विभूषित विग्रह वाले
  35. ॐ भास्वद्रताय नमः — देदीप्यमान रत्न वाले
  36. ॐ भक्तिमतां सुलभाय नमः — भक्तिमानों के लिए सुलभ
  37. ॐ भ्रुकुटीमुखाय नमः — भ्रुकुटी चढ़े मुख वाले
  38. ॐ भवभूतगणैःस्तुत्याय नमः — भव अर्थात शिव के भूत-गणों द्वारा स्तुत्य
  39. ॐ भूतसङ्घसमावृताय नमः — भूत-संघ से घिरे हुए
  40. ॐ भ्राजिष्णवे नमः — भ्राजिष्णु; देदीप्यमान
  41. ॐ भगवते नमः — भगवान
  42. ॐ भीमाय नमः — भीम
  43. ॐ भक्ताभीष्टवरप्रदाय नमः — भक्तों को अभीष्ट वर देने वाले
  44. ॐ भवभक्तैकचित्ताय नमः — शिव-भक्तों में ही जिनका एकमात्र चित्त है
  45. ॐ भक्तिगीतस्तवोन्मुखाय नमः — भक्ति-गीत तथा स्तव के लिए उन्मुख
  46. ॐ भूतसन्तोषकारिणे नमः — भूतों को संतोष देने वाले
  47. ॐ भक्तानां चित्तशोधनाय नमः — भक्तों के चित्त का शोधन करने वाले
  48. ॐ भक्तिगम्याय नमः — भक्ति से प्राप्य
  49. ॐ भयहराय नमः — भय हरने वाले
  50. ॐ भावज्ञाय नमः — भाव को जानने वाले
  51. ॐ भक्तसुप्रियाय नमः — भक्तों को अत्यंत प्रिय
  52. ॐ भूतिदाय नमः — विभूति देने वाले
  53. ॐ भूतिकृते नमः — विभूति करने वाले
  54. ॐ भोज्याय नमः — भोज्य-स्वरूप
  55. ॐ भूतात्मने नमः — भूतों की आत्मा
  56. ॐ भुवनेश्वराय नमः — भुवन के ईश्वर
  57. ॐ मन्दाय नमः — मंद
  58. ॐ मन्दगतये नमः — मंद गति वाले
  59. ॐ मासमेवप्रपूजिताय नमः — मास-मास प्रति पूजित
  60. ॐ मुचुकुन्दसमाराध्याय नमः — मुचुकुन्द द्वारा भली प्रकार आराधित
  61. ॐ मुचुकुन्दवरप्रदाय नमः — मुचुकुन्द को वर देने वाले
  62. ॐ मुचुकुन्दार्चितपदाय नमः — मुचुकुन्द द्वारा अर्चित चरणों वाले
  63. ॐ महारूपाय नमः — महान रूप वाले
  64. ॐ महायशसे नमः — महान यश वाले
  65. ॐ महाभोगिने नमः — महाभोगी
  66. ॐ महायोगिने नमः — महायोगी
  67. ॐ महाकायाय नमः — महाकाय
  68. ॐ महाप्रभवे नमः — महान प्रभा वाले
  69. ॐ महेशाय नमः — महेश
  70. ॐ महदैश्वर्याय नमः — महान ऐश्वर्य वाले
  71. ॐ मन्दारकुसुमप्रियाय नमः — मन्दार-पुष्प जिन्हें प्रिय हैं
  72. ॐ महाक्रतवे नमः — महायज्ञ-स्वरूप
  73. ॐ महामानिने नमः — महामानी
  74. ॐ महाधीराय नमः — महाधीर
  75. ॐ महाजयाय नमः — महान जय वाले
  76. ॐ महावीराय नमः — महावीर
  77. ॐ महाशान्ताय नमः — महाशांत
  78. ॐ मण्डलस्थाय नमः — मण्डल में स्थित
  79. ॐ महाद्युतये नमः — महान द्युति वाले
  80. ॐ महासुताय नमः — महान पुत्र वाले
  81. ॐ महोदाराय नमः — महान उदार
  82. ॐ महनीयाय नमः — महनीय; पूजनीय
  83. ॐ महोदयाय नमः — महान उदय वाले
  84. ॐ मैथिलीवरदायिने नमः — मैथिली अर्थात सीता को वर देने वाले
  85. ॐ मार्ताण्डस्यद्वितीयजाय नमः — मार्तण्ड अर्थात सूर्य के द्वितीय पुत्र
  86. ॐ मैथिलीप्रार्थनाकॢप्तदशकण्ठशिरोपहृते नमः — मैथिली की प्रार्थना पर दशकण्ठ रावण के शिर हरने वाले
  87. ॐ मरामरहराराध्याय नमः — मर्त्य व अमर दोनों का हरण करने वाले शिव द्वारा आराध्य
  88. ॐ महेन्द्रादि सुरार्चिताय नमः — महेन्द्र आदि सुरों द्वारा अर्चित
  89. ॐ महारथाय नमः — महान रथ वाले
  90. ॐ महावेगाय नमः — महान वेग वाले
  91. ॐ मणिरत्नविभूषिताय नमः — मणि व रत्नों से विभूषित
  92. ॐ मेषनीचाय नमः — मेष राशि में नीच होने वाले
  93. ॐ महाघोराय नमः — महाघोर
  94. ॐ महासौरये नमः — महासौरि
  95. ॐ मनुप्रियाय नमः — मनु जिन्हें प्रिय हैं
  96. ॐ महादीर्घाय नमः — अत्यंत दीर्घ
  97. ॐ महाग्रासाय नमः — महान ग्रास वाले
  98. ॐ महदैश्वर्यदायकाय नमः — महान ऐश्वर्य देने वाले
  99. ॐ महाशुष्काय नमः — अत्यंत शुष्क
  100. ॐ महारौद्राय नमः — महारौद्र
  101. ॐ मुक्तिमार्गप्रदर्शकाय नमः — मुक्ति का मार्ग दिखाने वाले
  102. ॐ मकरकुम्भाधिपाय नमः — मकर तथा कुम्भ राशियों के अधिपति
  103. ॐ मृकण्डुतनयार्चिताय नमः — मृकण्डु के पुत्र मार्कण्डेय द्वारा अर्चित
  104. ॐ मन्त्राधिष्ठानरूपाय नमः — मंत्रों के अधिष्ठान-रूप
  105. ॐ मल्लिकाकुसुमप्रियाय नमः — मल्लिका-पुष्प जिन्हें प्रिय हैं
  106. ॐ महामन्त्रस्वरूपाय नमः — महामंत्र के स्वरूप
  107. ॐ महायन्त्रस्थिताय नमः — महायंत्र में स्थित
  108. ॐ महाप्रकाशदिव्यात्मने नमः — महान प्रकाश वाली दिव्य आत्मा
  109. ॐ महादेवप्रियाय नमः — महादेव को प्रिय
  110. ॐ महाबलि समाराध्याय नमः — महाबलि द्वारा भली प्रकार आराधित
  111. ॐ महर्षिगणपूजिताय नमः — महर्षियों के समूह द्वारा पूजित
  112. ॐ मन्दचारिणे नमः — मंद गति से चलने वाले
  113. ॐ महामायिने नमः — महामायावी
  114. ॐ माषदानप्रियाय नमः — उड़द का दान जिन्हें प्रिय है
  115. ॐ माषोदन प्रीतचित्ताय नमः — उड़द-मिश्रित ओदन से प्रीत चित्त वाले
  116. ॐ महाशक्तये नमः — महाशक्ति
  117. ॐ महागुणाय नमः — महान गुण वाले

य, र, ल व व वर्ग — राघव-प्रसंग, लोहप्रतिमादान व विभीषण (नाम 731–843)

  1. ॐ यशस्कराय नमः — यश करने वाले
  2. ॐ योगदात्रे नमः — योग देने वाले
  3. ॐ यज्ञाङ्गाय नमः — यज्ञ के अंग
  4. ॐ युगन्धराय नमः — युगों को धारण करने वाले
  5. ॐ योगिने नमः — योगी
  6. ॐ योग्याय नमः — योग्य
  7. ॐ याम्याय नमः — याम्य; यम-सम्बन्धी
  8. ॐ योगरूपिणे नमः — योग के रूप वाले
  9. ॐ युगाधिपाय नमः — युगों के अधिपति
  10. ॐ यज्ञभृते नमः — यज्ञ का भरण करने वाले
  11. ॐ यजमानाय नमः — यजमान-स्वरूप
  12. ॐ योगाय नमः — योग-स्वरूप
  13. ॐ योगविदां वराय नमः — योग जानने वालों में श्रेष्ठ
  14. ॐ यक्षराक्षसवेताळकूष्माण्डादिप्रपूजिताय नमः — यक्ष, राक्षस, वेताल तथा कूष्माण्ड आदि द्वारा परिपूजित
  15. ॐ यमप्रत्यधिदेवाय नमः — यम जिनके प्रत्यधिदेवता हैं
  16. ॐ युगपद्भोगदायकाय नमः — एक साथ भोग देने वाले
  17. ॐ योगप्रियाय नमः — योग जिन्हें प्रिय है
  18. ॐ योगयुक्ताय नमः — योग से युक्त
  19. ॐ यज्ञरूपाय नमः — यज्ञ के रूप वाले
  20. ॐ युगान्तकृते नमः — युग का अंत करने वाले
  21. ॐ रघुवंशसमाराध्याय नमः — रघुवंश द्वारा भली प्रकार आराधित
  22. ॐ रौद्राय नमः — रौद्र
  23. ॐ रौद्राकृतये नमः — रौद्र आकृति वाले
  24. ॐ रघुनन्दन सल्लापाय नमः — रघुनन्दन से संलाप करने वाले
  25. ॐ रघुप्रोक्त जपप्रियाय नमः — रघु द्वारा कहा गया जप जिन्हें प्रिय है
  26. ॐ रौद्ररूपिणे नमः — रौद्र रूप वाले
  27. ॐ रथारूढाय नमः — रथ पर आरूढ़
  28. ॐ राघवेष्ट वरप्रदाय नमः — राघव को अभीष्ट वर देने वाले
  29. ॐ रथिने नमः — रथी
  30. ॐ रौद्राधिकारिणे नमः — रौद्र भाव के अधिकारी
  31. ॐ राघवेण समर्चिताय नमः — राघव द्वारा भली प्रकार अर्चित
  32. ॐ रोषात्सर्वस्वहारिणे नमः — रोष होने पर सर्वस्व हर लेने वाले
  33. ॐ राघवेण सुपूजिताय नमः — राघव द्वारा भली प्रकार पूजित
  34. ॐ राशिद्वयाधिपाय नमः — दो राशियों के अधिपति
  35. ॐ रघुभिः परिपूजिताय नमः — रघुवंशियों द्वारा परिपूजित
  36. ॐ राज्यभूपाकराय नमः — राज्य तथा भूमि देने वाले
  37. ॐ राजराजेन्द्रवन्दिताय नमः — राजराजेंद्रों द्वारा वंदित
  38. ॐ रत्नकेयूरभूषाढ्याय नमः — रत्नमय केयूर के आभूषण से समृद्ध
  39. ॐ रमानन्दनवन्दिताय नमः — रमा के पुत्र द्वारा वंदित
  40. ॐ रघुपौरुषसन्तुष्टाय नमः — रघु के पौरुष से संतुष्ट होने वाले
  41. ॐ रघुस्तोत्रबहुप्रियाय नमः — रघु का स्तोत्र जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  42. ॐ रघुवंशनृपैःपूज्याय नमः — रघुवंशी राजाओं द्वारा पूज्य
  43. ॐ रणन्मञ्जीरनूपुराय नमः — झंकार करते मंजीर व नूपुर वाले
  44. ॐ रविनन्दनाय नमः — रवि अर्थात सूर्य के पुत्र
  45. ॐ राजेन्द्राय नमः — राजेंद्र
  46. ॐ रघुवंशप्रियाय नमः — रघुवंश जिन्हें प्रिय है
  47. ॐ लोहजप्रतिमादानप्रियाय नमः — लोहे की प्रतिमा का दान जिन्हें प्रिय है
  48. ॐ लावण्यविग्रहाय नमः — लावण्यमय विग्रह वाले
  49. ॐ लोकचूडामणये नमः — लोकों के चूड़ामणि
  50. ॐ लक्ष्मीवाणीस्तुतिप्रियाय नमः — लक्ष्मी तथा सरस्वती की स्तुति जिन्हें प्रिय है
  51. ॐ लोकरक्षाय नमः — लोकों की रक्षा करने वाले
  52. ॐ लोकशिक्षाय नमः — लोकों को शिक्षा देने वाले
  53. ॐ लोकलोचनरञ्जिताय नमः — लोकों के नेत्रों को रंजित करने वाले
  54. ॐ लोकाध्यक्षाय नमः — लोकों के अध्यक्ष
  55. ॐ लोकवन्द्याय नमः — लोकों द्वारा वंदनीय
  56. ॐ लक्ष्मणाग्रजपूजिताय नमः — लक्ष्मण के अग्रज श्रीराम द्वारा पूजित
  57. ॐ वेदवेद्याय नमः — वेद द्वारा जानने योग्य
  58. ॐ वज्रदेहाय नमः — वज्र सदृश देह वाले
  59. ॐ वज्राङ्कुशधराय नमः — वज्र तथा अंकुश धारण करने वाले
  60. ॐ विश्ववन्द्याय नमः — विश्व द्वारा वंदनीय
  61. ॐ विरूपाक्षाय नमः — विरूप नेत्रों वाले
  62. ॐ विमलाङ्गविराजिताय नमः — निर्मल अंगों से सुशोभित
  63. ॐ विश्वस्थाय नमः — विश्व में स्थित
  64. ॐ वायसारूढाय नमः — काक पर आरूढ़
  65. ॐ विशेषसुखकारकाय नमः — विशेष सुख करने वाले
  66. ॐ विश्वरूपिणे नमः — विश्व के रूप वाले
  67. ॐ विश्वगोप्त्रे नमः — विश्व की रक्षा करने वाले
  68. ॐ विभावसु सुताय नमः — विभावसु अर्थात सूर्य के पुत्र
  69. ॐ विप्रप्रियाय नमः — विप्रों को प्रिय
  70. ॐ विप्ररूपाय नमः — विप्र के रूप वाले
  71. ॐ विप्राराधन तत्पराय नमः — विप्रों की आराधना में तत्पर
  72. ॐ विशालनेत्राय नमः — विशाल नेत्रों वाले
  73. ॐ विशिखाय नमः — विशिख अर्थात बाण-स्वरूप
  74. ॐ विप्रदानबहुप्रियाय नमः — विप्रों को दान जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  75. ॐ विश्वसृष्टि समुद्भूताय नमः — विश्व की सृष्टि से उत्पन्न
  76. ॐ वैश्वानरसमद्युतये नमः — वैश्वानर अर्थात अग्नि के समान द्युति वाले
  77. ॐ विष्णवे नमः — विष्णु-स्वरूप
  78. ॐ विरिञ्चये नमः — विरिञ्चि अर्थात ब्रह्मा-स्वरूप
  79. ॐ विश्वेशाय नमः — विश्व के ईश
  80. ॐ विश्वकर्त्रे नमः — विश्व के कर्ता
  81. ॐ विशाम्पतये नमः — प्रजाओं के पति
  82. ॐ विराडाधारचक्रस्थाय नमः — विराट् के आधार-चक्र में स्थित
  83. ॐ विश्वभुजे नमः — विश्व का भोग करने वाले
  84. ॐ विश्वभावनाय नमः — विश्व की भावना करने वाले
  85. ॐ विश्वव्यापारहेतवे नमः — विश्व के व्यापार के हेतु
  86. ॐ वक्रक्रूरविवर्जिताय नमः — वक्रता तथा क्रूरता से रहित
  87. ॐ विश्वोद्भवाय नमः — विश्व से उत्पन्न
  88. ॐ विश्वकर्मणे नमः — विश्वकर्मा
  89. ॐ विश्वसृष्टि विनायकाय नमः — विश्व की सृष्टि के विनायक
  90. ॐ विश्वमूलनिवासिने नमः — विश्व के मूल में निवास करने वाले
  91. ॐ विश्वचित्रविधायकाय नमः — विश्व में विचित्र रचना करने वाले
  92. ॐ विश्वाधारविलासिने नमः — विश्व के आधार में विलास करने वाले
  93. ॐ व्यासेन कृतपूजिताय नमः — व्यास द्वारा किए गए पूजन से पूजित
  94. ॐ विभीषणेष्टवरदाय नमः — विभीषण को अभीष्ट वर देने वाले
  95. ॐ वाञ्छितार्थप्रदायकाय नमः — वांछित अर्थ देने वाले
  96. ॐ विभीषणसमाराध्याय नमः — विभीषण द्वारा भली प्रकार आराधित
  97. ॐ विशेषसुखदायकाय नमः — विशेष सुख देने वाले
  98. ॐ विषमव्ययाष्टजन्मस्थोऽप्येकादशफलप्रदाय नमः — विषम, व्यय, अष्टम अथवा जन्म भाव में स्थित होने पर भी एकादश भाव का फल देने वाले
  99. ॐ वासवात्मजसुप्रीताय नमः — वासव अर्थात इंद्र के पुत्र से अत्यंत प्रसन्न होने वाले
  100. ॐ वसुदाय नमः — वसु देने वाले
  101. ॐ वासवार्चिताय नमः — वासव अर्थात इंद्र द्वारा अर्चित
  102. ॐ विश्वत्राणैकनिरताय नमः — विश्व की रक्षा में ही एकमात्र निरत
  103. ॐ वाङ्मनोतीतविग्रहाय नमः — वाणी तथा मन से परे विग्रह वाले
  104. ॐ विराण्मन्दिरमूलस्थाय नमः — विराट् के मंदिर के मूल में स्थित
  105. ॐ वलीमुखसुखप्रदाय नमः — वलीमुख को सुख देने वाले
  106. ॐ विपाशाय नमः — पाश से रहित
  107. ॐ विगतातङ्काय नमः — आतंक से रहित
  108. ॐ विकल्पपरिवर्जिताय नमः — विकल्प से रहित
  109. ॐ वरिष्ठाय नमः — वरिष्ठ
  110. ॐ वरदाय नमः — वर देने वाले
  111. ॐ वन्द्याय नमः — वंदनीय
  112. ॐ विचित्राङ्गाय नमः — विचित्र अंगों वाले
  113. ॐ विरोचनाय नमः — विरोचन; विशेष रूप से प्रकाशित होने वाले

श व ष वर्ग — शमी-पत्र का खंड तथा श्रुति-नाम (नाम 844–898)

  1. ॐ शुष्कोदराय नमः — सूखे उदर वाले
  2. ॐ शुक्लवपुषे नमः — शुक्ल शरीर वाले
  3. ॐ शान्तरूपिणे नमः — शांत रूप वाले
  4. ॐ शनैश्चराय नमः — मंद गति से चलने वाले
  5. ॐ शूलिने नमः — शूल धारण करने वाले
  6. ॐ शरण्याय नमः — शरण देने योग्य
  7. ॐ शान्ताय नमः — शांत
  8. ॐ शिवायामप्रियङ्कराय नमः — शिवा तथा उमा का प्रिय करने वाले
  9. ॐ शिवभक्तिमतां श्रेष्ठाय नमः — शिव-भक्तों में श्रेष्ठ
  10. ॐ शूलपाणये नमः — हाथ में शूल धारण करने वाले
  11. ॐ शुचिप्रियाय नमः — पवित्रता जिन्हें प्रिय है
  12. ॐ श्रुतिस्मृतिपुराणज्ञाय नमः — श्रुति, स्मृति तथा पुराणों को जानने वाले
  13. ॐ श्रुतिजालप्रबोधकाय नमः — श्रुति-समूह का प्रबोध कराने वाले
  14. ॐ श्रुतिपारगसम्पूज्याय नमः — श्रुति के पारगामियों द्वारा भली प्रकार पूजित
  15. ॐ श्रुतिश्रवणलोलुपाय नमः — श्रुति के श्रवण के लिए लालायित
  16. ॐ श्रुत्यन्तर्गतमर्मज्ञाय नमः — श्रुति के भीतर छिपे मर्म को जानने वाले
  17. ॐ श्रुत्येष्टवरदायकाय नमः — श्रुति को अभीष्ट वर देने वाले
  18. ॐ श्रुतिरूपाय नमः — श्रुति के रूप वाले
  19. ॐ श्रुतिप्रीताय नमः — श्रुति से प्रसन्न होने वाले
  20. ॐ श्रुतीप्सितफलप्रदाय नमः — श्रुति का अभीप्सित फल देने वाले
  21. ॐ शुचिश्रुताय नमः — पवित्र श्रुति वाले
  22. ॐ शान्तमूर्तये नमः — शांत मूर्ति वाले
  23. ॐ श्रुतिश्रवणकीर्तनाय नमः — श्रुति के श्रवण तथा कीर्तन-स्वरूप
  24. ॐ शमीमूलनिवासिने नमः — शमी वृक्ष के मूल में निवास करने वाले
  25. ॐ शमीकृतफलप्रदाय नमः — शमी से किए गए कर्म का फल देने वाले
  26. ॐ शमीकृतमहाघोराय नमः — शमी से महाघोर को शांत करने वाले
  27. ॐ शरणागतवत्सलाय नमः — शरणागतों पर वात्सल्य रखने वाले
  28. ॐ शमीतरुस्वरूपाय नमः — शमी वृक्ष के स्वरूप
  29. ॐ शिवमन्त्रज्ञमुक्तिदाय नमः — शिव-मंत्र जानने वालों को मुक्ति देने वाले
  30. ॐ शिवागमैकनिलयाय नमः — शिव-आगमों में ही जिनका एकमात्र निवास है
  31. ॐ शिवमन्त्रजपप्रियाय नमः — शिव-मंत्र का जप जिन्हें प्रिय है
  32. ॐ शमीपत्रप्रियाय नमः — शमी-पत्र जिन्हें प्रिय है
  33. ॐ शमीपर्णसमर्चिताय नमः — शमी-पर्ण से भली प्रकार अर्चित
  34. ॐ शतोपनिषदस्तुत्याय नमः — सौ उपनिषदों द्वारा स्तुत्य
  35. ॐ शान्त्यादिगुणभूषिताय नमः — शांति आदि गुणों से विभूषित
  36. ॐ शान्त्यादिषड्गुणोपेताय नमः — शांति आदि छह गुणों से युक्त
  37. ॐ शङ्खवाद्यप्रियाय नमः — शंख-वाद्य जिन्हें प्रिय है
  38. ॐ श्यामरक्तसितज्योतिषे नमः — श्याम, रक्त तथा श्वेत — तीनों ज्योति वाले
  39. ॐ शुद्धपञ्चाक्षरप्रियाय नमः — शुद्ध पंचाक्षर मंत्र जिन्हें प्रिय है
  40. ॐ श्रीहालास्यक्षेत्रवासिने नमः — श्री हालास्य क्षेत्र में निवास करने वाले
  41. ॐ श्रीमते नमः — श्रीमान
  42. ॐ शक्तिधराय नमः — शक्ति धारण करने वाले
  43. ॐ षोडशद्वयसम्पूर्णलक्षणाय नमः — बत्तीस पूर्ण लक्षणों वाले
  44. ॐ षण्मुखप्रियाय नमः — षण्मुख अर्थात कार्तिकेय जिन्हें प्रिय हैं
  45. ॐ षड्गुणैश्वर्यसंयुक्ताय नमः — छह प्रकार के गुण व ऐश्वर्य से संयुक्त
  46. ॐ षडङ्गावरणोज्ज्वलाय नमः — छह अंगों के आवरण से उज्ज्वल
  47. ॐ षडक्षरस्वरूपाय नमः — षडक्षर मंत्र के स्वरूप
  48. ॐ षट्चक्रोपरि संस्थिताय नमः — छहों चक्रों के ऊपर स्थित
  49. ॐ षोडशिने नमः — षोडशी-स्वरूप
  50. ॐ षोडशान्ताय नमः — षोडशान्त में स्थित
  51. ॐ षट्शक्तिव्यक्तमूर्तिमते नमः — छह शक्तियों में व्यक्त मूर्ति वाले
  52. ॐ षड्भावरहिताय नमः — छह भावों से रहित
  53. ॐ षडङ्गश्रुतिपारगाय नमः — छहों वेदांगों तथा श्रुति के पारगामी
  54. ॐ षट्कोणमध्यनिलयाय नमः — षट्कोण के मध्य में निवास करने वाले
  55. ॐ षट्शास्त्रस्मृतिपारगाय नमः — छह शास्त्रों तथा स्मृतियों के पारगामी

स, ह व क्ष वर्ग — संहारास्त्र-प्रसंग, हरिश्चन्द्र तथा क्षयद्वार (नाम 899–1010)

  1. ॐ स्वर्णेन्द्रनीलमकुटाय नमः — स्वर्ण तथा इंद्रनील के मुकुट वाले
  2. ॐ सर्वाभीष्टप्रदायकाय नमः — समस्त अभीष्ट देने वाले
  3. ॐ सर्वात्मने नमः — सबकी आत्मा
  4. ॐ सर्वदोषघ्नाय नमः — समस्त दोषों का नाश करने वाले
  5. ॐ सर्वगर्वप्रभञ्जनाय नमः — समस्त गर्व का भंजन करने वाले
  6. ॐ समस्तलोकाभयदाय नमः — समस्त लोकों को अभय देने वाले
  7. ॐ सर्वदोषाङ्गनाशकाय नमः — समस्त दोषों व दोष-अंगों का नाश करने वाले
  8. ॐ समस्तभक्तसुखदाय नमः — समस्त भक्तों को सुख देने वाले
  9. ॐ सर्वदोषनिवर्तकाय नमः — समस्त दोषों को दूर करने वाले
  10. ॐ सर्वनाशक्षमाय नमः — सर्वनाश करने में समर्थ
  11. ॐ सौम्याय नमः — सौम्य
  12. ॐ सर्वक्लेशनिवारकाय नमः — समस्त क्लेशों का निवारण करने वाले
  13. ॐ सर्वात्मने नमः — सबकी आत्मा
  14. ॐ सर्वदातुष्टाय नमः — सदा संतुष्ट रहने वाले
  15. ॐ सर्वपीडानिवारकाय नमः — समस्त पीड़ा का निवारण करने वाले
  16. ॐ सर्वरूपिणे नमः — समस्त रूप वाले
  17. ॐ सर्वकर्मणे नमः — समस्त कर्म-स्वरूप
  18. ॐ सर्वज्ञाय नमः — सर्वज्ञ
  19. ॐ सर्वकारकाय नमः — सब कुछ करने वाले
  20. ॐ सुकृते नमः — सुकृत-स्वरूप
  21. ॐ सुलभाय नमः — सुलभ
  22. ॐ सर्वाभीष्टफलप्रदाय नमः — समस्त अभीष्ट फल देने वाले
  23. ॐ सूर्यात्मजाय नमः — सूर्य के पुत्र
  24. ॐ सदातुष्टाय नमः — सदा संतुष्ट
  25. ॐ सूर्यवंशप्रदीपनाय नमः — सूर्यवंश को प्रदीप्त करने वाले
  26. ॐ सप्तद्वीपाधिपाय नमः — सप्तद्वीपों के अधिपति
  27. ॐ सुरासुरभयङ्कराय नमः — सुर तथा असुर — दोनों के लिए भयंकर
  28. ॐ सर्वसङ्क्षोभहारिणे नमः — समस्त संक्षोभ हरने वाले
  29. ॐ सर्वलोकहितङ्कराय नमः — समस्त लोकों का हित करने वाले
  30. ॐ सर्वौदार्यस्वभावाय नमः — सर्वथा उदार स्वभाव वाले
  31. ॐ सन्तोषात्सकलेष्टदाय नमः — संतोष होने पर समस्त अभीष्ट देने वाले
  32. ॐ समस्तऋषिभिःस्तुत्याय नमः — समस्त ऋषियों द्वारा स्तुत्य
  33. ॐ समस्तगणपावृताय नमः — समस्त गणों से घिरे हुए
  34. ॐ समस्तगणसंसेव्याय नमः — समस्त गणों द्वारा सेवनीय
  35. ॐ सर्वारिष्टविनाशनाय नमः — समस्त अरिष्टों का विनाश करने वाले
  36. ॐ सर्वसौख्यप्रदात्रे नमः — समस्त सौख्य देने वाले
  37. ॐ सर्वव्याकुलनाशनाय नमः — समस्त व्याकुलता का नाश करने वाले
  38. ॐ सर्वसङ्क्षोभहारिणे नमः — समस्त संक्षोभ हरने वाले
  39. ॐ सर्वारिष्टफलप्रदाय नमः — समस्त अरिष्टों का फल देने वाले
  40. ॐ सर्वव्याधिप्रशमनाय नमः — समस्त व्याधियों का प्रशमन करने वाले
  41. ॐ सर्वमृत्युनिवारकाय नमः — समस्त मृत्यु का निवारण करने वाले
  42. ॐ सर्वानुकूलकारिणे नमः — सर्वथा अनुकूल करने वाले
  43. ॐ सौन्दर्यमृदुभाषिताय नमः — सौंदर्यपूर्ण तथा मृदु भाषण वाले
  44. ॐ सौराष्ट्रदेशोद्भवाय नमः — सौराष्ट्र देश में उत्पन्न
  45. ॐ स्वक्षेत्रेष्टवरप्रदाय नमः — अपने क्षेत्र में अभीष्ट वर देने वाले
  46. ॐ सोमयाजि समाराध्याय नमः — सोमयाजी द्वारा भली प्रकार आराधित
  47. ॐ सीताभीष्टवरप्रदाय नमः — सीता को अभीष्ट वर देने वाले
  48. ॐ सुखासनोपविष्टाय नमः — सुखासन पर विराजमान
  49. ॐ सद्यःपीडानिवारकाय नमः — तत्काल पीड़ा का निवारण करने वाले
  50. ॐ सौदामनीसन्निभाय नमः — बिजली के सदृश
  51. ॐ सर्वानुल्लङ्घ्यशासनाय नमः — जिनका शासन कोई उल्लंघन नहीं कर सकता
  52. ॐ सूर्यमण्डलसञ्चारिणे नमः — सूर्य-मण्डल में संचरण करने वाले
  53. ॐ संहारास्त्रनियोजिताय नमः — जिन पर संहारास्त्र का संधान किया गया
  54. ॐ सर्वलोकक्षयकराय नमः — समस्त लोकों का क्षय करने वाले
  55. ॐ सर्वारिष्टविधायकाय नमः — समस्त अरिष्ट रचने वाले
  56. ॐ सर्वव्याकुलकारिणे नमः — समस्त व्याकुलता करने वाले
  57. ॐ सहस्रजपसुप्रियाय नमः — सहस्र जप जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  58. ॐ सुखासनोपविष्टाय नमः — सुखासन पर विराजमान
  59. ॐ संहारास्त्रप्रदर्शिताय नमः — जिन्हें संहारास्त्र दिखाया गया
  60. ॐ सर्वालङ्कारसंयुक्तकृष्णगोदानसुप्रियाय नमः — समस्त अलंकारों से युक्त काली गौ का दान जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  61. ॐ सुप्रसन्नाय नमः — अत्यंत प्रसन्न
  62. ॐ सुरश्रेष्ठाय नमः — सुरों में श्रेष्ठ
  63. ॐ सुघोषाय नमः — सुंदर घोष वाले
  64. ॐ सुखदाय नमः — सुख देने वाले
  65. ॐ सुहृदे नमः — सुहृद्; भला चाहने वाले
  66. ॐ सिद्धार्थाय नमः — सिद्ध अर्थ वाले
  67. ॐ सिद्धसङ्कल्पाय नमः — सिद्ध संकल्प वाले
  68. ॐ सर्वज्ञाय नमः — सर्वज्ञ
  69. ॐ सर्वदाय नमः — सब कुछ देने वाले
  70. ॐ सुखिने नमः — सुखी
  71. ॐ सुग्रीवाय नमः — सुग्रीव
  72. ॐ सुधृतये नमः — उत्तम धैर्य वाले
  73. ॐ साराय नमः — सार-स्वरूप
  74. ॐ सुकुमाराय नमः — सुकुमार
  75. ॐ सुलोचनाय नमः — सुंदर नेत्रों वाले
  76. ॐ सुव्यक्ताय नमः — सुव्यक्त
  77. ॐ सच्चिदानन्दाय नमः — सच्चिदानंद
  78. ॐ सुवीराय नमः — सुवीर
  79. ॐ सुजनाश्रयाय नमः — सज्जनों के आश्रय
  80. ॐ हरिश्चन्द्रसमाराध्याय नमः — हरिश्चंद्र द्वारा भली प्रकार आराधित
  81. ॐ हेयोपादेयवर्जिताय नमः — हेय तथा उपादेय — दोनों से रहित
  82. ॐ हरिश्चन्द्रेष्टवरदाय नमः — हरिश्चंद्र को अभीष्ट वर देने वाले
  83. ॐ हंसमन्त्रादि संस्तुताय नमः — हंस मंत्र आदि से भली प्रकार स्तुत
  84. ॐ हंसवाह समाराध्याय नमः — हंस-वाहन ब्रह्मा द्वारा भली प्रकार आराधित
  85. ॐ हंसवाहवरप्रदाय नमः — हंस-वाहन ब्रह्मा को वर देने वाले
  86. ॐ हृद्याय नमः — हृद्य; हृदय को प्रिय
  87. ॐ हृष्टाय नमः — हृष्ट; प्रसन्न
  88. ॐ हरिसखाय नमः — हरि के सखा
  89. ॐ हंसाय नमः — हंस-स्वरूप
  90. ॐ हंसगतये नमः — हंस की गति वाले
  91. ॐ हविषे नमः — हवि-स्वरूप
  92. ॐ हिरण्यवर्णाय नमः — हिरण्य के समान वर्ण वाले
  93. ॐ हितकृते नमः — हित करने वाले
  94. ॐ हर्षदाय नमः — हर्ष देने वाले
  95. ॐ हेमभूषणाय नमः — स्वर्ण के आभूषण वाले
  96. ॐ हविर्होत्रे नमः — हवि तथा होता — दोनों स्वरूप
  97. ॐ हंसगतये नमः — हंस की गति वाले
  98. ॐ हंसमन्त्रादिसंस्तुताय नमः — हंस मंत्र आदि से भली प्रकार स्तुत
  99. ॐ हनूमदर्चितपदाय नमः — हनुमान द्वारा अर्चित चरणों वाले
  100. ॐ हलधृत्पूजिताय नमः — हलधर बलराम द्वारा पूजित
  101. ॐ क्षेमदाय नमः — क्षेम देने वाले
  102. ॐ क्षेमकृते नमः — क्षेम करने वाले
  103. ॐ क्षेम्याय नमः — क्षेम्य; कल्याणकारी
  104. ॐ क्षेत्रज्ञाय नमः — क्षेत्र को जानने वाले
  105. ॐ क्षामवर्जिताय नमः — क्षाम अर्थात दुर्बलता से रहित
  106. ॐ क्षुद्रघ्नाय नमः — क्षुद्रों का नाश करने वाले
  107. ॐ क्षान्तिदाय नमः — क्षांति अर्थात क्षमा देने वाले
  108. ॐ क्षेमाय नमः — क्षेम-स्वरूप
  109. ॐ क्षितिभूषाय नमः — पृथ्वी के भूषण
  110. ॐ क्षमाश्रयाय नमः — क्षमा के आश्रय
  111. ॐ क्षमाधराय नमः — क्षमा धारण करने वाले
  112. ॐ क्षयद्वाराय नमः — क्षय के द्वार

अर्थ (हिन्दी)

  1. विनियोग: इस श्री शनैश्चर सहस्रनाम स्तोत्र रूपी महामंत्र के काश्यप ऋषि हैं, अनुष्टुप् छन्द है, शनैश्चर देवता हैं; शं बीज है, नं शक्ति है, मं कीलक है; और शनैश्चर की प्रसन्नता तथा सिद्धि के लिए जप में इसका विनियोग है। ध्यान दें कि ऋषि काश्यप हैं — और शनि स्वयं कश्यप-वंशी (सूर्य के पुत्र) कहे गए हैं, अतः नाम 139 काश्यपान्वय इसी की पुष्टि करता है।
  2. न्यास: पाठ से पूर्व किया जाने वाला कर-न्यास तथा हृदयादि-न्यास। इसमें शनि के छह मुख्य नाम प्रयुक्त होते हैं — शनैश्चर, मन्दगति, अधोक्षज, सौरि, शुष्कोदर तथा छायात्मज — जिन्हें क्रमशः अंगूठे से कनिष्ठिका तक तथा हृदय से अस्त्र तक न्यस्त किया जाता है। अंत में "भूर्भुवः सुवः ॐ" से दिग्बन्ध किया जाता है।
  3. ध्यान: जो धनुष के आसन पर हैं, गृध्र धारण किए हुए हैं, नील वर्ण के हैं, पश्चिम की ओर मुख किए हैं, काश्यप गोत्र में उत्पन्न हैं, तथा शूल, चाप, बाण व गदा धारण करते हैं — वे सौराष्ट्र देश में उत्पन्न सौरि मेरी रक्षा करें। जो नील वस्त्र तथा नील शरीर वाले हैं, किरीट धारण करते हैं, गृध्र के आसन पर स्थित हैं, विकृत मुख वाले हैं, और केयूर व हार आदि से विभूषित अंगों वाले हैं — वे मन्दगति मुझ पर सदा प्रसन्न रहें। पाठभेद: तुलना-स्रोत का श्लोक-रूप यहाँ "गृध्ररथस्तु" तथा "सौरिः" पढ़ता है।
  4. फलश्रुति: …क्षमाधर तथा क्षयद्वार — इस प्रकार आठ सहस्र (अष्टसहस्र) नाम कहे गए। एक ही वाक्य में कहूँ तो — यह वांछित अर्थ दे देता है। इसलिए बुद्धिमान व्यक्ति को सर्व प्रयत्न से, नियमपूर्वक इसका जप करना चाहिए। ध्यान देने योग्य विसंगति: स्तोत्र स्वयं यहाँ "नाम्नामष्टसहस्रकम्" कहकर 1008 नाम बताता है, जबकि नामावली-रूप में गिनने पर 1010 नाम मिलते हैं — और स्रोत का अपना अंतिम क्रमांक-चिह्न भी "१०१०" ही है। यह विसंगति यहाँ छिपाई नहीं गई।

लाभ

  • फलश्रुति एक ही वाक्य में फल कह देती है — "वाञ्छितार्थं प्रयच्छति", अर्थात यह वांछित अर्थ दे देता है; और इसीलिए "सर्व प्रयत्न से, नियमपूर्वक जप करना चाहिए"।
  • नाम 828 विषम, व्यय, अष्टम अथवा जन्म भाव में स्थित होने पर भी एकादश भाव का फल देने वाले — साढ़े-साती व ढैया के संकल्प से पढ़े जाने वाला सबसे प्रासंगिक नाम।
  • नाम 306 कहता है कि केवल तिल देने वाले को भी वे हृदय दे देते हैं — दान की मात्रा नहीं, भाव देखा जाता है।
  • नाम 913 सर्वपीडानिवारक, 938 सर्वव्याधिप्रशमन तथा 939 सर्वमृत्युनिवारक — पीड़ा, व्याधि व अकालमृत्यु तीनों के लिए।
  • नाम 714 मुक्तिमार्गप्रदर्शक तथा 872 शिवमन्त्रज्ञमुक्तिद — यह स्तोत्र शनि को केवल कष्ट-हर्ता नहीं, मोक्ष-मार्ग दिखाने वाला भी कहता है।

कब करें पाठ

शनिवार को सम्पूर्ण पाठ · साढ़े-साती तथा ढैया के काल में · शनि की महादशा अथवा अंतर्दशा में · शनि जयंती तथा शनि अमावस्या पर · तिल, उड़द अथवा काली गौ के दान के संकल्प के साथ

स्रोत

रचयिता: काश्यप ऋषि (पारंपरिक). sanskritdocuments.org (doc_z_misc_navagraha/shanaishchara1000) — आधार नामावली; 1010 नाम। यह स्रोत असामान्य रूप से अच्छी तरह चिह्नित है: इसमें 199 श्लोक-चिह्न तथा 101 दशक-चिह्न (१०, २०, … १०१०) दोनों भीतर दर्ज हैं। दोनों यंत्रवत् जाँचे गए — 199/199 श्लोक-चिह्न सही क्रम में तथा 101/101 दशक-चिह्न ठीक अपनी अपेक्षित स्थिति पर; एक भी विचलन नहीं। · stotranidhi.com — श्री शनैश्चर सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक-रूप; विनियोग, करन्यास, हृदयादिन्यास, ध्यान, 199 नाम-श्लोक तथा श्लोक 200 की फलश्रुति)। इससे पद-विच्छेद की स्वतंत्र पुष्टि हुई। · sanskritdocuments.org (doc_z_misc_navagraha/shanaishcharasahasra) — वही श्लोक-रूप, तीसरी स्वतंत्र प्रति। · ⚠️ संख्या-विसंगति स्वयं पाठ के भीतर है: श्लोक-रूप का अंतिम चरण "नाम्नामष्टसहस्रकम्" (1008) कहता है, जबकि नामावली में 1010 नाम हैं और स्रोत का अपना अंतिम चिह्न भी "१०१०" है। यहाँ 1010 दिया गया है और पाठ का अपना कथन भी दर्ज है — विसंगति छिपाई नहीं गई। · ⚠️ नमः-रूप की यही एकमात्र उपलब्ध वाचना है — अन्य प्रमुख स्रोत केवल श्लोक-रूप छापते हैं; इसीलिए पद-विच्छेद श्लोक-रूप से मिलाकर जाँचा गया। · ⚠️ ध्यान-श्लोक में पाठभेद: आधार-स्रोत "गृध्रधरस्तु" व "शौरिः" पढ़ता है, तुलना-स्रोत का श्लोक-रूप "गृध्ररथस्तु" व "सौरिः"। दोनों दर्ज हैं। · ⚠️ नाम 265 "टाम्भद", नाम 276 "ढाम्भीक" तथा नाम 620 का पाठ अनिश्चित है — ये अक्षर-आधारित खंडों में आते हैं; संभावित अर्थ दिया गया है, गढ़ा हुआ निश्चित अर्थ नहीं। · ⚠️ मूल पुराण का नाम किसी उपलब्ध स्रोत में नहीं मिला, अतः कोई ग्रंथ-नाम नहीं दिया गया; विनियोग केवल "काश्यप ऋषिः" बताता है। · हिंदी अर्थ सत्यापित संस्कृत से अनूदित (1010/1010)।

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