श्री शनैश्चर सहस्रनाम

śrī śanaiścara sahasranāma

Shri Shanaishchara Sahasranama

समय
35–45 मिनट (सम्पूर्ण)
श्लोक
4
कुल नाम
1010
कठिनाई
कठिन (Advanced)
शुभ दिन
शनिवार; साढ़े-साती व ढैया काल; शनि जयंती
उद्देश्य:शनि-शांति (Shani Relief)कष्ट-निवारण (Relief from Suffering)मोक्ष (Liberation)
✓ संपूर्ण

श्री शनैश्चर सहस्रनाम शनिदेव के नामों का स्तोत्र है, जो काश्यप ऋषि द्वारा कहा गया और 199 अनुष्टुप् श्लोकों में है। नाम वर्णमाला के क्रम से रखे गए हैं — अ से क्ष तक। यह अमिताभाषी से आरंभ होकर क्षयद्वार पर समाप्त होता है। नामावली-रूप में गिनने पर 1010 नाम मिलते हैं।

परिचय

शनि देव कर्म और न्याय के अधिष्ठाता हैं — सूर्यपुत्र, जो कर्मों के अनुसार फल देते हैं।

स्रोत: काश्यप ऋषि द्वारा कथित; 199 अनुष्टुप् नाम-श्लोक, विनियोग, न्यास तथा ध्यान सहित

एक नज़र में

मंत्र / पाठश्री शनैश्चर सहस्रनाम
IASTśrī śanaiścara sahasranāma
देवताश्री शनि देव
मूल स्रोतकाश्यप ऋषि द्वारा कथित; 199 अनुष्टुप् नाम-श्लोक, विनियोग, न्यास तथा ध्यान सहित
शुभ दिनशनिवार; साढ़े-साती व ढैया काल; शनि जयंती
पाठ समय35–45 मिनट (सम्पूर्ण)
कठिनाईकठिन (Advanced)
छंदअनुष्टुप्

उद्भव / पृष्ठभूमि

श्री शनैश्चर सहस्रनाम शनिदेव के सहस्र नामों का स्तोत्र है। विनियोग के अनुसार इसके काश्यप ऋषि हैं, छन्द अनुष्टुप् है, देवता शनैश्चर हैं, और इसका उद्देश्य स्पष्ट लिखा है — *"शनैश्चरप्रसादसिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः"*।

सूची की सबसे स्पष्ट बनावट यह है कि नाम वर्णमाला के क्रम से रखे गए हैं — पहले स्वर (अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ऌ, ए, ऐ, ओ, औ), फिर क-वर्ग से क्ष तक। यह क्रम इतना पूरा है कि इसमें ऌ और ङ जैसे विरल अक्षरों तक के नाम गढ़े गए हैं — नाम 105–108 में लुळितोद्धारक, लूतभवपाशप्रभञ्जन, लूकाररूप, और नाम 226 में ङादिवर्णसुसंज्ञित। ट, ठ, ड, ढ तथा ण वर्ग के अधिकांश नाम भी उन्हीं अक्षरों पर बनाए गए हैं (ठकारमयसर्वस्व, ढक्कावाद्यप्रीतिकर, णकारजपसुप्रिय)। यह सूची वर्णमाला को पूरा करने के लिए रची गई है, और वह छिपाया नहीं गया।

पर इसका सबसे मूल्यवान अंश और है — इसमें शनि से जुड़ी लगभग हर प्रसिद्ध कथा नामों के रूप में दर्ज है।

सबसे बड़ा प्रसंग दशरथ का है (नाम 331–342): दशरथार्चितपाद, दशरथस्तोत्रतोषित, दशरथप्रार्थनाकॢप्तदुर्भिक्षविनिवारक (दशरथ की प्रार्थना से दुर्भिक्ष का निवारण करने वाले) और दशरथप्रार्थनाकॢप्तवरद्वयप्रदायक (दशरथ की प्रार्थना पर दो वर देने वाले)। यह इसी संग्रह में उपलब्ध शनैश्चर स्तोत्रम् की कथा की स्वतंत्र पुष्टि है, जहाँ शनि सचमुच दो वर देते हैं। और वह प्रसंग यहीं समाप्त नहीं होता — नाम 951 संहारास्त्रनियोजित तथा नाम 957 संहारास्त्रप्रदर्शित उसी क्षण को दर्ज करते हैं जब दशरथ ने संहारास्त्र का संधान किया था। दो स्वतंत्र रचनाएँ एक ही कथा कह रही हैं।

दूसरा बड़ा प्रसंग राजा नल का है (नाम 418–436) — नळस्तोत्रप्रिय, नळराजसुपूजित, नळपद्भञ्जनक्षम, नळक्षेत्रनिवासक, और नळतीर्थसकृत्स्नानसर्वपीडानिवारक (नल-तीर्थ में एक बार स्नान से समस्त पीड़ा दूर करने वाले)। साथ ही दमयन्ती भी है — नाम 354, 359 तथा 371।

और आगे लगभग हर वह पात्र मिलता है जिसे परंपरा शनि से जोड़ती है: हरिश्चन्द्र व चन्द्रमती (नाम 978, 980 तथा 228–229), पाण्डव (553–566), परशुराम — जिन्हें चिरंजीवित्व देने वाला कहा गया (595–597), मैथिली सीता (697, 945) और नाम 699 में मैथिली की प्रार्थना पर दशकण्ठ रावण के शिर हरने वाले, विभीषण (824, 826), मुचुकुन्द (673–675), अश्वत्थामा (36, 38), कृप (194), मार्कण्डेय (716), हनुमान (997) तथा बलराम (998)।

तीसरी परत दान-विधि की है, और वह असामान्य रूप से विस्तृत है। तिल का पूरा खंड है (नाम 295–306, 321) — तिलतैल, तिलान्न, तिलदान, तिलभक्ष्य, तिलचूर्ण, तिलखण्ड, तिलापूप, तिलहोम, तिलतर्पण और तिलदीप; इसी के साथ नाम 306 कहता है कि केवल तिल देने वाले को भी वे हृदय दे देते हैं। काली गौ का खंड और भी बड़ा है (नाम 155–205) — कृष्णगोक्षीर, कृष्णगोघृत, कृष्णगोदधि, कृष्णगोदान, कृष्णगोरक्षण, और नाम 168 में यह कि काली गौ को स्नान कराने की इच्छा मात्र से गंगा-स्नान का फल मिलता है; साथ ही कृष्णाङ्गमहिषी (काली भैंस) के दान के नाम (198, 200, 202)। शमी का खंड भी है (867–876) — शमीमूलनिवासी, शमीपत्रप्रिय, शमीपर्णसमर्चित। ये वही वस्तुएँ हैं जो शनि स्वयं शनैश्चर स्तोत्रम् की कथा में माँगते हैं, और वही जो शनैश्चराष्टकम् के पाँचवें श्लोक में गिनाई गई हैं। तीन अलग-अलग रचनाएँ एक ही दान-सूची पर मिलती हैं।

चौथी परत विशुद्ध ज्योतिष की है, और वह किसी और सहस्रनाम में इस तरह नहीं मिलती — नाम 293 तुलोच्च (तुला में उच्च), नाम 705 मेषनीच (मेष में नीच), नाम 715 मकरकुम्भाधिप (मकर व कुम्भ के अधिपति), नाम 113–114 एकोनविंशतिमासभुक्तिद तथा एकोनविंशतिवर्षदश (उन्नीस मास की भुक्ति और उन्नीस वर्ष की दशा), नाम 17 अष्टमस्थ, नाम 343 द्वादशाष्टमजन्मस्थ, नाम 745 यमप्रत्यधिदेव, और नाम 213 गोचरस्थानदोषहृत्। सबसे उल्लेखनीय नाम 828 है — विषम, व्यय, अष्टम अथवा जन्म भाव में स्थित होने पर भी एकादश भाव का फल देने वाले।

और अंत — 1010वाँ नाम क्षयद्वार है, "क्षय का द्वार"। एक हज़ार से अधिक नामों में शनि को करुणानिधि, आपद्बान्धव, मुक्तिमार्गप्रदर्शक और सच्चिदानन्द तक कह चुकने के बाद अंतिम नाम फिर वहीं लौट आता है जहाँ से यह देवता पहचाना जाता है।

ध्यान व आरंभिक श्लोक

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विनियोगः अस्य श्रीशनैश्चरसहस्रनामस्तोत्रमहामन्त्रस्य। काश्यप ऋषिः। अनुष्टुप् छन्दः। शनैश्चरो देवता। शं बीजम्। नं शक्तिः। मं कीलकम्। शनैश्चरप्रसादसिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः॥

विनियोग: इस श्री शनैश्चर सहस्रनाम स्तोत्र रूपी महामंत्र के काश्यप ऋषि हैं, अनुष्टुप् छन्द है, शनैश्चर देवता हैं; शं बीज है, नं शक्ति है, मं कीलक है; और शनैश्चर की प्रसन्नता तथा सिद्धि के लिए जप में इसका विनियोग है। ध्यान दें कि ऋषि काश्यप हैं — और शनि स्वयं कश्यप-वंशी (सूर्य के पुत्र) कहे गए हैं, अतः नाम 139 काश्यपान्वय इसी की पुष्टि करता है।

करन्यासः शनैश्चराय अङ्गुष्ठाभ्यां नमः। मन्दगतये तर्जनीभ्यां नमः। अधोक्षजाय मध्यमाभ्यां नमः। सौरये अनामिकाभ्यां नमः। शुष्कोदराय कनिष्ठिकाभ्यां नमः। छायात्मजाय करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः। हृदयादिन्यासः शनैश्चराय हृदयाय नमः। मन्दगतये शिरसे स्वाहा। अधोक्षजाय शिखायै वषट्। सौरये कवचाय हुम्। शुष्कोदराय नेत्रत्रयाय वौषट्। छायात्मजाय अस्त्राय फट्। भूर्भुवः सुवरोमिति दिग्बन्धः॥

न्यास: पाठ से पूर्व किया जाने वाला कर-न्यास तथा हृदयादि-न्यास। इसमें शनि के छह मुख्य नाम प्रयुक्त होते हैं — शनैश्चर, मन्दगति, अधोक्षज, सौरि, शुष्कोदर तथा छायात्मज — जिन्हें क्रमशः अंगूठे से कनिष्ठिका तक तथा हृदय से अस्त्र तक न्यस्त किया जाता है। अंत में "भूर्भुवः सुवः ॐ" से दिग्बन्ध किया जाता है।

ध्यानम् चापासनो गृध्रधरस्तु नीलः प्रत्यङ्मुखः काश्यप गोत्रजातः। सशूलचापेषु गदाधरोऽव्यात् सौराष्ट्रदेशप्रभवश्च शौरिः॥ नीलाम्बरो नीलवपुः किरीटी गृध्रासनस्थो विकृताननश्च। केयूरहारादिविभूषिताङ्गः सदाऽस्तु मे मन्दगतिः प्रसन्नः॥

ध्यान: जो धनुष के आसन पर हैं, गृध्र धारण किए हुए हैं, नील वर्ण के हैं, पश्चिम की ओर मुख किए हैं, काश्यप गोत्र में उत्पन्न हैं, तथा शूल, चाप, बाण व गदा धारण करते हैं — वे सौराष्ट्र देश में उत्पन्न सौरि मेरी रक्षा करें। जो नील वस्त्र तथा नील शरीर वाले हैं, किरीट धारण करते हैं, गृध्र के आसन पर स्थित हैं, विकृत मुख वाले हैं, और केयूर व हार आदि से विभूषित अंगों वाले हैं — वे मन्दगति मुझ पर सदा प्रसन्न रहें। पाठभेद: तुलना-स्रोत का श्लोक-रूप यहाँ "गृध्ररथस्तु" तथा "सौरिः" पढ़ता है।

फलश्रुतिः (श्लोक-रूप से) क्षमाधरः क्षयद्वारो नाम्नामष्टसहस्रकम्। वाक्येनैकेन वक्ष्यामि वाञ्छितार्थं प्रयच्छति॥ तस्मात्सर्वप्रयत्नेन नियमेन जपेत्सुधीः॥ ॥ इति श्री शनैश्चर सहस्रनाम स्तोत्रम् ॥

फलश्रुति: …क्षमाधर तथा क्षयद्वार — इस प्रकार आठ सहस्र (अष्टसहस्र) नाम कहे गए। एक ही वाक्य में कहूँ तो — यह वांछित अर्थ दे देता है। इसलिए बुद्धिमान व्यक्ति को सर्व प्रयत्न से, नियमपूर्वक इसका जप करना चाहिए। ध्यान देने योग्य विसंगति: स्तोत्र स्वयं यहाँ "नाम्नामष्टसहस्रकम्" कहकर 1008 नाम बताता है, जबकि नामावली-रूप में गिनने पर 1010 नाम मिलते हैं — और स्रोत का अपना अंतिम क्रमांक-चिह्न भी "१०१०" ही है। यह विसंगति यहाँ छिपाई नहीं गई।

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नाम सूची (Name List)

लिपि:

स्वर-वर्ग (अ से औ) — अघहर, आपद्बान्धव व ओंकारबीज (नाम 1–126)

  1. 1.
    ॐ अमिताभाषिणे नमःअपरिमित वाणी वाले
  2. 2.
    ॐ अघहराय नमःपाप हरने वाले
  3. 3.
    ॐ अशेषदुरितापहाय नमःसमस्त दुरितों को दूर करने वाले
  4. 4.
    ॐ अघोररूपाय नमःअघोर रूप वाले
  5. 5.
    ॐ अतिदीर्घकायाय नमःअत्यंत दीर्घ काया वाले
  6. 6.
    ॐ अशेषभयानकाय नमःअशेष भयानक
  7. 7.
    ॐ अनन्ताय नमःअनंत
  8. 8.
    ॐ अन्नदात्रे नमःअन्न देने वाले
  9. 9.
    ॐ अश्वत्थमूलजपप्रियाय नमःपीपल की जड़ के पास किए गए जप से प्रसन्न होने वाले
  10. 10.
    ॐ अतिसम्पत्प्रदाय नमःअत्यधिक संपत्ति देने वाले
  11. 11.
    ॐ अमोघाय नमःअमोघ; व्यर्थ न जाने वाले
  12. 12.
    ॐ अन्यस्तुत्याप्रकोपिताय नमःअन्य की स्तुति से कुपित न होने वाले
  13. 13.
    ॐ अपराजिताय नमःअपराजित
  14. 14.
    ॐ अद्वितीयाय नमःअद्वितीय
  15. 15.
    ॐ अतितेजसे नमःअत्यंत तेजस्वी
  16. 16.
    ॐ अभयप्रदाय नमःअभय देने वाले
  17. 17.
    ॐ अष्टमस्थाय नमःअष्टम भाव में स्थित रहने वाले
  18. 18.
    ॐ अञ्जननिभाय नमःअंजन के सदृश
  19. 19.
    ॐ अखिलात्मने नमःसमस्त की आत्मा
  20. 20.
    ॐ अर्कनन्दनाय नमःअर्क अर्थात सूर्य के पुत्र
  21. 21.
    ॐ अतिदारुणाय नमःअत्यंत दारुण
  22. 22.
    ॐ अक्षोभ्याय नमःक्षुब्ध न होने वाले
  23. 23.
    ॐ अप्सरोभिः प्रपूजिताय नमःअप्सराओं द्वारा पूजित
  24. 24.
    ॐ अभीष्टफलदाय नमःअभीष्ट फल देने वाले
  25. 25.
    ॐ अरिष्टमथनाय नमःअरिष्टों का मथन करने वाले
  26. 26.
    ॐ अमरपूजिताय नमःअमरों द्वारा पूजित
  27. 27.
    ॐ अनुग्राह्याय नमःअनुग्रह करने योग्य
  28. 28.
    ॐ अप्रमेयपराक्रमविभीषणाय नमःअप्रमेय पराक्रम से भयंकर
  29. 29.
    ॐ असाध्ययोगाय नमःअसाध्य योग वाले
  30. 30.
    ॐ अखिलदोषघ्नाय नमःसमस्त दोषों का नाश करने वाले
  31. 31.
    ॐ अपराकृताय नमःकिसी से पराभूत न होने वाले
  32. 32.
    ॐ अप्रमेयाय नमःअप्रमेय; माप से परे
  33. 33.
    ॐ अतिसुखदाय नमःअत्यंत सुख देने वाले
  34. 34.
    ॐ अमराधिपपूजिताय नमःदेवराज इंद्र द्वारा पूजित
  35. 35.
    ॐ अवलोकात्सर्वनाशाय नमःजिनके अवलोकन मात्र से सर्वनाश होता है
  36. 36.
    ॐ अश्वत्थामद्विरायुधाय नमःअश्वत्थामा के समान आयुध वाले
  37. 37.
    ॐ अपराधसहिष्णवे नमःअपराध सहन करने वाले
  38. 38.
    ॐ अश्वत्थामसुपूजिताय नमःअश्वत्थामा द्वारा भली प्रकार पूजित
  39. 39.
    ॐ अनन्तपुण्यफलदाय नमःअनंत पुण्य का फल देने वाले
  40. 40.
    ॐ अतृप्ताय नमःअतृप्त
  41. 41.
    ॐ अतिबलाय नमःअत्यंत बलवान
  42. 42.
    ॐ अवलोकात्सर्ववन्द्याय नमःजिनके अवलोकन मात्र से सर्वत्र वंदनीयता प्राप्त होती है
  43. 43.
    ॐ अक्षीणकरुणानिधये नमःकभी क्षीण न होने वाली करुणा के निधि
  44. 44.
    ॐ अविद्यामूलनाशाय नमःअविद्या की जड़ का नाश करने वाले
  45. 45.
    ॐ अक्षय्यफलदायकाय नमःअक्षय फल देने वाले
  46. 46.
    ॐ आनन्दपरिपूर्णाय नमःआनंद से परिपूर्ण
  47. 47.
    ॐ आयुष्कारकाय नमःआयु के कारक
  48. 48.
    ॐ आश्रितेष्टार्थवरदाय नमःआश्रितों को अभीष्ट अर्थ का वर देने वाले
  49. 49.
    ॐ आधिव्याधिहराय नमःआधि तथा व्याधि हरने वाले
  50. 50.
    ॐ आनन्दमयाय नमःआनंदमय
  51. 51.
    ॐ आनन्दकराय नमःआनंद करने वाले
  52. 52.
    ॐ आयुधधारकाय नमःआयुध धारण करने वाले
  53. 53.
    ॐ आत्मचक्राधिकारिणे नमःअपने चक्र के अधिकारी
  54. 54.
    ॐ आत्मस्तुत्यपरायणाय नमःअपने ही नामों की स्तुति में तत्पर
  55. 55.
    ॐ आयुष्कराय नमःआयु करने वाले
  56. 56.
    ॐ आनुपूर्व्याय नमःआनुपूर्वी; क्रम से चलने वाले
  57. 57.
    ॐ आत्मायत्तजगत्त्रयाय नमःजिनके अधीन तीनों जगत हैं
  58. 58.
    ॐ आत्मनामजपप्रीताय नमःअपने नाम के जप से प्रसन्न होने वाले
  59. 59.
    ॐ आत्माधिकफलप्रदाय नमःअपने से भी अधिक फल देने वाले
  60. 60.
    ॐ आदित्यसम्भवाय नमःआदित्य से उत्पन्न
  61. 61.
    ॐ आर्तिभञ्जनाय नमःपीड़ा का भंजन करने वाले
  62. 62.
    ॐ आत्मरक्षकाय नमःआत्मा की रक्षा करने वाले
  63. 63.
    ॐ आपद्बान्धवाय नमःआपत्ति में बंधु
  64. 64.
    ॐ आनन्दरूपाय नमःआनंद-रूप
  65. 65.
    ॐ आयुःप्रदाय नमःआयु देने वाले
  66. 66.
    ॐ आकर्णपूर्णचापाय नमःकान तक धनुष खींचने वाले
  67. 67.
    ॐ आत्मोद्दिष्टद्विजप्रदाय नमःअपने उद्देश्य से द्विज को दान कराने वाले
  68. 68.
    ॐ आनुकूल्याय नमःअनुकूल होने वाले
  69. 69.
    ॐ आत्मरूपप्रतिमादानसुप्रियाय नमःअपने रूप की प्रतिमा के दान से प्रसन्न होने वाले
  70. 70.
    ॐ आत्मारामाय नमःआत्मा में ही रमण करने वाले
  71. 71.
    ॐ आदिदेवाय नमःआदि देव
  72. 72.
    ॐ आपन्नार्तिविनाशनाय नमःआपत्तिग्रस्त की पीड़ा का विनाश करने वाले
  73. 73.
    ॐ इन्दिरार्चितपादाय नमःइंदिरा अर्थात लक्ष्मी द्वारा अर्चित चरणों वाले
  74. 74.
    ॐ इन्द्रभोगफलप्रदाय नमःइंद्र के भोग का फल देने वाले
  75. 75.
    ॐ इन्द्रदेवस्वरूपाय नमःइंद्रदेव के स्वरूप
  76. 76.
    ॐ इष्टेष्टवरदायकाय नमःअभीष्ट का अभीष्ट वर देने वाले
  77. 77.
    ॐ इष्टापूर्तिप्रदाय नमःइष्ट तथा पूर्त कर्मों का फल देने वाले
  78. 78.
    ॐ इन्दुमतीष्टवरदायकाय नमःइंदुमती को अभीष्ट वर देने वाले
  79. 79.
    ॐ इन्दिरारमणप्रीताय नमःइंदिरा-रमण अर्थात विष्णु को प्रिय
  80. 80.
    ॐ इन्द्रवंशनृपार्चिताय नमःइंद्रवंशी राजाओं द्वारा अर्चित
  81. 81.
    ॐ इहामुत्रेष्टफलदाय नमःइस लोक तथा परलोक — दोनों में अभीष्ट फल देने वाले
  82. 82.
    ॐ इन्दिरारमणार्चिताय नमःइंदिरा-रमण अर्थात विष्णु द्वारा अर्चित
  83. 83.
    ॐ ईद्रियाय नमःऐंद्रिय; इंद्रिय-स्वरूप
  84. 84.
    ॐ ईश्वरप्रीताय नमःईश्वर को प्रिय
  85. 85.
    ॐ ईषणात्रयवर्जिताय नमःतीनों एषणाओं से रहित
  86. 86.
    ॐ उमास्वरूपाय नमःउमा के स्वरूप
  87. 87.
    ॐ उद्बोध्याय नमःबोध कराने योग्य
  88. 88.
    ॐ उशनाय नमःउशना; कवि-स्वरूप
  89. 89.
    ॐ उत्सवप्रियाय नमःउत्सव को प्रिय
  90. 90.
    ॐ उमादेव्यर्चनप्रीताय नमःउमादेवी के अर्चन से प्रसन्न होने वाले
  91. 91.
    ॐ उच्चस्थोच्चफलप्रदाय नमःउच्च राशि में स्थित होने पर उच्च फल देने वाले
  92. 92.
    ॐ उरुप्रकाशाय नमःविशाल प्रकाश वाले
  93. 93.
    ॐ उच्चस्थयोगदाय नमःउच्च स्थान में योग देने वाले
  94. 94.
    ॐ उरुपराक्रमाय नमःमहान पराक्रम वाले
  95. 95.
    ॐ ऊर्ध्वलोकादिसञ्चारिणे नमःऊर्ध्व लोकों आदि में संचरण करने वाले
  96. 96.
    ॐ ऊर्ध्वलोकादिनायकाय नमःऊर्ध्व लोकों आदि के नायक
  97. 97.
    ॐ ऊर्जस्विने नमःऊर्जस्वी; बलशाली
  98. 98.
    ॐ ऊनपादाय नमःऊन अर्थात अपूर्ण चरण वाले
  99. 99.
    ॐ ऋकाराक्षरपूजिताय नमःऋकार अक्षर से पूजित
  100. 100.
    ॐ ऋषिप्रोक्तपुराणज्ञाय नमःऋषियों द्वारा कहे गए पुराणों को जानने वाले
  101. 101.
    ॐ ऋषिभिः परिपूजिताय नमःऋषियों द्वारा भली प्रकार पूजित
  102. 102.
    ॐ ऋग्वेदवन्द्याय नमःऋग्वेद द्वारा वंदित
  103. 103.
    ॐ ऋग्रूपिणे नमःऋक्-रूप वाले
  104. 104.
    ॐ ऋजुमार्गप्रवर्तकाय नमःऋजु अर्थात सरल मार्ग पर प्रवृत्त कराने वाले
  105. 105.
    ॐ लुळितोद्धारकाय नमःविचलितों का उद्धार करने वाले
  106. 106.
    ॐ लूतभवपाश प्रभञ्जनाय नमःलूत अर्थात मकड़ी के जाल सदृश भव-पाश का भंजन करने वाले
  107. 107.
    ॐ लूकाररूपकाय नमःलूकार अक्षर के रूप वाले
  108. 108.
    ॐ लब्धधर्ममार्गप्रवर्तकाय नमःप्राप्त धर्म-मार्ग पर प्रवृत्त कराने वाले
  109. 109.
    ॐ एकाधिपत्यसाम्राज्यप्रदाय नमःएकाधिपत्य तथा साम्राज्य देने वाले
  110. 110.
    ॐ एनौघनाशनाय नमःपाप-समूह का नाश करने वाले
  111. 111.
    ॐ एकपादे नमःएक चरण वाले
  112. 112.
    ॐ एकस्मै नमःएक; अद्वितीय
  113. 113.
    ॐ एकोनविंशतिमासभुक्तिदाय नमःउन्नीस मास की भुक्ति देने वाले
  114. 114.
    ॐ एकोनविंशतिवर्षदशाय नमःउन्नीस वर्ष की दशा वाले
  115. 115.
    ॐ एणाङ्कपूजिताय नमःएणाङ्क अर्थात चंद्रमा द्वारा पूजित
  116. 116.
    ॐ ऐश्वर्यफलदाय नमःऐश्वर्य का फल देने वाले
  117. 117.
    ॐ ऐन्द्राय नमःऐंद्र; इंद्र-सम्बन्धी
  118. 118.
    ॐ ऐरावतसुपूजिताय नमःऐरावत द्वारा भली प्रकार पूजित
  119. 119.
    ॐ ओंकारजपसुप्रीताय नमःओंकार के जप से प्रसन्न होने वाले
  120. 120.
    ॐ ओंकारपरिपूजिताय नमःओंकार द्वारा परिपूजित
  121. 121.
    ॐ ओंकारबीजाय नमःओंकार ही जिनका बीज है
  122. 122.
    ॐ औदार्यहस्ताय नमःउदार हाथ वाले
  123. 123.
    ॐ औन्नत्यदायकाय नमःउन्नति देने वाले
  124. 124.
    ॐ औदार्यगुणाय नमःउदारता ही जिनका गुण है
  125. 125.
    ॐ औदार्यशीलाय नमःउदार शील वाले
  126. 126.
    ॐ औषधकारकाय नमःऔषध करने वाले

क-वर्ग — कालरूप, काकवाह तथा कृष्ण-गो दान का बड़ा खंड (नाम 127–226)

  1. 127.
    ॐ करपङ्कजसन्नद्धधनुषे नमःकर-कमल में धनुष धारण करने वाले
  2. 128.
    ॐ करुणानिधये नमःकरुणा के निधि
  3. 129.
    ॐ कालाय नमःकाल-स्वरूप
  4. 130.
    ॐ कठिनचित्ताय नमःकठोर चित्त वाले
  5. 131.
    ॐ कालमेघसमप्रभाय नमःघने मेघ के समान प्रभा वाले
  6. 132.
    ॐ किरीटिने नमःकिरीट धारण करने वाले
  7. 133.
    ॐ कर्मकृते नमःकर्म करने वाले
  8. 134.
    ॐ कारयित्रे नमःकराने वाले
  9. 135.
    ॐ कालसहोदराय नमःकाल के सहोदर
  10. 136.
    ॐ कालाम्बराय नमःकाले वस्त्र वाले
  11. 137.
    ॐ काकवाहाय नमःकाक अर्थात कौवे को वाहन बनाने वाले
  12. 138.
    ॐ कर्मठाय नमःकर्म में दृढ़
  13. 139.
    ॐ काश्यपान्वयाय नमःकश्यप के वंश वाले
  14. 140.
    ॐ कालचक्रप्रभेदिने नमःकाल-चक्र का भेदन करने वाले
  15. 141.
    ॐ कालरूपिणे नमःकाल के रूप वाले
  16. 142.
    ॐ कारणाय नमःकारण-स्वरूप
  17. 143.
    ॐ कारिमूर्तये नमःकर्ता की मूर्ति
  18. 144.
    ॐ कालभर्त्रे नमःकाल के भर्ता
  19. 145.
    ॐ किरीटमकुटोज्ज्वलाय नमःकिरीट व मुकुट से उज्ज्वल
  20. 146.
    ॐ कार्यकारणकालज्ञाय नमःकार्य, कारण तथा काल को जानने वाले
  21. 147.
    ॐ काञ्चनाभरथान्विताय नमःस्वर्ण सदृश आभा वाले रथ से युक्त
  22. 148.
    ॐ कालदंष्ट्राय नमःकाल सदृश दाढ़ों वाले
  23. 149.
    ॐ क्रोधरूपाय नमःक्रोध के रूप वाले
  24. 150.
    ॐ कराळिने नमःकराल
  25. 151.
    ॐ कृष्णकेतनाय नमःकृष्ण ध्वजा वाले
  26. 152.
    ॐ कालात्मने नमःकाल की आत्मा
  27. 153.
    ॐ कालकर्त्रे नमःकाल के कर्ता
  28. 154.
    ॐ कृतान्ताय नमःकृतांत; यम-स्वरूप
  29. 155.
    ॐ कृष्णगोप्रियाय नमःकाली गौ को प्रिय
  30. 156.
    ॐ कालाग्निरुद्ररूपाय नमःकालाग्नि रुद्र के रूप वाले
  31. 157.
    ॐ काश्यपात्मजसम्भवाय नमःकश्यप के पुत्र सूर्य से उत्पन्न
  32. 158.
    ॐ कृष्णवर्णहयाय नमःकाले वर्ण के अश्वों वाले
  33. 159.
    ॐ कृष्णगोक्षीरसुप्रियाय नमःकाली गौ का दूध जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  34. 160.
    ॐ कृष्णगोघृतसुप्रीताय नमःकाली गौ के घृत से प्रसन्न होने वाले
  35. 161.
    ॐ कृष्णगोदधिषुप्रियाय नमःकाली गौ का दधि जिन्हें प्रिय है
  36. 162.
    ॐ कृष्णगावैकचित्ताय नमःकाली गौओं में ही जिनका चित्त लगा रहता है
  37. 163.
    ॐ कृष्णगोदानसुप्रियाय नमःकाली गौ के दान से अत्यंत प्रसन्न होने वाले
  38. 164.
    ॐ कृष्णगोदत्तहृदयाय नमःकाली गौ देने वाले को हृदय दे देने वाले
  39. 165.
    ॐ कृष्णगोरक्षणप्रियाय नमःकाली गौ की रक्षा जिन्हें प्रिय है
  40. 166.
    ॐ कृष्णगोग्रासचित्तस्य सर्वपीडानिवारकाय नमःकाली गौ को ग्रास देने वाले की समस्त पीड़ा दूर करने वाले
  41. 167.
    ॐ कृष्णगोदान शान्तस्य सर्वशान्ति फलप्रदाय नमःकाली गौ के दान से शांत हुए जन को समस्त शांति का फल देने वाले
  42. 168.
    ॐ कृष्णगोस्नान कामस्य गङ्गास्नान फलप्रदाय नमःकाली गौ को स्नान कराने की इच्छा वाले को गंगा-स्नान का फल देने वाले
  43. 169.
    ॐ कृष्णगोरक्षणस्याशु सर्वाभीष्टफलप्रदाय नमःकाली गौ की रक्षा करने वाले को शीघ्र ही समस्त अभीष्ट फल देने वाले
  44. 170.
    ॐ कृष्णगावप्रियाय नमःकाली गौएँ जिन्हें प्रिय हैं
  45. 171.
    ॐ कपिलापशुषुप्रियाय नमःकपिला गौ जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  46. 172.
    ॐ कपिलाक्षीरपानस्य सोमपानफलप्रदाय नमःकपिला का दूध पीने वाले को सोमपान का फल देने वाले
  47. 173.
    ॐ कपिलादानसुप्रीताय नमःकपिला के दान से अत्यंत प्रसन्न होने वाले
  48. 174.
    ॐ कपिलाज्यहुतप्रियाय नमःकपिला के घृत की आहुति जिन्हें प्रिय है
  49. 175.
    ॐ कृष्णाय नमःकृष्ण; श्याम वर्ण वाले
  50. 176.
    ॐ कृत्तिकान्तस्थाय नमःकृत्तिका के अंत में स्थित
  51. 177.
    ॐ कृष्णगोवत्ससुप्रियाय नमःकाली गौ का बछड़ा जिन्हें प्रिय है
  52. 178.
    ॐ कृष्णमाल्याम्बरधराय नमःकाली माला तथा वस्त्र धारण करने वाले
  53. 179.
    ॐ कृष्णवर्णतनूरुहाय नमःकाले वर्ण के रोमों वाले
  54. 180.
    ॐ कृष्णकेतवे नमःकृष्ण ध्वज वाले
  55. 181.
    ॐ कृशकृष्णदेहाय नमःकृश तथा कृष्ण देह वाले
  56. 182.
    ॐ कृष्णाम्बरप्रियाय नमःकाले वस्त्र जिन्हें प्रिय हैं
  57. 183.
    ॐ क्रूरचेष्टाय नमःक्रूर चेष्टा वाले
  58. 184.
    ॐ क्रूरभावाय नमःक्रूर भाव वाले
  59. 185.
    ॐ क्रूरदंष्ट्राय नमःक्रूर दाढ़ों वाले
  60. 186.
    ॐ कुरूपिणे नमःकुरूप
  61. 187.
    ॐ कमलापति संसेव्याय नमःकमलापति अर्थात विष्णु द्वारा सेवनीय
  62. 188.
    ॐ कमलोद्भवपूजिताय नमःकमल से उत्पन्न ब्रह्मा द्वारा पूजित
  63. 189.
    ॐ कामितार्थप्रदाय नमःकामनाओं का अर्थ देने वाले
  64. 190.
    ॐ कामधेनु पूजनसुप्रियाय नमःकामधेनु के पूजन से अत्यंत प्रसन्न होने वाले
  65. 191.
    ॐ कामधेनुसमाराध्याय नमःकामधेनु द्वारा भली प्रकार आराधित
  66. 192.
    ॐ कृपायुषविवर्धनाय नमःकृपा तथा आयु की वृद्धि करने वाले
  67. 193.
    ॐ कामधेन्वैकचित्ताय नमःकामधेनु में ही जिनका चित्त लगा रहता है
  68. 194.
    ॐ कृपराज सुपूजिताय नमःकृपराज द्वारा भली प्रकार पूजित
  69. 195.
    ॐ कामदोग्ध्रे नमःकामनाओं को दुहने वाले
  70. 196.
    ॐ क्रुद्धाय नमःक्रुद्ध
  71. 197.
    ॐ कुरुवंशसुपूजिताय नमःकुरुवंश द्वारा भली प्रकार पूजित
  72. 198.
    ॐ कृष्णाङ्गमहिषीदोग्ध्रे नमःकाले अंग वाली भैंस को दुहने वाले
  73. 199.
    ॐ कृष्णेन कृतपूजनाय नमःश्रीकृष्ण द्वारा जिनका पूजन किया गया
  74. 200.
    ॐ कृष्णाङ्गमहिषीदानप्रियाय नमःकाले अंग वाली भैंस का दान जिन्हें प्रिय है
  75. 201.
    ॐ कोणस्थाय नमःकोण में स्थित
  76. 202.
    ॐ कृष्णाङ्गमहिषीदानलोलुपाय नमःकाले अंग वाली भैंस के दान के लिए लालायित
  77. 203.
    ॐ कामपूजिताय नमःकामदेव द्वारा पूजित
  78. 204.
    ॐ क्रूरावलोकनात्सर्वनाशाय नमःजिनके क्रूर अवलोकन से सर्वनाश होता है
  79. 205.
    ॐ कृष्णाङ्गदप्रियाय नमःकाले अंगद जिन्हें प्रिय हैं
  80. 206.
    ॐ खद्योताय नमःखद्योत अर्थात जुगनू के समान
  81. 207.
    ॐ खण्डनाय नमःखंडन करने वाले
  82. 208.
    ॐ खड्गधराय नमःखड्ग धारण करने वाले
  83. 209.
    ॐ खेचरपूजिताय नमःखेचरों द्वारा पूजित
  84. 210.
    ॐ खरांशुतनयाय नमःखरांशु अर्थात सूर्य के पुत्र
  85. 211.
    ॐ खगानां पतिवाहनाय नमःखगों के पति को वाहन बनाने वाले
  86. 212.
    ॐ गोसवासक्तहृदयाय नमःगो-दान में आसक्त हृदय वाले
  87. 213.
    ॐ गोचरस्थानदोषहृते नमःगोचर-स्थान के दोष हरने वाले
  88. 214.
    ॐ गृहराश्याधिपाय नमःगृह-राशि के अधिपति
  89. 215.
    ॐ गृहराजमहाबलाय नमःगृह-राज तथा महाबली
  90. 216.
    ॐ गृध्रवाहाय नमःगृध्र अर्थात गिद्ध वाहन वाले
  91. 217.
    ॐ गृहपतये नमःगृह के पति
  92. 218.
    ॐ गोचराय नमःगोचर-स्वरूप
  93. 219.
    ॐ गानलोलुपाय नमःगान के लिए लालायित
  94. 220.
    ॐ घोराय नमःघोर
  95. 221.
    ॐ घर्माय नमःघर्म; ताप-स्वरूप
  96. 222.
    ॐ घनतमसे नमःघने अंधकार वाले
  97. 223.
    ॐ घर्मिणे नमःघर्म अर्थात ताप से युक्त
  98. 224.
    ॐ घनकृपान्विताय नमःघनी कृपा से युक्त
  99. 225.
    ॐ घननीलाम्बरधराय नमःघने नील वस्त्र धारण करने वाले
  100. 226.
    ॐ ङादिवर्ण सुसंज्ञिताय नमःङ आदि वर्णों से भली प्रकार संज्ञित

च से ण वर्ग — छायापुत्र, ज्योतिःशास्त्रप्रवर्तक व अक्षर-नाम (नाम 227–283)

  1. 227.
    ॐ चक्रवर्तिसमाराध्याय नमःचक्रवर्ती राजाओं द्वारा भली प्रकार आराधित
  2. 228.
    ॐ चन्द्रमत्यसमर्चिताय नमःचन्द्रमती द्वारा भली प्रकार अर्चित
  3. 229.
    ॐ चन्द्रमत्यार्तिहारिणे नमःचन्द्रमती की पीड़ा हरने वाले
  4. 230.
    ॐ चराचरसुखप्रदाय नमःचराचर को सुख देने वाले
  5. 231.
    ॐ चतुर्भुजाय नमःचार भुजाओं वाले
  6. 232.
    ॐ चापहस्ताय नमःहाथ में धनुष वाले
  7. 233.
    ॐ चराचरहितप्रदाय नमःचराचर का हित करने वाले
  8. 234.
    ॐ छायापुत्राय नमःछाया के पुत्र
  9. 235.
    ॐ छत्रधराय नमःछत्र धारण करने वाले
  10. 236.
    ॐ छायादेवीसुताय नमःछाया देवी के पुत्र
  11. 237.
    ॐ जयप्रदाय नमःजय देने वाले
  12. 238.
    ॐ जगन्नीलाय नमःजगत में नील वर्ण वाले
  13. 239.
    ॐ जपतां सर्वसिद्धिदाय नमःजप करने वालों को समस्त सिद्धि देने वाले
  14. 240.
    ॐ जपविध्वस्तविमुखाय नमःजप से विमुख जनों का विध्वंस करने वाले
  15. 241.
    ॐ जम्भारिपरिपूजिताय नमःजम्भारि अर्थात इंद्र द्वारा परिपूजित
  16. 242.
    ॐ जम्भारिवन्द्याय नमःजम्भारि अर्थात इंद्र द्वारा वंदित
  17. 243.
    ॐ जयदाय नमःजय देने वाले
  18. 244.
    ॐ जगज्जनमनोहराय नमःजगत के जनों के मन को हरने वाले
  19. 245.
    ॐ जगत्त्रयप्रकुपिताय नमःतीनों जगत पर कुपित होने वाले
  20. 246.
    ॐ जगत्त्राणपरायणाय नमःतीनों जगत की रक्षा में तत्पर
  21. 247.
    ॐ जयाय नमःजय-स्वरूप
  22. 248.
    ॐ जयप्रदाय नमःजय देने वाले
  23. 249.
    ॐ जगदानन्दकारकाय नमःजगत को आनंद देने वाले
  24. 250.
    ॐ ज्योतिषे नमःज्योति-स्वरूप
  25. 251.
    ॐ ज्योतिषां श्रेष्ठाय नमःज्योतियों में श्रेष्ठ
  26. 252.
    ॐ ज्योतिःशास्त्र प्रवर्तकाय नमःज्योतिष-शास्त्र के प्रवर्तक
  27. 253.
    ॐ झर्झरीकृतदेहाय नमःजर्जर किए गए देह वाले
  28. 254.
    ॐ झल्लरीवाद्यसुप्रियाय नमःझल्लरी वाद्य जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  29. 255.
    ॐ ज्ञानमूर्तिये नमःज्ञान की मूर्ति
  30. 256.
    ॐ ज्ञानगम्याय नमःज्ञान से प्राप्य
  31. 257.
    ॐ ज्ञानिने नमःज्ञानी
  32. 258.
    ॐ ज्ञानमहानिधये नमःज्ञान के महानिधि
  33. 259.
    ॐ ज्ञानप्रबोधकाय नमःज्ञान का प्रबोध कराने वाले
  34. 260.
    ॐ ज्ञानदृष्ट्यावलोकिताय नमःज्ञान-दृष्टि से अवलोकन किए जाने वाले
  35. 261.
    ॐ टङ्किताखिललोकाय नमःसमस्त लोकों को अंकित करने वाले
  36. 262.
    ॐ टङ्कितैनस्तमोरवये नमःपाप-रूपी अंधकार के लिए सूर्य
  37. 263.
    ॐ टङ्कारकारकाय नमःटंकार करने वाले
  38. 264.
    ॐ टङ्कृताय नमःटंकृत; प्रतिध्वनित
  39. 265.
    ॐ टाम्भदप्रियाय नमःटकार-ध्वनि जिन्हें प्रिय है (पाठ अनिश्चित)
  40. 266.
    ॐ ठकारमय सर्वस्वाय नमःठकार ही जिनका सर्वस्व है
  41. 267.
    ॐ ठकारकृतपूजिताय नमःठकार द्वारा किए गए पूजन से पूजित
  42. 268.
    ॐ ढक्कावाद्यप्रीतिकराय नमःढक्का वाद्य से प्रीति करने वाले
  43. 269.
    ॐ डमड्डमरुकप्रियाय नमःडमरू जिन्हें प्रिय है
  44. 270.
    ॐ डम्बरप्रभवाय नमःडम्बर अर्थात आडम्बर से प्रकट होने वाले
  45. 271.
    ॐ डम्भाय नमःडम्भ-स्वरूप
  46. 272.
    ॐ ढक्कानादप्रियङ्कराय नमःढक्का के नाद से प्रसन्न होने वाले
  47. 273.
    ॐ डाकिनी शाकिनी भूत सर्वोपद्रवकारकाय नमःडाकिनी, शाकिनी तथा भूतों द्वारा समस्त उपद्रव कराने वाले
  48. 274.
    ॐ डाकिनी शाकिनी भूत सर्वोपद्रवनाशकाय नमःडाकिनी, शाकिनी तथा भूतों के समस्त उपद्रव का नाश करने वाले
  49. 275.
    ॐ ढकाररूपाय नमःढकार के रूप वाले
  50. 276.
    ॐ ढाम्भीकाय नमःढाम्भीक (पाठ अनिश्चित)
  51. 277.
    ॐ णकारजपसुप्रियाय नमःणकार के जप से अत्यंत प्रसन्न होने वाले
  52. 278.
    ॐ णकारमयमन्त्रार्थाय नमःणकारमय मंत्र के अर्थ-स्वरूप
  53. 279.
    ॐ णकारैकशिरोमणये नमःणकार ही जिनकी एकमात्र शिरोमणि है
  54. 280.
    ॐ णकारवचनानन्दाय नमःणकार के वचन से आनंदित होने वाले
  55. 281.
    ॐ णकारकरुणामयाय नमःणकार में करुणामय
  56. 282.
    ॐ णकारमय सर्वस्वाय नमःणकार ही जिनका सर्वस्व है
  57. 283.
    ॐ णकारैकपरायणाय नमःणकार में ही एकमात्र परायण

त-वर्ग — तिल-दान का पूरा खंड तथा तुलोच्च (नाम 284–330)

  1. 284.
    ॐ तर्जनीधृतमुद्राय नमःतर्जनी में मुद्रा धारण करने वाले
  2. 285.
    ॐ तपसां फलदायकाय नमःतपों का फल देने वाले
  3. 286.
    ॐ त्रिविक्रमनुताय नमःत्रिविक्रम द्वारा नमस्कृत
  4. 287.
    ॐ त्रयीमयवपुर्धराय नमःतीनों वेदों की मूर्ति रूप शरीर धारण करने वाले
  5. 288.
    ॐ तपस्विने नमःतपस्वी
  6. 289.
    ॐ तपसा दग्धदेहाय नमःतप से दग्ध देह वाले
  7. 290.
    ॐ ताम्राधराय नमःताम्र वर्ण के अधर वाले
  8. 291.
    ॐ त्रिकालवेदितव्याय नमःतीनों कालों में जानने योग्य
  9. 292.
    ॐ त्रिकालमतितोषिताय नमःतीनों कालों में अत्यंत संतुष्ट होने वाले
  10. 293.
    ॐ तुलोच्चयाय नमःतुला राशि में उच्च होने वाले
  11. 294.
    ॐ त्रासकराय नमःत्रास उत्पन्न करने वाले
  12. 295.
    ॐ तिलतैलप्रियाय नमःतिल का तेल जिन्हें प्रिय है
  13. 296.
    ॐ तिलान्न सन्तुष्टमनसे नमःतिल-मिश्रित अन्न से संतुष्ट मन वाले
  14. 297.
    ॐ तिलदानप्रियाय नमःतिल का दान जिन्हें प्रिय है
  15. 298.
    ॐ तिलभक्ष्यप्रियाय नमःतिल का भक्ष्य जिन्हें प्रिय है
  16. 299.
    ॐ तिलचूर्णप्रियाय नमःतिल का चूर्ण जिन्हें प्रिय है
  17. 300.
    ॐ तिलखण्डप्रियाय नमःतिल का खंड जिन्हें प्रिय है
  18. 301.
    ॐ तिलापूपप्रियाय नमःतिल का अपूप जिन्हें प्रिय है
  19. 302.
    ॐ तिलहोमप्रियाय नमःतिल का होम जिन्हें प्रिय है
  20. 303.
    ॐ तापत्रयनिवारकाय नमःतीनों तापों का निवारण करने वाले
  21. 304.
    ॐ तिलतर्पणसन्तुष्टाय नमःतिल-तर्पण से संतुष्ट होने वाले
  22. 305.
    ॐ तिलतैलान्नतोषिताय नमःतिल, तेल तथा अन्न से संतुष्ट होने वाले
  23. 306.
    ॐ तिलैकदत्तहृदयाय नमःकेवल तिल देने वाले को भी हृदय दे देने वाले
  24. 307.
    ॐ तेजस्विने नमःतेजस्वी
  25. 308.
    ॐ तेजसान्निधये नमःतेज के निधि
  26. 309.
    ॐ तेजसादित्यसङ्काशाय नमःतेज में आदित्य के सदृश
  27. 310.
    ॐ तेजोमयवपुर्धराय नमःतेजोमय शरीर धारण करने वाले
  28. 311.
    ॐ तत्त्वज्ञाय नमःतत्त्व को जानने वाले
  29. 312.
    ॐ तत्त्वगाय नमःतत्त्व में स्थित
  30. 313.
    ॐ तीव्राय नमःतीव्र
  31. 314.
    ॐ तपोरूपाय नमःतप के रूप वाले
  32. 315.
    ॐ तपोमयाय नमःतपोमय
  33. 316.
    ॐ तुष्टिदाय नमःतुष्टि देने वाले
  34. 317.
    ॐ तुष्टिकृते नमःतुष्टि करने वाले
  35. 318.
    ॐ तीक्ष्णाय नमःतीक्ष्ण
  36. 319.
    ॐ त्रिमूर्तये नमःत्रिमूर्ति-स्वरूप
  37. 320.
    ॐ त्रिगुणात्मकाय नमःतीनों गुणों की आत्मा वाले
  38. 321.
    ॐ तिलदीपप्रियाय नमःतिल का दीप जिन्हें प्रिय है
  39. 322.
    ॐ तस्यपीडानिवारकाय नमःउसकी पीड़ा का निवारण करने वाले
  40. 323.
    ॐ तिलोत्तमामेनकादिनर्तनप्रियाय नमःतिलोत्तमा व मेनका आदि का नर्तन जिन्हें प्रिय है
  41. 324.
    ॐ त्रिभागमष्टवर्गाय नमःतीन भाग तथा अष्टवर्ग वाले
  42. 325.
    ॐ स्थूलरोम्णे नमःस्थूल रोमों वाले
  43. 326.
    ॐ स्थिराय नमःस्थिर
  44. 327.
    ॐ स्थिताय नमःस्थित
  45. 328.
    ॐ स्थायिने नमःस्थायी
  46. 329.
    ॐ स्थापकाय नमःस्थापना करने वाले
  47. 330.
    ॐ स्थूलसूक्ष्मप्रदर्शकाय नमःस्थूल तथा सूक्ष्म — दोनों दिखाने वाले

द व ध वर्ग — दशरथ-प्रसंग, दमयन्ती तथा धर्मराज (नाम 331–410)

  1. 331.
    ॐ दशरथार्चितपादाय नमःदशरथ द्वारा अर्चित चरणों वाले
  2. 332.
    ॐ दशरथस्तोत्रतोषिताय नमःदशरथ के स्तोत्र से संतुष्ट होने वाले
  3. 333.
    ॐ दशरथप्रार्थनाकॢप्तदुर्भिक्षविनिवारकाय नमःदशरथ की प्रार्थना से दुर्भिक्ष का निवारण करने वाले
  4. 334.
    ॐ दशरथप्रार्थनाकॢप्तवरद्वयप्रदायकाय नमःदशरथ की प्रार्थना पर दो वर देने वाले
  5. 335.
    ॐ दशरथस्वात्मदर्शिने नमःदशरथ को अपना स्वरूप दिखाने वाले
  6. 336.
    ॐ दशरथाभीष्टदायकाय नमःदशरथ को अभीष्ट देने वाले
  7. 337.
    ॐ दोर्भिर्धनुर्धराय नमःभुजाओं में धनुष धारण करने वाले
  8. 338.
    ॐ दीर्घश्मश्रुजटाधराय नमःलंबी दाढ़ी तथा जटा धारण करने वाले
  9. 339.
    ॐ दशरथस्तोत्रवरदाय नमःदशरथ के स्तोत्र पर वर देने वाले
  10. 340.
    ॐ दशरथाभीप्सितप्रदाय नमःदशरथ की अभीप्सा पूर्ण करने वाले
  11. 341.
    ॐ दशरथस्तोत्रसन्तुष्टाय नमःदशरथ के स्तोत्र से संतुष्ट
  12. 342.
    ॐ दशरथेन सुपूजिताय नमःदशरथ द्वारा भली प्रकार पूजित
  13. 343.
    ॐ द्वादशाष्टमजन्मस्थाय नमःद्वादश, अष्टम तथा जन्म भाव में स्थित रहने वाले
  14. 344.
    ॐ देवपुङ्गवपूजिताय नमःदेवश्रेष्ठों द्वारा पूजित
  15. 345.
    ॐ देवदानवदर्पघ्नाय नमःदेव तथा दानव — दोनों का दर्प हरने वाले
  16. 346.
    ॐ दिनं प्रतिमुनिस्तुताय नमःप्रतिदिन मुनियों द्वारा स्तुत
  17. 347.
    ॐ द्वादशस्थाय नमःद्वादश भाव में स्थित
  18. 348.
    ॐ द्वादशात्मसुताय नमःद्वादशात्मा अर्थात सूर्य के पुत्र
  19. 349.
    ॐ द्वादशनामभृते नमःबारह नाम धारण करने वाले
  20. 350.
    ॐ द्वितीयस्थाय नमःद्वितीय भाव में स्थित
  21. 351.
    ॐ द्वादशार्कसूनवे नमःद्वादश आदित्यों में से सूर्य के पुत्र
  22. 352.
    ॐ दैवज्ञपूजिताय नमःदैवज्ञों द्वारा पूजित
  23. 353.
    ॐ दैवज्ञचित्तवासिने नमःदैवज्ञों के चित्त में निवास करने वाले
  24. 354.
    ॐ दमयन्त्यासुपूजिताय नमःदमयन्ती द्वारा भली प्रकार पूजित
  25. 355.
    ॐ द्वादशाब्दन्तु दुर्भिक्षकारिणे नमःबारह वर्ष का दुर्भिक्ष करने वाले
  26. 356.
    ॐ दुःस्वप्ननाशनाय नमःदुःस्वप्न का नाश करने वाले
  27. 357.
    ॐ दुराराध्याय नमःकठिनाई से आराधित होने वाले
  28. 358.
    ॐ दुराधर्षाय नमःदुर्धर्ष; जिन्हें दबाया न जा सके
  29. 359.
    ॐ दमयन्तीवरप्रदाय नमःदमयन्ती को वर देने वाले
  30. 360.
    ॐ दुष्टदूराय नमःदुष्टों से दूर रहने वाले
  31. 361.
    ॐ दुराचारशमनाय नमःदुराचार का शमन करने वाले
  32. 362.
    ॐ दोषवर्जिताय नमःदोष से रहित
  33. 363.
    ॐ दुःसहाय नमःदुःसह
  34. 364.
    ॐ दोषहन्त्रे नमःदोषों का नाश करने वाले
  35. 365.
    ॐ दुर्लभाय नमःदुर्लभ
  36. 366.
    ॐ दुर्गमाय नमःदुर्गम
  37. 367.
    ॐ दुःखप्रदाय नमःदुःख देने वाले
  38. 368.
    ॐ दुःखहन्त्रे नमःदुःख का नाश करने वाले
  39. 369.
    ॐ दीप्तरञ्जितदिङ्मुखाय नमःदीप्ति से दिशाओं के मुख रंजित करने वाले
  40. 370.
    ॐ दीप्यमान मुखाम्भोजाय नमःदेदीप्यमान मुख-कमल वाले
  41. 371.
    ॐ दमयन्त्याःशिवप्रदाय नमःदमयन्ती को कल्याण देने वाले
  42. 372.
    ॐ दुर्निरीक्ष्याय नमःदुर्निरीक्ष्य; जिनकी ओर देखा न जा सके
  43. 373.
    ॐ दृष्टमात्रदैत्यमण्डलनाशकाय नमःदृष्टि मात्र से दैत्य-मण्डल का नाश करने वाले
  44. 374.
    ॐ द्विजदानैकनिरताय नमःद्विजों को दान देने में ही निरत
  45. 375.
    ॐ द्विजाराधनतत्पराय नमःद्विजों की आराधना में तत्पर
  46. 376.
    ॐ द्विजसर्वार्तिहारिणे नमःद्विजों की समस्त पीड़ा हरने वाले
  47. 377.
    ॐ द्विजराज समर्चिताय नमःद्विजराज द्वारा भली प्रकार अर्चित
  48. 378.
    ॐ द्विजदानैकचित्ताय नमःद्विज-दान में ही जिनका चित्त है
  49. 379.
    ॐ द्विजराज प्रियङ्कराय नमःद्विजराज का प्रिय करने वाले
  50. 380.
    ॐ द्विजाय नमःद्विज-स्वरूप
  51. 381.
    ॐ द्विजप्रियाय नमःद्विजों को प्रिय
  52. 382.
    ॐ द्विजराजेष्टदायकाय नमःद्विजराज को अभीष्ट देने वाले
  53. 383.
    ॐ द्विजरूपाय नमःद्विज के रूप वाले
  54. 384.
    ॐ द्विजश्रेष्ठाय नमःद्विजों में श्रेष्ठ
  55. 385.
    ॐ दोषदाय नमःदोष देने वाले
  56. 386.
    ॐ दुःसहाय नमःदुःसह
  57. 387.
    ॐ देवादिदेवाय नमःदेवों के भी आदि देव
  58. 388.
    ॐ देवेशाय नमःदेवों के ईश
  59. 389.
    ॐ देवराज सुपूजिताय नमःदेवराज द्वारा भली प्रकार पूजित
  60. 390.
    ॐ देवराजेष्टवरदाय नमःदेवराज को अभीष्ट वर देने वाले
  61. 391.
    ॐ देवराज प्रियङ्कराय नमःदेवराज का प्रिय करने वाले
  62. 392.
    ॐ देवादिवन्दिताय नमःदेवादि द्वारा वंदित
  63. 393.
    ॐ दिव्यतनवे नमःदिव्य शरीर वाले
  64. 394.
    ॐ देवशिखामणये नमःदेवों के शिखामणि
  65. 395.
    ॐ देवगानप्रियाय नमःदेवों का गान जिन्हें प्रिय है
  66. 396.
    ॐ देवदेशिकपुङ्गवाय नमःदेव-गुरुओं में श्रेष्ठ
  67. 397.
    ॐ द्विजात्मजासमाराध्याय नमःद्विज-कन्या द्वारा भली प्रकार आराधित
  68. 398.
    ॐ ध्येयाय नमःध्यान करने योग्य
  69. 399.
    ॐ धर्मिणे नमःधर्मी
  70. 400.
    ॐ धनुर्धराय नमःधनुर्धर
  71. 401.
    ॐ धनुष्मते नमःधनुष्मान
  72. 402.
    ॐ धनदात्रे नमःधन देने वाले
  73. 403.
    ॐ धर्माधर्मविवर्जिताय नमःधर्म तथा अधर्म — दोनों से रहित
  74. 404.
    ॐ धर्मरूपाय नमःधर्म के रूप वाले
  75. 405.
    ॐ धनुर्दिव्याय नमःदिव्य धनुष वाले
  76. 406.
    ॐ धर्मशास्त्रात्मचेतनाय नमःधर्मशास्त्र ही जिनकी चेतना है
  77. 407.
    ॐ धर्मराज प्रियकराय नमःधर्मराज का प्रिय करने वाले
  78. 408.
    ॐ धर्मराज सुपूजिताय नमःधर्मराज द्वारा भली प्रकार पूजित
  79. 409.
    ॐ धर्मराजेष्टवरदाय नमःधर्मराज को अभीष्ट वर देने वाले
  80. 410.
    ॐ धर्माभीष्टफलप्रदाय नमःधर्म का अभीष्ट फल देने वाले

न-वर्ग — नल-प्रसंग, नक्षत्रमण्डल व नवग्रहाधिराज (नाम 411–501)

  1. 411.
    ॐ नित्यतृप्तस्वभावाय नमःनित्य तृप्त स्वभाव वाले
  2. 412.
    ॐ नित्यकर्मरताय नमःनित्य कर्म में रत
  3. 413.
    ॐ निजपीडार्तिहारिणे नमःअपनी दी हुई पीड़ा को स्वयं हरने वाले
  4. 414.
    ॐ निजभक्तेष्टदायकाय नमःअपने भक्तों को अभीष्ट देने वाले
  5. 415.
    ॐ निर्मासदेहाय नमःमांस-रहित देह वाले
  6. 416.
    ॐ नीलाय नमःनील
  7. 417.
    ॐ निजस्तोत्रबहुप्रियाय नमःअपने ही स्तोत्र से अत्यंत प्रसन्न होने वाले
  8. 418.
    ॐ नळस्तोत्रप्रियाय नमःनल का स्तोत्र जिन्हें प्रिय है
  9. 419.
    ॐ नळराजसुपूजिताय नमःराजा नल द्वारा भली प्रकार पूजित
  10. 420.
    ॐ नक्षत्रमण्डलगताय नमःनक्षत्र-मण्डल में गमन करने वाले
  11. 421.
    ॐ नमताम्प्रियकारकाय नमःनमस्कार करने वालों का प्रिय करने वाले
  12. 422.
    ॐ नित्यार्चितपदाम्भोजाय नमःनित्य अर्चित चरण-कमल वाले
  13. 423.
    ॐ निजाज्ञापरिपालकाय नमःअपनी आज्ञा का परिपालन करने वाले
  14. 424.
    ॐ नवग्रहवराय नमःनवग्रहों में श्रेष्ठ
  15. 425.
    ॐ नीलवपुषे नमःनील शरीर वाले
  16. 426.
    ॐ नळकरार्चिताय नमःनल के हाथों अर्चित
  17. 427.
    ॐ नळप्रियानन्दिताय नमःनल की प्रिया को आनंदित करने वाले
  18. 428.
    ॐ नळक्षेत्रनिवासकाय नमःनल-क्षेत्र में निवास करने वाले
  19. 429.
    ॐ नळपाकप्रियाय नमःनल का पाक जिन्हें प्रिय है
  20. 430.
    ॐ नळपद्भञ्जनक्षमाय नमःनल के चरणों का भंजन करने में समर्थ
  21. 431.
    ॐ नळसर्वार्तिहारिणे नमःनल की समस्त पीड़ा हरने वाले
  22. 432.
    ॐ नळेनात्मार्थपूजिताय नमःनल द्वारा आत्म-अर्पण पूर्वक पूजित
  23. 433.
    ॐ निपाटवीनिवासाय नमःनिपाट वन में निवास करने वाले
  24. 434.
    ॐ नळाभीष्टवरप्रदाय नमःनल को अभीष्ट वर देने वाले
  25. 435.
    ॐ नळतीर्थसकृत् स्नान सर्वपीडानिवारकाय नमःनल-तीर्थ में एक बार स्नान करने मात्र से समस्त पीड़ा का निवारण करने वाले
  26. 436.
    ॐ नळेशदर्शनस्याशु साम्राज्यपदवीप्रदाय नमःनलेश के दर्शन से शीघ्र ही साम्राज्य-पदवी देने वाले
  27. 437.
    ॐ नक्षत्रराश्यधिपाय नमःनक्षत्रों तथा राशियों के अधिपति
  28. 438.
    ॐ नीलध्वजविराजिताय नमःनील ध्वजा से सुशोभित
  29. 439.
    ॐ नित्ययोगरताय नमःनित्य योग में रत
  30. 440.
    ॐ नवरत्नविभूषिताय नमःनवरत्नों से विभूषित
  31. 441.
    ॐ नवधाभज्यदेहाय नमःनौ प्रकार से विभाजित होने वाली देह वाले
  32. 442.
    ॐ नवीकृतजगत्त्रयाय नमःतीनों जगत को नवीन करने वाले
  33. 443.
    ॐ नवग्रहाधिपाय नमःनवग्रहों के अधिपति
  34. 444.
    ॐ नवाक्षरजपप्रियाय नमःनौ अक्षरों का जप जिन्हें प्रिय है
  35. 445.
    ॐ नवात्मने नमःनव-आत्मा वाले
  36. 446.
    ॐ नवचक्रात्मने नमःनौ चक्रों की आत्मा वाले
  37. 447.
    ॐ नवतत्त्वाधिपाय नमःनौ तत्त्वों के अधिपति
  38. 448.
    ॐ नवोदन प्रियाय नमःनया ओदन जिन्हें प्रिय है
  39. 449.
    ॐ नवधान्यप्रियाय नमःनया धान्य जिन्हें प्रिय है
  40. 450.
    ॐ निष्कण्टकाय नमःकंटक-रहित
  41. 451.
    ॐ निस्पृहाय नमःस्पृहा-रहित
  42. 452.
    ॐ निरपेक्षाय नमःअपेक्षा-रहित
  43. 453.
    ॐ निरामयाय नमःरोग-रहित
  44. 454.
    ॐ नागराजार्चितपदाय नमःनागराज द्वारा अर्चित चरणों वाले
  45. 455.
    ॐ नागराजप्रियङ्कराय नमःनागराज का प्रिय करने वाले
  46. 456.
    ॐ नागराजेष्टवरदाय नमःनागराज को अभीष्ट वर देने वाले
  47. 457.
    ॐ नागाभरणभूषिताय नमःनागों के आभूषण से विभूषित
  48. 458.
    ॐ नागेन्द्रगान निरताय नमःनागेंद्र के गान में निरत
  49. 459.
    ॐ नानाभरणभूषिताय नमःनाना आभूषणों से विभूषित
  50. 460.
    ॐ नवमित्रस्वरूपाय नमःनौ मित्रों के स्वरूप
  51. 461.
    ॐ नानाश्चर्यविधायकाय नमःनाना आश्चर्य करने वाले
  52. 462.
    ॐ नानाद्वीपाधिकर्त्रे नमःनाना द्वीपों के अधिकर्ता
  53. 463.
    ॐ नानालिपिसमावृताय नमःनाना लिपियों से आवृत
  54. 464.
    ॐ नानारूपजगत्स्रष्ट्रे नमःनाना रूप वाले जगत के स्रष्टा
  55. 465.
    ॐ नानारूपजनाश्रयाय नमःनाना रूप वाले जनों के आश्रय
  56. 466.
    ॐ नानालोकाधिपाय नमःनाना लोकों के अधिपति
  57. 467.
    ॐ नानाभाषाप्रियाय नमःनाना भाषाएँ जिन्हें प्रिय हैं
  58. 468.
    ॐ नानारूपाधिकारिणे नमःनाना रूपों के अधिकारी
  59. 469.
    ॐ नवरत्नप्रियाय नमःनवरत्न जिन्हें प्रिय हैं
  60. 470.
    ॐ नानाविचित्रवेषाढ्याय नमःनाना विचित्र वेषों से समृद्ध
  61. 471.
    ॐ नानाचित्रविधायकाय नमःनाना चित्र रचने वाले
  62. 472.
    ॐ नीलजीमूतसङ्काशाय नमःनील जीमूत अर्थात मेघ के सदृश
  63. 473.
    ॐ नीलमेघसमप्रभाय नमःनील मेघ के समान प्रभा वाले
  64. 474.
    ॐ नीलाञ्जनचयप्रख्याय नमःनील अंजन के समूह के सदृश
  65. 475.
    ॐ नीलवस्त्रधरप्रियाय नमःनील वस्त्र धारण करने वाले जिन्हें प्रिय हैं
  66. 476.
    ॐ नीचभाषाप्रचारज्ञाय नमःनीच भाषाओं के प्रचार को जानने वाले
  67. 477.
    ॐ नीचे स्वल्पफलप्रदाय नमःनीच राशि में स्वल्प फल देने वाले
  68. 478.
    ॐ नानागम विधानज्ञाय नमःनाना आगमों के विधान को जानने वाले
  69. 479.
    ॐ नानानृपसमावृताय नमःनाना राजाओं से घिरे हुए
  70. 480.
    ॐ नानावर्णाकृतये नमःनाना वर्णों की आकृति वाले
  71. 481.
    ॐ नानावर्णस्वरार्तवाय नमःनाना वर्ण, स्वर तथा ऋतु वाले
  72. 482.
    ॐ नागलोकान्तवासिने नमःनागलोक के अंत में निवास करने वाले
  73. 483.
    ॐ नक्षत्रत्रयसंयुताय नमःतीन नक्षत्रों से संयुक्त
  74. 484.
    ॐ नभादिलोकसम्भूताय नमःनभ आदि लोकों से उत्पन्न
  75. 485.
    ॐ नामस्तोत्रबहुप्रियाय नमःनाम-स्तोत्र जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  76. 486.
    ॐ नामपारायणप्रीताय नमःनाम-पारायण से प्रसन्न होने वाले
  77. 487.
    ॐ नामार्चनवरप्रदाय नमःनाम-अर्चन पर वर देने वाले
  78. 488.
    ॐ नामस्तोत्रैकचित्ताय नमःनाम-स्तोत्र में ही जिनका एकमात्र चित्त है
  79. 489.
    ॐ नानारोगार्तिभञ्जनाय नमःनाना रोगों की पीड़ा का भंजन करने वाले
  80. 490.
    ॐ नवग्रहसमाराध्याय नमःनवग्रहों द्वारा भली प्रकार आराधित
  81. 491.
    ॐ नवग्रहभयापहाय नमःनवग्रहों का भय दूर करने वाले
  82. 492.
    ॐ नवग्रहसुसम्पूज्याय नमःनवग्रहों द्वारा भली प्रकार पूज्य
  83. 493.
    ॐ नानावेदसुरक्षकाय नमःनाना वेदों की भली प्रकार रक्षा करने वाले
  84. 494.
    ॐ नवग्रहाधिराजाय नमःनवग्रहों के अधिराज
  85. 495.
    ॐ नवग्रहजपप्रियाय नमःनवग्रह-जप जिन्हें प्रिय है
  86. 496.
    ॐ नवग्रहमयज्योतिषे नमःनवग्रहमय ज्योति
  87. 497.
    ॐ नवग्रहवरप्रदाय नमःनवग्रहों में वर देने वाले
  88. 498.
    ॐ नवग्रहाणामधिपाय नमःनवग्रहों के अधिपति
  89. 499.
    ॐ नवग्रह सुपीडिताय नमःनवग्रहों द्वारा भली प्रकार पीड़ित
  90. 500.
    ॐ नवग्रहाधीश्वराय नमःनवग्रहों के अधीश्वर
  91. 501.
    ॐ नवमाणिक्यशोभिताय नमःनवीन माणिक्य से शोभित

प व फ वर्ग — पाण्डव, परशुराम व फाल्गुन (नाम 502–613)

  1. 502.
    ॐ परमात्मने नमःपरमात्मा
  2. 503.
    ॐ परब्रह्मणे नमःपरब्रह्म
  3. 504.
    ॐ परमैश्वर्यकारणाय नमःपरम ऐश्वर्य के कारण
  4. 505.
    ॐ प्रपन्नभयहारिणे नमःशरणागत का भय हरने वाले
  5. 506.
    ॐ प्रमत्तासुरशिक्षकाय नमःप्रमत्त असुरों को शिक्षा देने वाले
  6. 507.
    ॐ प्रासहस्ताय नमःहाथ में प्रास अर्थात भाला धारण करने वाले
  7. 508.
    ॐ पङ्गुपादाय नमःपंगु चरण वाले
  8. 509.
    ॐ प्रकाशात्मने नमःप्रकाश-स्वरूप
  9. 510.
    ॐ प्रतापवते नमःप्रतापवान
  10. 511.
    ॐ पावनाय नमःपवित्र करने वाले
  11. 512.
    ॐ परिशुद्धात्मने नमःपरिशुद्ध आत्मा वाले
  12. 513.
    ॐ पुत्रपौत्रप्रवर्धनाय नमःपुत्र-पौत्र की वृद्धि करने वाले
  13. 514.
    ॐ प्रसन्नात्सर्वसुखदाय नमःप्रसन्न होने पर समस्त सुख देने वाले
  14. 515.
    ॐ प्रसन्नेक्षणाय नमःप्रसन्न नेत्रों वाले
  15. 516.
    ॐ प्रजापत्याय नमःप्रजापति-सम्बन्धी
  16. 517.
    ॐ प्रियकराय नमःप्रिय करने वाले
  17. 518.
    ॐ प्रणतेप्सितराज्यदाय नमःनमन करने वाले को अभीष्ट राज्य देने वाले
  18. 519.
    ॐ प्रजानां जीवहेतवे नमःप्रजाओं के जीवन के हेतु
  19. 520.
    ॐ प्राणिनां परिपालकाय नमःप्राणियों का परिपालन करने वाले
  20. 521.
    ॐ प्राणरूपिणे नमःप्राण-रूप
  21. 522.
    ॐ प्राणधारिणे नमःप्राण धारण करने वाले
  22. 523.
    ॐ प्रजानां हितकारकाय नमःप्रजाओं का हित करने वाले
  23. 524.
    ॐ प्राज्ञाय नमःप्राज्ञ
  24. 525.
    ॐ प्रशान्ताय नमःप्रशांत
  25. 526.
    ॐ प्रज्ञावते नमःप्रज्ञावान
  26. 527.
    ॐ प्रजारक्षणदीक्षिताय नमःप्रजा-रक्षण के लिए दीक्षित
  27. 528.
    ॐ प्रावृषेण्याय नमःवर्षा ऋतु से सम्बन्धित
  28. 529.
    ॐ प्राणकारिणे नमःप्राण देने वाले
  29. 530.
    ॐ प्रसन्नोत्सववन्दिताय नमःप्रसन्नता के उत्सव में वंदित
  30. 531.
    ॐ प्रज्ञानिवासहेतवे नमःप्रज्ञा के निवास के हेतु
  31. 532.
    ॐ पुरुषार्थैकसाधनाय नमःपुरुषार्थ के एकमात्र साधन
  32. 533.
    ॐ प्रजाकराय नमःप्रजा उत्पन्न करने वाले
  33. 534.
    ॐ प्रातिकूल्याय नमःप्रतिकूल होने वाले
  34. 535.
    ॐ पिङ्गळाक्षाय नमःपिंगल नेत्रों वाले
  35. 536.
    ॐ प्रसन्नधिये नमःप्रसन्न बुद्धि वाले
  36. 537.
    ॐ प्रपञ्चात्मने नमःप्रपंच की आत्मा
  37. 538.
    ॐ प्रसवित्रे नमःउत्पन्न करने वाले
  38. 539.
    ॐ पुराणपुरुषोत्तमाय नमःपुराण-पुरुषों में उत्तम
  39. 540.
    ॐ पुराणपुरुषाय नमःपुराण-पुरुष
  40. 541.
    ॐ पुरुहूताय नमःपुरुहूत; बहुतों द्वारा पुकारे जाने वाले
  41. 542.
    ॐ प्रपञ्चधृते नमःप्रपंच को धारण करने वाले
  42. 543.
    ॐ प्रतिष्ठिताय नमःप्रतिष्ठित
  43. 544.
    ॐ प्रीतिकराय नमःप्रीति करने वाले
  44. 545.
    ॐ प्रियकारिणे नमःप्रिय करने वाले
  45. 546.
    ॐ प्रयोजनाय नमःप्रयोजन-स्वरूप
  46. 547.
    ॐ प्रीतिमते नमःप्रीतिमान
  47. 548.
    ॐ प्रवरस्तुत्याय नमःश्रेष्ठों द्वारा स्तुत्य
  48. 549.
    ॐ पुरूरवसमर्चिताय नमःपुरूरवा द्वारा अर्चित
  49. 550.
    ॐ प्रपञ्चकारिणे नमःप्रपंच करने वाले
  50. 551.
    ॐ पुण्याय नमःपुण्य-स्वरूप
  51. 552.
    ॐ पुरुहूत समर्चिताय नमःपुरुहूत अर्थात इंद्र द्वारा भली प्रकार अर्चित
  52. 553.
    ॐ पाण्डवादि सुसंसेव्याय नमःपाण्डव आदि द्वारा भली प्रकार सेवनीय
  53. 554.
    ॐ प्रणवाय नमःप्रणव-स्वरूप
  54. 555.
    ॐ पुरुषार्थदाय नमःपुरुषार्थ देने वाले
  55. 556.
    ॐ पयोदसमवर्णाय नमःमेघ के समान वर्ण वाले
  56. 557.
    ॐ पाण्डुपुत्रार्तिभञ्जनाय नमःपाण्डु-पुत्रों की पीड़ा का भंजन करने वाले
  57. 558.
    ॐ पाण्डुपुत्रेष्टदात्रे नमःपाण्डु-पुत्रों को अभीष्ट देने वाले
  58. 559.
    ॐ पाण्डवानां हितङ्कराय नमःपाण्डवों का हित करने वाले
  59. 560.
    ॐ पञ्चपाण्डवपुत्राणां सर्वाभीष्टफलप्रदाय नमःपाँचों पाण्डव-पुत्रों को समस्त अभीष्ट फल देने वाले
  60. 561.
    ॐ पञ्चपाण्डवपुत्राणां सर्वारिष्ट निवारकाय नमःपाँचों पाण्डव-पुत्रों के समस्त अरिष्ट का निवारण करने वाले
  61. 562.
    ॐ पाण्डुपुत्राद्यर्चिताय नमःपाण्डु-पुत्रों आदि द्वारा अर्चित
  62. 563.
    ॐ पूर्वजाय नमःपूर्वज
  63. 564.
    ॐ प्रपञ्चभृते नमःप्रपंच का भरण करने वाले
  64. 565.
    ॐ परचक्रप्रभेदिने नमःशत्रु-चक्र का भेदन करने वाले
  65. 566.
    ॐ पाण्डवेषु वरप्रदाय नमःपाण्डवों को वर देने वाले
  66. 567.
    ॐ परब्रह्मस्वरूपाय नमःपरब्रह्म के स्वरूप
  67. 568.
    ॐ पराज्ञापरिवर्जिताय नमःदूसरे की आज्ञा से रहित
  68. 569.
    ॐ परात्पराय नमःपरात्पर; श्रेष्ठ से भी श्रेष्ठ
  69. 570.
    ॐ पाशहन्त्रे नमःपाश का नाश करने वाले
  70. 571.
    ॐ परमाणवे नमःपरमाणु-स्वरूप
  71. 572.
    ॐ प्रपञ्चकृते नमःप्रपंच के कर्ता
  72. 573.
    ॐ पातङ्गिने नमःपतंग अर्थात सूर्य के पुत्र
  73. 574.
    ॐ पुरुषाकाराय नमःपुरुष के आकार वाले
  74. 575.
    ॐ परशम्भुसमुद्भवाय नमःपर-शम्भु से उत्पन्न
  75. 576.
    ॐ प्रसन्नात्सर्वसुखदाय नमःप्रसन्न होने पर समस्त सुख देने वाले
  76. 577.
    ॐ प्रपञ्चोद्भवसम्भवाय नमःप्रपंच के उद्भव से उत्पन्न
  77. 578.
    ॐ प्रसन्नाय नमःप्रसन्न
  78. 579.
    ॐ परमोदाराय नमःपरम उदार
  79. 580.
    ॐ पराहङ्कारभञ्जनाय नमःदूसरों के अहंकार का भंजन करने वाले
  80. 581.
    ॐ पराय नमःपर; सर्वोपरि
  81. 582.
    ॐ परमकारुण्याय नमःपरम करुणामय
  82. 583.
    ॐ परब्रह्ममयाय नमःपरब्रह्ममय
  83. 584.
    ॐ प्रपन्नभयहारिणे नमःशरणागत का भय हरने वाले
  84. 585.
    ॐ प्रणतार्तिहराय नमःनमन करने वालों की पीड़ा हरने वाले
  85. 586.
    ॐ प्रसादकृते नमःप्रसाद करने वाले
  86. 587.
    ॐ प्रपञ्चाय नमःप्रपंच-स्वरूप
  87. 588.
    ॐ पराशक्ति समुद्भवाय नमःपराशक्ति से उत्पन्न
  88. 589.
    ॐ प्रदानपावनाय नमःदान से पवित्र करने वाले
  89. 590.
    ॐ प्रशान्तात्मने नमःप्रशांत आत्मा वाले
  90. 591.
    ॐ प्रभाकराय नमःप्रभा करने वाले
  91. 592.
    ॐ प्रपञ्चात्मने नमःप्रपंच की आत्मा
  92. 593.
    ॐ प्रपञ्चोपशमनाय नमःप्रपंच का उपशमन करने वाले
  93. 594.
    ॐ पृथिवीपतये नमःपृथ्वी के पति
  94. 595.
    ॐ परशुराम समाराध्याय नमःपरशुराम द्वारा भली प्रकार आराधित
  95. 596.
    ॐ परशुरामवरप्रदाय नमःपरशुराम को वर देने वाले
  96. 597.
    ॐ परशुराम चिरञ्जीविप्रदाय नमःपरशुराम को चिरंजीवित्व देने वाले
  97. 598.
    ॐ परमपावनाय नमःपरम पवित्र करने वाले
  98. 599.
    ॐ परमहंसस्वरूपाय नमःपरमहंस के स्वरूप
  99. 600.
    ॐ परमहंससुपूजिताय नमःपरमहंसों द्वारा भली प्रकार पूजित
  100. 601.
    ॐ पञ्चनक्षत्राधिपाय नमःपाँच नक्षत्रों के अधिपति
  101. 602.
    ॐ पञ्चनक्षत्रसेविताय नमःपाँच नक्षत्रों द्वारा सेवित
  102. 603.
    ॐ प्रपञ्चरक्षित्रे नमःप्रपंच की रक्षा करने वाले
  103. 604.
    ॐ प्रपञ्चस्यभयङ्कराय नमःप्रपंच के लिए भयंकर
  104. 605.
    ॐ फलदानप्रियाय नमःफल का दान जिन्हें प्रिय है
  105. 606.
    ॐ फलहस्ताय नमःहाथ में फल धारण करने वाले
  106. 607.
    ॐ फलप्रदाय नमःफल देने वाले
  107. 608.
    ॐ फलाभिषेकप्रियाय नमःफलों से अभिषेक जिन्हें प्रिय है
  108. 609.
    ॐ फल्गुनस्य वरप्रदाय नमःफाल्गुन अर्थात अर्जुन को वर देने वाले
  109. 610.
    ॐ फुटच्छमितपापौघाय नमःतत्काल पाप-समूह का शमन करने वाले
  110. 611.
    ॐ फल्गुनेन प्रपूजिताय नमःफाल्गुन अर्थात अर्जुन द्वारा परिपूजित
  111. 612.
    ॐ फणिराजप्रियाय नमःफणिराज जिन्हें प्रिय हैं
  112. 613.
    ॐ फुल्लाम्बुज विलोचनाय नमःखिले हुए कमल सदृश नेत्रों वाले

ब, भ व म वर्ग — भानुसूनु, मैथिली-प्रसंग व मेषनीच (नाम 614–730)

  1. 614.
    ॐ बलिप्रियाय नमःबलि जिन्हें प्रिय है
  2. 615.
    ॐ बलिने नमःबलवान
  3. 616.
    ॐ बभ्रुवे नमःबभ्रु; पिंगल वर्ण वाले
  4. 617.
    ॐ ब्रह्मविष्ण्वीशक्लेशकृते नमःब्रह्मा, विष्णु व शिव को भी क्लेश देने वाले
  5. 618.
    ॐ ब्रह्मविष्ण्वीशरूपाय नमःब्रह्मा, विष्णु व शिव के रूप वाले
  6. 619.
    ॐ ब्रह्मशक्रादिदुर्लभाय नमःब्रह्मा तथा इंद्र आदि के लिए भी दुर्लभ
  7. 620.
    ॐ बासदर्ष्ट्या प्रमेयाङ्गाय नमःदृष्टि से अप्रमेय अंग वाले (पाठ अनिश्चित)
  8. 621.
    ॐ बिभ्रत्कवचकुण्डलाय नमःकवच तथा कुण्डल धारण करने वाले
  9. 622.
    ॐ बहुश्रुताय नमःबहुश्रुत
  10. 623.
    ॐ बहुमतये नमःबहुमति वाले
  11. 624.
    ॐ ब्रह्मण्याय नमःब्रह्मण्य; ब्राह्मणों के हितकारी
  12. 625.
    ॐ ब्राह्मणप्रियाय नमःब्राह्मणों को प्रिय
  13. 626.
    ॐ बलप्रमथनाय नमःबल का मथन करने वाले
  14. 627.
    ॐ ब्रह्मणे नमःब्रह्म-स्वरूप
  15. 628.
    ॐ बहुरूपाय नमःबहुरूप
  16. 629.
    ॐ बहुप्रदाय नमःबहुत देने वाले
  17. 630.
    ॐ बालार्कद्युतिमते नमःबाल-सूर्य के सदृश द्युति वाले
  18. 631.
    ॐ बालाय नमःबाल-स्वरूप
  19. 632.
    ॐ बृहद्वक्षसे नमःविशाल वक्ष वाले
  20. 633.
    ॐ बृहत्तनवे नमःविशाल तनु वाले
  21. 634.
    ॐ ब्रह्माण्डभेदकृते नमःब्रह्माण्ड का भेदन करने वाले
  22. 635.
    ॐ भक्तसर्वार्थसाधकाय नमःभक्तों के समस्त अर्थ सिद्ध करने वाले
  23. 636.
    ॐ भव्याय नमःभव्य
  24. 637.
    ॐ भोक्त्रे नमःभोक्ता
  25. 638.
    ॐ भीतिकृते नमःभय उत्पन्न करने वाले
  26. 639.
    ॐ भक्तानुग्रहकारकाय नमःभक्तों पर अनुग्रह करने वाले
  27. 640.
    ॐ भीषणाय नमःभीषण
  28. 641.
    ॐ भैक्षकारिणे नमःभिक्षा करने वाले
  29. 642.
    ॐ भूसुरादि सुपूजिताय नमःभूसुरों अर्थात ब्राह्मणों आदि द्वारा भली प्रकार पूजित
  30. 643.
    ॐ भोगभाग्यप्रदाय नमःभोग तथा भाग्य देने वाले
  31. 644.
    ॐ भस्मीकृतजगत्त्रयाय नमःतीनों जगत को भस्म करने वाले
  32. 645.
    ॐ भयानकाय नमःभयानक
  33. 646.
    ॐ भानुसूनवे नमःभानु अर्थात सूर्य के पुत्र
  34. 647.
    ॐ भूतिभूषितविग्रहाय नमःभस्म से विभूषित विग्रह वाले
  35. 648.
    ॐ भास्वद्रताय नमःदेदीप्यमान रत्न वाले
  36. 649.
    ॐ भक्तिमतां सुलभाय नमःभक्तिमानों के लिए सुलभ
  37. 650.
    ॐ भ्रुकुटीमुखाय नमःभ्रुकुटी चढ़े मुख वाले
  38. 651.
    ॐ भवभूतगणैःस्तुत्याय नमःभव अर्थात शिव के भूत-गणों द्वारा स्तुत्य
  39. 652.
    ॐ भूतसङ्घसमावृताय नमःभूत-संघ से घिरे हुए
  40. 653.
    ॐ भ्राजिष्णवे नमःभ्राजिष्णु; देदीप्यमान
  41. 654.
    ॐ भगवते नमःभगवान
  42. 655.
    ॐ भीमाय नमःभीम
  43. 656.
    ॐ भक्ताभीष्टवरप्रदाय नमःभक्तों को अभीष्ट वर देने वाले
  44. 657.
    ॐ भवभक्तैकचित्ताय नमःशिव-भक्तों में ही जिनका एकमात्र चित्त है
  45. 658.
    ॐ भक्तिगीतस्तवोन्मुखाय नमःभक्ति-गीत तथा स्तव के लिए उन्मुख
  46. 659.
    ॐ भूतसन्तोषकारिणे नमःभूतों को संतोष देने वाले
  47. 660.
    ॐ भक्तानां चित्तशोधनाय नमःभक्तों के चित्त का शोधन करने वाले
  48. 661.
    ॐ भक्तिगम्याय नमःभक्ति से प्राप्य
  49. 662.
    ॐ भयहराय नमःभय हरने वाले
  50. 663.
    ॐ भावज्ञाय नमःभाव को जानने वाले
  51. 664.
    ॐ भक्तसुप्रियाय नमःभक्तों को अत्यंत प्रिय
  52. 665.
    ॐ भूतिदाय नमःविभूति देने वाले
  53. 666.
    ॐ भूतिकृते नमःविभूति करने वाले
  54. 667.
    ॐ भोज्याय नमःभोज्य-स्वरूप
  55. 668.
    ॐ भूतात्मने नमःभूतों की आत्मा
  56. 669.
    ॐ भुवनेश्वराय नमःभुवन के ईश्वर
  57. 670.
    ॐ मन्दाय नमःमंद
  58. 671.
    ॐ मन्दगतये नमःमंद गति वाले
  59. 672.
    ॐ मासमेवप्रपूजिताय नमःमास-मास प्रति पूजित
  60. 673.
    ॐ मुचुकुन्दसमाराध्याय नमःमुचुकुन्द द्वारा भली प्रकार आराधित
  61. 674.
    ॐ मुचुकुन्दवरप्रदाय नमःमुचुकुन्द को वर देने वाले
  62. 675.
    ॐ मुचुकुन्दार्चितपदाय नमःमुचुकुन्द द्वारा अर्चित चरणों वाले
  63. 676.
    ॐ महारूपाय नमःमहान रूप वाले
  64. 677.
    ॐ महायशसे नमःमहान यश वाले
  65. 678.
    ॐ महाभोगिने नमःमहाभोगी
  66. 679.
    ॐ महायोगिने नमःमहायोगी
  67. 680.
    ॐ महाकायाय नमःमहाकाय
  68. 681.
    ॐ महाप्रभवे नमःमहान प्रभा वाले
  69. 682.
    ॐ महेशाय नमःमहेश
  70. 683.
    ॐ महदैश्वर्याय नमःमहान ऐश्वर्य वाले
  71. 684.
    ॐ मन्दारकुसुमप्रियाय नमःमन्दार-पुष्प जिन्हें प्रिय हैं
  72. 685.
    ॐ महाक्रतवे नमःमहायज्ञ-स्वरूप
  73. 686.
    ॐ महामानिने नमःमहामानी
  74. 687.
    ॐ महाधीराय नमःमहाधीर
  75. 688.
    ॐ महाजयाय नमःमहान जय वाले
  76. 689.
    ॐ महावीराय नमःमहावीर
  77. 690.
    ॐ महाशान्ताय नमःमहाशांत
  78. 691.
    ॐ मण्डलस्थाय नमःमण्डल में स्थित
  79. 692.
    ॐ महाद्युतये नमःमहान द्युति वाले
  80. 693.
    ॐ महासुताय नमःमहान पुत्र वाले
  81. 694.
    ॐ महोदाराय नमःमहान उदार
  82. 695.
    ॐ महनीयाय नमःमहनीय; पूजनीय
  83. 696.
    ॐ महोदयाय नमःमहान उदय वाले
  84. 697.
    ॐ मैथिलीवरदायिने नमःमैथिली अर्थात सीता को वर देने वाले
  85. 698.
    ॐ मार्ताण्डस्यद्वितीयजाय नमःमार्तण्ड अर्थात सूर्य के द्वितीय पुत्र
  86. 699.
    ॐ मैथिलीप्रार्थनाकॢप्तदशकण्ठशिरोपहृते नमःमैथिली की प्रार्थना पर दशकण्ठ रावण के शिर हरने वाले
  87. 700.
    ॐ मरामरहराराध्याय नमःमर्त्य व अमर दोनों का हरण करने वाले शिव द्वारा आराध्य
  88. 701.
    ॐ महेन्द्रादि सुरार्चिताय नमःमहेन्द्र आदि सुरों द्वारा अर्चित
  89. 702.
    ॐ महारथाय नमःमहान रथ वाले
  90. 703.
    ॐ महावेगाय नमःमहान वेग वाले
  91. 704.
    ॐ मणिरत्नविभूषिताय नमःमणि व रत्नों से विभूषित
  92. 705.
    ॐ मेषनीचाय नमःमेष राशि में नीच होने वाले
  93. 706.
    ॐ महाघोराय नमःमहाघोर
  94. 707.
    ॐ महासौरये नमःमहासौरि
  95. 708.
    ॐ मनुप्रियाय नमःमनु जिन्हें प्रिय हैं
  96. 709.
    ॐ महादीर्घाय नमःअत्यंत दीर्घ
  97. 710.
    ॐ महाग्रासाय नमःमहान ग्रास वाले
  98. 711.
    ॐ महदैश्वर्यदायकाय नमःमहान ऐश्वर्य देने वाले
  99. 712.
    ॐ महाशुष्काय नमःअत्यंत शुष्क
  100. 713.
    ॐ महारौद्राय नमःमहारौद्र
  101. 714.
    ॐ मुक्तिमार्गप्रदर्शकाय नमःमुक्ति का मार्ग दिखाने वाले
  102. 715.
    ॐ मकरकुम्भाधिपाय नमःमकर तथा कुम्भ राशियों के अधिपति
  103. 716.
    ॐ मृकण्डुतनयार्चिताय नमःमृकण्डु के पुत्र मार्कण्डेय द्वारा अर्चित
  104. 717.
    ॐ मन्त्राधिष्ठानरूपाय नमःमंत्रों के अधिष्ठान-रूप
  105. 718.
    ॐ मल्लिकाकुसुमप्रियाय नमःमल्लिका-पुष्प जिन्हें प्रिय हैं
  106. 719.
    ॐ महामन्त्रस्वरूपाय नमःमहामंत्र के स्वरूप
  107. 720.
    ॐ महायन्त्रस्थिताय नमःमहायंत्र में स्थित
  108. 721.
    ॐ महाप्रकाशदिव्यात्मने नमःमहान प्रकाश वाली दिव्य आत्मा
  109. 722.
    ॐ महादेवप्रियाय नमःमहादेव को प्रिय
  110. 723.
    ॐ महाबलि समाराध्याय नमःमहाबलि द्वारा भली प्रकार आराधित
  111. 724.
    ॐ महर्षिगणपूजिताय नमःमहर्षियों के समूह द्वारा पूजित
  112. 725.
    ॐ मन्दचारिणे नमःमंद गति से चलने वाले
  113. 726.
    ॐ महामायिने नमःमहामायावी
  114. 727.
    ॐ माषदानप्रियाय नमःउड़द का दान जिन्हें प्रिय है
  115. 728.
    ॐ माषोदन प्रीतचित्ताय नमःउड़द-मिश्रित ओदन से प्रीत चित्त वाले
  116. 729.
    ॐ महाशक्तये नमःमहाशक्ति
  117. 730.
    ॐ महागुणाय नमःमहान गुण वाले

य, र, ल व व वर्ग — राघव-प्रसंग, लोहप्रतिमादान व विभीषण (नाम 731–843)

  1. 731.
    ॐ यशस्कराय नमःयश करने वाले
  2. 732.
    ॐ योगदात्रे नमःयोग देने वाले
  3. 733.
    ॐ यज्ञाङ्गाय नमःयज्ञ के अंग
  4. 734.
    ॐ युगन्धराय नमःयुगों को धारण करने वाले
  5. 735.
    ॐ योगिने नमःयोगी
  6. 736.
    ॐ योग्याय नमःयोग्य
  7. 737.
    ॐ याम्याय नमःयाम्य; यम-सम्बन्धी
  8. 738.
    ॐ योगरूपिणे नमःयोग के रूप वाले
  9. 739.
    ॐ युगाधिपाय नमःयुगों के अधिपति
  10. 740.
    ॐ यज्ञभृते नमःयज्ञ का भरण करने वाले
  11. 741.
    ॐ यजमानाय नमःयजमान-स्वरूप
  12. 742.
    ॐ योगाय नमःयोग-स्वरूप
  13. 743.
    ॐ योगविदां वराय नमःयोग जानने वालों में श्रेष्ठ
  14. 744.
    ॐ यक्षराक्षसवेताळकूष्माण्डादिप्रपूजिताय नमःयक्ष, राक्षस, वेताल तथा कूष्माण्ड आदि द्वारा परिपूजित
  15. 745.
    ॐ यमप्रत्यधिदेवाय नमःयम जिनके प्रत्यधिदेवता हैं
  16. 746.
    ॐ युगपद्भोगदायकाय नमःएक साथ भोग देने वाले
  17. 747.
    ॐ योगप्रियाय नमःयोग जिन्हें प्रिय है
  18. 748.
    ॐ योगयुक्ताय नमःयोग से युक्त
  19. 749.
    ॐ यज्ञरूपाय नमःयज्ञ के रूप वाले
  20. 750.
    ॐ युगान्तकृते नमःयुग का अंत करने वाले
  21. 751.
    ॐ रघुवंशसमाराध्याय नमःरघुवंश द्वारा भली प्रकार आराधित
  22. 752.
    ॐ रौद्राय नमःरौद्र
  23. 753.
    ॐ रौद्राकृतये नमःरौद्र आकृति वाले
  24. 754.
    ॐ रघुनन्दन सल्लापाय नमःरघुनन्दन से संलाप करने वाले
  25. 755.
    ॐ रघुप्रोक्त जपप्रियाय नमःरघु द्वारा कहा गया जप जिन्हें प्रिय है
  26. 756.
    ॐ रौद्ररूपिणे नमःरौद्र रूप वाले
  27. 757.
    ॐ रथारूढाय नमःरथ पर आरूढ़
  28. 758.
    ॐ राघवेष्ट वरप्रदाय नमःराघव को अभीष्ट वर देने वाले
  29. 759.
    ॐ रथिने नमःरथी
  30. 760.
    ॐ रौद्राधिकारिणे नमःरौद्र भाव के अधिकारी
  31. 761.
    ॐ राघवेण समर्चिताय नमःराघव द्वारा भली प्रकार अर्चित
  32. 762.
    ॐ रोषात्सर्वस्वहारिणे नमःरोष होने पर सर्वस्व हर लेने वाले
  33. 763.
    ॐ राघवेण सुपूजिताय नमःराघव द्वारा भली प्रकार पूजित
  34. 764.
    ॐ राशिद्वयाधिपाय नमःदो राशियों के अधिपति
  35. 765.
    ॐ रघुभिः परिपूजिताय नमःरघुवंशियों द्वारा परिपूजित
  36. 766.
    ॐ राज्यभूपाकराय नमःराज्य तथा भूमि देने वाले
  37. 767.
    ॐ राजराजेन्द्रवन्दिताय नमःराजराजेंद्रों द्वारा वंदित
  38. 768.
    ॐ रत्नकेयूरभूषाढ्याय नमःरत्नमय केयूर के आभूषण से समृद्ध
  39. 769.
    ॐ रमानन्दनवन्दिताय नमःरमा के पुत्र द्वारा वंदित
  40. 770.
    ॐ रघुपौरुषसन्तुष्टाय नमःरघु के पौरुष से संतुष्ट होने वाले
  41. 771.
    ॐ रघुस्तोत्रबहुप्रियाय नमःरघु का स्तोत्र जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  42. 772.
    ॐ रघुवंशनृपैःपूज्याय नमःरघुवंशी राजाओं द्वारा पूज्य
  43. 773.
    ॐ रणन्मञ्जीरनूपुराय नमःझंकार करते मंजीर व नूपुर वाले
  44. 774.
    ॐ रविनन्दनाय नमःरवि अर्थात सूर्य के पुत्र
  45. 775.
    ॐ राजेन्द्राय नमःराजेंद्र
  46. 776.
    ॐ रघुवंशप्रियाय नमःरघुवंश जिन्हें प्रिय है
  47. 777.
    ॐ लोहजप्रतिमादानप्रियाय नमःलोहे की प्रतिमा का दान जिन्हें प्रिय है
  48. 778.
    ॐ लावण्यविग्रहाय नमःलावण्यमय विग्रह वाले
  49. 779.
    ॐ लोकचूडामणये नमःलोकों के चूड़ामणि
  50. 780.
    ॐ लक्ष्मीवाणीस्तुतिप्रियाय नमःलक्ष्मी तथा सरस्वती की स्तुति जिन्हें प्रिय है
  51. 781.
    ॐ लोकरक्षाय नमःलोकों की रक्षा करने वाले
  52. 782.
    ॐ लोकशिक्षाय नमःलोकों को शिक्षा देने वाले
  53. 783.
    ॐ लोकलोचनरञ्जिताय नमःलोकों के नेत्रों को रंजित करने वाले
  54. 784.
    ॐ लोकाध्यक्षाय नमःलोकों के अध्यक्ष
  55. 785.
    ॐ लोकवन्द्याय नमःलोकों द्वारा वंदनीय
  56. 786.
    ॐ लक्ष्मणाग्रजपूजिताय नमःलक्ष्मण के अग्रज श्रीराम द्वारा पूजित
  57. 787.
    ॐ वेदवेद्याय नमःवेद द्वारा जानने योग्य
  58. 788.
    ॐ वज्रदेहाय नमःवज्र सदृश देह वाले
  59. 789.
    ॐ वज्राङ्कुशधराय नमःवज्र तथा अंकुश धारण करने वाले
  60. 790.
    ॐ विश्ववन्द्याय नमःविश्व द्वारा वंदनीय
  61. 791.
    ॐ विरूपाक्षाय नमःविरूप नेत्रों वाले
  62. 792.
    ॐ विमलाङ्गविराजिताय नमःनिर्मल अंगों से सुशोभित
  63. 793.
    ॐ विश्वस्थाय नमःविश्व में स्थित
  64. 794.
    ॐ वायसारूढाय नमःकाक पर आरूढ़
  65. 795.
    ॐ विशेषसुखकारकाय नमःविशेष सुख करने वाले
  66. 796.
    ॐ विश्वरूपिणे नमःविश्व के रूप वाले
  67. 797.
    ॐ विश्वगोप्त्रे नमःविश्व की रक्षा करने वाले
  68. 798.
    ॐ विभावसु सुताय नमःविभावसु अर्थात सूर्य के पुत्र
  69. 799.
    ॐ विप्रप्रियाय नमःविप्रों को प्रिय
  70. 800.
    ॐ विप्ररूपाय नमःविप्र के रूप वाले
  71. 801.
    ॐ विप्राराधन तत्पराय नमःविप्रों की आराधना में तत्पर
  72. 802.
    ॐ विशालनेत्राय नमःविशाल नेत्रों वाले
  73. 803.
    ॐ विशिखाय नमःविशिख अर्थात बाण-स्वरूप
  74. 804.
    ॐ विप्रदानबहुप्रियाय नमःविप्रों को दान जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  75. 805.
    ॐ विश्वसृष्टि समुद्भूताय नमःविश्व की सृष्टि से उत्पन्न
  76. 806.
    ॐ वैश्वानरसमद्युतये नमःवैश्वानर अर्थात अग्नि के समान द्युति वाले
  77. 807.
    ॐ विष्णवे नमःविष्णु-स्वरूप
  78. 808.
    ॐ विरिञ्चये नमःविरिञ्चि अर्थात ब्रह्मा-स्वरूप
  79. 809.
    ॐ विश्वेशाय नमःविश्व के ईश
  80. 810.
    ॐ विश्वकर्त्रे नमःविश्व के कर्ता
  81. 811.
    ॐ विशाम्पतये नमःप्रजाओं के पति
  82. 812.
    ॐ विराडाधारचक्रस्थाय नमःविराट् के आधार-चक्र में स्थित
  83. 813.
    ॐ विश्वभुजे नमःविश्व का भोग करने वाले
  84. 814.
    ॐ विश्वभावनाय नमःविश्व की भावना करने वाले
  85. 815.
    ॐ विश्वव्यापारहेतवे नमःविश्व के व्यापार के हेतु
  86. 816.
    ॐ वक्रक्रूरविवर्जिताय नमःवक्रता तथा क्रूरता से रहित
  87. 817.
    ॐ विश्वोद्भवाय नमःविश्व से उत्पन्न
  88. 818.
    ॐ विश्वकर्मणे नमःविश्वकर्मा
  89. 819.
    ॐ विश्वसृष्टि विनायकाय नमःविश्व की सृष्टि के विनायक
  90. 820.
    ॐ विश्वमूलनिवासिने नमःविश्व के मूल में निवास करने वाले
  91. 821.
    ॐ विश्वचित्रविधायकाय नमःविश्व में विचित्र रचना करने वाले
  92. 822.
    ॐ विश्वाधारविलासिने नमःविश्व के आधार में विलास करने वाले
  93. 823.
    ॐ व्यासेन कृतपूजिताय नमःव्यास द्वारा किए गए पूजन से पूजित
  94. 824.
    ॐ विभीषणेष्टवरदाय नमःविभीषण को अभीष्ट वर देने वाले
  95. 825.
    ॐ वाञ्छितार्थप्रदायकाय नमःवांछित अर्थ देने वाले
  96. 826.
    ॐ विभीषणसमाराध्याय नमःविभीषण द्वारा भली प्रकार आराधित
  97. 827.
    ॐ विशेषसुखदायकाय नमःविशेष सुख देने वाले
  98. 828.
    ॐ विषमव्ययाष्टजन्मस्थोऽप्येकादशफलप्रदाय नमःविषम, व्यय, अष्टम अथवा जन्म भाव में स्थित होने पर भी एकादश भाव का फल देने वाले
  99. 829.
    ॐ वासवात्मजसुप्रीताय नमःवासव अर्थात इंद्र के पुत्र से अत्यंत प्रसन्न होने वाले
  100. 830.
    ॐ वसुदाय नमःवसु देने वाले
  101. 831.
    ॐ वासवार्चिताय नमःवासव अर्थात इंद्र द्वारा अर्चित
  102. 832.
    ॐ विश्वत्राणैकनिरताय नमःविश्व की रक्षा में ही एकमात्र निरत
  103. 833.
    ॐ वाङ्मनोतीतविग्रहाय नमःवाणी तथा मन से परे विग्रह वाले
  104. 834.
    ॐ विराण्मन्दिरमूलस्थाय नमःविराट् के मंदिर के मूल में स्थित
  105. 835.
    ॐ वलीमुखसुखप्रदाय नमःवलीमुख को सुख देने वाले
  106. 836.
    ॐ विपाशाय नमःपाश से रहित
  107. 837.
    ॐ विगतातङ्काय नमःआतंक से रहित
  108. 838.
    ॐ विकल्पपरिवर्जिताय नमःविकल्प से रहित
  109. 839.
    ॐ वरिष्ठाय नमःवरिष्ठ
  110. 840.
    ॐ वरदाय नमःवर देने वाले
  111. 841.
    ॐ वन्द्याय नमःवंदनीय
  112. 842.
    ॐ विचित्राङ्गाय नमःविचित्र अंगों वाले
  113. 843.
    ॐ विरोचनाय नमःविरोचन; विशेष रूप से प्रकाशित होने वाले

श व ष वर्ग — शमी-पत्र का खंड तथा श्रुति-नाम (नाम 844–898)

  1. 844.
    ॐ शुष्कोदराय नमःसूखे उदर वाले
  2. 845.
    ॐ शुक्लवपुषे नमःशुक्ल शरीर वाले
  3. 846.
    ॐ शान्तरूपिणे नमःशांत रूप वाले
  4. 847.
    ॐ शनैश्चराय नमःमंद गति से चलने वाले
  5. 848.
    ॐ शूलिने नमःशूल धारण करने वाले
  6. 849.
    ॐ शरण्याय नमःशरण देने योग्य
  7. 850.
    ॐ शान्ताय नमःशांत
  8. 851.
    ॐ शिवायामप्रियङ्कराय नमःशिवा तथा उमा का प्रिय करने वाले
  9. 852.
    ॐ शिवभक्तिमतां श्रेष्ठाय नमःशिव-भक्तों में श्रेष्ठ
  10. 853.
    ॐ शूलपाणये नमःहाथ में शूल धारण करने वाले
  11. 854.
    ॐ शुचिप्रियाय नमःपवित्रता जिन्हें प्रिय है
  12. 855.
    ॐ श्रुतिस्मृतिपुराणज्ञाय नमःश्रुति, स्मृति तथा पुराणों को जानने वाले
  13. 856.
    ॐ श्रुतिजालप्रबोधकाय नमःश्रुति-समूह का प्रबोध कराने वाले
  14. 857.
    ॐ श्रुतिपारगसम्पूज्याय नमःश्रुति के पारगामियों द्वारा भली प्रकार पूजित
  15. 858.
    ॐ श्रुतिश्रवणलोलुपाय नमःश्रुति के श्रवण के लिए लालायित
  16. 859.
    ॐ श्रुत्यन्तर्गतमर्मज्ञाय नमःश्रुति के भीतर छिपे मर्म को जानने वाले
  17. 860.
    ॐ श्रुत्येष्टवरदायकाय नमःश्रुति को अभीष्ट वर देने वाले
  18. 861.
    ॐ श्रुतिरूपाय नमःश्रुति के रूप वाले
  19. 862.
    ॐ श्रुतिप्रीताय नमःश्रुति से प्रसन्न होने वाले
  20. 863.
    ॐ श्रुतीप्सितफलप्रदाय नमःश्रुति का अभीप्सित फल देने वाले
  21. 864.
    ॐ शुचिश्रुताय नमःपवित्र श्रुति वाले
  22. 865.
    ॐ शान्तमूर्तये नमःशांत मूर्ति वाले
  23. 866.
    ॐ श्रुतिश्रवणकीर्तनाय नमःश्रुति के श्रवण तथा कीर्तन-स्वरूप
  24. 867.
    ॐ शमीमूलनिवासिने नमःशमी वृक्ष के मूल में निवास करने वाले
  25. 868.
    ॐ शमीकृतफलप्रदाय नमःशमी से किए गए कर्म का फल देने वाले
  26. 869.
    ॐ शमीकृतमहाघोराय नमःशमी से महाघोर को शांत करने वाले
  27. 870.
    ॐ शरणागतवत्सलाय नमःशरणागतों पर वात्सल्य रखने वाले
  28. 871.
    ॐ शमीतरुस्वरूपाय नमःशमी वृक्ष के स्वरूप
  29. 872.
    ॐ शिवमन्त्रज्ञमुक्तिदाय नमःशिव-मंत्र जानने वालों को मुक्ति देने वाले
  30. 873.
    ॐ शिवागमैकनिलयाय नमःशिव-आगमों में ही जिनका एकमात्र निवास है
  31. 874.
    ॐ शिवमन्त्रजपप्रियाय नमःशिव-मंत्र का जप जिन्हें प्रिय है
  32. 875.
    ॐ शमीपत्रप्रियाय नमःशमी-पत्र जिन्हें प्रिय है
  33. 876.
    ॐ शमीपर्णसमर्चिताय नमःशमी-पर्ण से भली प्रकार अर्चित
  34. 877.
    ॐ शतोपनिषदस्तुत्याय नमःसौ उपनिषदों द्वारा स्तुत्य
  35. 878.
    ॐ शान्त्यादिगुणभूषिताय नमःशांति आदि गुणों से विभूषित
  36. 879.
    ॐ शान्त्यादिषड्गुणोपेताय नमःशांति आदि छह गुणों से युक्त
  37. 880.
    ॐ शङ्खवाद्यप्रियाय नमःशंख-वाद्य जिन्हें प्रिय है
  38. 881.
    ॐ श्यामरक्तसितज्योतिषे नमःश्याम, रक्त तथा श्वेत — तीनों ज्योति वाले
  39. 882.
    ॐ शुद्धपञ्चाक्षरप्रियाय नमःशुद्ध पंचाक्षर मंत्र जिन्हें प्रिय है
  40. 883.
    ॐ श्रीहालास्यक्षेत्रवासिने नमःश्री हालास्य क्षेत्र में निवास करने वाले
  41. 884.
    ॐ श्रीमते नमःश्रीमान
  42. 885.
    ॐ शक्तिधराय नमःशक्ति धारण करने वाले
  43. 886.
    ॐ षोडशद्वयसम्पूर्णलक्षणाय नमःबत्तीस पूर्ण लक्षणों वाले
  44. 887.
    ॐ षण्मुखप्रियाय नमःषण्मुख अर्थात कार्तिकेय जिन्हें प्रिय हैं
  45. 888.
    ॐ षड्गुणैश्वर्यसंयुक्ताय नमःछह प्रकार के गुण व ऐश्वर्य से संयुक्त
  46. 889.
    ॐ षडङ्गावरणोज्ज्वलाय नमःछह अंगों के आवरण से उज्ज्वल
  47. 890.
    ॐ षडक्षरस्वरूपाय नमःषडक्षर मंत्र के स्वरूप
  48. 891.
    ॐ षट्चक्रोपरि संस्थिताय नमःछहों चक्रों के ऊपर स्थित
  49. 892.
    ॐ षोडशिने नमःषोडशी-स्वरूप
  50. 893.
    ॐ षोडशान्ताय नमःषोडशान्त में स्थित
  51. 894.
    ॐ षट्शक्तिव्यक्तमूर्तिमते नमःछह शक्तियों में व्यक्त मूर्ति वाले
  52. 895.
    ॐ षड्भावरहिताय नमःछह भावों से रहित
  53. 896.
    ॐ षडङ्गश्रुतिपारगाय नमःछहों वेदांगों तथा श्रुति के पारगामी
  54. 897.
    ॐ षट्कोणमध्यनिलयाय नमःषट्कोण के मध्य में निवास करने वाले
  55. 898.
    ॐ षट्शास्त्रस्मृतिपारगाय नमःछह शास्त्रों तथा स्मृतियों के पारगामी

स, ह व क्ष वर्ग — संहारास्त्र-प्रसंग, हरिश्चन्द्र तथा क्षयद्वार (नाम 899–1010)

  1. 899.
    ॐ स्वर्णेन्द्रनीलमकुटाय नमःस्वर्ण तथा इंद्रनील के मुकुट वाले
  2. 900.
    ॐ सर्वाभीष्टप्रदायकाय नमःसमस्त अभीष्ट देने वाले
  3. 901.
    ॐ सर्वात्मने नमःसबकी आत्मा
  4. 902.
    ॐ सर्वदोषघ्नाय नमःसमस्त दोषों का नाश करने वाले
  5. 903.
    ॐ सर्वगर्वप्रभञ्जनाय नमःसमस्त गर्व का भंजन करने वाले
  6. 904.
    ॐ समस्तलोकाभयदाय नमःसमस्त लोकों को अभय देने वाले
  7. 905.
    ॐ सर्वदोषाङ्गनाशकाय नमःसमस्त दोषों व दोष-अंगों का नाश करने वाले
  8. 906.
    ॐ समस्तभक्तसुखदाय नमःसमस्त भक्तों को सुख देने वाले
  9. 907.
    ॐ सर्वदोषनिवर्तकाय नमःसमस्त दोषों को दूर करने वाले
  10. 908.
    ॐ सर्वनाशक्षमाय नमःसर्वनाश करने में समर्थ
  11. 909.
    ॐ सौम्याय नमःसौम्य
  12. 910.
    ॐ सर्वक्लेशनिवारकाय नमःसमस्त क्लेशों का निवारण करने वाले
  13. 911.
    ॐ सर्वात्मने नमःसबकी आत्मा
  14. 912.
    ॐ सर्वदातुष्टाय नमःसदा संतुष्ट रहने वाले
  15. 913.
    ॐ सर्वपीडानिवारकाय नमःसमस्त पीड़ा का निवारण करने वाले
  16. 914.
    ॐ सर्वरूपिणे नमःसमस्त रूप वाले
  17. 915.
    ॐ सर्वकर्मणे नमःसमस्त कर्म-स्वरूप
  18. 916.
    ॐ सर्वज्ञाय नमःसर्वज्ञ
  19. 917.
    ॐ सर्वकारकाय नमःसब कुछ करने वाले
  20. 918.
    ॐ सुकृते नमःसुकृत-स्वरूप
  21. 919.
    ॐ सुलभाय नमःसुलभ
  22. 920.
    ॐ सर्वाभीष्टफलप्रदाय नमःसमस्त अभीष्ट फल देने वाले
  23. 921.
    ॐ सूर्यात्मजाय नमःसूर्य के पुत्र
  24. 922.
    ॐ सदातुष्टाय नमःसदा संतुष्ट
  25. 923.
    ॐ सूर्यवंशप्रदीपनाय नमःसूर्यवंश को प्रदीप्त करने वाले
  26. 924.
    ॐ सप्तद्वीपाधिपाय नमःसप्तद्वीपों के अधिपति
  27. 925.
    ॐ सुरासुरभयङ्कराय नमःसुर तथा असुर — दोनों के लिए भयंकर
  28. 926.
    ॐ सर्वसङ्क्षोभहारिणे नमःसमस्त संक्षोभ हरने वाले
  29. 927.
    ॐ सर्वलोकहितङ्कराय नमःसमस्त लोकों का हित करने वाले
  30. 928.
    ॐ सर्वौदार्यस्वभावाय नमःसर्वथा उदार स्वभाव वाले
  31. 929.
    ॐ सन्तोषात्सकलेष्टदाय नमःसंतोष होने पर समस्त अभीष्ट देने वाले
  32. 930.
    ॐ समस्तऋषिभिःस्तुत्याय नमःसमस्त ऋषियों द्वारा स्तुत्य
  33. 931.
    ॐ समस्तगणपावृताय नमःसमस्त गणों से घिरे हुए
  34. 932.
    ॐ समस्तगणसंसेव्याय नमःसमस्त गणों द्वारा सेवनीय
  35. 933.
    ॐ सर्वारिष्टविनाशनाय नमःसमस्त अरिष्टों का विनाश करने वाले
  36. 934.
    ॐ सर्वसौख्यप्रदात्रे नमःसमस्त सौख्य देने वाले
  37. 935.
    ॐ सर्वव्याकुलनाशनाय नमःसमस्त व्याकुलता का नाश करने वाले
  38. 936.
    ॐ सर्वसङ्क्षोभहारिणे नमःसमस्त संक्षोभ हरने वाले
  39. 937.
    ॐ सर्वारिष्टफलप्रदाय नमःसमस्त अरिष्टों का फल देने वाले
  40. 938.
    ॐ सर्वव्याधिप्रशमनाय नमःसमस्त व्याधियों का प्रशमन करने वाले
  41. 939.
    ॐ सर्वमृत्युनिवारकाय नमःसमस्त मृत्यु का निवारण करने वाले
  42. 940.
    ॐ सर्वानुकूलकारिणे नमःसर्वथा अनुकूल करने वाले
  43. 941.
    ॐ सौन्दर्यमृदुभाषिताय नमःसौंदर्यपूर्ण तथा मृदु भाषण वाले
  44. 942.
    ॐ सौराष्ट्रदेशोद्भवाय नमःसौराष्ट्र देश में उत्पन्न
  45. 943.
    ॐ स्वक्षेत्रेष्टवरप्रदाय नमःअपने क्षेत्र में अभीष्ट वर देने वाले
  46. 944.
    ॐ सोमयाजि समाराध्याय नमःसोमयाजी द्वारा भली प्रकार आराधित
  47. 945.
    ॐ सीताभीष्टवरप्रदाय नमःसीता को अभीष्ट वर देने वाले
  48. 946.
    ॐ सुखासनोपविष्टाय नमःसुखासन पर विराजमान
  49. 947.
    ॐ सद्यःपीडानिवारकाय नमःतत्काल पीड़ा का निवारण करने वाले
  50. 948.
    ॐ सौदामनीसन्निभाय नमःबिजली के सदृश
  51. 949.
    ॐ सर्वानुल्लङ्घ्यशासनाय नमःजिनका शासन कोई उल्लंघन नहीं कर सकता
  52. 950.
    ॐ सूर्यमण्डलसञ्चारिणे नमःसूर्य-मण्डल में संचरण करने वाले
  53. 951.
    ॐ संहारास्त्रनियोजिताय नमःजिन पर संहारास्त्र का संधान किया गया
  54. 952.
    ॐ सर्वलोकक्षयकराय नमःसमस्त लोकों का क्षय करने वाले
  55. 953.
    ॐ सर्वारिष्टविधायकाय नमःसमस्त अरिष्ट रचने वाले
  56. 954.
    ॐ सर्वव्याकुलकारिणे नमःसमस्त व्याकुलता करने वाले
  57. 955.
    ॐ सहस्रजपसुप्रियाय नमःसहस्र जप जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  58. 956.
    ॐ सुखासनोपविष्टाय नमःसुखासन पर विराजमान
  59. 957.
    ॐ संहारास्त्रप्रदर्शिताय नमःजिन्हें संहारास्त्र दिखाया गया
  60. 958.
    ॐ सर्वालङ्कारसंयुक्तकृष्णगोदानसुप्रियाय नमःसमस्त अलंकारों से युक्त काली गौ का दान जिन्हें अत्यंत प्रिय है
  61. 959.
    ॐ सुप्रसन्नाय नमःअत्यंत प्रसन्न
  62. 960.
    ॐ सुरश्रेष्ठाय नमःसुरों में श्रेष्ठ
  63. 961.
    ॐ सुघोषाय नमःसुंदर घोष वाले
  64. 962.
    ॐ सुखदाय नमःसुख देने वाले
  65. 963.
    ॐ सुहृदे नमःसुहृद्; भला चाहने वाले
  66. 964.
    ॐ सिद्धार्थाय नमःसिद्ध अर्थ वाले
  67. 965.
    ॐ सिद्धसङ्कल्पाय नमःसिद्ध संकल्प वाले
  68. 966.
    ॐ सर्वज्ञाय नमःसर्वज्ञ
  69. 967.
    ॐ सर्वदाय नमःसब कुछ देने वाले
  70. 968.
    ॐ सुखिने नमःसुखी
  71. 969.
    ॐ सुग्रीवाय नमःसुग्रीव
  72. 970.
    ॐ सुधृतये नमःउत्तम धैर्य वाले
  73. 971.
    ॐ साराय नमःसार-स्वरूप
  74. 972.
    ॐ सुकुमाराय नमःसुकुमार
  75. 973.
    ॐ सुलोचनाय नमःसुंदर नेत्रों वाले
  76. 974.
    ॐ सुव्यक्ताय नमःसुव्यक्त
  77. 975.
    ॐ सच्चिदानन्दाय नमःसच्चिदानंद
  78. 976.
    ॐ सुवीराय नमःसुवीर
  79. 977.
    ॐ सुजनाश्रयाय नमःसज्जनों के आश्रय
  80. 978.
    ॐ हरिश्चन्द्रसमाराध्याय नमःहरिश्चंद्र द्वारा भली प्रकार आराधित
  81. 979.
    ॐ हेयोपादेयवर्जिताय नमःहेय तथा उपादेय — दोनों से रहित
  82. 980.
    ॐ हरिश्चन्द्रेष्टवरदाय नमःहरिश्चंद्र को अभीष्ट वर देने वाले
  83. 981.
    ॐ हंसमन्त्रादि संस्तुताय नमःहंस मंत्र आदि से भली प्रकार स्तुत
  84. 982.
    ॐ हंसवाह समाराध्याय नमःहंस-वाहन ब्रह्मा द्वारा भली प्रकार आराधित
  85. 983.
    ॐ हंसवाहवरप्रदाय नमःहंस-वाहन ब्रह्मा को वर देने वाले
  86. 984.
    ॐ हृद्याय नमःहृद्य; हृदय को प्रिय
  87. 985.
    ॐ हृष्टाय नमःहृष्ट; प्रसन्न
  88. 986.
    ॐ हरिसखाय नमःहरि के सखा
  89. 987.
    ॐ हंसाय नमःहंस-स्वरूप
  90. 988.
    ॐ हंसगतये नमःहंस की गति वाले
  91. 989.
    ॐ हविषे नमःहवि-स्वरूप
  92. 990.
    ॐ हिरण्यवर्णाय नमःहिरण्य के समान वर्ण वाले
  93. 991.
    ॐ हितकृते नमःहित करने वाले
  94. 992.
    ॐ हर्षदाय नमःहर्ष देने वाले
  95. 993.
    ॐ हेमभूषणाय नमःस्वर्ण के आभूषण वाले
  96. 994.
    ॐ हविर्होत्रे नमःहवि तथा होता — दोनों स्वरूप
  97. 995.
    ॐ हंसगतये नमःहंस की गति वाले
  98. 996.
    ॐ हंसमन्त्रादिसंस्तुताय नमःहंस मंत्र आदि से भली प्रकार स्तुत
  99. 997.
    ॐ हनूमदर्चितपदाय नमःहनुमान द्वारा अर्चित चरणों वाले
  100. 998.
    ॐ हलधृत्पूजिताय नमःहलधर बलराम द्वारा पूजित
  101. 999.
    ॐ क्षेमदाय नमःक्षेम देने वाले
  102. 1000.
    ॐ क्षेमकृते नमःक्षेम करने वाले
  103. 1001.
    ॐ क्षेम्याय नमःक्षेम्य; कल्याणकारी
  104. 1002.
    ॐ क्षेत्रज्ञाय नमःक्षेत्र को जानने वाले
  105. 1003.
    ॐ क्षामवर्जिताय नमःक्षाम अर्थात दुर्बलता से रहित
  106. 1004.
    ॐ क्षुद्रघ्नाय नमःक्षुद्रों का नाश करने वाले
  107. 1005.
    ॐ क्षान्तिदाय नमःक्षांति अर्थात क्षमा देने वाले
  108. 1006.
    ॐ क्षेमाय नमःक्षेम-स्वरूप
  109. 1007.
    ॐ क्षितिभूषाय नमःपृथ्वी के भूषण
  110. 1008.
    ॐ क्षमाश्रयाय नमःक्षमा के आश्रय
  111. 1009.
    ॐ क्षमाधराय नमःक्षमा धारण करने वाले
  112. 1010.
    ॐ क्षयद्वाराय नमःक्षय के द्वार

अर्थ (हिन्दी)

  1. विनियोग: इस श्री शनैश्चर सहस्रनाम स्तोत्र रूपी महामंत्र के काश्यप ऋषि हैं, अनुष्टुप् छन्द है, शनैश्चर देवता हैं; शं बीज है, नं शक्ति है, मं कीलक है; और शनैश्चर की प्रसन्नता तथा सिद्धि के लिए जप में इसका विनियोग है। ध्यान दें कि ऋषि काश्यप हैं — और शनि स्वयं कश्यप-वंशी (सूर्य के पुत्र) कहे गए हैं, अतः नाम 139 काश्यपान्वय इसी की पुष्टि करता है।
  2. न्यास: पाठ से पूर्व किया जाने वाला कर-न्यास तथा हृदयादि-न्यास। इसमें शनि के छह मुख्य नाम प्रयुक्त होते हैं — शनैश्चर, मन्दगति, अधोक्षज, सौरि, शुष्कोदर तथा छायात्मज — जिन्हें क्रमशः अंगूठे से कनिष्ठिका तक तथा हृदय से अस्त्र तक न्यस्त किया जाता है। अंत में "भूर्भुवः सुवः ॐ" से दिग्बन्ध किया जाता है।
  3. ध्यान: जो धनुष के आसन पर हैं, गृध्र धारण किए हुए हैं, नील वर्ण के हैं, पश्चिम की ओर मुख किए हैं, काश्यप गोत्र में उत्पन्न हैं, तथा शूल, चाप, बाण व गदा धारण करते हैं — वे सौराष्ट्र देश में उत्पन्न सौरि मेरी रक्षा करें। जो नील वस्त्र तथा नील शरीर वाले हैं, किरीट धारण करते हैं, गृध्र के आसन पर स्थित हैं, विकृत मुख वाले हैं, और केयूर व हार आदि से विभूषित अंगों वाले हैं — वे मन्दगति मुझ पर सदा प्रसन्न रहें। पाठभेद: तुलना-स्रोत का श्लोक-रूप यहाँ "गृध्ररथस्तु" तथा "सौरिः" पढ़ता है।
  4. फलश्रुति: …क्षमाधर तथा क्षयद्वार — इस प्रकार आठ सहस्र (अष्टसहस्र) नाम कहे गए। एक ही वाक्य में कहूँ तो — यह वांछित अर्थ दे देता है। इसलिए बुद्धिमान व्यक्ति को सर्व प्रयत्न से, नियमपूर्वक इसका जप करना चाहिए। ध्यान देने योग्य विसंगति: स्तोत्र स्वयं यहाँ "नाम्नामष्टसहस्रकम्" कहकर 1008 नाम बताता है, जबकि नामावली-रूप में गिनने पर 1010 नाम मिलते हैं — और स्रोत का अपना अंतिम क्रमांक-चिह्न भी "१०१०" ही है। यह विसंगति यहाँ छिपाई नहीं गई।

लाभ

  • फलश्रुति एक ही वाक्य में फल कह देती है — "वाञ्छितार्थं प्रयच्छति", अर्थात यह वांछित अर्थ दे देता है; और इसीलिए "सर्व प्रयत्न से, नियमपूर्वक जप करना चाहिए"।
  • नाम 828 विषम, व्यय, अष्टम अथवा जन्म भाव में स्थित होने पर भी एकादश भाव का फल देने वाले — साढ़े-साती व ढैया के संकल्प से पढ़े जाने वाला सबसे प्रासंगिक नाम।
  • नाम 306 कहता है कि केवल तिल देने वाले को भी वे हृदय दे देते हैं — दान की मात्रा नहीं, भाव देखा जाता है।
  • नाम 913 सर्वपीडानिवारक, 938 सर्वव्याधिप्रशमन तथा 939 सर्वमृत्युनिवारक — पीड़ा, व्याधि व अकालमृत्यु तीनों के लिए।
  • नाम 714 मुक्तिमार्गप्रदर्शक तथा 872 शिवमन्त्रज्ञमुक्तिद — यह स्तोत्र शनि को केवल कष्ट-हर्ता नहीं, मोक्ष-मार्ग दिखाने वाला भी कहता है।

कब करें पाठ

शनिवार को सम्पूर्ण पाठसाढ़े-साती तथा ढैया के काल मेंशनि की महादशा अथवा अंतर्दशा मेंशनि जयंती तथा शनि अमावस्या परतिल, उड़द अथवा काली गौ के दान के संकल्प के साथ

पाठ विधि

सम्पूर्ण पाठ 35–45 मिनट का है, अतः एक ही आसन पर बिना उठे करने का संकल्प लेकर बैठें। परंपरागत क्रम यह है — पहले विनियोग ("काश्यप ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, शनैश्चरो देवता"), फिर करन्यास व हृदयादिन्यास (जिनमें शनि के छह नाम — शनैश्चर, मन्दगति, अधोक्षज, सौरि, शुष्कोदर, छायात्मज — क्रमशः न्यस्त किए जाते हैं), फिर ध्यान ("चापासनो गृध्रधरस्तु नीलः"), फिर सहस्रनाम, और अंत में फलश्रुति। नामावली-रूप में प्रत्येक नाम "ॐ … नमः" के साथ पढ़ते हुए एक नील पुष्प, काला तिल अथवा शमी-पत्र अर्पित किया जाता है; श्लोक-रूप में यह 199 अनुष्टुप् श्लोकों में पढ़ा जाता है। सरसों के तेल का दीप जलाकर, पीपल अथवा शमी वृक्ष के समीप पाठ करने की परंपरा है। यदि सम्पूर्ण पाठ का समय न हो तो शनि अष्टोत्तर शतनामावली (108 नाम, 8–10 मिनट) पढ़ी जा सकती है — पर वह भिन्न रचना है, इसका संक्षेप नहीं।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
मूल ग्रंथश्री शनैश्चर सहस्रनाम स्तोत्र — काश्यप ऋषि, अनुष्टुप् छन्द (पुराण-संदर्भ अनिश्चित)
स्रोत परंपराsanskritdocuments.org (doc_z_misc_navagraha/shanaishchara1000) — आधार नामावली; 1010 नाम। यह स्रोत असामान्य रूप से अच्छी तरह चिह्नित है: इसमें 199 श्लोक-चिह्न तथा 101 दशक-चिह्न (१०, २०, … १०१०) दोनों भीतर दर्ज हैं। दोनों यंत्रवत् जाँचे गए — 199/199 श्लोक-चिह्न सही क्रम में तथा 101/101 दशक-चिह्न ठीक अपनी अपेक्षित स्थिति पर; एक भी विचलन नहीं। · stotranidhi.com — श्री शनैश्चर सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक-रूप; विनियोग, करन्यास, हृदयादिन्यास, ध्यान, 199 नाम-श्लोक तथा श्लोक 200 की फलश्रुति)। इससे पद-विच्छेद की स्वतंत्र पुष्टि हुई। · sanskritdocuments.org (doc_z_misc_navagraha/shanaishcharasahasra) — वही श्लोक-रूप, तीसरी स्वतंत्र प्रति। · ⚠️ संख्या-विसंगति स्वयं पाठ के भीतर है: श्लोक-रूप का अंतिम चरण "नाम्नामष्टसहस्रकम्" (1008) कहता है, जबकि नामावली में 1010 नाम हैं और स्रोत का अपना अंतिम चिह्न भी "१०१०" है। यहाँ 1010 दिया गया है और पाठ का अपना कथन भी दर्ज है — विसंगति छिपाई नहीं गई। · ⚠️ नमः-रूप की यही एकमात्र उपलब्ध वाचना है — अन्य प्रमुख स्रोत केवल श्लोक-रूप छापते हैं; इसीलिए पद-विच्छेद श्लोक-रूप से मिलाकर जाँचा गया। · ⚠️ ध्यान-श्लोक में पाठभेद: आधार-स्रोत "गृध्रधरस्तु" व "शौरिः" पढ़ता है, तुलना-स्रोत का श्लोक-रूप "गृध्ररथस्तु" व "सौरिः"। दोनों दर्ज हैं। · ⚠️ नाम 265 "टाम्भद", नाम 276 "ढाम्भीक" तथा नाम 620 का पाठ अनिश्चित है — ये अक्षर-आधारित खंडों में आते हैं; संभावित अर्थ दिया गया है, गढ़ा हुआ निश्चित अर्थ नहीं। · ⚠️ मूल पुराण का नाम किसी उपलब्ध स्रोत में नहीं मिला, अतः कोई ग्रंथ-नाम नहीं दिया गया; विनियोग केवल "काश्यप ऋषिः" बताता है। · हिंदी अर्थ सत्यापित संस्कृत से अनूदित (1010/1010)।
रचयिताकाश्यप ऋषि (पारंपरिक)
अंतिम अद्यतनजून 2026

संपादकीय टिप्पणी: एक विसंगति स्वयं पाठ के भीतर है और वह यहाँ छिपाई नहीं गई। श्लोक-रूप का अंतिम चरण "नाम्नामष्टसहस्रकम्" कहकर नामों की संख्या 1008 बताता है, जबकि नामावली-रूप में गिनने पर 1010 नाम मिलते हैं — और आधार-स्रोत का अपना अंतिम क्रमांक-चिह्न भी "१०१०" है। यह पाठ-निष्कर्षण की भूल नहीं: आधार-स्रोत में 199 श्लोक-चिह्न तथा 101 दशक-चिह्न दोनों भीतर दर्ज हैं, और दोनों यंत्रवत् जाँचने पर 199/199 तथा 101/101 पूर्णतः संरेखित निकले। अतः यहाँ 1010 ही दिया गया है। नमः-रूप की यही एकमात्र उपलब्ध वाचना है — अन्य प्रमुख स्रोत केवल श्लोक-रूप छापते हैं, इसीलिए पद-विच्छेद की जाँच श्लोक-रूप से मिलाकर की गई। नाम 265 "टाम्भद", 276 "ढाम्भीक" तथा 620 का पाठ अनिश्चित है — ये अक्षर-आधारित खंडों में आते हैं और इनका निश्चित व्युत्पत्ति-अर्थ कहीं नहीं मिला, अतः संभावित अर्थ दिया गया है, गढ़ा हुआ नहीं।

देव परिचय

श्री शनि देव

Lord Shani (Saturn)

शनि देव कर्म और न्याय के अधिष्ठाता हैं — सूर्यपुत्र, जो कर्मों के अनुसार फल देते हैं।

देवता वर्गन्याय · कर्मफल · अनुशासन · धैर्य
वाहनकौआ / गिद्ध
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