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उच्चारण (Pronunciation)
ॐ शं शनैश्चराय नमः॥
oṃ śaṃ śanaiścarāya namaḥ ||
Om Sham Shanaishcharaya Namah.
उच्चारण मार्गदर्शन: "शं" को अनुस्वार सहित ("शम्") नासिक्य ध्वनि में बोलें। फिर "श-नै-श्च-रा-य" में "नै" व "श्च" का स्पष्ट उच्चारण करें और अंत में "न-मः"। मंत्र को धीमे व स्थिर स्वर में दोहराएँ।
शब्द-अर्थ (Word-by-Word)
ॐप्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
शंशनि का बीजाक्षर
शनैश्चरायशनैश्चर (मंद गति से चलने वाले शनि) को
नमःनमस्कार
अर्थ (हिन्दी)
शनैश्चर (शनि देव) को नमस्कार। यहाँ "शं" शनि देव का बीजाक्षर है; यह मंत्र शनि की कृपा और कर्म-न्याय के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
लाभ
शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या के अशुभ प्रभाव में राहत मिलती है।
धैर्य, अनुशासन और कर्म के प्रति निष्ठा बढ़ती है।
बाधाएँ दूर होकर न्यायपूर्ण फल की प्राप्ति होती है।
अनुशंसित जप संख्या
जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।
माला: रुद्राक्ष या नीलम माला
उत्तम समय: शनिवार संध्या
जप का उत्तम समय
शनिवार कोसाढ़ेसाती व ढैय्या के काल मेंसंध्या समय
जप विधि (चैंटिंग मेथड)
शनि देव के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाकर नीले या काले आसन पर बैठें और लोहे/नीलम या रुद्राक्ष माला से 108 बार जप करें। शनिवार को नित्य जप व सेवा (जैसे जरूरतमंदों को भोजन) विशेष शुभ माना जाता है।
प्रामाणिकता व स्रोत
स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरापारंपरिक नवग्रह मंत्र परंपरा
अंतिम अद्यतनजून 2026
देव परिचय
श्री शनि देव
Lord Shani (Saturn)
शनि देव कर्म और न्याय के अधिष्ठाता हैं — सूर्यपुत्र, जो कर्मों के अनुसार फल देते हैं।