श्री शनि देव

śrī śani deva

शनि देव कर्म और न्याय के अधिष्ठाता हैं — सूर्यपुत्र, जो कर्मों के अनुसार फल देते हैं।

परिचय

शनि देव सूर्य व छाया के पुत्र तथा नवग्रहों में न्याय के अधिष्ठाता हैं। वे प्रत्येक जीव को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं, इसी कारण उन्हें "कर्मफलदाता" कहा जाता है।

शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या से भयभीत होने के बजाय उन्हें सत्कर्म, अनुशासन व सेवा से प्रसन्न किया जाता है। शनिवार उनकी आराधना का विशेष दिन है।

स्वरूप: श्याम वर्ण, नीलाम्बरधारी, हाथ में गदा/धनुष, कौए या गिद्ध पर आरूढ़, मंद गति।

श्री शनि देव भक्ति संग्रह

आरती, चालीसा, मंत्र, स्तोत्र, अष्टकम, सहस्रनाम और अन्य भक्ति पाठ

संबंधित पर्व व व्रत

आगामी संग्रह

आरती

जल्द

चालीसा

जल्द

स्तोत्रम्

जल्द

अष्टकम्

जल्द

सहस्रनाम

जल्द

ज्योतिष संबंध

ये केवल परंपरागत/ज्योतिषीय शैक्षिक संबंध हैं — व्यक्तिगत सलाह या भविष्यवाणी नहीं।

संक्षिप्त विवरण

शुभ दिनशनिवार
अन्य नामशनैश्चर, सूर्यपुत्र, छायासुत, मंदगति
वाहनकौआ / गिद्ध
संगिनी/संगीनीलादेवी
क्षेत्रन्याय, कर्मफल, अनुशासन, धैर्य
बीज मंत्रॐ शं शनैश्चराय नमः