अमावस्या

Amavasya (New Moon)

अमावस्या

महत्व

अमावस्या हिन्दू पंचांग की तीसवीं तथा कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि है — वह रात जब चंद्रमा दिखाई नहीं देता।

भारतीय जनजीवन में इस तिथि का विशेष महत्व है, और परंपरा कहती है कि हर मास की अमावस्या को कोई न कोई पर्व अवश्य पड़ता है — मौनी अमावस्या, सोमवती अमावस्या, ज्येष्ठ की शनि जयंती तथा कार्तिक की दीपावली इसी तिथि पर हैं।

यह दिन मुख्यतः पितरों के तर्पण तथा शनि-शांति के लिए जाना जाता है; दान, मौन और आत्म-चिंतन इसके प्रमुख कर्म हैं।

पूजन विधि व परंपरा

  • पितृ तर्पण तथा श्राद्ध-कर्म
  • शनिदेव का पूजन व सरसों तेल अर्पण
  • पीपल वृक्ष पर जल तथा दीप
  • पवित्र नदी में स्नान
  • मौन, ध्यान व आत्म-चिंतन
  • अन्न, तिल व वस्त्र का दान
  • शनि चालीसा अथवा शनैश्चराष्टकम् का पाठ

तिथि / पंचांग

तिथिअमावस्या
पक्षकृष्ण
माहप्रत्येक माह
आराध्यश्री शनि देव
स्रोतhi.wikipedia.org/wiki/अमावस्या — माह की ३०वीं व कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि; हर मास की अमावस्या पर कोई न कोई पर्व
आज का पंचांग

अमावस्या — सामान्य प्रश्न

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