FAQ
अमावस्या — सामान्य प्रश्न
अमावस्या अमावस्या तिथि, कृष्ण पक्ष, प्रत्येक माह को मनाया जाता है। यह पर्व वर्ष में एक से अधिक बार आता है। सटीक तिथि हर वर्ष पंचांग के अनुसार बदलती है — इसी संग्रह का पंचांग पृष्ठ देखें।
अमावस्या हिन्दू पंचांग की तीसवीं तथा कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि है — वह रात जब चंद्रमा दिखाई नहीं देता।
अमावस्या मुख्यतः श्री शनि देव की आराधना का पर्व माना जाता है। इसी पृष्ठ पर उनसे जुड़े आरती, चालीसा व मंत्र भी दिए गए हैं।
परंपरा में इस दिन पितृ तर्पण तथा श्राद्ध-कर्म, शनिदेव का पूजन व सरसों तेल अर्पण, पीपल वृक्ष पर जल तथा दीप, पवित्र नदी में स्नान का विधान बताया जाता है। ये परंपरागत मान्यताएँ हैं; क्षेत्र और परिवार के अनुसार विधि में अंतर मिलता है।
अनुशंसित पाठ
अमावस्या के लिए अनुशंसित आरती, चालीसा, मंत्र व स्तोत्र
आराध्य देव
