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लिपि:
॥ श्री ॥

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः

मंत्र

पाठ

1

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. सब सुखी हों, सब निरोगी हों, सब कल्याण देखें, कोई भी दुःख का भागी न हो। ॐ शांति, शांति, शांति।

लाभ

  • मन में शांति, करुणा व सद्भाव का संचार होता है।
  • सबके कल्याण की भावना से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
  • तनाव कम होकर मन प्रसन्न रहता है।

कब करें पाठ

प्रातः व संध्या प्रार्थना में · पूजा/यज्ञ के समापन में · ध्यान से पूर्व या पश्चात

स्रोत

उपनिषद् — शांति पाठ परंपरा

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