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लिपि:
॥ श्री ॥

शिव गायत्री मंत्र

मंत्र · श्री शिव

पाठ

1

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. हम उस तत्पुरुष (परम पुरुष) को जानते हैं और महादेव का ध्यान करते हैं; वे रुद्र हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें।

लाभ

  • मन को गहन शांति व स्थिरता मिलती है।
  • भय व नकारात्मकता से रक्षा होती है।
  • भक्ति व आध्यात्मिक उन्नति होती है।

कब करें पाठ

प्रातः व संध्या · सोमवार व प्रदोष काल में · महाशिवरात्रि पर

स्रोत

पारंपरिक शिव गायत्री परंपरा

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