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लिपि:
॥ श्री ॥

ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः

मंत्र

पाठ

1

ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. शुक्र देव को नमस्कार। "द्रां द्रीं द्रौं सः" शुक्र के बीजाक्षर हैं जो प्रेम, सुख-वैभव, कला व दाम्पत्य-सुख प्रदान करते हैं।

लाभ

  • प्रेम, सौंदर्य व कला-कौशल में वृद्धि होती है।
  • दाम्पत्य-सुख व वैभव की प्राप्ति होती है।
  • कुंडली में शुक्र की स्थिति बलवान होती है।

कब करें पाठ

शुक्रवार को · प्रातः · सुख-वैभव व दाम्पत्य-सुख हेतु

स्रोत

पारंपरिक नवग्रह बीज मंत्र परंपरा

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