श्री सूर्य सहस्रनाम
पाठ
॥ शतानीक उवाच ॥ नाम्नां सहस्रं सवितुः श्रोतुमिच्छामि हे द्विज। येन ते दर्शनं यातः साक्षाद्देवो दिवाकरः॥ सर्वमङ्गलमाङ्गल्यं सर्वपापप्रणाशनम्। स्तोत्रमेतन्महापुण्यं सर्वोपद्रवनाशनम्॥ न तदस्ति भयं किञ्चिद्यदनेन न नश्यति। ज्वराद्यैर्मुच्यते राजन् स्तोत्रेऽस्मिन् पठिते नरः॥
ॐ विश्वविद्विश्वजिद्विश्वकर्ता विश्वात्मा विश्वतोमुखः। विश्वेश्वरो विश्वयोनिर्नियतात्मा जितेन्द्रियः॥१॥
॥ फलश्रुति ॥ एतत्ते सर्वमाख्यातं यन्मां त्वं परिपृच्छसि। नाम्नां सहस्रं सवितुः पराशर्यो यदाह मे॥ धन्यं यशस्यमायुष्यं दुःखदुःस्वप्ननाशनम्। बन्धमोक्षकरं चैव भानोर्नामानुकीर्तनात्॥ नाम्नां सहस्रमिदमंशुमतः पठेद्यः प्रातः शुचिर्नियमवान् सुसमृद्धियुक्तः। दूरेण तं परिहरन्ति सदैव रोगाः भूताः सुपर्णमिव सर्वमहोरगेन्द्राः॥
आरंभिक नाम — विश्वविद् से रथ व किरण-स्वरूप (नाम 1–100)
- ॐ विश्वविदे नमः — विश्व को जानने वाले
- ॐ विश्वजिते नमः — विश्व को जीत लेने वाले
- ॐ विश्वकर्त्रे नमः — विश्व की रचना करने वाले
- ॐ विश्वात्मने नमः — विश्व की आत्मा
- ॐ विश्वतोमुखाय नमः — सब ओर मुख वाले
- ॐ विश्वेश्वराय नमः — विश्व के ईश्वर
- ॐ विश्वयोनये नमः — विश्व के उद्गम
- ॐ नियतात्मने नमः — संयत आत्मा वाले
- ॐ जितेन्द्रियाय नमः — इंद्रियों को जीत लेने वाले
- ॐ कालाश्रयाय नमः — काल के आश्रय
- ॐ कालकर्त्रे नमः — काल की रचना करने वाले
- ॐ कालघ्ने नमः — काल का नाश करने वाले
- ॐ कालनाशनाय नमः — काल को समाप्त करने वाले
- ॐ महायोगिने नमः — महायोगी
- ॐ महासिद्धये नमः — महासिद्धि-स्वरूप
- ॐ महात्मने नमः — महात्मा
- ॐ सुमहाबलाय नमः — अत्यंत महान बल वाले
- ॐ प्रभवे नमः — प्रभु
- ॐ विभवे नमः — विभु; सर्वव्यापी
- ॐ भूतनाथाय नमः — समस्त भूतों के नाथ
- ॐ भूतात्मने नमः — समस्त भूतों की आत्मा
- ॐ भुवनेश्वराय नमः — भुवनों के ईश्वर
- ॐ भूतभव्याय नमः — भूत तथा भविष्य स्वरूप
- ॐ भावितात्मने नमः — भावित आत्मा वाले
- ॐ भूतान्तःकरणाय नमः — समस्त भूतों के अंतःकरण
- ॐ शिवाय नमः — शिव; कल्याणस्वरूप
- ॐ शरण्याय नमः — शरण देने वाले
- ॐ कमलानन्दाय नमः — कमलों को आनंद देने वाले
- ॐ नन्दनाय नमः — आनंद देने वाले
- ॐ नन्दवर्धनाय नमः — आनंद की वृद्धि करने वाले
- ॐ वरेण्याय नमः — वरण करने योग्य
- ॐ वरदाय नमः — वर देने वाले
- ॐ योगिने नमः — योगी
- ॐ सुसम्युक्ताय नमः — भली प्रकार युक्त
- ॐ प्रकाशकाय नमः — प्रकाश करने वाले
- ॐ प्राप्तयानाय नमः — जिन्हें उत्तम यान अर्थात रथ प्राप्त है
- ॐ परप्राणाय नमः — परम प्राण-स्वरूप
- ॐ पूतात्मने नमः — पवित्र आत्मा वाले
- ॐ प्रियताय नमः — प्रियता-स्वरूप
- ॐ प्रियाय नमः — सबको प्रिय
- ॐ नयाय नमः — नय; नीति-स्वरूप
- ॐ सहस्रपादे नमः — सहस्र चरणों वाले
- ॐ साधवे नमः — साधु
- ॐ दिव्यकुण्डलमण्डिताय नमः — दिव्य कुण्डलों से मंडित
- ॐ अव्यङ्गधारिणे नमः — अव्यंग अर्थात पूर्ण अंग धारण करने वाले
- ॐ धीरात्मने नमः — धीर आत्मा वाले
- ॐ सवित्रे नमः — सविता; प्रेरणा देने वाले
- ॐ वायुवाहनाय नमः — वायु जिनका वाहन है
- ॐ समाहितमतये नमः — समाहित बुद्धि वाले
- ॐ दात्रे नमः — देने वाले
- ॐ विधात्रे नमः — विधाता
- ॐ कृतमङ्गलाय नमः — मंगल की रचना करने वाले
- ॐ कपर्दिने नमः — जटा-जूट धारण करने वाले
- ॐ कल्पपादे नमः — कल्प-स्वरूप चरणों वाले
- ॐ रुद्राय नमः — रुद्र-स्वरूप
- ॐ सुमनाय नमः — उत्तम मन वाले
- ॐ धर्मवत्सलाय नमः — धर्म से प्रेम करने वाले
- ॐ समायुक्ताय नमः — भली प्रकार युक्त
- ॐ विमुक्तात्मने नमः — मुक्त आत्मा वाले
- ॐ कृतात्मने नमः — कृतार्थ आत्मा वाले
- ॐ कृतिनां वराय नमः — कर्मशीलों में श्रेष्ठ
- ॐ अविचिन्त्यवपुषे नमः — जिनका शरीर चिंतन से परे है
- ॐ श्रेष्ठाय नमः — श्रेष्ठ
- ॐ महायोगिने नमः — महायोगी
- ॐ महेश्वराय नमः — महेश्वर
- ॐ कान्ताय नमः — कांत; कमनीय
- ॐ कामारये नमः — काम के शत्रु
- ॐ आदित्याय नमः — आदित्य; अदिति-पुत्र
- ॐ नियतात्मने नमः — संयत आत्मा वाले
- ॐ निराकुलाय नमः — आकुलता-रहित
- ॐ कामाय नमः — काम-स्वरूप
- ॐ कारुणिकाय नमः — करुणामय
- ॐ कर्त्रे नमः — कर्ता
- ॐ कमलाकरबोधनाय नमः — कमल-समूह को खिलाने वाले
- ॐ सप्तसप्तये नमः — सात-सात अश्वों वाले
- ॐ अचिन्त्यात्मने नमः — अचिंत्य आत्मा वाले
- ॐ महाकारुणिकोत्तमाय नमः — महाकरुणामयों में उत्तम
- ॐ सञ्जीवनाय नमः — जीवन देने वाले
- ॐ जीवनाथाय नमः — जीवों के नाथ
- ॐ जयाय नमः — जय-स्वरूप
- ॐ जीवाय नमः — जीव-स्वरूप
- ॐ जगत्पतये नमः — जगत् के पति
- ॐ अयुक्ताय नमः — अयुक्त; किसी से न बँधने वाले
- ॐ विश्वनिलयाय नमः — विश्व के निवास
- ॐ संविभागिने नमः — भाग करने वाले; विभाजन-स्वरूप
- ॐ वृषध्वजाय नमः — वृष जिनकी ध्वजा है
- ॐ वृषाकपये नमः — वृषाकपि-स्वरूप
- ॐ कल्पकर्त्रे नमः — कल्प की रचना करने वाले
- ॐ कल्पान्तकरणाय नमः — कल्प का अंत करने वाले
- ॐ रवये नमः — रवि
- ॐ एकचक्ररथाय नमः — एक पहिये वाले रथ वाले
- ॐ मौनिने नमः — मौनी
- ॐ सुरथाय नमः — उत्तम रथ वाले
- ॐ रथिनां वराय नमः — रथियों में श्रेष्ठ
- ॐ सक्रोधनाय नमः — क्रोध सहित; प्रचंड
- ॐ रश्मिमालिने नमः — किरणों की माला वाले
- ॐ तेजोराशये नमः — तेज की राशि
- ॐ विभावसवे नमः — विभावसु; तेज के निधान
- ॐ दिव्यकृते नमः — दिव्य रचना करने वाले
- ॐ दिनकृते नमः — दिन की रचना करने वाले
दिवाकर, अश्व-रथ व वैदिक देव-नाम (नाम 101–200)
- ॐ देवाय नमः — देव
- ॐ देवदेवाय नमः — देवों के देव
- ॐ दिवस्पतये नमः — दिवस के पति
- ॐ दीननाथाय नमः — दीनों के नाथ
- ॐ हराय नमः — हर; हरण करने वाले
- ॐ होत्रे नमः — होता; आहुति देने वाले
- ॐ दिव्यबाहवे नमः — दिव्य भुजाओं वाले
- ॐ दिवाकराय नमः — दिवाकर
- ॐ यज्ञाय नमः — यज्ञ-स्वरूप
- ॐ यज्ञपतये नमः — यज्ञों के पति
- ॐ पूष्णे नमः — पूषा; पोषण करने वाले
- ॐ स्वर्णरेतसे नमः — स्वर्णमय तेज वाले
- ॐ परावराय नमः — पर तथा अपर स्वरूप
- ॐ परापरज्ञाय नमः — पर व अपर दोनों को जानने वाले
- ॐ तरणये नमः — तरणि; तारने वाले
- ॐ अंशुमालिने नमः — किरणों की माला वाले
- ॐ मनोहराय नमः — मन को हरने वाले
- ॐ प्राज्ञाय नमः — प्राज्ञ; विवेकशील
- ॐ प्राज्ञपतये नमः — प्राज्ञों के पति
- ॐ सूर्याय नमः — सूर्य
- ॐ सवित्रे नमः — सविता
- ॐ विष्णवे नमः — विष्णु-स्वरूप
- ॐ अंशुमते नमः — अंशुमान्; किरणों वाले
- ॐ सदागतये नमः — सदागति; निरंतर गतिशील
- ॐ गन्धवहाय नमः — गंध को वहन करने वाले
- ॐ विहिताय नमः — विहित; विधिपूर्वक स्थापित
- ॐ विधये नमः — विधि-स्वरूप
- ॐ आशुगाय नमः — आशुग; शीघ्रगामी
- ॐ पतङ्गाय नमः — पतंग; उड़ने वाले
- ॐ पतगाय नमः — पतग; आकाश में चलने वाले
- ॐ स्थाणवे नमः — स्थाणु; अचल
- ॐ विहङ्गाय नमः — विहंग; आकाशचारी
- ॐ विहगाय नमः — विहग; आकाश में गति करने वाले
- ॐ वराय नमः — वर; श्रेष्ठ
- ॐ हर्यश्वाय नमः — हरि वर्ण के अश्वों वाले
- ॐ हरिताश्वाय नमः — हरित अश्वों वाले
- ॐ हरिदश्वाय नमः — हरे रंग के अश्वों वाले
- ॐ जगत्प्रियाय नमः — जगत् को प्रिय
- ॐ त्र्यम्बकाय नमः — त्र्यम्बक-स्वरूप
- ॐ सर्वदमनाय नमः — सबका दमन करने वाले
- ॐ भावितात्मने नमः — भावित आत्मा वाले
- ॐ भिषग्वराय नमः — वैद्यों में श्रेष्ठ
- ॐ आलोककृते नमः — आलोक अर्थात प्रकाश करने वाले
- ॐ लोकनाथाय नमः — लोकों के नाथ
- ॐ लोकालोकनमस्कृताय नमः — लोक तथा अलोक — दोनों द्वारा नमस्कृत
- ॐ कालाय नमः — काल-स्वरूप
- ॐ कल्पान्तकाय नमः — कल्प का अंत करने वाले
- ॐ वह्नये नमः — वह्नि; अग्नि-स्वरूप
- ॐ तपनाय नमः — तपाने वाले
- ॐ सम्प्रतापनाय नमः — भली प्रकार तपाने वाले
- ॐ विलोचनाय नमः — विशेष रूप से देखने वाले
- ॐ विरूपाक्षाय नमः — विषम अर्थात तीन नेत्रों वाले
- ॐ सहस्राक्षाय नमः — सहस्र नेत्रों वाले
- ॐ पुरन्दराय नमः — पुरंदर-स्वरूप
- ॐ सहस्ररश्मये नमः — सहस्र किरणों वाले
- ॐ मिहिराय नमः — मिहिर; सींचने वाले
- ॐ विविधाम्बरभूषणाय नमः — विविध अंबर अर्थात आकाश ही जिनका आभूषण है
- ॐ खगाय नमः — खग; आकाश में गति करने वाले
- ॐ प्रतर्दनाय नमः — प्रतर्दन; नाश करने वाले
- ॐ धन्याय नमः — धन्य
- ॐ हयगाय नमः — अश्व पर गति करने वाले
- ॐ वाग्विशारदाय नमः — वाणी में निपुण
- ॐ श्रीमते नमः — श्री से युक्त
- ॐ अशिशिराय नमः — अशिशिर; जो शीतल नहीं, उष्ण हैं
- ॐ वाग्मिने नमः — वाग्मी; सुवक्ता
- ॐ श्रीपतये नमः — श्री के पति
- ॐ श्रीनिकेतनाय नमः — जिनमें श्री का निकेतन है
- ॐ श्रीकण्ठाय नमः — श्रीकण्ठ-स्वरूप
- ॐ श्रीधराय नमः — श्री को धारण करने वाले
- ॐ श्रीमते नमः — श्री से युक्त
- ॐ श्रीनिवासाय नमः — जिनमें श्री का निवास है
- ॐ वसुप्रदाय नमः — धन देने वाले
- ॐ कामचारिणे नमः — इच्छानुसार गति करने वाले
- ॐ महामायाय नमः — महामाया-स्वरूप
- ॐ महोग्राय नमः — महा उग्र
- ॐ अविदितामयाय नमः — जिनका कोई रोग ज्ञात नहीं
- ॐ तीर्थक्रियावते नमः — तीर्थ-क्रिया से युक्त
- ॐ सुनयाय नमः — सुनीति वाले
- ॐ विभक्ताय नमः — विभक्त; भाग करने वाले
- ॐ भक्तवत्सलाय नमः — भक्तों पर वात्सल्य रखने वाले
- ॐ कीर्तये नमः — कीर्ति-स्वरूप
- ॐ कीर्तिकराय नमः — कीर्ति देने वाले
- ॐ नित्याय नमः — नित्य
- ॐ कुण्डलिने नमः — कुण्डल धारण करने वाले
- ॐ कवचिने नमः — कवच धारण करने वाले
- ॐ रथिने नमः — रथी
- ॐ हिरण्यरेतसे नमः — स्वर्णमय तेज वाले
- ॐ सप्ताश्वाय नमः — सात अश्वों वाले
- ॐ प्रयतात्मने नमः — संयत आत्मा वाले
- ॐ परन्तपाय नमः — शत्रुओं को तपाने वाले
- ॐ बुद्धिमते नमः — बुद्धिमान्
- ॐ अमरश्रेष्ठाय नमः — अमरों में श्रेष्ठ
- ॐ रोचिष्णवे नमः — देदीप्यमान
- ॐ पाकशासनाय नमः — पाकशासन इंद्र-स्वरूप
- ॐ समुद्राय नमः — समुद्र-स्वरूप
- ॐ धनदाय नमः — धन देने वाले
- ॐ धात्रे नमः — धाता; धारण करने वाले
- ॐ मान्धात्रे नमः — मान्धाता-स्वरूप
- ॐ कश्मलापहाय नमः — मलिनता का नाश करने वाले
- ॐ तमोघ्नाय नमः — अंधकार का नाश करने वाले
तेज, आरोग्य व अंधकार-नाश (नाम 201–300)
- ॐ ध्वान्तघ्ने नमः — तिमिर का नाश करने वाले
- ॐ वह्नये नमः — अग्नि-स्वरूप
- ॐ होत्रे नमः — होता
- ॐ अन्तःकरणाय नमः — अंतःकरण-स्वरूप
- ॐ गुहाय नमः — गुह्य; गोपनीय
- ॐ पशुमते नमः — पशुओं अर्थात जीवों के स्वामी
- ॐ प्रयतानन्दाय नमः — संयमियों को आनंद देने वाले
- ॐ भूतेशाय नमः — भूतों के ईश
- ॐ श्रीमतां वराय नमः — श्रीमानों में श्रेष्ठ
- ॐ नित्याय नमः — नित्य
- ॐ अदिताय नमः — अदित; जो खण्डित नहीं होते
- ॐ नित्यरथाय नमः — नित्य रथ पर विराजने वाले
- ॐ सुरेशाय नमः — देवों के ईश
- ॐ सुरपूजिताय नमः — देवों द्वारा पूजित
- ॐ अजिताय नमः — अजित; जो जीते नहीं जाते
- ॐ विजिताय नमः — विजित; जिन्होंने जीत लिया
- ॐ जेत्रे नमः — जेता; जीतने वाले
- ॐ जङ्गमस्थावरात्मकाय नमः — जंगम व स्थावर — दोनों के आत्म-स्वरूप
- ॐ जीवानन्दाय नमः — जीवों को आनंद देने वाले
- ॐ नित्यगामिने नमः — नित्य गतिशील
- ॐ विजेत्रे नमः — विजेता
- ॐ विजयप्रदाय नमः — विजय देने वाले
- ॐ पर्जन्याय नमः — पर्जन्य; वर्षा-स्वरूप
- ॐ अग्नये नमः — अग्नि-स्वरूप
- ॐ स्थितये नमः — स्थिति-स्वरूप
- ॐ स्थेयाय नमः — स्थिर रहने वाले
- ॐ स्थविराय नमः — स्थविर; पुरातन
- ॐ निरञ्जनाय नमः — निरंजन; निर्दोष
- ॐ प्रद्योतनाय नमः — प्रद्योतन; विशेष प्रकाश करने वाले
- ॐ रथारूढाय नमः — रथ पर आरूढ़
- ॐ सर्वलोकप्रकाशकाय नमः — समस्त लोकों को प्रकाशित करने वाले
- ॐ ध्रुवाय नमः — ध्रुव; अचल
- ॐ मेषिने नमः — मेष राशि से युक्त
- ॐ महावीर्याय नमः — महान वीर्य वाले
- ॐ हंसाय नमः — हंस-स्वरूप
- ॐ संसारतारकाय नमः — संसार-सागर से तारने वाले
- ॐ सृष्टिकर्त्रे नमः — सृष्टि की रचना करने वाले
- ॐ क्रियाहेतवे नमः — क्रिया के हेतु
- ॐ मार्तण्डाय नमः — मार्तण्ड
- ॐ मरुतां पतये नमः — मरुतों के पति
- ॐ मरुत्वते नमः — मरुत्वान्; मरुतों से युक्त
- ॐ दहनाय नमः — दहन करने वाले
- ॐ त्वष्ट्रे नमः — त्वष्टा-स्वरूप
- ॐ भगाय नमः — भग-स्वरूप
- ॐ भर्गाय नमः — भर्ग; तेजोमय
- ॐ अर्यम्णे नमः — अर्यमा-स्वरूप
- ॐ कपये नमः — कपि-स्वरूप
- ॐ वरुणेशाय नमः — वरुण के भी ईश
- ॐ जगन्नाथाय नमः — जगत् के नाथ
- ॐ कृतकृत्याय नमः — कृतकृत्य; जिनका कार्य सिद्ध है
- ॐ सुलोचनाय नमः — सुंदर नेत्रों वाले
- ॐ विवस्वते नमः — विवस्वान्
- ॐ भानुमते नमः — भानुमान्; प्रकाशमान
- ॐ कार्याय नमः — कार्य-स्वरूप
- ॐ कारणाय नमः — कारण-स्वरूप
- ॐ तेजसां निधये नमः — तेजों के निधि
- ॐ असङ्गगामिने नमः — बिना संग के गति करने वाले
- ॐ तिग्मांशवे नमः — तीक्ष्ण किरणों वाले
- ॐ धर्मांशवे नमः — धर्म-रूपी किरणों वाले
- ॐ दीप्तदीधितये नमः — देदीप्यमान दीप्ति वाले
- ॐ सहस्रदीधितये नमः — सहस्र दीप्तियों वाले
- ॐ ब्रध्नाय नमः — ब्रध्न; महान
- ॐ सहस्रांशवे नमः — सहस्र किरणों वाले
- ॐ दिवाकराय नमः — दिवाकर
- ॐ गभस्तिमते नमः — गभस्ति अर्थात किरणों वाले
- ॐ दीधितिमते नमः — दीप्ति से युक्त
- ॐ स्रग्विणे नमः — माला धारण करने वाले
- ॐ मणिकुलद्युतये नमः — मणि-समूह के समान कांति वाले
- ॐ भास्कराय नमः — भास्कर; प्रकाश करने वाले
- ॐ सुरकार्यज्ञाय नमः — देवों के कार्य को जानने वाले
- ॐ सर्वज्ञाय नमः — सर्वज्ञ
- ॐ तीक्ष्णदीधितये नमः — तीक्ष्ण दीप्ति वाले
- ॐ सुरज्येष्ठाय नमः — देवों में ज्येष्ठ
- ॐ सुरपतये नमः — देवों के पति
- ॐ बहुज्ञाय नमः — बहुत जानने वाले
- ॐ वचसां पतये नमः — वचनों के पति
- ॐ तेजोनिधये नमः — तेज के निधि
- ॐ बृहत्तेजसे नमः — महान तेज वाले
- ॐ बृहत्कीर्तये नमः — महान कीर्ति वाले
- ॐ बृहस्पतये नमः — बृहस्पति-स्वरूप
- ॐ अहिमते नमः — अहिमान्; दिन वाले
- ॐ ऊर्जिताय नमः — ऊर्जित; बलशाली
- ॐ धीमते नमः — धीमान्; बुद्धिमान्
- ॐ आमुक्ताय नमः — आमुक्त; कवच धारण किए हुए
- ॐ कीर्तिवर्धनाय नमः — कीर्ति की वृद्धि करने वाले
- ॐ महावैद्याय नमः — महान वैद्य
- ॐ गणपतये नमः — गणों के पति
- ॐ धनेशाय नमः — धन के ईश
- ॐ गणनायकाय नमः — गणों के नायक
- ॐ तीव्रप्रतापनाय नमः — तीव्र ताप देने वाले
- ॐ तापिने नमः — तपाने वाले
- ॐ तापनाय नमः — तापन; ताप उत्पन्न करने वाले
- ॐ विश्वतापनाय नमः — विश्व को तपाने वाले
- ॐ कार्तस्वराय नमः — कार्तस्वर अर्थात स्वर्ण-स्वरूप
- ॐ हृषीकेशाय नमः — इंद्रियों के स्वामी
- ॐ पद्मानन्दाय नमः — कमलों को आनंद देने वाले
- ॐ अतिनन्दिताय नमः — अत्यंत आनंदित
- ॐ पद्मनाभाय नमः — जिनकी नाभि से कमल है
- ॐ अमृताहाराय नमः — अमृत का आहार करने वाले
- ॐ स्थितिमते नमः — स्थिति से युक्त
प्रकाश, गति व कल्याण-नाम (नाम 301–400)
- ॐ केतुमते नमः — केतु से युक्त; ध्वजा वाले
- ॐ नभसे नमः — नभ; आकाश-स्वरूप
- ॐ अनाद्यन्ताय नमः — आदि व अंत से रहित
- ॐ अच्युताय नमः — अच्युत
- ॐ विश्वाय नमः — विश्व-स्वरूप
- ॐ विश्वामित्राय नमः — विश्वामित्र-स्वरूप
- ॐ घृणये नमः — घृणि; किरण-स्वरूप
- ॐ विराजे नमः — विराट्-स्वरूप
- ॐ आमुक्तकवचाय नमः — कवच धारण किए हुए
- ॐ वाग्मिने नमः — वाग्मी; सुवक्ता
- ॐ कञ्चुकिने नमः — कञ्चुक अर्थात आवरण धारण करने वाले
- ॐ विश्वभावनाय नमः — विश्व की भावना करने वाले
- ॐ अनिमित्तगतये नमः — बिना निमित्त के गति करने वाले
- ॐ श्रेष्ठाय नमः — श्रेष्ठ
- ॐ शरण्याय नमः — शरण देने वाले
- ॐ सर्वतोमुखाय नमः — सब ओर मुख वाले
- ॐ विगाहिने नमः — विगाही; गहराई तक प्रवेश करने वाले
- ॐ वेणुरसहाय नमः — वेणु-रस का हरण करने वाले
- ॐ समायुक्ताय नमः — भली प्रकार युक्त
- ॐ समाक्रतवे नमः — समान क्रतु अर्थात यज्ञ-स्वरूप
- ॐ धर्मकेतवे नमः — धर्म ही जिनकी ध्वजा है
- ॐ धर्मरतये नमः — धर्म में रत
- ॐ संहर्त्रे नमः — संहार करने वाले
- ॐ सम्यमाय नमः — संयम-स्वरूप
- ॐ यमाय नमः — यम-स्वरूप
- ॐ प्रणतार्तिहराय नमः — प्रणत जनों की पीड़ा हरने वाले
- ॐ वायवे नमः — वायु-स्वरूप
- ॐ सिद्धकार्याय नमः — जिनके कार्य सिद्ध हैं
- ॐ जनेश्वराय नमः — जनों के ईश्वर
- ॐ नभसे नमः — आकाश-स्वरूप
- ॐ विगाहनाय नमः — गहराई तक प्रवेश करने वाले
- ॐ सत्याय नमः — सत्य-स्वरूप
- ॐ सवित्रे नमः — सविता
- ॐ आत्मने नमः — आत्मा-स्वरूप
- ॐ मनोहराय नमः — मन को हरने वाले
- ॐ हारिणे नमः — हार धारण करने वाले
- ॐ हरये नमः — हरि-स्वरूप
- ॐ हराय नमः — हर-स्वरूप
- ॐ वायवे नमः — वायु-स्वरूप
- ॐ ऋतवे नमः — ऋतु-स्वरूप
- ॐ कालानलद्युतये नमः — प्रलयाग्नि के समान कांति वाले
- ॐ सुखसेव्याय नमः — सुखपूर्वक सेवा करने योग्य
- ॐ महातेजसे नमः — महान तेज वाले
- ॐ जगतामेककारणाय नमः — जगतों के एकमात्र कारण
- ॐ महेन्द्राय नमः — महेंद्र-स्वरूप
- ॐ विष्टुताय नमः — विशेष रूप से स्तुत
- ॐ स्तोत्राय नमः — स्तोत्र-स्वरूप
- ॐ स्तुतिहेतवे नमः — स्तुति के हेतु
- ॐ प्रभाकराय नमः — प्रभाकर
- ॐ सहस्रकराय नमः — सहस्र किरणों वाले
- ॐ आयुष्मते नमः — आयुष्मान्; दीर्घायु देने वाले
- ॐ अरोषाय नमः — रोष-रहित
- ॐ सुखदाय नमः — सुख देने वाले
- ॐ सुखिने नमः — सुखी
- ॐ व्याधिघ्ने नमः — व्याधियों का नाश करने वाले
- ॐ सुखदाय नमः — सुख देने वाले
- ॐ सौख्याय नमः — सौख्य-स्वरूप
- ॐ कल्याणाय नमः — कल्याण-स्वरूप
- ॐ कलतां वराय नमः — कलावानों में श्रेष्ठ
- ॐ आरोग्यकारणाय नमः — आरोग्य के कारण
- ॐ सिद्धये नमः — सिद्धि-स्वरूप
- ॐ ऋद्धये नमः — ऋद्धि-स्वरूप
- ॐ वृद्धये नमः — वृद्धि-स्वरूप
- ॐ बृहस्पतये नमः — बृहस्पति-स्वरूप
- ॐ हिरण्यरेतसे नमः — स्वर्णमय तेज वाले
- ॐ आरोग्याय नमः — आरोग्य-स्वरूप
- ॐ विदुषे नमः — विद्वान्
- ॐ ब्रध्नाय नमः — ब्रध्न; महान
- ॐ बुधाय नमः — बुध; ज्ञानी
- ॐ महते नमः — महान
- ॐ प्राणवते नमः — प्राण से युक्त
- ॐ धृतिमते नमः — धृति से युक्त
- ॐ घर्माय नमः — घर्म; उष्णता-स्वरूप
- ॐ घर्मकर्त्रे नमः — उष्णता उत्पन्न करने वाले
- ॐ रुचिप्रदाय नमः — रुचि अर्थात कांति देने वाले
- ॐ सर्वप्रियाय नमः — सबको प्रिय
- ॐ सर्वसहाय नमः — सब कुछ सहन करने वाले
- ॐ सर्वशत्रुविनाशनाय नमः — समस्त शत्रुओं का नाश करने वाले
- ॐ प्रांशवे नमः — प्रांशु; अत्यंत ऊँचे
- ॐ विद्योतनाय नमः — विशेष रूप से प्रकाशित करने वाले
- ॐ द्योताय नमः — द्योत; प्रकाश-स्वरूप
- ॐ सहस्रकिरणाय नमः — सहस्र किरणों वाले
- ॐ कृतिने नमः — कृती; कृतकार्य
- ॐ केयूरिणे नमः — केयूर धारण करने वाले
- ॐ भूषणोद्भासिने नमः — आभूषणों से देदीप्यमान
- ॐ भासिताय नमः — प्रकाशित
- ॐ भासनाय नमः — प्रकाश करने वाले
- ॐ अनलाय नमः — अनल; अग्नि-स्वरूप
- ॐ शरण्यार्तिहराय नमः — शरणागतों की पीड़ा हरने वाले
- ॐ होत्रे नमः — होता
- ॐ खद्योताय नमः — खद्योत; आकाश में प्रकाश करने वाले
- ॐ खगसत्तमाय नमः — आकाशचारियों में उत्तम
- ॐ सर्वद्योताय नमः — सबको प्रकाशित करने वाले
- ॐ भवद्योताय नमः — संसार को प्रकाशित करने वाले
- ॐ सर्वद्युतिकराय नमः — समस्त द्युति के कारण
- ॐ मताय नमः — मत; सम्मत
- ॐ कल्याणाय नमः — कल्याण-स्वरूप
- ॐ कल्याणकराय नमः — कल्याण करने वाले
- ॐ कल्याय नमः — कल्य; नीरोग व समर्थ
- ॐ कल्यकराय नमः — कल्य अर्थात आरोग्य करने वाले
वर्चस्, वेद-स्वरूप व अलंकार (नाम 401–500)
- ॐ कवये नमः — कवि
- ॐ कल्याणकृते नमः — कल्याण की रचना करने वाले
- ॐ कल्यवपवे नमः — नीरोग शरीर वाले
- ॐ सर्वकल्याणभाजनाय नमः — समस्त कल्याण के पात्र
- ॐ शान्तिप्रियाय नमः — शांति जिन्हें प्रिय है
- ॐ प्रसन्नात्मने नमः — प्रसन्न आत्मा वाले
- ॐ प्रशान्ताय नमः — प्रशांत
- ॐ प्रशमप्रियाय नमः — प्रशम अर्थात शांति जिन्हें प्रिय है
- ॐ उदारकर्मणे नमः — उदार कर्म वाले
- ॐ सुनयाय नमः — उत्तम नीति वाले
- ॐ सुवर्चसे नमः — उत्तम तेज वाले
- ॐ वर्चसोज्ज्वलाय नमः — तेज से उज्ज्वल
- ॐ वर्चस्विने नमः — तेजस्वी
- ॐ वर्चसामीशाय नमः — तेजों के ईश
- ॐ त्रैलोक्येशाय नमः — तीनों लोकों के ईश
- ॐ वशानुगाय नमः — जो वश में आ जाते हैं (भक्तों के)
- ॐ तेजस्विने नमः — तेजस्वी
- ॐ सुयशसे नमः — उत्तम यश वाले
- ॐ वर्ष्मिणे नमः — वर्ष्मी; उन्नत शरीर वाले
- ॐ वर्णाध्यक्षाय नमः — वर्णों के अध्यक्ष
- ॐ बलिप्रियाय नमः — बलि अर्थात अर्पण जिन्हें प्रिय है
- ॐ यशस्विने नमः — यशस्वी
- ॐ तेजोनिलयाय नमः — तेज के निवास
- ॐ तेजस्विने नमः — तेजस्वी
- ॐ प्रकृतिस्थिताय नमः — प्रकृति में स्थित
- ॐ आकाशगाय नमः — आकाश में गति करने वाले
- ॐ शीघ्रगतये नमः — शीघ्र गति वाले
- ॐ आशुगाय नमः — आशुग; तीव्रगामी
- ॐ गतिमते नमः — गति से युक्त
- ॐ खगाय नमः — खग; आकाशचारी
- ॐ गोपतये नमः — गौओं व किरणों के पति
- ॐ ग्रहदेवेशाय नमः — ग्रह-देवों के ईश
- ॐ गोमते नमः — गौओं अर्थात किरणों से युक्त
- ॐ एकाय नमः — एक; अद्वितीय
- ॐ प्रभञ्जनाय नमः — प्रभंजन; वायु-स्वरूप
- ॐ जनित्रे नमः — जनित्री; उत्पन्न करने वाले
- ॐ प्रजनाय नमः — प्रजनन-स्वरूप
- ॐ जीवाय नमः — जीव-स्वरूप
- ॐ दीपाय नमः — दीप-स्वरूप
- ॐ सर्वप्रकाशकाय नमः — सबको प्रकाशित करने वाले
- ॐ सर्वसाक्षिने नमः — सबके साक्षी
- ॐ योगनित्याय नमः — नित्य योग में स्थित
- ॐ नभस्वते नमः — नभस्वान्; आकाश से युक्त
- ॐ असुरान्तकाय नमः — असुरों का अंत करने वाले
- ॐ रक्षोघ्नाय नमः — राक्षसों का नाश करने वाले
- ॐ विघ्नशमनाय नमः — विघ्नों का शमन करने वाले
- ॐ किरीटिने नमः — मुकुट धारण करने वाले
- ॐ सुमनःप्रियाय नमः — सुमनस् अर्थात पुष्प व देव जिन्हें प्रिय हैं
- ॐ मरीचिमालिने नमः — किरण-माला वाले
- ॐ सुमतये नमः — उत्तम बुद्धि वाले
- ॐ कृताभिख्यविशेषकाय नमः — जिनका विशेष चिह्न प्रसिद्ध है
- ॐ शिष्टाचाराय नमः — शिष्ट आचरण वाले
- ॐ शुभाचाराय नमः — शुभ आचरण वाले
- ॐ स्वचाराचारतत्पराय नमः — अपने आचार व आचरण में तत्पर
- ॐ मन्दाराय नमः — मन्दार-स्वरूप
- ॐ माठराय नमः — माठर-स्वरूप (सूर्य के पार्षद)
- ॐ वेणवे नमः — वेणु-स्वरूप
- ॐ क्षुधापाय नमः — क्षुधा का नाश करने वाले
- ॐ क्ष्मापतये नमः — पृथ्वी के पति
- ॐ गुरवे नमः — गुरु
- ॐ सुविशिष्टाय नमः — अत्यंत विशिष्ट
- ॐ विशिष्टात्मने नमः — विशिष्ट आत्मा वाले
- ॐ विधेयाय नमः — विधेय; अनुशासन में रहने वाले
- ॐ ज्ञानशोभनाय नमः — ज्ञान से शोभित
- ॐ महाश्वेताय नमः — महाश्वेत-स्वरूप
- ॐ प्रियाय नमः — प्रिय
- ॐ ज्ञेयाय नमः — जानने योग्य
- ॐ सामगाय नमः — सामगान करने वाले
- ॐ मोक्षदायकाय नमः — मोक्ष देने वाले
- ॐ सर्ववेदप्रगीतात्मने नमः — समस्त वेदों द्वारा गाए गए आत्म-स्वरूप
- ॐ सर्ववेदलयाय नमः — समस्त वेदों के लय-स्थान
- ॐ महते नमः — महान
- ॐ वेदमूर्तये नमः — वेद ही जिनकी मूर्ति है
- ॐ चतुर्वेदाय नमः — चारों वेद-स्वरूप
- ॐ वेदभृते नमः — वेद को धारण करने वाले
- ॐ वेदपारगाय नमः — वेदों के पारंगत
- ॐ क्रियावते नमः — क्रियावान्
- ॐ असिताय नमः — असित; अश्वेत
- ॐ जिष्णवे नमः — जिष्णु; विजयशील
- ॐ वरीयांशवे नमः — वरीयान्; अत्यंत श्रेष्ठ
- ॐ वरप्रदाय नमः — वर देने वाले
- ॐ व्रतचारिणे नमः — व्रत का आचरण करने वाले
- ॐ व्रतधराय नमः — व्रत धारण करने वाले
- ॐ लोकबन्धवे नमः — लोकों के बंधु
- ॐ अलङ्कृताय नमः — अलंकृत
- ॐ अलङ्काराक्षराय नमः — अलंकार व अक्षर-स्वरूप
- ॐ वेद्याय नमः — जानने योग्य
- ॐ विद्यावते नमः — विद्या से युक्त
- ॐ विदिताशयाय नमः — जिनका आशय ज्ञात है
- ॐ आकाराय नमः — आकार-स्वरूप
- ॐ भूषणाय नमः — भूषण-स्वरूप
- ॐ भूष्याय नमः — भूषित करने योग्य
- ॐ भूष्णवे नमः — भूष्णु; शोभा पाने वाले
- ॐ भुवनपूजिताय नमः — भुवन द्वारा पूजित
- ॐ चक्रपाणये नमः — चक्र धारण करने वाले
- ॐ ध्वजधराय नमः — ध्वजा धारण करने वाले
- ॐ सुरेशाय नमः — देवों के ईश
- ॐ लोकवत्सलाय नमः — लोकों पर वात्सल्य रखने वाले
- ॐ वाग्मिपतये नमः — वाग्मियों के पति
- ॐ महाबाहवे नमः — विशाल भुजाओं वाले
काल-चक्र, ग्रहराज व मंगल-नाम (नाम 501–600)
- ॐ प्रकृतये नमः — प्रकृति-स्वरूप
- ॐ विकृतये नमः — विकृति-स्वरूप
- ॐ गुणाय नमः — गुण-स्वरूप
- ॐ अन्धकारापहाय नमः — अंधकार का नाश करने वाले
- ॐ श्रेष्ठाय नमः — श्रेष्ठ
- ॐ युगावर्ताय नमः — युगों को घुमाने वाले
- ॐ युगादिकृते नमः — युग का आरंभ करने वाले
- ॐ अप्रमेयाय नमः — अप्रमेय
- ॐ सदायोगिने नमः — सदा योग में स्थित
- ॐ निरहङ्काराय नमः — अहंकार-रहित
- ॐ ईश्वराय नमः — ईश्वर
- ॐ शुभप्रदाय नमः — शुभ प्रदान करने वाले
- ॐ शुभाय नमः — शुभ-स्वरूप
- ॐ शास्त्रे नमः — शास्ता; शासन करने वाले
- ॐ शुभकर्मणे नमः — शुभ कर्म वाले
- ॐ शुभप्रदाय नमः — शुभ देने वाले
- ॐ सत्यवते नमः — सत्य से युक्त
- ॐ श्रुतिमते नमः — श्रुति से युक्त
- ॐ उच्चैर्नकाराय नमः — उच्च स्वर से "न" कहने वाले; निषेध करने वाले
- ॐ वृद्धिदाय नमः — वृद्धि देने वाले
- ॐ अनलाय नमः — अनल; अग्नि-स्वरूप
- ॐ बलभृते नमः — बल धारण करने वाले
- ॐ बलदाय नमः — बल देने वाले
- ॐ बन्धवे नमः — बंधु
- ॐ मतिमते नमः — बुद्धिमान्
- ॐ बलिनां वराय नमः — बलवानों में श्रेष्ठ
- ॐ अनङ्गाय नमः — अनंग; शरीर-रहित
- ॐ नागराजेन्द्राय नमः — नागराजों के इंद्र
- ॐ पद्मयोनये नमः — कमल से उत्पन्न
- ॐ गणेश्वराय नमः — गणों के ईश्वर
- ॐ संवत्सराय नमः — संवत्सर-स्वरूप
- ॐ ऋतवे नमः — ऋतु-स्वरूप
- ॐ नेत्रे नमः — नेता
- ॐ कालचक्रप्रवर्तकाय नमः — काल-चक्र को चलाने वाले
- ॐ पद्मेक्षणाय नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाले
- ॐ पद्मयोनये नमः — कमल से उत्पन्न
- ॐ प्रभावते नमः — प्रभा से युक्त
- ॐ अमराय नमः — अमर
- ॐ प्रभवे नमः — प्रभु
- ॐ सुमूर्तये नमः — सुंदर मूर्ति वाले
- ॐ सुमतये नमः — उत्तम बुद्धि वाले
- ॐ सोमाय नमः — सोम-स्वरूप
- ॐ गोविन्दाय नमः — गोविन्द-स्वरूप
- ॐ जगदादिजाय नमः — जगत् के आदि में उत्पन्न
- ॐ पीतवाससे नमः — पीत वस्त्र वाले
- ॐ कृष्णवाससे नमः — कृष्ण वस्त्र वाले
- ॐ दिग्वाससे नमः — दिशाएँ ही जिनका वस्त्र हैं
- ॐ इन्द्रियातिगाय नमः — इंद्रियों से परे
- ॐ अतीन्द्रियाय नमः — अतीन्द्रिय
- ॐ अनेकरूपाय नमः — अनेक रूपों वाले
- ॐ स्कन्दाय नमः — स्कन्द-स्वरूप
- ॐ परपुरञ्जयाय नमः — शत्रु-नगरों को जीतने वाले
- ॐ शक्तिमते नमः — शक्तिमान्
- ॐ जलधृगे नमः — जल को धारण करने वाले
- ॐ भास्वते नमः — भास्वान्; प्रकाशमान
- ॐ मोक्षहेतवे नमः — मोक्ष के हेतु
- ॐ अयोनिजाय नमः — अयोनिज; योनि से न जन्मे
- ॐ सर्वदर्शिने नमः — सब कुछ देखने वाले
- ॐ जितादर्शाय नमः — जिन्होंने दर्पण को भी जीत लिया (अत्यंत निर्मल)
- ॐ दुःस्वप्नाशुभनाशनाय नमः — दुःस्वप्न व अशुभ का नाश करने वाले
- ॐ माङ्गल्यकर्त्रे नमः — मंगल की रचना करने वाले
- ॐ तरणये नमः — तरणि; तारने वाले
- ॐ वेगवते नमः — वेगवान्
- ॐ कश्मलापहाय नमः — मलिनता का नाश करने वाले
- ॐ स्पष्टाक्षराय नमः — स्पष्ट अक्षर वाले
- ॐ महामन्त्राय नमः — महामंत्र-स्वरूप
- ॐ विशाखाय नमः — विशाखा-स्वरूप
- ॐ यजनप्रियाय नमः — यजन अर्थात पूजन जिन्हें प्रिय है
- ॐ विश्वकर्मणे नमः — विश्वकर्मा-स्वरूप
- ॐ महाशक्तये नमः — महाशक्ति-स्वरूप
- ॐ द्युतये नमः — द्युति; कांति-स्वरूप
- ॐ ईशाय नमः — ईश
- ॐ विहङ्गमाय नमः — आकाश में गति करने वाले
- ॐ विचक्षणाय नमः — विचक्षण; निपुण
- ॐ दक्षाय नमः — दक्ष; कुशल
- ॐ इन्द्राय नमः — इंद्र-स्वरूप
- ॐ प्रत्यूषाय नमः — प्रत्यूष; उषाकाल-स्वरूप
- ॐ प्रियदर्शनाय नमः — प्रिय दर्शन वाले
- ॐ अखिन्नाय नमः — अखिन्न; कभी न थकने वाले
- ॐ वेदनिलयाय नमः — वेद जिनका निवास है
- ॐ वेदविदे नमः — वेद को जानने वाले
- ॐ विदिताशयाय नमः — जिनका आशय ज्ञात है
- ॐ प्रभाकराय नमः — प्रभाकर
- ॐ जितरिपवे नमः — शत्रुओं को जीत लेने वाले
- ॐ सुजनाय नमः — सज्जन
- ॐ अरुणसारथये नमः — अरुण जिनके सारथी हैं
- ॐ कुनाशिने नमः — कु अर्थात बुराई का नाश करने वाले
- ॐ सुरताय नमः — सुरत; प्रीति-युक्त
- ॐ स्कन्दाय नमः — स्कन्द-स्वरूप
- ॐ महिताय नमः — महित; पूजित
- ॐ अभिमताय नमः — अभिमत; इष्ट
- ॐ गुरवे नमः — गुरु
- ॐ ग्रहराजाय नमः — ग्रहों के राजा
- ॐ ग्रहपतये नमः — ग्रहों के पति
- ॐ ग्रहनक्षत्रमण्डलाय नमः — ग्रह व नक्षत्र-मंडल स्वरूप
- ॐ भास्कराय नमः — भास्कर
- ॐ सततानन्दाय नमः — सतत आनंद-स्वरूप
- ॐ नन्दनाय नमः — आनंद देने वाले
- ॐ नरवाहनाय नमः — नर ही जिनका वाहन है
- ॐ मङ्गलाय नमः — मंगल-स्वरूप
व्रत, यज्ञ व वसु-नाम (नाम 601–700)
- ॐ मङ्गलवते नमः — मंगल से युक्त
- ॐ माङ्गल्याय नमः — माङ्गल्य; मंगलकारी
- ॐ मङ्गलावहाय नमः — मंगल लाने वाले
- ॐ मङ्गल्यचारुचरिताय नमः — मंगलमय व सुंदर चरित्र वाले
- ॐ शीर्णाय नमः — शीर्ण; क्षीण करने वाले
- ॐ सर्वव्रताय नमः — समस्त व्रत-स्वरूप
- ॐ व्रतिने नमः — व्रती
- ॐ चतुर्मुखाय नमः — चार मुख वाले
- ॐ पद्ममालिने नमः — कमल-माला धारण करने वाले
- ॐ पूतात्मने नमः — पवित्र आत्मा वाले
- ॐ प्रणतार्तिघ्ने नमः — प्रणत जनों की पीड़ा हरने वाले
- ॐ अकिञ्चनाय नमः — अकिञ्चन; परिग्रह-रहित
- ॐ सतामीशाय नमः — सज्जनों के ईश
- ॐ निर्गुणाय नमः — निर्गुण
- ॐ गुणवते नमः — गुणों से युक्त
- ॐ शुचये नमः — शुचि; पवित्र
- ॐ सम्पूर्णाय नमः — सम्पूर्ण
- ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमः — कमल-सदृश नेत्रों वाले
- ॐ विधेयाय नमः — विधेय; अनुशासन में रहने वाले
- ॐ योगतत्पराय नमः — योग में तत्पर
- ॐ सहस्रांशवे नमः — सहस्र किरणों वाले
- ॐ क्रतुमतये नमः — यज्ञ-बुद्धि वाले
- ॐ सर्वज्ञाय नमः — सर्वज्ञ
- ॐ सुमतये नमः — उत्तम बुद्धि वाले
- ॐ सुवाचे नमः — उत्तम वाणी वाले
- ॐ सुवाहनाय नमः — उत्तम वाहन वाले
- ॐ माल्यदाम्ने नमः — पुष्प-माला धारण करने वाले
- ॐ कृताहाराय नमः — जिनका आहार निश्चित है
- ॐ हरिप्रियाय नमः — हरि को प्रिय
- ॐ ब्रह्मणे नमः — ब्रह्म-स्वरूप
- ॐ प्रचेतसे नमः — प्रचेता-स्वरूप
- ॐ प्रथिताय नमः — प्रथित; प्रसिद्ध
- ॐ प्रयतात्मने नमः — संयत आत्मा वाले
- ॐ स्थिरात्मकाय नमः — स्थिर आत्मा वाले
- ॐ शतविन्दवे नमः — सैकड़ों बिंदुओं वाले
- ॐ शतमुखाय नमः — सैकड़ों मुख वाले
- ॐ गरीयसे नमः — गरीयान्; अत्यंत गुरुतर
- ॐ अनलप्रभाय नमः — अग्नि के समान प्रभा वाले
- ॐ धीराय नमः — धीर
- ॐ महत्तराय नमः — महत्तर; अत्यंत महान
- ॐ विप्राय नमः — विप्र-स्वरूप
- ॐ पुराणपुरुषोत्तमाय नमः — पुराण-वर्णित पुरुषोत्तम
- ॐ विद्याराजाधिराजाय नमः — विद्या के राजाधिराज
- ॐ विद्यावते नमः — विद्या से युक्त
- ॐ भूतिदाय नमः — ऐश्वर्य देने वाले
- ॐ स्थिताय नमः — स्थित
- ॐ अनिर्देश्यवपुषे नमः — जिनका शरीर बताया नहीं जा सकता
- ॐ श्रीमते नमः — श्री से युक्त
- ॐ विपाप्मने नमः — पाप-रहित
- ॐ बहुमङ्गलाय नमः — अनेक मंगलों वाले
- ॐ स्वःस्थिताय नमः — स्वर्ग में स्थित
- ॐ सुरथाय नमः — उत्तम रथ वाले
- ॐ स्वर्णाय नमः — स्वर्ण-स्वरूप
- ॐ मोक्षदाय नमः — मोक्ष देने वाले
- ॐ बलिकेतनाय नमः — बलि ही जिनका चिह्न है
- ॐ निर्द्वन्द्वाय नमः — द्वंद्व-रहित
- ॐ द्वन्द्वघ्ने नमः — द्वंद्वों का नाश करने वाले
- ॐ स्वर्गाय नमः — स्वर्ग-स्वरूप
- ॐ सर्वगाय नमः — सर्वत्र गति वाले
- ॐ सम्प्रकाशकाय नमः — भली प्रकार प्रकाशित करने वाले
- ॐ दयालवे नमः — दयालु
- ॐ सूक्ष्मधिये नमः — सूक्ष्म बुद्धि वाले
- ॐ क्षान्तये नमः — क्षांति अर्थात क्षमा-स्वरूप
- ॐ क्षेमाक्षेमस्थितिप्रियाय नमः — क्षेम व अक्षेम दोनों की स्थिति जिन्हें प्रिय है
- ॐ भूधराय नमः — पृथ्वी को धारण करने वाले
- ॐ भूपतये नमः — भूमि के पति
- ॐ वक्त्रे नमः — वक्ता
- ॐ पवित्रात्मने नमः — पवित्र आत्मा वाले
- ॐ त्रिलोचनाय नमः — तीन नेत्रों वाले
- ॐ महावराहाय नमः — महावराह-स्वरूप
- ॐ प्रियकृते नमः — प्रिय करने वाले
- ॐ दात्रे नमः — देने वाले
- ॐ भोक्त्रे नमः — भोक्ता
- ॐ अभयप्रदाय नमः — अभय देने वाले
- ॐ चक्रवर्तिने नमः — चक्रवर्ती
- ॐ धृतिकराय नमः — धृति देने वाले
- ॐ सम्पूर्णाय नमः — सम्पूर्ण
- ॐ महेश्वराय नमः — महेश्वर
- ॐ चतुर्वेदधराय नमः — चारों वेदों को धारण करने वाले
- ॐ अचिन्त्याय नमः — अचिंत्य
- ॐ विनिन्द्याय नमः — विनिन्द्य; निंदा से परे
- ॐ विविधाशनाय नमः — विविध आहार वाले
- ॐ विचित्ररथाय नमः — विचित्र रथ वाले
- ॐ एकाकिने नमः — एकाकी
- ॐ सप्तसप्तये नमः — सात-सात अश्वों वाले
- ॐ परात्पराय नमः — पर से भी पर
- ॐ सर्वोदधिस्थितिकराय नमः — समस्त समुद्रों की स्थिति करने वाले
- ॐ स्थितिस्थेयाय नमः — स्थिति में स्थिर रहने वाले
- ॐ स्थितिप्रियाय नमः — स्थिति जिन्हें प्रिय है
- ॐ निष्कलाय नमः — निष्कल; कला-रहित
- ॐ पुष्कलाय नमः — पुष्कल; परिपूर्ण
- ॐ विभवे नमः — विभु; सर्वव्यापी
- ॐ वसुमते नमः — वसु से युक्त
- ॐ वासवप्रियाय नमः — वासव अर्थात इंद्र को प्रिय
- ॐ पशुमते नमः — जीवों के स्वामी
- ॐ वासवस्वामिने नमः — इंद्र के भी स्वामी
- ॐ वसुधाम्ने नमः — वसुओं का धाम
- ॐ वसुप्रदाय नमः — धन देने वाले
- ॐ बलवते नमः — बलवान्
- ॐ ज्ञानवते नमः — ज्ञानवान्
ओंकार, ऋषि-स्वरूप व सप्तमी-प्रिय (नाम 701–800)
- ॐ तत्त्वाय नमः — तत्त्व-स्वरूप
- ॐ ओङ्काराय नमः — ओंकार-स्वरूप
- ॐ त्रिषुसंस्थिताय नमः — तीनों में स्थित (तीनों काल/लोक)
- ॐ सङ्कल्पयोनये नमः — संकल्प से उत्पन्न
- ॐ दिनकृते नमः — दिन की रचना करने वाले
- ॐ भगवते नमः — भगवान्
- ॐ कारणापहाय नमः — कारण का भी नाश करने वाले
- ॐ नीलकण्ठाय नमः — नीलकण्ठ-स्वरूप
- ॐ धनाध्यक्षाय नमः — धन के अध्यक्ष
- ॐ चतुर्वेदप्रियंवदाय नमः — चारों वेदों में प्रिय वचन कहने वाले
- ॐ वषट्काराय नमः — वषट्कार-स्वरूप
- ॐ उद्गात्रे नमः — उद्गाता
- ॐ होत्रे नमः — होता
- ॐ स्वाहाकाराय नमः — स्वाहाकार-स्वरूप
- ॐ हुताहुतये नमः — हवि व आहुति-स्वरूप
- ॐ जनार्दनाय नमः — जनों के कष्ट दूर करने वाले
- ॐ जनानन्दाय नमः — जनों को आनंद देने वाले
- ॐ नराय नमः — नर-स्वरूप
- ॐ नारायणाय नमः — नारायण-स्वरूप
- ॐ अम्बुदाय नमः — मेघ देने वाले
- ॐ सन्देहनाशनाय नमः — संदेह का नाश करने वाले
- ॐ वायवे नमः — वायु-स्वरूप
- ॐ धन्विने नमः — धनुष धारण करने वाले
- ॐ सुरनमस्कृताय नमः — देवों द्वारा नमस्कृत
- ॐ विग्रहिने नमः — विग्रह अर्थात रूप धारण करने वाले
- ॐ विमलाय नमः — विमल; निर्मल
- ॐ विन्दवे नमः — बिंदु-स्वरूप
- ॐ विशोकाय नमः — शोक-रहित
- ॐ विमलद्युतये नमः — निर्मल कांति वाले
- ॐ द्युतिमते नमः — द्युति से युक्त
- ॐ द्योतनाय नमः — प्रकाशित करने वाले
- ॐ विद्युते नमः — विद्युत्-स्वरूप
- ॐ विद्यावते नमः — विद्या से युक्त
- ॐ विदिताय नमः — विदित; ज्ञात
- ॐ बलिने नमः — बलवान्
- ॐ घर्मदाय नमः — घर्म अर्थात उष्णता देने वाले
- ॐ हिमदाय नमः — हिम अर्थात शीत देने वाले
- ॐ हासाय नमः — हास; प्रसन्नता-स्वरूप
- ॐ कृष्णवर्त्मने नमः — कृष्ण मार्ग वाले; अग्नि-स्वरूप
- ॐ सुताजिताय नमः — पुत्र (शनि) द्वारा भी अजेय
- ॐ सावित्रीभाविताय नमः — सावित्री से भावित
- ॐ राज्ञे नमः — राजा
- ॐ विश्वामित्राय नमः — विश्वामित्र-स्वरूप
- ॐ घृणये नमः — घृणि; किरण-स्वरूप
- ॐ विराजे नमः — विराट्-स्वरूप
- ॐ सप्तार्चिषे नमः — सात ज्वालाओं वाले
- ॐ सप्ततुरगाय नमः — सात अश्वों वाले
- ॐ सप्तलोकनमस्कृताय नमः — सातों लोकों द्वारा नमस्कृत
- ॐ सम्पूर्णाय नमः — सम्पूर्ण
- ॐ जगन्नाथाय नमः — जगत् के नाथ
- ॐ सुमनसे नमः — सुमनस्; उत्तम मन वाले
- ॐ शोभनप्रियाय नमः — शोभा जिन्हें प्रिय है
- ॐ सर्वात्मने नमः — सबकी आत्मा
- ॐ सर्वकृते नमः — सब कुछ करने वाले
- ॐ सृष्टये नमः — सृष्टि-स्वरूप
- ॐ सप्तिमते नमः — अश्वों से युक्त
- ॐ सप्तमीप्रियाय नमः — सप्तमी तिथि जिन्हें प्रिय है
- ॐ सुमेधसे नमः — उत्तम मेधा वाले
- ॐ मेधिकाय नमः — मेधा से युक्त
- ॐ मेध्याय नमः — मेध्य; पवित्र
- ॐ मेधाविने नमः — मेधावी
- ॐ मधुसूदनाय नमः — मधु दैत्य का नाश करने वाले
- ॐ अङ्गिरःपतये नमः — अंगिरा के पति
- ॐ कालज्ञाय नमः — काल को जानने वाले
- ॐ धूमकेतवे नमः — धूमकेतु-स्वरूप
- ॐ सुकेतनाय नमः — उत्तम ध्वजा वाले
- ॐ सुखिने नमः — सुखी
- ॐ सुखप्रदाय नमः — सुख देने वाले
- ॐ सौख्याय नमः — सौख्य-स्वरूप
- ॐ कान्तये नमः — कांति-स्वरूप
- ॐ कान्तिप्रियाय नमः — कांति जिन्हें प्रिय है
- ॐ मुनये नमः — मुनि
- ॐ सन्तापनाय नमः — संताप देने वाले
- ॐ सन्तपनाय नमः — भली प्रकार तपाने वाले
- ॐ आतपाय नमः — आतप; धूप-स्वरूप
- ॐ तपसां पतये नमः — तपों के पति
- ॐ उमापतये नमः — उमा के पति शिव-स्वरूप
- ॐ सहस्रांशवे नमः — सहस्र किरणों वाले
- ॐ प्रियकारिणे नमः — प्रिय करने वाले
- ॐ प्रियङ्कराय नमः — प्रिय उत्पन्न करने वाले
- ॐ प्रीतये नमः — प्रीति-स्वरूप
- ॐ विमन्यवे नमः — क्रोध-रहित
- ॐ अम्भोत्थाय नमः — जल से उत्पन्न
- ॐ खञ्जनाय नमः — खंजन; चंचल गति वाले
- ॐ जगतां पतये नमः — जगतों के पति
- ॐ जगत्पित्रे नमः — जगत् के पिता
- ॐ प्रीतमनसे नमः — प्रसन्न मन वाले
- ॐ सर्वाय नमः — सर्व-स्वरूप
- ॐ खर्वाय नमः — खर्व; लघु रूप वाले
- ॐ गुहाय नमः — गुह्य; गोपनीय
- ॐ अचलाय नमः — अचल
- ॐ सर्वगाय नमः — सर्वत्र गति वाले
- ॐ जगदानन्दाय नमः — जगत् को आनंद देने वाले
- ॐ जगन्नेत्रे नमः — जगत् के नेता
- ॐ सुरारिघ्ने नमः — देव-शत्रुओं का नाश करने वाले
- ॐ श्रेयसे नमः — श्रेयस्-स्वरूप
- ॐ श्रेयस्कराय नमः — कल्याण करने वाले
- ॐ ज्यायसे नमः — ज्यायान्; सबसे बड़े
- ॐ महते नमः — महान
- ॐ उत्तमाय नमः — उत्तम
धर्मराज, शनि-पिता व मंत्र-मूर्ति (नाम 801–900)
- ॐ उद्भवाय नमः — उद्भव; उत्पत्ति-स्वरूप
- ॐ उत्तमाय नमः — उत्तम
- ॐ मेरुमेयाय नमः — मेरु के समान अमाप्य
- ॐ धरणाय नमः — धारण करने वाले
- ॐ धरणीधराय नमः — पृथ्वी को धारण करने वाले
- ॐ धराध्यक्षाय नमः — धरा के अध्यक्ष
- ॐ धर्मराजाय नमः — धर्मराज-स्वरूप
- ॐ धर्माधर्मप्रवर्तकाय नमः — धर्म व अधर्म दोनों को प्रवृत्त करने वाले
- ॐ रथाध्यक्षाय नमः — रथ के अध्यक्ष
- ॐ रथगतये नमः — रथ पर गति करने वाले
- ॐ तरुणाय नमः — तरुण; सदा युवा
- ॐ तनिताय नमः — तनित; विस्तृत
- ॐ अनलाय नमः — अनल; अग्नि-स्वरूप
- ॐ उत्तराय नमः — उत्तर-स्वरूप
- ॐ अनुत्तराय नमः — जिनसे उत्तर कोई नहीं
- ॐ तापिने नमः — तपाने वाले
- ॐ अवाक्पतये नमः — वाणी के भी पति
- ॐ अपां पतये नमः — जल के पति
- ॐ पुण्यसङ्कीर्तनाय नमः — जिनका कीर्तन पुण्यदायी है
- ॐ पुण्याय नमः — पुण्य-स्वरूप
- ॐ हेतवे नमः — हेतु; कारण-स्वरूप
- ॐ लोकत्रयाश्रयाय नमः — तीनों लोकों के आश्रय
- ॐ स्वर्भानवे नमः — स्वर्भानु-स्वरूप
- ॐ विगतानन्दाय नमः — आनंद से परे
- ॐ विशिष्टोत्कृष्टकर्मकृते नमः — विशिष्ट व उत्कृष्ट कर्म करने वाले
- ॐ व्याधिप्रणाशनाय नमः — व्याधियों का नाश करने वाले
- ॐ क्षेमाय नमः — क्षेम-स्वरूप
- ॐ शूराय नमः — शूर
- ॐ सर्वजितां वराय नमः — समस्त जीतने वालों में श्रेष्ठ
- ॐ एकरथाय नमः — एक रथ वाले
- ॐ रथाधीशाय नमः — रथ के अधीश
- ॐ शनैश्चरस्य पित्रे नमः — शनैश्चर के पिता
- ॐ वैवस्वतगुरवे नमः — वैवस्वत (यम) के गुरु
- ॐ मृत्यवे नमः — मृत्यु-स्वरूप
- ॐ धर्मनित्याय नमः — धर्म में नित्य स्थित
- ॐ महाव्रताय नमः — महान व्रत वाले
- ॐ प्रलम्बहारसञ्चारिणे नमः — लंबे हार पहने विचरण करने वाले
- ॐ प्रद्योताय नमः — प्रद्योत; विशेष प्रकाश करने वाले
- ॐ द्योतितानलाय नमः — अग्नि को प्रकाशित करने वाले
- ॐ सन्तापहृते नमः — संताप हरने वाले
- ॐ परस्मै नमः — पर; सबसे परे
- ॐ मन्त्राय नमः — मंत्र-स्वरूप
- ॐ मन्त्रमूर्तये नमः — मंत्र ही जिनकी मूर्ति है
- ॐ महाबलाय नमः — महाबली
- ॐ श्रेष्ठात्मने नमः — श्रेष्ठ आत्मा वाले
- ॐ सुप्रियाय नमः — अत्यंत प्रिय
- ॐ शम्भवे नमः — शम्भु; कल्याण उत्पन्न करने वाले
- ॐ मरुतामीश्वरेश्वराय नमः — मरुतों के ईश्वरों के भी ईश्वर
- ॐ संसारगतिविच्छेत्त्रे नमः — संसार-गति का छेदन करने वाले
- ॐ संसारार्णवतारकाय नमः — संसार-सागर से तारने वाले
- ॐ सप्तजिह्वाय नमः — सात जिह्वाओं वाले
- ॐ सहस्रार्चिषे नमः — सहस्र ज्वालाओं वाले
- ॐ रत्नगर्भाय नमः — रत्नों को गर्भ में धारण करने वाले
- ॐ अपराजिताय नमः — अपराजित
- ॐ धर्मकेतवे नमः — धर्म ही जिनकी ध्वजा है
- ॐ अमेयात्मने नमः — अमेय आत्मा वाले
- ॐ धर्माधर्मवरप्रदाय नमः — धर्म व अधर्म का वर देने वाले
- ॐ लोकसाक्षिणे नमः — लोकों के साक्षी
- ॐ लोकगुरवे नमः — लोकों के गुरु
- ॐ लोकेशाय नमः — लोकों के ईश
- ॐ चण्डवाहनाय नमः — प्रचंड वाहन वाले
- ॐ धर्मयूपाय नमः — धर्म-रूपी यूप
- ॐ यूपवृक्षाय नमः — यूप-वृक्ष स्वरूप
- ॐ धनुष्पाणये नमः — हाथ में धनुष वाले
- ॐ धनुर्धराय नमः — धनुष धारण करने वाले
- ॐ पिनाकधृते नमः — पिनाक धारण करने वाले
- ॐ महोत्साहाय नमः — महान उत्साह वाले
- ॐ महामायाय नमः — महामाया-स्वरूप
- ॐ महाशनाय नमः — महान आहार वाले
- ॐ वीराय नमः — वीर
- ॐ शक्तिमतां श्रेष्ठाय नमः — शक्तिशालियों में श्रेष्ठ
- ॐ सर्वशस्त्रभृतां वराय नमः — समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ
- ॐ ज्ञानगम्याय नमः — ज्ञान से गम्य
- ॐ दुराराध्याय नमः — जिनकी आराधना सहज नहीं
- ॐ लोहिताङ्गाय नमः — लाल अंगों वाले
- ॐ विवर्धनाय नमः — वृद्धि करने वाले
- ॐ खगाय नमः — खग; आकाशचारी
- ॐ अन्धाय नमः — अंध; अंधकार-स्वरूप भी
- ॐ धर्मदाय नमः — धर्म देने वाले
- ॐ नित्याय नमः — नित्य
- ॐ धर्मकृते नमः — धर्म की रचना करने वाले
- ॐ चित्रविक्रमाय नमः — विचित्र पराक्रम वाले
- ॐ भगवते नमः — भगवान्
- ॐ आत्मवते नमः — आत्मवान्; आत्म-संयत
- ॐ मन्त्राय नमः — मंत्र-स्वरूप
- ॐ त्र्यक्षराय नमः — तीन अक्षरों वाले
- ॐ नीललोहिताय नमः — नीले व लाल वर्ण वाले
- ॐ एकाय नमः — एक; अद्वितीय
- ॐ अनेकाय नमः — अनेक
- ॐ त्रयिने नमः — तीनों वेद-स्वरूप
- ॐ कालाय नमः — काल-स्वरूप
- ॐ सवित्रे नमः — सविता
- ॐ समितिञ्जयाय नमः — युद्ध में विजय पाने वाले
- ॐ शार्ङ्गधन्वने नमः — शार्ङ्ग धनुष धारण करने वाले
- ॐ अनलाय नमः — अनल; अग्नि-स्वरूप
- ॐ भीमाय नमः — भीम; भयंकर
- ॐ सर्वप्रहरणायुधाय नमः — समस्त प्रहार-आयुधों वाले
- ॐ सुकर्मणे नमः — उत्तम कर्म वाले
- ॐ परमेष्ठिने नमः — परमेष्ठी
- ॐ नाकपालिने नमः — स्वर्ग का पालन करने वाले
दिविस्थित से मन्वन्तराधिप — अंतिम समापन (नाम 901–1008)
- ॐ दिविस्थिताय नमः — द्युलोक में स्थित
- ॐ वदान्याय नमः — वदान्य; उदार
- ॐ वासुकये नमः — वासुकि-स्वरूप
- ॐ वैद्याय नमः — वैद्य
- ॐ आत्रेयाय नमः — अत्रि-पुत्र स्वरूप
- ॐ पराक्रमाय नमः — पराक्रम-स्वरूप
- ॐ द्वापराय नमः — द्वापर-स्वरूप
- ॐ परमोदाराय नमः — परम उदार
- ॐ परमाय नमः — परम
- ॐ ब्रह्मचर्यवते नमः — ब्रह्मचर्य से युक्त
- ॐ उदीच्यवेषाय नमः — उत्तर दिशा के वेष वाले
- ॐ मुकुटिने नमः — मुकुट धारण करने वाले
- ॐ पद्महस्ताय नमः — हाथ में कमल धारण करने वाले
- ॐ हिमांशुभृते नमः — चंद्रमा को धारण करने वाले
- ॐ सिताय नमः — सित; श्वेत
- ॐ प्रसन्नवदनाय नमः — प्रसन्न मुख वाले
- ॐ पद्मोदरनिभाननाय नमः — कमल के भीतरी भाग जैसे मुख वाले
- ॐ सायं दिवा दिव्यवपुषे नमः — सायं तथा दिवा — दोनों में दिव्य शरीर वाले
- ॐ अनिर्देश्याय नमः — जिनका निर्देश नहीं किया जा सकता
- ॐ महालयाय नमः — महान लय-स्थान
- ॐ महारथाय नमः — महारथी
- ॐ महते नमः — महान
- ॐ ईशाय नमः — ईश
- ॐ शेषाय नमः — शेष-स्वरूप
- ॐ सत्त्वरजस्तमसे नमः — सत्त्व, रज व तम — तीनों स्वरूप
- ॐ धृतातपत्रप्रतिमाय नमः — धारण किए हुए छत्र के समान
- ॐ विमर्षिणे नमः — विमर्श करने वाले
- ॐ निर्णयाय नमः — निर्णय-स्वरूप
- ॐ स्थिताय नमः — स्थित
- ॐ अहिंसकाय नमः — अहिंसक
- ॐ शुद्धमतये नमः — शुद्ध बुद्धि वाले
- ॐ अद्वितीयाय नमः — अद्वितीय
- ॐ विवर्धनाय नमः — वृद्धि करने वाले
- ॐ सर्वदाय नमः — सब कुछ देने वाले
- ॐ धनदाय नमः — धन देने वाले
- ॐ मोक्षाय नमः — मोक्ष-स्वरूप
- ॐ विहारिणे नमः — विहार करने वाले
- ॐ बहुदायकाय नमः — बहुत देने वाले
- ॐ चारुरात्रिहराय नमः — सुंदर रात्रि का हरण करने वाले
- ॐ नाथाय नमः — नाथ
- ॐ भगवते नमः — भगवान्
- ॐ सर्वगाय नमः — सर्वत्र गति वाले
- ॐ अव्ययाय नमः — अव्यय
- ॐ मनोहरवपुषे नमः — मनोहर शरीर वाले
- ॐ शुभ्राय नमः — शुभ्र; उज्ज्वल
- ॐ शोभनाय नमः — शोभन; सुंदर
- ॐ सुप्रभावनाय नमः — उत्तम प्रभाव उत्पन्न करने वाले
- ॐ सुप्रभावाय नमः — उत्तम प्रभाव वाले
- ॐ सुप्रतापाय नमः — उत्तम प्रताप वाले
- ॐ सुनेत्राय नमः — सुंदर नेत्रों वाले
- ॐ दिग्विदिक्पतये नमः — दिशाओं व विदिशाओं के पति
- ॐ राज्ञीप्रियाय नमः — राज्ञी अर्थात संज्ञा को प्रिय
- ॐ शब्दकराय नमः — शब्द की रचना करने वाले
- ॐ ग्रहेशाय नमः — ग्रहों के ईश
- ॐ तिमिरापहाय नमः — तिमिर का नाश करने वाले
- ॐ सैंहिकेयरिपवे नमः — सिंहिका-पुत्र राहु के शत्रु
- ॐ देवाय नमः — देव
- ॐ वरदाय नमः — वर देने वाले
- ॐ वरनायकाय नमः — वरों के नायक
- ॐ चतुर्भुजाय नमः — चार भुजाओं वाले
- ॐ महायोगिने नमः — महायोगी
- ॐ योगीश्वरपतये नमः — योगीश्वरों के पति
- ॐ अनादिरूपाय नमः — अनादि रूप वाले
- ॐ अदितिजाय नमः — अदिति से उत्पन्न
- ॐ रत्नकान्तये नमः — रत्न के समान कांति वाले
- ॐ प्रभामयाय नमः — प्रभामय
- ॐ जगत्प्रदीपाय नमः — जगत् के दीपक
- ॐ विस्तीर्णाय नमः — विस्तीर्ण
- ॐ महाविस्तीर्णमण्डलाय नमः — महान विस्तार वाले मंडल से युक्त
- ॐ एकचक्ररथाय नमः — एक पहिये वाले रथ वाले
- ॐ स्वर्णरथाय नमः — स्वर्ण-रथ वाले
- ॐ स्वर्णशरीरधृषे नमः — स्वर्णमय शरीर धारण करने वाले
- ॐ निरालम्बाय नमः — निरालंब; बिना आधार के
- ॐ गगनगाय नमः — आकाश में गति करने वाले
- ॐ धर्मकर्मप्रभावकृते नमः — धर्म व कर्म का प्रभाव उत्पन्न करने वाले
- ॐ धर्मात्मने नमः — धर्म ही जिनकी आत्मा है
- ॐ कर्मणां साक्षिणे नमः — कर्मों के साक्षी
- ॐ प्रत्यक्षाय नमः — प्रत्यक्ष; जो आँखों से दिखते हैं
- ॐ परमेश्वराय नमः — परमेश्वर
- ॐ मेरुसेविने नमः — मेरु की सेवा करने वाले
- ॐ सुमेधाविने नमः — उत्तम मेधा वाले
- ॐ मेरुरक्षाकराय नमः — मेरु की रक्षा करने वाले
- ॐ महते नमः — महान
- ॐ आधारभूताय नमः — समस्त के आधार-भूत
- ॐ रतिमते नमः — रति से युक्त
- ॐ धनधान्यकृते नमः — धन व धान्य देने वाले
- ॐ पापसन्तापहर्त्रे नमः — पाप व संताप हरने वाले
- ॐ मनोवाञ्छितदायकाय नमः — मनोवांछित देने वाले
- ॐ रोगहर्त्रे नमः — रोग हरने वाले
- ॐ राज्यदायिने नमः — राज्य देने वाले
- ॐ रमणीयगुणाय नमः — रमणीय गुणों वाले
- ॐ अनृणिने नमः — अनृणी; ऋण-रहित
- ॐ कालत्रयानन्तरूपाय नमः — तीनों कालों में अनंत रूप वाले
- ॐ मुनिवृन्दनमस्कृताय नमः — मुनि-वृंद द्वारा नमस्कृत
- ॐ सन्ध्यारागकराय नमः — संध्या की लालिमा उत्पन्न करने वाले
- ॐ सिद्धाय नमः — सिद्ध
- ॐ सन्ध्यावन्दनवन्दिताय नमः — संध्या-वंदन द्वारा वंदित
- ॐ साम्राज्यदाननिरताय नमः — साम्राज्य देने में रत
- ॐ समाराधनतोषवते नमः — समाराधना से संतुष्ट होने वाले
- ॐ भक्तदुःखक्षयकराय नमः — भक्तों के दुःख का क्षय करने वाले
- ॐ भवसागरतारकाय नमः — भव-सागर से तारने वाले
- ॐ भयापहर्त्रे नमः — भय हरने वाले
- ॐ भगवते नमः — भगवान्
- ॐ अप्रमेयपराक्रमाय नमः — अप्रमेय पराक्रम वाले
- ॐ मनुस्वामिने नमः — मनु के स्वामी
- ॐ मनुपतये नमः — मनुओं के पति
- ॐ मान्याय नमः — मान्य; आदरणीय
- ॐ मन्वन्तराधिपाय नमः — मन्वन्तरों के अधिपति
अर्थ (हिन्दी)
- भूमिका: राजा शतानीक बोले — हे द्विज! मैं सविता के सहस्र नाम सुनना चाहता हूँ, जिनसे आपको साक्षात् दिवाकर देव के दर्शन हुए। (उत्तर में कहा गया —) यह स्तोत्र समस्त मंगलों का भी मंगल, समस्त पापों का नाशक, महापुण्यमय तथा समस्त उपद्रवों को दूर करने वाला है। ऐसा कोई भय नहीं जो इससे नष्ट न हो; हे राजन्, इस स्तोत्र के पाठ से मनुष्य ज्वर आदि रोगों से मुक्त हो जाता है।
- आरंभिक श्लोक: वे विश्व को जानने वाले, विश्व को जीतने वाले, विश्व के कर्ता, विश्व की आत्मा तथा सब ओर मुख वाले हैं; वे विश्व के ईश्वर, विश्व के उद्गम, संयत आत्मा वाले तथा जितेन्द्रिय हैं। (इसी क्रम में आगे 117 श्लोकों तक कुल 1008 नाम आते हैं।)
- फलश्रुति: जो तुमने मुझसे पूछा, वह सब मैंने कह दिया — सविता के ये सहस्र नाम, जो पराशर-पुत्र ने मुझसे कहे थे। भानु के नामों के कीर्तन से यह धन्य, यशस्वी व आयु बढ़ाने वाला है, दुःख व दुःस्वप्नों का नाश करता है और बंधन से मुक्ति देता है। जो प्रातःकाल पवित्र होकर, नियमपूर्वक अंशुमान् के इन सहस्र नामों का पाठ करता है, वह उत्तम समृद्धि से युक्त होता है — और रोग उससे सदा दूर ही रहते हैं, जैसे समस्त बड़े सर्पराज गरुड़ से दूर भागते हैं।
लाभ
- भूमिका के श्लोक स्वयं कहते हैं — "न तदस्ति भयं किञ्चिद्यदनेन न नश्यति", अर्थात ऐसा कोई भय नहीं जो इस स्तोत्र से नष्ट न हो।
- फलश्रुति में रोगों के दूर रहने की उपमा असामान्य रूप से सजीव है: "जैसे समस्त सर्पराज गरुड़ से दूर भागते हैं, वैसे ही रोग पाठ करने वाले से दूर रहते हैं"।
- नाम 351–366 का पूरा खंड आरोग्य का है (आयुष्मान्, व्याधिघ्न, आरोग्यकारण, सिद्धि, ऋद्धि, वृद्धि, आरोग्य) — सूर्य-उपासना का स्वास्थ्य से जुड़ाव यहीं सबसे स्पष्ट है।
- फलश्रुति के अनुसार यह पाठ आयु बढ़ाने वाला, दुःख व दुःस्वप्नों का नाशक तथा बंधन से मुक्ति देने वाला है।
- नाम 954 "ग्रहेश" तथा 593–595 (ग्रहराज, ग्रहपति, ग्रहनक्षत्रमण्डल) के कारण यह नवग्रह-शांति के संकल्प से भी पढ़ा जाता है।
कब करें पाठ
प्रातःकाल, स्नान के पश्चात सूर्य को अर्घ्य देकर · प्रत्येक रविवार को · रथ सप्तमी तथा मकर संक्रांति पर · दीर्घ रोग अथवा ग्रह-पीड़ा की स्थिति में संकल्प लेकर
स्रोत
रचयिता: पारंपरिक (सुमन्तु-कथित; पराशर-परंपरा). stotranidhi.com — श्री सूर्य सहस्रनामावली (आधार सूची; 1008 नाम). प्रत्येक बीसवें नाम पर दिए 51 क्रमांक-चिह्न यंत्रवत् जाँचे गए — सभी सही स्थान पर, अंतिम "१००८" सहित। · stotranidhi.com — श्री सूर्य सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक-रूप; शतानीक-सुमन्तु संवाद, 117 नाम-श्लोक तथा फलश्रुति)। मूल ग्रंथ का नाम यहीं मिला — "इति श्रीभविष्यपुराणे सप्तमकल्पे श्रीभगवत्सूर्यस्य सहस्रनाम स्तोत्रम्"। · ⚠️ तकनीकी नोट दर्ज: आधार-पृष्ठ पर नाम 1005 "ओं मनुस्वामिने नमः" के आगे दण्ड (।) छूटा हुआ है, जिससे दण्ड-आधारित यांत्रिक पाठ-निष्कर्षण उसे छोड़ देता है और गिनती 1007 दिखाती है। दण्ड को वैकल्पिक मानकर पुनः निष्कर्षण करने पर गिनती 1008 हुई और सभी 51 क्रमांक-चिह्न ठीक बैठे — अर्थात स्रोत की संख्या सही है, केवल एक विराम-चिह्न छूटा है। · फलश्रुति के आधार पर: पाठ प्रातःकाल, पवित्र होकर व नियमपूर्वक करने का विधान; ये नाम पराशर-पुत्र द्वारा कहे गए बताए जाते हैं। · हिंदी अर्थ सत्यापित संस्कृत से अनूदित (1008/1008 नाम)।
