श्री सूर्य सहस्रनाम
śrī sūrya sahasranāma
Shri Surya Sahasranama
श्री सूर्य सहस्रनाम सूर्यदेव के 1008 नामों का संस्कृत स्तोत्र है, जो भविष्य पुराण के सप्तम कल्प से आता है, जहाँ सुमन्तु इसे राजा शतानीक को सुनाते हैं। यह विश्वविद् से आरंभ होकर मन्वन्तराधिप पर समाप्त होता है। सम्पूर्ण पाठ में लगभग 35–45 मिनट लगते हैं।
परिचय
सूर्य देव प्रत्यक्ष देव हैं — तेज, आरोग्य व ऊर्जा के स्रोत; गायत्री मंत्र के अधिष्ठाता सविता।
स्रोत: भविष्य पुराण, सप्तम कल्प — शतानीक के प्रश्न पर सुमन्तु द्वारा कथित; 117 नाम-श्लोक तथा फलश्रुति
एक नज़र में
| मंत्र / पाठ | श्री सूर्य सहस्रनाम |
|---|---|
| IAST | śrī sūrya sahasranāma |
| देवता | श्री सूर्य देव |
| मूल स्रोत | भविष्य पुराण, सप्तम कल्प — शतानीक के प्रश्न पर सुमन्तु द्वारा कथित; 117 नाम-श्लोक तथा फलश्रुति |
| शुभ दिन | रविवार; रथ सप्तमी; मकर संक्रांति |
| पाठ समय | 35–45 मिनट (सम्पूर्ण) |
| कठिनाई | कठिन (Advanced) |
| छंद | अनुष्टुप् |
उद्भव / पृष्ठभूमि
श्री सूर्य सहस्रनाम सूर्यदेव के 1008 नामों का स्तोत्र है और इसका मूल भविष्य पुराण के सप्तम कल्प में है — यह उन थोड़े सहस्रनामों में है जिनका ग्रंथ-संदर्भ स्वयं पाठ के अंत में स्पष्ट दर्ज मिलता है।
इसकी कथा-भूमिका राजा शतानीक के प्रश्न से आरंभ होती है, जो सुमन्तु से सूर्य के सहस्र नाम सुनने की इच्छा करते हैं। भूमिका के श्लोक स्वयं बता देते हैं कि यह स्तोत्र किस लिए है: *"न तदस्ति भयं किञ्चिद्यदनेन न नश्यति"* — ऐसा कोई भय नहीं जो इससे नष्ट न हो; और *"ज्वराद्यैर्मुच्यते"* — ज्वर आदि से मुक्ति मिलती है। यह आरंभ से ही आरोग्य और अभय का स्तोत्र है, ऐश्वर्य का नहीं।
सूची की सबसे स्पष्ट विशेषता उसका आरोग्य-खंड है, जो कहीं और इतना विस्तृत नहीं मिलता। नाम 351 से 366 तक लगभग बिना रुके चिकित्सा के नाम आते हैं — आयुष्मान्, अरोष, सुखद, सुखी, व्याधिघ्न, सौख्य, कल्याण, आरोग्यकारण, सिद्धि, ऋद्धि, वृद्धि और फिर आरोग्य। इसके साथ नाम 286 महावैद्य, नाम 142 भिषग्वर (वैद्यों में श्रेष्ठ), नाम 826 व्याधिप्रणाशन तथा नाम 989 रोगहर्ता भी हैं। सूर्य-उपासना का स्वास्थ्य से जो जुड़ाव परंपरा में माना जाता है, उसका सबसे बड़ा प्रमाण यही सूची है।
दूसरी परत रथ की है, और वह चित्र क्रमशः पूरा होता है — नाम 91 एकचक्ररथ (एक पहिये वाला रथ), नाम 970 वही दोहराता है; नाम 188 सप्ताश्व तथा 747 सप्ततुरग (सात घोड़े); नाम 135–137 में हर्यश्व, हरिताश्व, हरिदश्व — तीनों उन्हीं हरे घोड़ों के नाम; नाम 586 अरुणसारथि (अरुण जिनके सारथी हैं); नाम 971 स्वर्णरथ; और नाम 809 रथाध्यक्ष।
तीसरी परत पारिवारिक है और वह विरल है। नाम 832 है शनैश्चरस्य पिता — शनि के पिता; नाम 833 वैवस्वतगुरु — यम के गुरु; नाम 740 सुताजित — पुत्र (शनि) द्वारा भी अजेय; और नाम 952 राज्ञीप्रिय — संज्ञा को प्रिय। कोई और सहस्रनाम देवता को इस तरह उसके परिवार के भीतर से नहीं देखता।
एक जोड़ी दर्शन की दृष्टि से चौंकाती है — नाम 877 खग (आकाशचारी) के ठीक बाद नाम 878 अन्ध है, अर्थात अंधकार-स्वरूप भी। प्रकाश का देवता स्वयं को अंधकार भी कह देता है; और उसी क्रम में नाम 200–201 तमोघ्न व ध्वान्तघ्न (अंधकार का नाश करने वाले) पहले आ चुके होते हैं। सूची विरोध को छिपाती नहीं, अगल-बगल रख देती है।
और अंत — 1008वाँ नाम मन्वन्तराधिप है, मन्वन्तरों के अधिपति। एक हज़ार सात नामों में सूर्य को किरण, रथ, वैद्य, ग्रहराज, ब्रह्म — सब कह चुकने के बाद अंतिम नाम फिर काल पर लौट आता है, ठीक वहीं जहाँ सूची के आरंभिक नाम 10–13 (कालाश्रय, कालकर्ता, कालघ्न, कालनाशन) थे।
ध्यान व आरंभिक श्लोक
॥ शतानीक उवाच ॥ नाम्नां सहस्रं सवितुः श्रोतुमिच्छामि हे द्विज। येन ते दर्शनं यातः साक्षाद्देवो दिवाकरः॥ सर्वमङ्गलमाङ्गल्यं सर्वपापप्रणाशनम्। स्तोत्रमेतन्महापुण्यं सर्वोपद्रवनाशनम्॥ न तदस्ति भयं किञ्चिद्यदनेन न नश्यति। ज्वराद्यैर्मुच्यते राजन् स्तोत्रेऽस्मिन् पठिते नरः॥
भूमिका: राजा शतानीक बोले — हे द्विज! मैं सविता के सहस्र नाम सुनना चाहता हूँ, जिनसे आपको साक्षात् दिवाकर देव के दर्शन हुए। (उत्तर में कहा गया —) यह स्तोत्र समस्त मंगलों का भी मंगल, समस्त पापों का नाशक, महापुण्यमय तथा समस्त उपद्रवों को दूर करने वाला है। ऐसा कोई भय नहीं जो इससे नष्ट न हो; हे राजन्, इस स्तोत्र के पाठ से मनुष्य ज्वर आदि रोगों से मुक्त हो जाता है।
ॐ विश्वविद्विश्वजिद्विश्वकर्ता विश्वात्मा विश्वतोमुखः। विश्वेश्वरो विश्वयोनिर्नियतात्मा जितेन्द्रियः॥१॥
आरंभिक श्लोक: वे विश्व को जानने वाले, विश्व को जीतने वाले, विश्व के कर्ता, विश्व की आत्मा तथा सब ओर मुख वाले हैं; वे विश्व के ईश्वर, विश्व के उद्गम, संयत आत्मा वाले तथा जितेन्द्रिय हैं। (इसी क्रम में आगे 117 श्लोकों तक कुल 1008 नाम आते हैं।)
॥ फलश्रुति ॥ एतत्ते सर्वमाख्यातं यन्मां त्वं परिपृच्छसि। नाम्नां सहस्रं सवितुः पराशर्यो यदाह मे॥ धन्यं यशस्यमायुष्यं दुःखदुःस्वप्ननाशनम्। बन्धमोक्षकरं चैव भानोर्नामानुकीर्तनात्॥ नाम्नां सहस्रमिदमंशुमतः पठेद्यः प्रातः शुचिर्नियमवान् सुसमृद्धियुक्तः। दूरेण तं परिहरन्ति सदैव रोगाः भूताः सुपर्णमिव सर्वमहोरगेन्द्राः॥
फलश्रुति: जो तुमने मुझसे पूछा, वह सब मैंने कह दिया — सविता के ये सहस्र नाम, जो पराशर-पुत्र ने मुझसे कहे थे। भानु के नामों के कीर्तन से यह धन्य, यशस्वी व आयु बढ़ाने वाला है, दुःख व दुःस्वप्नों का नाश करता है और बंधन से मुक्ति देता है। जो प्रातःकाल पवित्र होकर, नियमपूर्वक अंशुमान् के इन सहस्र नामों का पाठ करता है, वह उत्तम समृद्धि से युक्त होता है — और रोग उससे सदा दूर ही रहते हैं, जैसे समस्त बड़े सर्पराज गरुड़ से दूर भागते हैं।
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नाम सूची (Name List)
आरंभिक नाम — विश्वविद् से रथ व किरण-स्वरूप (नाम 1–100)
- 1.ॐ विश्वविदे नमःविश्व को जानने वाले
- 2.ॐ विश्वजिते नमःविश्व को जीत लेने वाले
- 3.ॐ विश्वकर्त्रे नमःविश्व की रचना करने वाले
- 4.ॐ विश्वात्मने नमःविश्व की आत्मा
- 5.ॐ विश्वतोमुखाय नमःसब ओर मुख वाले
- 6.ॐ विश्वेश्वराय नमःविश्व के ईश्वर
- 7.ॐ विश्वयोनये नमःविश्व के उद्गम
- 8.ॐ नियतात्मने नमःसंयत आत्मा वाले
- 9.ॐ जितेन्द्रियाय नमःइंद्रियों को जीत लेने वाले
- 10.ॐ कालाश्रयाय नमःकाल के आश्रय
- 11.ॐ कालकर्त्रे नमःकाल की रचना करने वाले
- 12.ॐ कालघ्ने नमःकाल का नाश करने वाले
- 13.ॐ कालनाशनाय नमःकाल को समाप्त करने वाले
- 14.ॐ महायोगिने नमःमहायोगी
- 15.ॐ महासिद्धये नमःमहासिद्धि-स्वरूप
- 16.ॐ महात्मने नमःमहात्मा
- 17.ॐ सुमहाबलाय नमःअत्यंत महान बल वाले
- 18.ॐ प्रभवे नमःप्रभु
- 19.ॐ विभवे नमःविभु; सर्वव्यापी
- 20.ॐ भूतनाथाय नमःसमस्त भूतों के नाथ
- 21.ॐ भूतात्मने नमःसमस्त भूतों की आत्मा
- 22.ॐ भुवनेश्वराय नमःभुवनों के ईश्वर
- 23.ॐ भूतभव्याय नमःभूत तथा भविष्य स्वरूप
- 24.ॐ भावितात्मने नमःभावित आत्मा वाले
- 25.ॐ भूतान्तःकरणाय नमःसमस्त भूतों के अंतःकरण
- 26.ॐ शिवाय नमःशिव; कल्याणस्वरूप
- 27.ॐ शरण्याय नमःशरण देने वाले
- 28.ॐ कमलानन्दाय नमःकमलों को आनंद देने वाले
- 29.ॐ नन्दनाय नमःआनंद देने वाले
- 30.ॐ नन्दवर्धनाय नमःआनंद की वृद्धि करने वाले
- 31.ॐ वरेण्याय नमःवरण करने योग्य
- 32.ॐ वरदाय नमःवर देने वाले
- 33.ॐ योगिने नमःयोगी
- 34.ॐ सुसम्युक्ताय नमःभली प्रकार युक्त
- 35.ॐ प्रकाशकाय नमःप्रकाश करने वाले
- 36.ॐ प्राप्तयानाय नमःजिन्हें उत्तम यान अर्थात रथ प्राप्त है
- 37.ॐ परप्राणाय नमःपरम प्राण-स्वरूप
- 38.ॐ पूतात्मने नमःपवित्र आत्मा वाले
- 39.ॐ प्रियताय नमःप्रियता-स्वरूप
- 40.ॐ प्रियाय नमःसबको प्रिय
- 41.ॐ नयाय नमःनय; नीति-स्वरूप
- 42.ॐ सहस्रपादे नमःसहस्र चरणों वाले
- 43.ॐ साधवे नमःसाधु
- 44.ॐ दिव्यकुण्डलमण्डिताय नमःदिव्य कुण्डलों से मंडित
- 45.ॐ अव्यङ्गधारिणे नमःअव्यंग अर्थात पूर्ण अंग धारण करने वाले
- 46.ॐ धीरात्मने नमःधीर आत्मा वाले
- 47.ॐ सवित्रे नमःसविता; प्रेरणा देने वाले
- 48.ॐ वायुवाहनाय नमःवायु जिनका वाहन है
- 49.ॐ समाहितमतये नमःसमाहित बुद्धि वाले
- 50.ॐ दात्रे नमःदेने वाले
- 51.ॐ विधात्रे नमःविधाता
- 52.ॐ कृतमङ्गलाय नमःमंगल की रचना करने वाले
- 53.ॐ कपर्दिने नमःजटा-जूट धारण करने वाले
- 54.ॐ कल्पपादे नमःकल्प-स्वरूप चरणों वाले
- 55.ॐ रुद्राय नमःरुद्र-स्वरूप
- 56.ॐ सुमनाय नमःउत्तम मन वाले
- 57.ॐ धर्मवत्सलाय नमःधर्म से प्रेम करने वाले
- 58.ॐ समायुक्ताय नमःभली प्रकार युक्त
- 59.ॐ विमुक्तात्मने नमःमुक्त आत्मा वाले
- 60.ॐ कृतात्मने नमःकृतार्थ आत्मा वाले
- 61.ॐ कृतिनां वराय नमःकर्मशीलों में श्रेष्ठ
- 62.ॐ अविचिन्त्यवपुषे नमःजिनका शरीर चिंतन से परे है
- 63.ॐ श्रेष्ठाय नमःश्रेष्ठ
- 64.ॐ महायोगिने नमःमहायोगी
- 65.ॐ महेश्वराय नमःमहेश्वर
- 66.ॐ कान्ताय नमःकांत; कमनीय
- 67.ॐ कामारये नमःकाम के शत्रु
- 68.ॐ आदित्याय नमःआदित्य; अदिति-पुत्र
- 69.ॐ नियतात्मने नमःसंयत आत्मा वाले
- 70.ॐ निराकुलाय नमःआकुलता-रहित
- 71.ॐ कामाय नमःकाम-स्वरूप
- 72.ॐ कारुणिकाय नमःकरुणामय
- 73.ॐ कर्त्रे नमःकर्ता
- 74.ॐ कमलाकरबोधनाय नमःकमल-समूह को खिलाने वाले
- 75.ॐ सप्तसप्तये नमःसात-सात अश्वों वाले
- 76.ॐ अचिन्त्यात्मने नमःअचिंत्य आत्मा वाले
- 77.ॐ महाकारुणिकोत्तमाय नमःमहाकरुणामयों में उत्तम
- 78.ॐ सञ्जीवनाय नमःजीवन देने वाले
- 79.ॐ जीवनाथाय नमःजीवों के नाथ
- 80.ॐ जयाय नमःजय-स्वरूप
- 81.ॐ जीवाय नमःजीव-स्वरूप
- 82.ॐ जगत्पतये नमःजगत् के पति
- 83.ॐ अयुक्ताय नमःअयुक्त; किसी से न बँधने वाले
- 84.ॐ विश्वनिलयाय नमःविश्व के निवास
- 85.ॐ संविभागिने नमःभाग करने वाले; विभाजन-स्वरूप
- 86.ॐ वृषध्वजाय नमःवृष जिनकी ध्वजा है
- 87.ॐ वृषाकपये नमःवृषाकपि-स्वरूप
- 88.ॐ कल्पकर्त्रे नमःकल्प की रचना करने वाले
- 89.ॐ कल्पान्तकरणाय नमःकल्प का अंत करने वाले
- 90.ॐ रवये नमःरवि
- 91.ॐ एकचक्ररथाय नमःएक पहिये वाले रथ वाले
- 92.ॐ मौनिने नमःमौनी
- 93.ॐ सुरथाय नमःउत्तम रथ वाले
- 94.ॐ रथिनां वराय नमःरथियों में श्रेष्ठ
- 95.ॐ सक्रोधनाय नमःक्रोध सहित; प्रचंड
- 96.ॐ रश्मिमालिने नमःकिरणों की माला वाले
- 97.ॐ तेजोराशये नमःतेज की राशि
- 98.ॐ विभावसवे नमःविभावसु; तेज के निधान
- 99.ॐ दिव्यकृते नमःदिव्य रचना करने वाले
- 100.ॐ दिनकृते नमःदिन की रचना करने वाले
दिवाकर, अश्व-रथ व वैदिक देव-नाम (नाम 101–200)
- 101.ॐ देवाय नमःदेव
- 102.ॐ देवदेवाय नमःदेवों के देव
- 103.ॐ दिवस्पतये नमःदिवस के पति
- 104.ॐ दीननाथाय नमःदीनों के नाथ
- 105.ॐ हराय नमःहर; हरण करने वाले
- 106.ॐ होत्रे नमःहोता; आहुति देने वाले
- 107.ॐ दिव्यबाहवे नमःदिव्य भुजाओं वाले
- 108.ॐ दिवाकराय नमःदिवाकर
- 109.ॐ यज्ञाय नमःयज्ञ-स्वरूप
- 110.ॐ यज्ञपतये नमःयज्ञों के पति
- 111.ॐ पूष्णे नमःपूषा; पोषण करने वाले
- 112.ॐ स्वर्णरेतसे नमःस्वर्णमय तेज वाले
- 113.ॐ परावराय नमःपर तथा अपर स्वरूप
- 114.ॐ परापरज्ञाय नमःपर व अपर दोनों को जानने वाले
- 115.ॐ तरणये नमःतरणि; तारने वाले
- 116.ॐ अंशुमालिने नमःकिरणों की माला वाले
- 117.ॐ मनोहराय नमःमन को हरने वाले
- 118.ॐ प्राज्ञाय नमःप्राज्ञ; विवेकशील
- 119.ॐ प्राज्ञपतये नमःप्राज्ञों के पति
- 120.ॐ सूर्याय नमःसूर्य
- 121.ॐ सवित्रे नमःसविता
- 122.ॐ विष्णवे नमःविष्णु-स्वरूप
- 123.ॐ अंशुमते नमःअंशुमान्; किरणों वाले
- 124.ॐ सदागतये नमःसदागति; निरंतर गतिशील
- 125.ॐ गन्धवहाय नमःगंध को वहन करने वाले
- 126.ॐ विहिताय नमःविहित; विधिपूर्वक स्थापित
- 127.ॐ विधये नमःविधि-स्वरूप
- 128.ॐ आशुगाय नमःआशुग; शीघ्रगामी
- 129.ॐ पतङ्गाय नमःपतंग; उड़ने वाले
- 130.ॐ पतगाय नमःपतग; आकाश में चलने वाले
- 131.ॐ स्थाणवे नमःस्थाणु; अचल
- 132.ॐ विहङ्गाय नमःविहंग; आकाशचारी
- 133.ॐ विहगाय नमःविहग; आकाश में गति करने वाले
- 134.ॐ वराय नमःवर; श्रेष्ठ
- 135.ॐ हर्यश्वाय नमःहरि वर्ण के अश्वों वाले
- 136.ॐ हरिताश्वाय नमःहरित अश्वों वाले
- 137.ॐ हरिदश्वाय नमःहरे रंग के अश्वों वाले
- 138.ॐ जगत्प्रियाय नमःजगत् को प्रिय
- 139.ॐ त्र्यम्बकाय नमःत्र्यम्बक-स्वरूप
- 140.ॐ सर्वदमनाय नमःसबका दमन करने वाले
- 141.ॐ भावितात्मने नमःभावित आत्मा वाले
- 142.ॐ भिषग्वराय नमःवैद्यों में श्रेष्ठ
- 143.ॐ आलोककृते नमःआलोक अर्थात प्रकाश करने वाले
- 144.ॐ लोकनाथाय नमःलोकों के नाथ
- 145.ॐ लोकालोकनमस्कृताय नमःलोक तथा अलोक — दोनों द्वारा नमस्कृत
- 146.ॐ कालाय नमःकाल-स्वरूप
- 147.ॐ कल्पान्तकाय नमःकल्प का अंत करने वाले
- 148.ॐ वह्नये नमःवह्नि; अग्नि-स्वरूप
- 149.ॐ तपनाय नमःतपाने वाले
- 150.ॐ सम्प्रतापनाय नमःभली प्रकार तपाने वाले
- 151.ॐ विलोचनाय नमःविशेष रूप से देखने वाले
- 152.ॐ विरूपाक्षाय नमःविषम अर्थात तीन नेत्रों वाले
- 153.ॐ सहस्राक्षाय नमःसहस्र नेत्रों वाले
- 154.ॐ पुरन्दराय नमःपुरंदर-स्वरूप
- 155.ॐ सहस्ररश्मये नमःसहस्र किरणों वाले
- 156.ॐ मिहिराय नमःमिहिर; सींचने वाले
- 157.ॐ विविधाम्बरभूषणाय नमःविविध अंबर अर्थात आकाश ही जिनका आभूषण है
- 158.ॐ खगाय नमःखग; आकाश में गति करने वाले
- 159.ॐ प्रतर्दनाय नमःप्रतर्दन; नाश करने वाले
- 160.ॐ धन्याय नमःधन्य
- 161.ॐ हयगाय नमःअश्व पर गति करने वाले
- 162.ॐ वाग्विशारदाय नमःवाणी में निपुण
- 163.ॐ श्रीमते नमःश्री से युक्त
- 164.ॐ अशिशिराय नमःअशिशिर; जो शीतल नहीं, उष्ण हैं
- 165.ॐ वाग्मिने नमःवाग्मी; सुवक्ता
- 166.ॐ श्रीपतये नमःश्री के पति
- 167.ॐ श्रीनिकेतनाय नमःजिनमें श्री का निकेतन है
- 168.ॐ श्रीकण्ठाय नमःश्रीकण्ठ-स्वरूप
- 169.ॐ श्रीधराय नमःश्री को धारण करने वाले
- 170.ॐ श्रीमते नमःश्री से युक्त
- 171.ॐ श्रीनिवासाय नमःजिनमें श्री का निवास है
- 172.ॐ वसुप्रदाय नमःधन देने वाले
- 173.ॐ कामचारिणे नमःइच्छानुसार गति करने वाले
- 174.ॐ महामायाय नमःमहामाया-स्वरूप
- 175.ॐ महोग्राय नमःमहा उग्र
- 176.ॐ अविदितामयाय नमःजिनका कोई रोग ज्ञात नहीं
- 177.ॐ तीर्थक्रियावते नमःतीर्थ-क्रिया से युक्त
- 178.ॐ सुनयाय नमःसुनीति वाले
- 179.ॐ विभक्ताय नमःविभक्त; भाग करने वाले
- 180.ॐ भक्तवत्सलाय नमःभक्तों पर वात्सल्य रखने वाले
- 181.ॐ कीर्तये नमःकीर्ति-स्वरूप
- 182.ॐ कीर्तिकराय नमःकीर्ति देने वाले
- 183.ॐ नित्याय नमःनित्य
- 184.ॐ कुण्डलिने नमःकुण्डल धारण करने वाले
- 185.ॐ कवचिने नमःकवच धारण करने वाले
- 186.ॐ रथिने नमःरथी
- 187.ॐ हिरण्यरेतसे नमःस्वर्णमय तेज वाले
- 188.ॐ सप्ताश्वाय नमःसात अश्वों वाले
- 189.ॐ प्रयतात्मने नमःसंयत आत्मा वाले
- 190.ॐ परन्तपाय नमःशत्रुओं को तपाने वाले
- 191.ॐ बुद्धिमते नमःबुद्धिमान्
- 192.ॐ अमरश्रेष्ठाय नमःअमरों में श्रेष्ठ
- 193.ॐ रोचिष्णवे नमःदेदीप्यमान
- 194.ॐ पाकशासनाय नमःपाकशासन इंद्र-स्वरूप
- 195.ॐ समुद्राय नमःसमुद्र-स्वरूप
- 196.ॐ धनदाय नमःधन देने वाले
- 197.ॐ धात्रे नमःधाता; धारण करने वाले
- 198.ॐ मान्धात्रे नमःमान्धाता-स्वरूप
- 199.ॐ कश्मलापहाय नमःमलिनता का नाश करने वाले
- 200.ॐ तमोघ्नाय नमःअंधकार का नाश करने वाले
तेज, आरोग्य व अंधकार-नाश (नाम 201–300)
- 201.ॐ ध्वान्तघ्ने नमःतिमिर का नाश करने वाले
- 202.ॐ वह्नये नमःअग्नि-स्वरूप
- 203.ॐ होत्रे नमःहोता
- 204.ॐ अन्तःकरणाय नमःअंतःकरण-स्वरूप
- 205.ॐ गुहाय नमःगुह्य; गोपनीय
- 206.ॐ पशुमते नमःपशुओं अर्थात जीवों के स्वामी
- 207.ॐ प्रयतानन्दाय नमःसंयमियों को आनंद देने वाले
- 208.ॐ भूतेशाय नमःभूतों के ईश
- 209.ॐ श्रीमतां वराय नमःश्रीमानों में श्रेष्ठ
- 210.ॐ नित्याय नमःनित्य
- 211.ॐ अदिताय नमःअदित; जो खण्डित नहीं होते
- 212.ॐ नित्यरथाय नमःनित्य रथ पर विराजने वाले
- 213.ॐ सुरेशाय नमःदेवों के ईश
- 214.ॐ सुरपूजिताय नमःदेवों द्वारा पूजित
- 215.ॐ अजिताय नमःअजित; जो जीते नहीं जाते
- 216.ॐ विजिताय नमःविजित; जिन्होंने जीत लिया
- 217.ॐ जेत्रे नमःजेता; जीतने वाले
- 218.ॐ जङ्गमस्थावरात्मकाय नमःजंगम व स्थावर — दोनों के आत्म-स्वरूप
- 219.ॐ जीवानन्दाय नमःजीवों को आनंद देने वाले
- 220.ॐ नित्यगामिने नमःनित्य गतिशील
- 221.ॐ विजेत्रे नमःविजेता
- 222.ॐ विजयप्रदाय नमःविजय देने वाले
- 223.ॐ पर्जन्याय नमःपर्जन्य; वर्षा-स्वरूप
- 224.ॐ अग्नये नमःअग्नि-स्वरूप
- 225.ॐ स्थितये नमःस्थिति-स्वरूप
- 226.ॐ स्थेयाय नमःस्थिर रहने वाले
- 227.ॐ स्थविराय नमःस्थविर; पुरातन
- 228.ॐ निरञ्जनाय नमःनिरंजन; निर्दोष
- 229.ॐ प्रद्योतनाय नमःप्रद्योतन; विशेष प्रकाश करने वाले
- 230.ॐ रथारूढाय नमःरथ पर आरूढ़
- 231.ॐ सर्वलोकप्रकाशकाय नमःसमस्त लोकों को प्रकाशित करने वाले
- 232.ॐ ध्रुवाय नमःध्रुव; अचल
- 233.ॐ मेषिने नमःमेष राशि से युक्त
- 234.ॐ महावीर्याय नमःमहान वीर्य वाले
- 235.ॐ हंसाय नमःहंस-स्वरूप
- 236.ॐ संसारतारकाय नमःसंसार-सागर से तारने वाले
- 237.ॐ सृष्टिकर्त्रे नमःसृष्टि की रचना करने वाले
- 238.ॐ क्रियाहेतवे नमःक्रिया के हेतु
- 239.ॐ मार्तण्डाय नमःमार्तण्ड
- 240.ॐ मरुतां पतये नमःमरुतों के पति
- 241.ॐ मरुत्वते नमःमरुत्वान्; मरुतों से युक्त
- 242.ॐ दहनाय नमःदहन करने वाले
- 243.ॐ त्वष्ट्रे नमःत्वष्टा-स्वरूप
- 244.ॐ भगाय नमःभग-स्वरूप
- 245.ॐ भर्गाय नमःभर्ग; तेजोमय
- 246.ॐ अर्यम्णे नमःअर्यमा-स्वरूप
- 247.ॐ कपये नमःकपि-स्वरूप
- 248.ॐ वरुणेशाय नमःवरुण के भी ईश
- 249.ॐ जगन्नाथाय नमःजगत् के नाथ
- 250.ॐ कृतकृत्याय नमःकृतकृत्य; जिनका कार्य सिद्ध है
- 251.ॐ सुलोचनाय नमःसुंदर नेत्रों वाले
- 252.ॐ विवस्वते नमःविवस्वान्
- 253.ॐ भानुमते नमःभानुमान्; प्रकाशमान
- 254.ॐ कार्याय नमःकार्य-स्वरूप
- 255.ॐ कारणाय नमःकारण-स्वरूप
- 256.ॐ तेजसां निधये नमःतेजों के निधि
- 257.ॐ असङ्गगामिने नमःबिना संग के गति करने वाले
- 258.ॐ तिग्मांशवे नमःतीक्ष्ण किरणों वाले
- 259.ॐ धर्मांशवे नमःधर्म-रूपी किरणों वाले
- 260.ॐ दीप्तदीधितये नमःदेदीप्यमान दीप्ति वाले
- 261.ॐ सहस्रदीधितये नमःसहस्र दीप्तियों वाले
- 262.ॐ ब्रध्नाय नमःब्रध्न; महान
- 263.ॐ सहस्रांशवे नमःसहस्र किरणों वाले
- 264.ॐ दिवाकराय नमःदिवाकर
- 265.ॐ गभस्तिमते नमःगभस्ति अर्थात किरणों वाले
- 266.ॐ दीधितिमते नमःदीप्ति से युक्त
- 267.ॐ स्रग्विणे नमःमाला धारण करने वाले
- 268.ॐ मणिकुलद्युतये नमःमणि-समूह के समान कांति वाले
- 269.ॐ भास्कराय नमःभास्कर; प्रकाश करने वाले
- 270.ॐ सुरकार्यज्ञाय नमःदेवों के कार्य को जानने वाले
- 271.ॐ सर्वज्ञाय नमःसर्वज्ञ
- 272.ॐ तीक्ष्णदीधितये नमःतीक्ष्ण दीप्ति वाले
- 273.ॐ सुरज्येष्ठाय नमःदेवों में ज्येष्ठ
- 274.ॐ सुरपतये नमःदेवों के पति
- 275.ॐ बहुज्ञाय नमःबहुत जानने वाले
- 276.ॐ वचसां पतये नमःवचनों के पति
- 277.ॐ तेजोनिधये नमःतेज के निधि
- 278.ॐ बृहत्तेजसे नमःमहान तेज वाले
- 279.ॐ बृहत्कीर्तये नमःमहान कीर्ति वाले
- 280.ॐ बृहस्पतये नमःबृहस्पति-स्वरूप
- 281.ॐ अहिमते नमःअहिमान्; दिन वाले
- 282.ॐ ऊर्जिताय नमःऊर्जित; बलशाली
- 283.ॐ धीमते नमःधीमान्; बुद्धिमान्
- 284.ॐ आमुक्ताय नमःआमुक्त; कवच धारण किए हुए
- 285.ॐ कीर्तिवर्धनाय नमःकीर्ति की वृद्धि करने वाले
- 286.ॐ महावैद्याय नमःमहान वैद्य
- 287.ॐ गणपतये नमःगणों के पति
- 288.ॐ धनेशाय नमःधन के ईश
- 289.ॐ गणनायकाय नमःगणों के नायक
- 290.ॐ तीव्रप्रतापनाय नमःतीव्र ताप देने वाले
- 291.ॐ तापिने नमःतपाने वाले
- 292.ॐ तापनाय नमःतापन; ताप उत्पन्न करने वाले
- 293.ॐ विश्वतापनाय नमःविश्व को तपाने वाले
- 294.ॐ कार्तस्वराय नमःकार्तस्वर अर्थात स्वर्ण-स्वरूप
- 295.ॐ हृषीकेशाय नमःइंद्रियों के स्वामी
- 296.ॐ पद्मानन्दाय नमःकमलों को आनंद देने वाले
- 297.ॐ अतिनन्दिताय नमःअत्यंत आनंदित
- 298.ॐ पद्मनाभाय नमःजिनकी नाभि से कमल है
- 299.ॐ अमृताहाराय नमःअमृत का आहार करने वाले
- 300.ॐ स्थितिमते नमःस्थिति से युक्त
प्रकाश, गति व कल्याण-नाम (नाम 301–400)
- 301.ॐ केतुमते नमःकेतु से युक्त; ध्वजा वाले
- 302.ॐ नभसे नमःनभ; आकाश-स्वरूप
- 303.ॐ अनाद्यन्ताय नमःआदि व अंत से रहित
- 304.ॐ अच्युताय नमःअच्युत
- 305.ॐ विश्वाय नमःविश्व-स्वरूप
- 306.ॐ विश्वामित्राय नमःविश्वामित्र-स्वरूप
- 307.ॐ घृणये नमःघृणि; किरण-स्वरूप
- 308.ॐ विराजे नमःविराट्-स्वरूप
- 309.ॐ आमुक्तकवचाय नमःकवच धारण किए हुए
- 310.ॐ वाग्मिने नमःवाग्मी; सुवक्ता
- 311.ॐ कञ्चुकिने नमःकञ्चुक अर्थात आवरण धारण करने वाले
- 312.ॐ विश्वभावनाय नमःविश्व की भावना करने वाले
- 313.ॐ अनिमित्तगतये नमःबिना निमित्त के गति करने वाले
- 314.ॐ श्रेष्ठाय नमःश्रेष्ठ
- 315.ॐ शरण्याय नमःशरण देने वाले
- 316.ॐ सर्वतोमुखाय नमःसब ओर मुख वाले
- 317.ॐ विगाहिने नमःविगाही; गहराई तक प्रवेश करने वाले
- 318.ॐ वेणुरसहाय नमःवेणु-रस का हरण करने वाले
- 319.ॐ समायुक्ताय नमःभली प्रकार युक्त
- 320.ॐ समाक्रतवे नमःसमान क्रतु अर्थात यज्ञ-स्वरूप
- 321.ॐ धर्मकेतवे नमःधर्म ही जिनकी ध्वजा है
- 322.ॐ धर्मरतये नमःधर्म में रत
- 323.ॐ संहर्त्रे नमःसंहार करने वाले
- 324.ॐ सम्यमाय नमःसंयम-स्वरूप
- 325.ॐ यमाय नमःयम-स्वरूप
- 326.ॐ प्रणतार्तिहराय नमःप्रणत जनों की पीड़ा हरने वाले
- 327.ॐ वायवे नमःवायु-स्वरूप
- 328.ॐ सिद्धकार्याय नमःजिनके कार्य सिद्ध हैं
- 329.ॐ जनेश्वराय नमःजनों के ईश्वर
- 330.ॐ नभसे नमःआकाश-स्वरूप
- 331.ॐ विगाहनाय नमःगहराई तक प्रवेश करने वाले
- 332.ॐ सत्याय नमःसत्य-स्वरूप
- 333.ॐ सवित्रे नमःसविता
- 334.ॐ आत्मने नमःआत्मा-स्वरूप
- 335.ॐ मनोहराय नमःमन को हरने वाले
- 336.ॐ हारिणे नमःहार धारण करने वाले
- 337.ॐ हरये नमःहरि-स्वरूप
- 338.ॐ हराय नमःहर-स्वरूप
- 339.ॐ वायवे नमःवायु-स्वरूप
- 340.ॐ ऋतवे नमःऋतु-स्वरूप
- 341.ॐ कालानलद्युतये नमःप्रलयाग्नि के समान कांति वाले
- 342.ॐ सुखसेव्याय नमःसुखपूर्वक सेवा करने योग्य
- 343.ॐ महातेजसे नमःमहान तेज वाले
- 344.ॐ जगतामेककारणाय नमःजगतों के एकमात्र कारण
- 345.ॐ महेन्द्राय नमःमहेंद्र-स्वरूप
- 346.ॐ विष्टुताय नमःविशेष रूप से स्तुत
- 347.ॐ स्तोत्राय नमःस्तोत्र-स्वरूप
- 348.ॐ स्तुतिहेतवे नमःस्तुति के हेतु
- 349.ॐ प्रभाकराय नमःप्रभाकर
- 350.ॐ सहस्रकराय नमःसहस्र किरणों वाले
- 351.ॐ आयुष्मते नमःआयुष्मान्; दीर्घायु देने वाले
- 352.ॐ अरोषाय नमःरोष-रहित
- 353.ॐ सुखदाय नमःसुख देने वाले
- 354.ॐ सुखिने नमःसुखी
- 355.ॐ व्याधिघ्ने नमःव्याधियों का नाश करने वाले
- 356.ॐ सुखदाय नमःसुख देने वाले
- 357.ॐ सौख्याय नमःसौख्य-स्वरूप
- 358.ॐ कल्याणाय नमःकल्याण-स्वरूप
- 359.ॐ कलतां वराय नमःकलावानों में श्रेष्ठ
- 360.ॐ आरोग्यकारणाय नमःआरोग्य के कारण
- 361.ॐ सिद्धये नमःसिद्धि-स्वरूप
- 362.ॐ ऋद्धये नमःऋद्धि-स्वरूप
- 363.ॐ वृद्धये नमःवृद्धि-स्वरूप
- 364.ॐ बृहस्पतये नमःबृहस्पति-स्वरूप
- 365.ॐ हिरण्यरेतसे नमःस्वर्णमय तेज वाले
- 366.ॐ आरोग्याय नमःआरोग्य-स्वरूप
- 367.ॐ विदुषे नमःविद्वान्
- 368.ॐ ब्रध्नाय नमःब्रध्न; महान
- 369.ॐ बुधाय नमःबुध; ज्ञानी
- 370.ॐ महते नमःमहान
- 371.ॐ प्राणवते नमःप्राण से युक्त
- 372.ॐ धृतिमते नमःधृति से युक्त
- 373.ॐ घर्माय नमःघर्म; उष्णता-स्वरूप
- 374.ॐ घर्मकर्त्रे नमःउष्णता उत्पन्न करने वाले
- 375.ॐ रुचिप्रदाय नमःरुचि अर्थात कांति देने वाले
- 376.ॐ सर्वप्रियाय नमःसबको प्रिय
- 377.ॐ सर्वसहाय नमःसब कुछ सहन करने वाले
- 378.ॐ सर्वशत्रुविनाशनाय नमःसमस्त शत्रुओं का नाश करने वाले
- 379.ॐ प्रांशवे नमःप्रांशु; अत्यंत ऊँचे
- 380.ॐ विद्योतनाय नमःविशेष रूप से प्रकाशित करने वाले
- 381.ॐ द्योताय नमःद्योत; प्रकाश-स्वरूप
- 382.ॐ सहस्रकिरणाय नमःसहस्र किरणों वाले
- 383.ॐ कृतिने नमःकृती; कृतकार्य
- 384.ॐ केयूरिणे नमःकेयूर धारण करने वाले
- 385.ॐ भूषणोद्भासिने नमःआभूषणों से देदीप्यमान
- 386.ॐ भासिताय नमःप्रकाशित
- 387.ॐ भासनाय नमःप्रकाश करने वाले
- 388.ॐ अनलाय नमःअनल; अग्नि-स्वरूप
- 389.ॐ शरण्यार्तिहराय नमःशरणागतों की पीड़ा हरने वाले
- 390.ॐ होत्रे नमःहोता
- 391.ॐ खद्योताय नमःखद्योत; आकाश में प्रकाश करने वाले
- 392.ॐ खगसत्तमाय नमःआकाशचारियों में उत्तम
- 393.ॐ सर्वद्योताय नमःसबको प्रकाशित करने वाले
- 394.ॐ भवद्योताय नमःसंसार को प्रकाशित करने वाले
- 395.ॐ सर्वद्युतिकराय नमःसमस्त द्युति के कारण
- 396.ॐ मताय नमःमत; सम्मत
- 397.ॐ कल्याणाय नमःकल्याण-स्वरूप
- 398.ॐ कल्याणकराय नमःकल्याण करने वाले
- 399.ॐ कल्याय नमःकल्य; नीरोग व समर्थ
- 400.ॐ कल्यकराय नमःकल्य अर्थात आरोग्य करने वाले
वर्चस्, वेद-स्वरूप व अलंकार (नाम 401–500)
- 401.ॐ कवये नमःकवि
- 402.ॐ कल्याणकृते नमःकल्याण की रचना करने वाले
- 403.ॐ कल्यवपवे नमःनीरोग शरीर वाले
- 404.ॐ सर्वकल्याणभाजनाय नमःसमस्त कल्याण के पात्र
- 405.ॐ शान्तिप्रियाय नमःशांति जिन्हें प्रिय है
- 406.ॐ प्रसन्नात्मने नमःप्रसन्न आत्मा वाले
- 407.ॐ प्रशान्ताय नमःप्रशांत
- 408.ॐ प्रशमप्रियाय नमःप्रशम अर्थात शांति जिन्हें प्रिय है
- 409.ॐ उदारकर्मणे नमःउदार कर्म वाले
- 410.ॐ सुनयाय नमःउत्तम नीति वाले
- 411.ॐ सुवर्चसे नमःउत्तम तेज वाले
- 412.ॐ वर्चसोज्ज्वलाय नमःतेज से उज्ज्वल
- 413.ॐ वर्चस्विने नमःतेजस्वी
- 414.ॐ वर्चसामीशाय नमःतेजों के ईश
- 415.ॐ त्रैलोक्येशाय नमःतीनों लोकों के ईश
- 416.ॐ वशानुगाय नमःजो वश में आ जाते हैं (भक्तों के)
- 417.ॐ तेजस्विने नमःतेजस्वी
- 418.ॐ सुयशसे नमःउत्तम यश वाले
- 419.ॐ वर्ष्मिणे नमःवर्ष्मी; उन्नत शरीर वाले
- 420.ॐ वर्णाध्यक्षाय नमःवर्णों के अध्यक्ष
- 421.ॐ बलिप्रियाय नमःबलि अर्थात अर्पण जिन्हें प्रिय है
- 422.ॐ यशस्विने नमःयशस्वी
- 423.ॐ तेजोनिलयाय नमःतेज के निवास
- 424.ॐ तेजस्विने नमःतेजस्वी
- 425.ॐ प्रकृतिस्थिताय नमःप्रकृति में स्थित
- 426.ॐ आकाशगाय नमःआकाश में गति करने वाले
- 427.ॐ शीघ्रगतये नमःशीघ्र गति वाले
- 428.ॐ आशुगाय नमःआशुग; तीव्रगामी
- 429.ॐ गतिमते नमःगति से युक्त
- 430.ॐ खगाय नमःखग; आकाशचारी
- 431.ॐ गोपतये नमःगौओं व किरणों के पति
- 432.ॐ ग्रहदेवेशाय नमःग्रह-देवों के ईश
- 433.ॐ गोमते नमःगौओं अर्थात किरणों से युक्त
- 434.ॐ एकाय नमःएक; अद्वितीय
- 435.ॐ प्रभञ्जनाय नमःप्रभंजन; वायु-स्वरूप
- 436.ॐ जनित्रे नमःजनित्री; उत्पन्न करने वाले
- 437.ॐ प्रजनाय नमःप्रजनन-स्वरूप
- 438.ॐ जीवाय नमःजीव-स्वरूप
- 439.ॐ दीपाय नमःदीप-स्वरूप
- 440.ॐ सर्वप्रकाशकाय नमःसबको प्रकाशित करने वाले
- 441.ॐ सर्वसाक्षिने नमःसबके साक्षी
- 442.ॐ योगनित्याय नमःनित्य योग में स्थित
- 443.ॐ नभस्वते नमःनभस्वान्; आकाश से युक्त
- 444.ॐ असुरान्तकाय नमःअसुरों का अंत करने वाले
- 445.ॐ रक्षोघ्नाय नमःराक्षसों का नाश करने वाले
- 446.ॐ विघ्नशमनाय नमःविघ्नों का शमन करने वाले
- 447.ॐ किरीटिने नमःमुकुट धारण करने वाले
- 448.ॐ सुमनःप्रियाय नमःसुमनस् अर्थात पुष्प व देव जिन्हें प्रिय हैं
- 449.ॐ मरीचिमालिने नमःकिरण-माला वाले
- 450.ॐ सुमतये नमःउत्तम बुद्धि वाले
- 451.ॐ कृताभिख्यविशेषकाय नमःजिनका विशेष चिह्न प्रसिद्ध है
- 452.ॐ शिष्टाचाराय नमःशिष्ट आचरण वाले
- 453.ॐ शुभाचाराय नमःशुभ आचरण वाले
- 454.ॐ स्वचाराचारतत्पराय नमःअपने आचार व आचरण में तत्पर
- 455.ॐ मन्दाराय नमःमन्दार-स्वरूप
- 456.ॐ माठराय नमःमाठर-स्वरूप (सूर्य के पार्षद)
- 457.ॐ वेणवे नमःवेणु-स्वरूप
- 458.ॐ क्षुधापाय नमःक्षुधा का नाश करने वाले
- 459.ॐ क्ष्मापतये नमःपृथ्वी के पति
- 460.ॐ गुरवे नमःगुरु
- 461.ॐ सुविशिष्टाय नमःअत्यंत विशिष्ट
- 462.ॐ विशिष्टात्मने नमःविशिष्ट आत्मा वाले
- 463.ॐ विधेयाय नमःविधेय; अनुशासन में रहने वाले
- 464.ॐ ज्ञानशोभनाय नमःज्ञान से शोभित
- 465.ॐ महाश्वेताय नमःमहाश्वेत-स्वरूप
- 466.ॐ प्रियाय नमःप्रिय
- 467.ॐ ज्ञेयाय नमःजानने योग्य
- 468.ॐ सामगाय नमःसामगान करने वाले
- 469.ॐ मोक्षदायकाय नमःमोक्ष देने वाले
- 470.ॐ सर्ववेदप्रगीतात्मने नमःसमस्त वेदों द्वारा गाए गए आत्म-स्वरूप
- 471.ॐ सर्ववेदलयाय नमःसमस्त वेदों के लय-स्थान
- 472.ॐ महते नमःमहान
- 473.ॐ वेदमूर्तये नमःवेद ही जिनकी मूर्ति है
- 474.ॐ चतुर्वेदाय नमःचारों वेद-स्वरूप
- 475.ॐ वेदभृते नमःवेद को धारण करने वाले
- 476.ॐ वेदपारगाय नमःवेदों के पारंगत
- 477.ॐ क्रियावते नमःक्रियावान्
- 478.ॐ असिताय नमःअसित; अश्वेत
- 479.ॐ जिष्णवे नमःजिष्णु; विजयशील
- 480.ॐ वरीयांशवे नमःवरीयान्; अत्यंत श्रेष्ठ
- 481.ॐ वरप्रदाय नमःवर देने वाले
- 482.ॐ व्रतचारिणे नमःव्रत का आचरण करने वाले
- 483.ॐ व्रतधराय नमःव्रत धारण करने वाले
- 484.ॐ लोकबन्धवे नमःलोकों के बंधु
- 485.ॐ अलङ्कृताय नमःअलंकृत
- 486.ॐ अलङ्काराक्षराय नमःअलंकार व अक्षर-स्वरूप
- 487.ॐ वेद्याय नमःजानने योग्य
- 488.ॐ विद्यावते नमःविद्या से युक्त
- 489.ॐ विदिताशयाय नमःजिनका आशय ज्ञात है
- 490.ॐ आकाराय नमःआकार-स्वरूप
- 491.ॐ भूषणाय नमःभूषण-स्वरूप
- 492.ॐ भूष्याय नमःभूषित करने योग्य
- 493.ॐ भूष्णवे नमःभूष्णु; शोभा पाने वाले
- 494.ॐ भुवनपूजिताय नमःभुवन द्वारा पूजित
- 495.ॐ चक्रपाणये नमःचक्र धारण करने वाले
- 496.ॐ ध्वजधराय नमःध्वजा धारण करने वाले
- 497.ॐ सुरेशाय नमःदेवों के ईश
- 498.ॐ लोकवत्सलाय नमःलोकों पर वात्सल्य रखने वाले
- 499.ॐ वाग्मिपतये नमःवाग्मियों के पति
- 500.ॐ महाबाहवे नमःविशाल भुजाओं वाले
काल-चक्र, ग्रहराज व मंगल-नाम (नाम 501–600)
- 501.ॐ प्रकृतये नमःप्रकृति-स्वरूप
- 502.ॐ विकृतये नमःविकृति-स्वरूप
- 503.ॐ गुणाय नमःगुण-स्वरूप
- 504.ॐ अन्धकारापहाय नमःअंधकार का नाश करने वाले
- 505.ॐ श्रेष्ठाय नमःश्रेष्ठ
- 506.ॐ युगावर्ताय नमःयुगों को घुमाने वाले
- 507.ॐ युगादिकृते नमःयुग का आरंभ करने वाले
- 508.ॐ अप्रमेयाय नमःअप्रमेय
- 509.ॐ सदायोगिने नमःसदा योग में स्थित
- 510.ॐ निरहङ्काराय नमःअहंकार-रहित
- 511.ॐ ईश्वराय नमःईश्वर
- 512.ॐ शुभप्रदाय नमःशुभ प्रदान करने वाले
- 513.ॐ शुभाय नमःशुभ-स्वरूप
- 514.ॐ शास्त्रे नमःशास्ता; शासन करने वाले
- 515.ॐ शुभकर्मणे नमःशुभ कर्म वाले
- 516.ॐ शुभप्रदाय नमःशुभ देने वाले
- 517.ॐ सत्यवते नमःसत्य से युक्त
- 518.ॐ श्रुतिमते नमःश्रुति से युक्त
- 519.ॐ उच्चैर्नकाराय नमःउच्च स्वर से "न" कहने वाले; निषेध करने वाले
- 520.ॐ वृद्धिदाय नमःवृद्धि देने वाले
- 521.ॐ अनलाय नमःअनल; अग्नि-स्वरूप
- 522.ॐ बलभृते नमःबल धारण करने वाले
- 523.ॐ बलदाय नमःबल देने वाले
- 524.ॐ बन्धवे नमःबंधु
- 525.ॐ मतिमते नमःबुद्धिमान्
- 526.ॐ बलिनां वराय नमःबलवानों में श्रेष्ठ
- 527.ॐ अनङ्गाय नमःअनंग; शरीर-रहित
- 528.ॐ नागराजेन्द्राय नमःनागराजों के इंद्र
- 529.ॐ पद्मयोनये नमःकमल से उत्पन्न
- 530.ॐ गणेश्वराय नमःगणों के ईश्वर
- 531.ॐ संवत्सराय नमःसंवत्सर-स्वरूप
- 532.ॐ ऋतवे नमःऋतु-स्वरूप
- 533.ॐ नेत्रे नमःनेता
- 534.ॐ कालचक्रप्रवर्तकाय नमःकाल-चक्र को चलाने वाले
- 535.ॐ पद्मेक्षणाय नमःकमल-सदृश नेत्रों वाले
- 536.ॐ पद्मयोनये नमःकमल से उत्पन्न
- 537.ॐ प्रभावते नमःप्रभा से युक्त
- 538.ॐ अमराय नमःअमर
- 539.ॐ प्रभवे नमःप्रभु
- 540.ॐ सुमूर्तये नमःसुंदर मूर्ति वाले
- 541.ॐ सुमतये नमःउत्तम बुद्धि वाले
- 542.ॐ सोमाय नमःसोम-स्वरूप
- 543.ॐ गोविन्दाय नमःगोविन्द-स्वरूप
- 544.ॐ जगदादिजाय नमःजगत् के आदि में उत्पन्न
- 545.ॐ पीतवाससे नमःपीत वस्त्र वाले
- 546.ॐ कृष्णवाससे नमःकृष्ण वस्त्र वाले
- 547.ॐ दिग्वाससे नमःदिशाएँ ही जिनका वस्त्र हैं
- 548.ॐ इन्द्रियातिगाय नमःइंद्रियों से परे
- 549.ॐ अतीन्द्रियाय नमःअतीन्द्रिय
- 550.ॐ अनेकरूपाय नमःअनेक रूपों वाले
- 551.ॐ स्कन्दाय नमःस्कन्द-स्वरूप
- 552.ॐ परपुरञ्जयाय नमःशत्रु-नगरों को जीतने वाले
- 553.ॐ शक्तिमते नमःशक्तिमान्
- 554.ॐ जलधृगे नमःजल को धारण करने वाले
- 555.ॐ भास्वते नमःभास्वान्; प्रकाशमान
- 556.ॐ मोक्षहेतवे नमःमोक्ष के हेतु
- 557.ॐ अयोनिजाय नमःअयोनिज; योनि से न जन्मे
- 558.ॐ सर्वदर्शिने नमःसब कुछ देखने वाले
- 559.ॐ जितादर्शाय नमःजिन्होंने दर्पण को भी जीत लिया (अत्यंत निर्मल)
- 560.ॐ दुःस्वप्नाशुभनाशनाय नमःदुःस्वप्न व अशुभ का नाश करने वाले
- 561.ॐ माङ्गल्यकर्त्रे नमःमंगल की रचना करने वाले
- 562.ॐ तरणये नमःतरणि; तारने वाले
- 563.ॐ वेगवते नमःवेगवान्
- 564.ॐ कश्मलापहाय नमःमलिनता का नाश करने वाले
- 565.ॐ स्पष्टाक्षराय नमःस्पष्ट अक्षर वाले
- 566.ॐ महामन्त्राय नमःमहामंत्र-स्वरूप
- 567.ॐ विशाखाय नमःविशाखा-स्वरूप
- 568.ॐ यजनप्रियाय नमःयजन अर्थात पूजन जिन्हें प्रिय है
- 569.ॐ विश्वकर्मणे नमःविश्वकर्मा-स्वरूप
- 570.ॐ महाशक्तये नमःमहाशक्ति-स्वरूप
- 571.ॐ द्युतये नमःद्युति; कांति-स्वरूप
- 572.ॐ ईशाय नमःईश
- 573.ॐ विहङ्गमाय नमःआकाश में गति करने वाले
- 574.ॐ विचक्षणाय नमःविचक्षण; निपुण
- 575.ॐ दक्षाय नमःदक्ष; कुशल
- 576.ॐ इन्द्राय नमःइंद्र-स्वरूप
- 577.ॐ प्रत्यूषाय नमःप्रत्यूष; उषाकाल-स्वरूप
- 578.ॐ प्रियदर्शनाय नमःप्रिय दर्शन वाले
- 579.ॐ अखिन्नाय नमःअखिन्न; कभी न थकने वाले
- 580.ॐ वेदनिलयाय नमःवेद जिनका निवास है
- 581.ॐ वेदविदे नमःवेद को जानने वाले
- 582.ॐ विदिताशयाय नमःजिनका आशय ज्ञात है
- 583.ॐ प्रभाकराय नमःप्रभाकर
- 584.ॐ जितरिपवे नमःशत्रुओं को जीत लेने वाले
- 585.ॐ सुजनाय नमःसज्जन
- 586.ॐ अरुणसारथये नमःअरुण जिनके सारथी हैं
- 587.ॐ कुनाशिने नमःकु अर्थात बुराई का नाश करने वाले
- 588.ॐ सुरताय नमःसुरत; प्रीति-युक्त
- 589.ॐ स्कन्दाय नमःस्कन्द-स्वरूप
- 590.ॐ महिताय नमःमहित; पूजित
- 591.ॐ अभिमताय नमःअभिमत; इष्ट
- 592.ॐ गुरवे नमःगुरु
- 593.ॐ ग्रहराजाय नमःग्रहों के राजा
- 594.ॐ ग्रहपतये नमःग्रहों के पति
- 595.ॐ ग्रहनक्षत्रमण्डलाय नमःग्रह व नक्षत्र-मंडल स्वरूप
- 596.ॐ भास्कराय नमःभास्कर
- 597.ॐ सततानन्दाय नमःसतत आनंद-स्वरूप
- 598.ॐ नन्दनाय नमःआनंद देने वाले
- 599.ॐ नरवाहनाय नमःनर ही जिनका वाहन है
- 600.ॐ मङ्गलाय नमःमंगल-स्वरूप
व्रत, यज्ञ व वसु-नाम (नाम 601–700)
- 601.ॐ मङ्गलवते नमःमंगल से युक्त
- 602.ॐ माङ्गल्याय नमःमाङ्गल्य; मंगलकारी
- 603.ॐ मङ्गलावहाय नमःमंगल लाने वाले
- 604.ॐ मङ्गल्यचारुचरिताय नमःमंगलमय व सुंदर चरित्र वाले
- 605.ॐ शीर्णाय नमःशीर्ण; क्षीण करने वाले
- 606.ॐ सर्वव्रताय नमःसमस्त व्रत-स्वरूप
- 607.ॐ व्रतिने नमःव्रती
- 608.ॐ चतुर्मुखाय नमःचार मुख वाले
- 609.ॐ पद्ममालिने नमःकमल-माला धारण करने वाले
- 610.ॐ पूतात्मने नमःपवित्र आत्मा वाले
- 611.ॐ प्रणतार्तिघ्ने नमःप्रणत जनों की पीड़ा हरने वाले
- 612.ॐ अकिञ्चनाय नमःअकिञ्चन; परिग्रह-रहित
- 613.ॐ सतामीशाय नमःसज्जनों के ईश
- 614.ॐ निर्गुणाय नमःनिर्गुण
- 615.ॐ गुणवते नमःगुणों से युक्त
- 616.ॐ शुचये नमःशुचि; पवित्र
- 617.ॐ सम्पूर्णाय नमःसम्पूर्ण
- 618.ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमःकमल-सदृश नेत्रों वाले
- 619.ॐ विधेयाय नमःविधेय; अनुशासन में रहने वाले
- 620.ॐ योगतत्पराय नमःयोग में तत्पर
- 621.ॐ सहस्रांशवे नमःसहस्र किरणों वाले
- 622.ॐ क्रतुमतये नमःयज्ञ-बुद्धि वाले
- 623.ॐ सर्वज्ञाय नमःसर्वज्ञ
- 624.ॐ सुमतये नमःउत्तम बुद्धि वाले
- 625.ॐ सुवाचे नमःउत्तम वाणी वाले
- 626.ॐ सुवाहनाय नमःउत्तम वाहन वाले
- 627.ॐ माल्यदाम्ने नमःपुष्प-माला धारण करने वाले
- 628.ॐ कृताहाराय नमःजिनका आहार निश्चित है
- 629.ॐ हरिप्रियाय नमःहरि को प्रिय
- 630.ॐ ब्रह्मणे नमःब्रह्म-स्वरूप
- 631.ॐ प्रचेतसे नमःप्रचेता-स्वरूप
- 632.ॐ प्रथिताय नमःप्रथित; प्रसिद्ध
- 633.ॐ प्रयतात्मने नमःसंयत आत्मा वाले
- 634.ॐ स्थिरात्मकाय नमःस्थिर आत्मा वाले
- 635.ॐ शतविन्दवे नमःसैकड़ों बिंदुओं वाले
- 636.ॐ शतमुखाय नमःसैकड़ों मुख वाले
- 637.ॐ गरीयसे नमःगरीयान्; अत्यंत गुरुतर
- 638.ॐ अनलप्रभाय नमःअग्नि के समान प्रभा वाले
- 639.ॐ धीराय नमःधीर
- 640.ॐ महत्तराय नमःमहत्तर; अत्यंत महान
- 641.ॐ विप्राय नमःविप्र-स्वरूप
- 642.ॐ पुराणपुरुषोत्तमाय नमःपुराण-वर्णित पुरुषोत्तम
- 643.ॐ विद्याराजाधिराजाय नमःविद्या के राजाधिराज
- 644.ॐ विद्यावते नमःविद्या से युक्त
- 645.ॐ भूतिदाय नमःऐश्वर्य देने वाले
- 646.ॐ स्थिताय नमःस्थित
- 647.ॐ अनिर्देश्यवपुषे नमःजिनका शरीर बताया नहीं जा सकता
- 648.ॐ श्रीमते नमःश्री से युक्त
- 649.ॐ विपाप्मने नमःपाप-रहित
- 650.ॐ बहुमङ्गलाय नमःअनेक मंगलों वाले
- 651.ॐ स्वःस्थिताय नमःस्वर्ग में स्थित
- 652.ॐ सुरथाय नमःउत्तम रथ वाले
- 653.ॐ स्वर्णाय नमःस्वर्ण-स्वरूप
- 654.ॐ मोक्षदाय नमःमोक्ष देने वाले
- 655.ॐ बलिकेतनाय नमःबलि ही जिनका चिह्न है
- 656.ॐ निर्द्वन्द्वाय नमःद्वंद्व-रहित
- 657.ॐ द्वन्द्वघ्ने नमःद्वंद्वों का नाश करने वाले
- 658.ॐ स्वर्गाय नमःस्वर्ग-स्वरूप
- 659.ॐ सर्वगाय नमःसर्वत्र गति वाले
- 660.ॐ सम्प्रकाशकाय नमःभली प्रकार प्रकाशित करने वाले
- 661.ॐ दयालवे नमःदयालु
- 662.ॐ सूक्ष्मधिये नमःसूक्ष्म बुद्धि वाले
- 663.ॐ क्षान्तये नमःक्षांति अर्थात क्षमा-स्वरूप
- 664.ॐ क्षेमाक्षेमस्थितिप्रियाय नमःक्षेम व अक्षेम दोनों की स्थिति जिन्हें प्रिय है
- 665.ॐ भूधराय नमःपृथ्वी को धारण करने वाले
- 666.ॐ भूपतये नमःभूमि के पति
- 667.ॐ वक्त्रे नमःवक्ता
- 668.ॐ पवित्रात्मने नमःपवित्र आत्मा वाले
- 669.ॐ त्रिलोचनाय नमःतीन नेत्रों वाले
- 670.ॐ महावराहाय नमःमहावराह-स्वरूप
- 671.ॐ प्रियकृते नमःप्रिय करने वाले
- 672.ॐ दात्रे नमःदेने वाले
- 673.ॐ भोक्त्रे नमःभोक्ता
- 674.ॐ अभयप्रदाय नमःअभय देने वाले
- 675.ॐ चक्रवर्तिने नमःचक्रवर्ती
- 676.ॐ धृतिकराय नमःधृति देने वाले
- 677.ॐ सम्पूर्णाय नमःसम्पूर्ण
- 678.ॐ महेश्वराय नमःमहेश्वर
- 679.ॐ चतुर्वेदधराय नमःचारों वेदों को धारण करने वाले
- 680.ॐ अचिन्त्याय नमःअचिंत्य
- 681.ॐ विनिन्द्याय नमःविनिन्द्य; निंदा से परे
- 682.ॐ विविधाशनाय नमःविविध आहार वाले
- 683.ॐ विचित्ररथाय नमःविचित्र रथ वाले
- 684.ॐ एकाकिने नमःएकाकी
- 685.ॐ सप्तसप्तये नमःसात-सात अश्वों वाले
- 686.ॐ परात्पराय नमःपर से भी पर
- 687.ॐ सर्वोदधिस्थितिकराय नमःसमस्त समुद्रों की स्थिति करने वाले
- 688.ॐ स्थितिस्थेयाय नमःस्थिति में स्थिर रहने वाले
- 689.ॐ स्थितिप्रियाय नमःस्थिति जिन्हें प्रिय है
- 690.ॐ निष्कलाय नमःनिष्कल; कला-रहित
- 691.ॐ पुष्कलाय नमःपुष्कल; परिपूर्ण
- 692.ॐ विभवे नमःविभु; सर्वव्यापी
- 693.ॐ वसुमते नमःवसु से युक्त
- 694.ॐ वासवप्रियाय नमःवासव अर्थात इंद्र को प्रिय
- 695.ॐ पशुमते नमःजीवों के स्वामी
- 696.ॐ वासवस्वामिने नमःइंद्र के भी स्वामी
- 697.ॐ वसुधाम्ने नमःवसुओं का धाम
- 698.ॐ वसुप्रदाय नमःधन देने वाले
- 699.ॐ बलवते नमःबलवान्
- 700.ॐ ज्ञानवते नमःज्ञानवान्
ओंकार, ऋषि-स्वरूप व सप्तमी-प्रिय (नाम 701–800)
- 701.ॐ तत्त्वाय नमःतत्त्व-स्वरूप
- 702.ॐ ओङ्काराय नमःओंकार-स्वरूप
- 703.ॐ त्रिषुसंस्थिताय नमःतीनों में स्थित (तीनों काल/लोक)
- 704.ॐ सङ्कल्पयोनये नमःसंकल्प से उत्पन्न
- 705.ॐ दिनकृते नमःदिन की रचना करने वाले
- 706.ॐ भगवते नमःभगवान्
- 707.ॐ कारणापहाय नमःकारण का भी नाश करने वाले
- 708.ॐ नीलकण्ठाय नमःनीलकण्ठ-स्वरूप
- 709.ॐ धनाध्यक्षाय नमःधन के अध्यक्ष
- 710.ॐ चतुर्वेदप्रियंवदाय नमःचारों वेदों में प्रिय वचन कहने वाले
- 711.ॐ वषट्काराय नमःवषट्कार-स्वरूप
- 712.ॐ उद्गात्रे नमःउद्गाता
- 713.ॐ होत्रे नमःहोता
- 714.ॐ स्वाहाकाराय नमःस्वाहाकार-स्वरूप
- 715.ॐ हुताहुतये नमःहवि व आहुति-स्वरूप
- 716.ॐ जनार्दनाय नमःजनों के कष्ट दूर करने वाले
- 717.ॐ जनानन्दाय नमःजनों को आनंद देने वाले
- 718.ॐ नराय नमःनर-स्वरूप
- 719.ॐ नारायणाय नमःनारायण-स्वरूप
- 720.ॐ अम्बुदाय नमःमेघ देने वाले
- 721.ॐ सन्देहनाशनाय नमःसंदेह का नाश करने वाले
- 722.ॐ वायवे नमःवायु-स्वरूप
- 723.ॐ धन्विने नमःधनुष धारण करने वाले
- 724.ॐ सुरनमस्कृताय नमःदेवों द्वारा नमस्कृत
- 725.ॐ विग्रहिने नमःविग्रह अर्थात रूप धारण करने वाले
- 726.ॐ विमलाय नमःविमल; निर्मल
- 727.ॐ विन्दवे नमःबिंदु-स्वरूप
- 728.ॐ विशोकाय नमःशोक-रहित
- 729.ॐ विमलद्युतये नमःनिर्मल कांति वाले
- 730.ॐ द्युतिमते नमःद्युति से युक्त
- 731.ॐ द्योतनाय नमःप्रकाशित करने वाले
- 732.ॐ विद्युते नमःविद्युत्-स्वरूप
- 733.ॐ विद्यावते नमःविद्या से युक्त
- 734.ॐ विदिताय नमःविदित; ज्ञात
- 735.ॐ बलिने नमःबलवान्
- 736.ॐ घर्मदाय नमःघर्म अर्थात उष्णता देने वाले
- 737.ॐ हिमदाय नमःहिम अर्थात शीत देने वाले
- 738.ॐ हासाय नमःहास; प्रसन्नता-स्वरूप
- 739.ॐ कृष्णवर्त्मने नमःकृष्ण मार्ग वाले; अग्नि-स्वरूप
- 740.ॐ सुताजिताय नमःपुत्र (शनि) द्वारा भी अजेय
- 741.ॐ सावित्रीभाविताय नमःसावित्री से भावित
- 742.ॐ राज्ञे नमःराजा
- 743.ॐ विश्वामित्राय नमःविश्वामित्र-स्वरूप
- 744.ॐ घृणये नमःघृणि; किरण-स्वरूप
- 745.ॐ विराजे नमःविराट्-स्वरूप
- 746.ॐ सप्तार्चिषे नमःसात ज्वालाओं वाले
- 747.ॐ सप्ततुरगाय नमःसात अश्वों वाले
- 748.ॐ सप्तलोकनमस्कृताय नमःसातों लोकों द्वारा नमस्कृत
- 749.ॐ सम्पूर्णाय नमःसम्पूर्ण
- 750.ॐ जगन्नाथाय नमःजगत् के नाथ
- 751.ॐ सुमनसे नमःसुमनस्; उत्तम मन वाले
- 752.ॐ शोभनप्रियाय नमःशोभा जिन्हें प्रिय है
- 753.ॐ सर्वात्मने नमःसबकी आत्मा
- 754.ॐ सर्वकृते नमःसब कुछ करने वाले
- 755.ॐ सृष्टये नमःसृष्टि-स्वरूप
- 756.ॐ सप्तिमते नमःअश्वों से युक्त
- 757.ॐ सप्तमीप्रियाय नमःसप्तमी तिथि जिन्हें प्रिय है
- 758.ॐ सुमेधसे नमःउत्तम मेधा वाले
- 759.ॐ मेधिकाय नमःमेधा से युक्त
- 760.ॐ मेध्याय नमःमेध्य; पवित्र
- 761.ॐ मेधाविने नमःमेधावी
- 762.ॐ मधुसूदनाय नमःमधु दैत्य का नाश करने वाले
- 763.ॐ अङ्गिरःपतये नमःअंगिरा के पति
- 764.ॐ कालज्ञाय नमःकाल को जानने वाले
- 765.ॐ धूमकेतवे नमःधूमकेतु-स्वरूप
- 766.ॐ सुकेतनाय नमःउत्तम ध्वजा वाले
- 767.ॐ सुखिने नमःसुखी
- 768.ॐ सुखप्रदाय नमःसुख देने वाले
- 769.ॐ सौख्याय नमःसौख्य-स्वरूप
- 770.ॐ कान्तये नमःकांति-स्वरूप
- 771.ॐ कान्तिप्रियाय नमःकांति जिन्हें प्रिय है
- 772.ॐ मुनये नमःमुनि
- 773.ॐ सन्तापनाय नमःसंताप देने वाले
- 774.ॐ सन्तपनाय नमःभली प्रकार तपाने वाले
- 775.ॐ आतपाय नमःआतप; धूप-स्वरूप
- 776.ॐ तपसां पतये नमःतपों के पति
- 777.ॐ उमापतये नमःउमा के पति शिव-स्वरूप
- 778.ॐ सहस्रांशवे नमःसहस्र किरणों वाले
- 779.ॐ प्रियकारिणे नमःप्रिय करने वाले
- 780.ॐ प्रियङ्कराय नमःप्रिय उत्पन्न करने वाले
- 781.ॐ प्रीतये नमःप्रीति-स्वरूप
- 782.ॐ विमन्यवे नमःक्रोध-रहित
- 783.ॐ अम्भोत्थाय नमःजल से उत्पन्न
- 784.ॐ खञ्जनाय नमःखंजन; चंचल गति वाले
- 785.ॐ जगतां पतये नमःजगतों के पति
- 786.ॐ जगत्पित्रे नमःजगत् के पिता
- 787.ॐ प्रीतमनसे नमःप्रसन्न मन वाले
- 788.ॐ सर्वाय नमःसर्व-स्वरूप
- 789.ॐ खर्वाय नमःखर्व; लघु रूप वाले
- 790.ॐ गुहाय नमःगुह्य; गोपनीय
- 791.ॐ अचलाय नमःअचल
- 792.ॐ सर्वगाय नमःसर्वत्र गति वाले
- 793.ॐ जगदानन्दाय नमःजगत् को आनंद देने वाले
- 794.ॐ जगन्नेत्रे नमःजगत् के नेता
- 795.ॐ सुरारिघ्ने नमःदेव-शत्रुओं का नाश करने वाले
- 796.ॐ श्रेयसे नमःश्रेयस्-स्वरूप
- 797.ॐ श्रेयस्कराय नमःकल्याण करने वाले
- 798.ॐ ज्यायसे नमःज्यायान्; सबसे बड़े
- 799.ॐ महते नमःमहान
- 800.ॐ उत्तमाय नमःउत्तम
धर्मराज, शनि-पिता व मंत्र-मूर्ति (नाम 801–900)
- 801.ॐ उद्भवाय नमःउद्भव; उत्पत्ति-स्वरूप
- 802.ॐ उत्तमाय नमःउत्तम
- 803.ॐ मेरुमेयाय नमःमेरु के समान अमाप्य
- 804.ॐ धरणाय नमःधारण करने वाले
- 805.ॐ धरणीधराय नमःपृथ्वी को धारण करने वाले
- 806.ॐ धराध्यक्षाय नमःधरा के अध्यक्ष
- 807.ॐ धर्मराजाय नमःधर्मराज-स्वरूप
- 808.ॐ धर्माधर्मप्रवर्तकाय नमःधर्म व अधर्म दोनों को प्रवृत्त करने वाले
- 809.ॐ रथाध्यक्षाय नमःरथ के अध्यक्ष
- 810.ॐ रथगतये नमःरथ पर गति करने वाले
- 811.ॐ तरुणाय नमःतरुण; सदा युवा
- 812.ॐ तनिताय नमःतनित; विस्तृत
- 813.ॐ अनलाय नमःअनल; अग्नि-स्वरूप
- 814.ॐ उत्तराय नमःउत्तर-स्वरूप
- 815.ॐ अनुत्तराय नमःजिनसे उत्तर कोई नहीं
- 816.ॐ तापिने नमःतपाने वाले
- 817.ॐ अवाक्पतये नमःवाणी के भी पति
- 818.ॐ अपां पतये नमःजल के पति
- 819.ॐ पुण्यसङ्कीर्तनाय नमःजिनका कीर्तन पुण्यदायी है
- 820.ॐ पुण्याय नमःपुण्य-स्वरूप
- 821.ॐ हेतवे नमःहेतु; कारण-स्वरूप
- 822.ॐ लोकत्रयाश्रयाय नमःतीनों लोकों के आश्रय
- 823.ॐ स्वर्भानवे नमःस्वर्भानु-स्वरूप
- 824.ॐ विगतानन्दाय नमःआनंद से परे
- 825.ॐ विशिष्टोत्कृष्टकर्मकृते नमःविशिष्ट व उत्कृष्ट कर्म करने वाले
- 826.ॐ व्याधिप्रणाशनाय नमःव्याधियों का नाश करने वाले
- 827.ॐ क्षेमाय नमःक्षेम-स्वरूप
- 828.ॐ शूराय नमःशूर
- 829.ॐ सर्वजितां वराय नमःसमस्त जीतने वालों में श्रेष्ठ
- 830.ॐ एकरथाय नमःएक रथ वाले
- 831.ॐ रथाधीशाय नमःरथ के अधीश
- 832.ॐ शनैश्चरस्य पित्रे नमःशनैश्चर के पिता
- 833.ॐ वैवस्वतगुरवे नमःवैवस्वत (यम) के गुरु
- 834.ॐ मृत्यवे नमःमृत्यु-स्वरूप
- 835.ॐ धर्मनित्याय नमःधर्म में नित्य स्थित
- 836.ॐ महाव्रताय नमःमहान व्रत वाले
- 837.ॐ प्रलम्बहारसञ्चारिणे नमःलंबे हार पहने विचरण करने वाले
- 838.ॐ प्रद्योताय नमःप्रद्योत; विशेष प्रकाश करने वाले
- 839.ॐ द्योतितानलाय नमःअग्नि को प्रकाशित करने वाले
- 840.ॐ सन्तापहृते नमःसंताप हरने वाले
- 841.ॐ परस्मै नमःपर; सबसे परे
- 842.ॐ मन्त्राय नमःमंत्र-स्वरूप
- 843.ॐ मन्त्रमूर्तये नमःमंत्र ही जिनकी मूर्ति है
- 844.ॐ महाबलाय नमःमहाबली
- 845.ॐ श्रेष्ठात्मने नमःश्रेष्ठ आत्मा वाले
- 846.ॐ सुप्रियाय नमःअत्यंत प्रिय
- 847.ॐ शम्भवे नमःशम्भु; कल्याण उत्पन्न करने वाले
- 848.ॐ मरुतामीश्वरेश्वराय नमःमरुतों के ईश्वरों के भी ईश्वर
- 849.ॐ संसारगतिविच्छेत्त्रे नमःसंसार-गति का छेदन करने वाले
- 850.ॐ संसारार्णवतारकाय नमःसंसार-सागर से तारने वाले
- 851.ॐ सप्तजिह्वाय नमःसात जिह्वाओं वाले
- 852.ॐ सहस्रार्चिषे नमःसहस्र ज्वालाओं वाले
- 853.ॐ रत्नगर्भाय नमःरत्नों को गर्भ में धारण करने वाले
- 854.ॐ अपराजिताय नमःअपराजित
- 855.ॐ धर्मकेतवे नमःधर्म ही जिनकी ध्वजा है
- 856.ॐ अमेयात्मने नमःअमेय आत्मा वाले
- 857.ॐ धर्माधर्मवरप्रदाय नमःधर्म व अधर्म का वर देने वाले
- 858.ॐ लोकसाक्षिणे नमःलोकों के साक्षी
- 859.ॐ लोकगुरवे नमःलोकों के गुरु
- 860.ॐ लोकेशाय नमःलोकों के ईश
- 861.ॐ चण्डवाहनाय नमःप्रचंड वाहन वाले
- 862.ॐ धर्मयूपाय नमःधर्म-रूपी यूप
- 863.ॐ यूपवृक्षाय नमःयूप-वृक्ष स्वरूप
- 864.ॐ धनुष्पाणये नमःहाथ में धनुष वाले
- 865.ॐ धनुर्धराय नमःधनुष धारण करने वाले
- 866.ॐ पिनाकधृते नमःपिनाक धारण करने वाले
- 867.ॐ महोत्साहाय नमःमहान उत्साह वाले
- 868.ॐ महामायाय नमःमहामाया-स्वरूप
- 869.ॐ महाशनाय नमःमहान आहार वाले
- 870.ॐ वीराय नमःवीर
- 871.ॐ शक्तिमतां श्रेष्ठाय नमःशक्तिशालियों में श्रेष्ठ
- 872.ॐ सर्वशस्त्रभृतां वराय नमःसमस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ
- 873.ॐ ज्ञानगम्याय नमःज्ञान से गम्य
- 874.ॐ दुराराध्याय नमःजिनकी आराधना सहज नहीं
- 875.ॐ लोहिताङ्गाय नमःलाल अंगों वाले
- 876.ॐ विवर्धनाय नमःवृद्धि करने वाले
- 877.ॐ खगाय नमःखग; आकाशचारी
- 878.ॐ अन्धाय नमःअंध; अंधकार-स्वरूप भी
- 879.ॐ धर्मदाय नमःधर्म देने वाले
- 880.ॐ नित्याय नमःनित्य
- 881.ॐ धर्मकृते नमःधर्म की रचना करने वाले
- 882.ॐ चित्रविक्रमाय नमःविचित्र पराक्रम वाले
- 883.ॐ भगवते नमःभगवान्
- 884.ॐ आत्मवते नमःआत्मवान्; आत्म-संयत
- 885.ॐ मन्त्राय नमःमंत्र-स्वरूप
- 886.ॐ त्र्यक्षराय नमःतीन अक्षरों वाले
- 887.ॐ नीललोहिताय नमःनीले व लाल वर्ण वाले
- 888.ॐ एकाय नमःएक; अद्वितीय
- 889.ॐ अनेकाय नमःअनेक
- 890.ॐ त्रयिने नमःतीनों वेद-स्वरूप
- 891.ॐ कालाय नमःकाल-स्वरूप
- 892.ॐ सवित्रे नमःसविता
- 893.ॐ समितिञ्जयाय नमःयुद्ध में विजय पाने वाले
- 894.ॐ शार्ङ्गधन्वने नमःशार्ङ्ग धनुष धारण करने वाले
- 895.ॐ अनलाय नमःअनल; अग्नि-स्वरूप
- 896.ॐ भीमाय नमःभीम; भयंकर
- 897.ॐ सर्वप्रहरणायुधाय नमःसमस्त प्रहार-आयुधों वाले
- 898.ॐ सुकर्मणे नमःउत्तम कर्म वाले
- 899.ॐ परमेष्ठिने नमःपरमेष्ठी
- 900.ॐ नाकपालिने नमःस्वर्ग का पालन करने वाले
दिविस्थित से मन्वन्तराधिप — अंतिम समापन (नाम 901–1008)
- 901.ॐ दिविस्थिताय नमःद्युलोक में स्थित
- 902.ॐ वदान्याय नमःवदान्य; उदार
- 903.ॐ वासुकये नमःवासुकि-स्वरूप
- 904.ॐ वैद्याय नमःवैद्य
- 905.ॐ आत्रेयाय नमःअत्रि-पुत्र स्वरूप
- 906.ॐ पराक्रमाय नमःपराक्रम-स्वरूप
- 907.ॐ द्वापराय नमःद्वापर-स्वरूप
- 908.ॐ परमोदाराय नमःपरम उदार
- 909.ॐ परमाय नमःपरम
- 910.ॐ ब्रह्मचर्यवते नमःब्रह्मचर्य से युक्त
- 911.ॐ उदीच्यवेषाय नमःउत्तर दिशा के वेष वाले
- 912.ॐ मुकुटिने नमःमुकुट धारण करने वाले
- 913.ॐ पद्महस्ताय नमःहाथ में कमल धारण करने वाले
- 914.ॐ हिमांशुभृते नमःचंद्रमा को धारण करने वाले
- 915.ॐ सिताय नमःसित; श्वेत
- 916.ॐ प्रसन्नवदनाय नमःप्रसन्न मुख वाले
- 917.ॐ पद्मोदरनिभाननाय नमःकमल के भीतरी भाग जैसे मुख वाले
- 918.ॐ सायं दिवा दिव्यवपुषे नमःसायं तथा दिवा — दोनों में दिव्य शरीर वाले
- 919.ॐ अनिर्देश्याय नमःजिनका निर्देश नहीं किया जा सकता
- 920.ॐ महालयाय नमःमहान लय-स्थान
- 921.ॐ महारथाय नमःमहारथी
- 922.ॐ महते नमःमहान
- 923.ॐ ईशाय नमःईश
- 924.ॐ शेषाय नमःशेष-स्वरूप
- 925.ॐ सत्त्वरजस्तमसे नमःसत्त्व, रज व तम — तीनों स्वरूप
- 926.ॐ धृतातपत्रप्रतिमाय नमःधारण किए हुए छत्र के समान
- 927.ॐ विमर्षिणे नमःविमर्श करने वाले
- 928.ॐ निर्णयाय नमःनिर्णय-स्वरूप
- 929.ॐ स्थिताय नमःस्थित
- 930.ॐ अहिंसकाय नमःअहिंसक
- 931.ॐ शुद्धमतये नमःशुद्ध बुद्धि वाले
- 932.ॐ अद्वितीयाय नमःअद्वितीय
- 933.ॐ विवर्धनाय नमःवृद्धि करने वाले
- 934.ॐ सर्वदाय नमःसब कुछ देने वाले
- 935.ॐ धनदाय नमःधन देने वाले
- 936.ॐ मोक्षाय नमःमोक्ष-स्वरूप
- 937.ॐ विहारिणे नमःविहार करने वाले
- 938.ॐ बहुदायकाय नमःबहुत देने वाले
- 939.ॐ चारुरात्रिहराय नमःसुंदर रात्रि का हरण करने वाले
- 940.ॐ नाथाय नमःनाथ
- 941.ॐ भगवते नमःभगवान्
- 942.ॐ सर्वगाय नमःसर्वत्र गति वाले
- 943.ॐ अव्ययाय नमःअव्यय
- 944.ॐ मनोहरवपुषे नमःमनोहर शरीर वाले
- 945.ॐ शुभ्राय नमःशुभ्र; उज्ज्वल
- 946.ॐ शोभनाय नमःशोभन; सुंदर
- 947.ॐ सुप्रभावनाय नमःउत्तम प्रभाव उत्पन्न करने वाले
- 948.ॐ सुप्रभावाय नमःउत्तम प्रभाव वाले
- 949.ॐ सुप्रतापाय नमःउत्तम प्रताप वाले
- 950.ॐ सुनेत्राय नमःसुंदर नेत्रों वाले
- 951.ॐ दिग्विदिक्पतये नमःदिशाओं व विदिशाओं के पति
- 952.ॐ राज्ञीप्रियाय नमःराज्ञी अर्थात संज्ञा को प्रिय
- 953.ॐ शब्दकराय नमःशब्द की रचना करने वाले
- 954.ॐ ग्रहेशाय नमःग्रहों के ईश
- 955.ॐ तिमिरापहाय नमःतिमिर का नाश करने वाले
- 956.ॐ सैंहिकेयरिपवे नमःसिंहिका-पुत्र राहु के शत्रु
- 957.ॐ देवाय नमःदेव
- 958.ॐ वरदाय नमःवर देने वाले
- 959.ॐ वरनायकाय नमःवरों के नायक
- 960.ॐ चतुर्भुजाय नमःचार भुजाओं वाले
- 961.ॐ महायोगिने नमःमहायोगी
- 962.ॐ योगीश्वरपतये नमःयोगीश्वरों के पति
- 963.ॐ अनादिरूपाय नमःअनादि रूप वाले
- 964.ॐ अदितिजाय नमःअदिति से उत्पन्न
- 965.ॐ रत्नकान्तये नमःरत्न के समान कांति वाले
- 966.ॐ प्रभामयाय नमःप्रभामय
- 967.ॐ जगत्प्रदीपाय नमःजगत् के दीपक
- 968.ॐ विस्तीर्णाय नमःविस्तीर्ण
- 969.ॐ महाविस्तीर्णमण्डलाय नमःमहान विस्तार वाले मंडल से युक्त
- 970.ॐ एकचक्ररथाय नमःएक पहिये वाले रथ वाले
- 971.ॐ स्वर्णरथाय नमःस्वर्ण-रथ वाले
- 972.ॐ स्वर्णशरीरधृषे नमःस्वर्णमय शरीर धारण करने वाले
- 973.ॐ निरालम्बाय नमःनिरालंब; बिना आधार के
- 974.ॐ गगनगाय नमःआकाश में गति करने वाले
- 975.ॐ धर्मकर्मप्रभावकृते नमःधर्म व कर्म का प्रभाव उत्पन्न करने वाले
- 976.ॐ धर्मात्मने नमःधर्म ही जिनकी आत्मा है
- 977.ॐ कर्मणां साक्षिणे नमःकर्मों के साक्षी
- 978.ॐ प्रत्यक्षाय नमःप्रत्यक्ष; जो आँखों से दिखते हैं
- 979.ॐ परमेश्वराय नमःपरमेश्वर
- 980.ॐ मेरुसेविने नमःमेरु की सेवा करने वाले
- 981.ॐ सुमेधाविने नमःउत्तम मेधा वाले
- 982.ॐ मेरुरक्षाकराय नमःमेरु की रक्षा करने वाले
- 983.ॐ महते नमःमहान
- 984.ॐ आधारभूताय नमःसमस्त के आधार-भूत
- 985.ॐ रतिमते नमःरति से युक्त
- 986.ॐ धनधान्यकृते नमःधन व धान्य देने वाले
- 987.ॐ पापसन्तापहर्त्रे नमःपाप व संताप हरने वाले
- 988.ॐ मनोवाञ्छितदायकाय नमःमनोवांछित देने वाले
- 989.ॐ रोगहर्त्रे नमःरोग हरने वाले
- 990.ॐ राज्यदायिने नमःराज्य देने वाले
- 991.ॐ रमणीयगुणाय नमःरमणीय गुणों वाले
- 992.ॐ अनृणिने नमःअनृणी; ऋण-रहित
- 993.ॐ कालत्रयानन्तरूपाय नमःतीनों कालों में अनंत रूप वाले
- 994.ॐ मुनिवृन्दनमस्कृताय नमःमुनि-वृंद द्वारा नमस्कृत
- 995.ॐ सन्ध्यारागकराय नमःसंध्या की लालिमा उत्पन्न करने वाले
- 996.ॐ सिद्धाय नमःसिद्ध
- 997.ॐ सन्ध्यावन्दनवन्दिताय नमःसंध्या-वंदन द्वारा वंदित
- 998.ॐ साम्राज्यदाननिरताय नमःसाम्राज्य देने में रत
- 999.ॐ समाराधनतोषवते नमःसमाराधना से संतुष्ट होने वाले
- 1000.ॐ भक्तदुःखक्षयकराय नमःभक्तों के दुःख का क्षय करने वाले
- 1001.ॐ भवसागरतारकाय नमःभव-सागर से तारने वाले
- 1002.ॐ भयापहर्त्रे नमःभय हरने वाले
- 1003.ॐ भगवते नमःभगवान्
- 1004.ॐ अप्रमेयपराक्रमाय नमःअप्रमेय पराक्रम वाले
- 1005.ॐ मनुस्वामिने नमःमनु के स्वामी
- 1006.ॐ मनुपतये नमःमनुओं के पति
- 1007.ॐ मान्याय नमःमान्य; आदरणीय
- 1008.ॐ मन्वन्तराधिपाय नमःमन्वन्तरों के अधिपति
अर्थ (हिन्दी)
- भूमिका: राजा शतानीक बोले — हे द्विज! मैं सविता के सहस्र नाम सुनना चाहता हूँ, जिनसे आपको साक्षात् दिवाकर देव के दर्शन हुए। (उत्तर में कहा गया —) यह स्तोत्र समस्त मंगलों का भी मंगल, समस्त पापों का नाशक, महापुण्यमय तथा समस्त उपद्रवों को दूर करने वाला है। ऐसा कोई भय नहीं जो इससे नष्ट न हो; हे राजन्, इस स्तोत्र के पाठ से मनुष्य ज्वर आदि रोगों से मुक्त हो जाता है।
- आरंभिक श्लोक: वे विश्व को जानने वाले, विश्व को जीतने वाले, विश्व के कर्ता, विश्व की आत्मा तथा सब ओर मुख वाले हैं; वे विश्व के ईश्वर, विश्व के उद्गम, संयत आत्मा वाले तथा जितेन्द्रिय हैं। (इसी क्रम में आगे 117 श्लोकों तक कुल 1008 नाम आते हैं।)
- फलश्रुति: जो तुमने मुझसे पूछा, वह सब मैंने कह दिया — सविता के ये सहस्र नाम, जो पराशर-पुत्र ने मुझसे कहे थे। भानु के नामों के कीर्तन से यह धन्य, यशस्वी व आयु बढ़ाने वाला है, दुःख व दुःस्वप्नों का नाश करता है और बंधन से मुक्ति देता है। जो प्रातःकाल पवित्र होकर, नियमपूर्वक अंशुमान् के इन सहस्र नामों का पाठ करता है, वह उत्तम समृद्धि से युक्त होता है — और रोग उससे सदा दूर ही रहते हैं, जैसे समस्त बड़े सर्पराज गरुड़ से दूर भागते हैं।
लाभ
- भूमिका के श्लोक स्वयं कहते हैं — "न तदस्ति भयं किञ्चिद्यदनेन न नश्यति", अर्थात ऐसा कोई भय नहीं जो इस स्तोत्र से नष्ट न हो।
- फलश्रुति में रोगों के दूर रहने की उपमा असामान्य रूप से सजीव है: "जैसे समस्त सर्पराज गरुड़ से दूर भागते हैं, वैसे ही रोग पाठ करने वाले से दूर रहते हैं"।
- नाम 351–366 का पूरा खंड आरोग्य का है (आयुष्मान्, व्याधिघ्न, आरोग्यकारण, सिद्धि, ऋद्धि, वृद्धि, आरोग्य) — सूर्य-उपासना का स्वास्थ्य से जुड़ाव यहीं सबसे स्पष्ट है।
- फलश्रुति के अनुसार यह पाठ आयु बढ़ाने वाला, दुःख व दुःस्वप्नों का नाशक तथा बंधन से मुक्ति देने वाला है।
- नाम 954 "ग्रहेश" तथा 593–595 (ग्रहराज, ग्रहपति, ग्रहनक्षत्रमण्डल) के कारण यह नवग्रह-शांति के संकल्प से भी पढ़ा जाता है।
कब करें पाठ
पाठ विधि
यह दीर्घ पाठ है — सम्पूर्ण में 35–45 मिनट लगते हैं, इसलिए बिना जल्दबाज़ी के समय निकालकर बैठें। फलश्रुति स्वयं कहती है कि पाठ प्रातःकाल, पवित्र होकर तथा नियमपूर्वक किया जाए। स्नान कर पूर्वाभिमुख होकर पहले ताम्र पात्र से सूर्य को अर्घ्य दें, फिर "ॐ घृणिः सूर्याय नमः" तीन बार कहकर आरंभ करें। नामावली-रूप में पाठ करना हो तो प्रत्येक नाम "ॐ … नमः" के साथ पढ़ते हुए एक लाल पुष्प अथवा अक्षत अर्पित करें। यदि एक बैठक में सम्पूर्ण पाठ कठिन हो, तो परंपरा में इसे खंडों में विभाजित कर सप्ताह भर में पूर्ण करने की छूट है। अंत में सूर्याष्टकम् अथवा आदित्य हृदयम् पढ़कर प्रणाम करें।
प्रामाणिकता व स्रोत
संपादकीय टिप्पणी: मूल ग्रंथ स्पष्ट है — पाठ स्वयं "इति श्रीभविष्यपुराणे सप्तमकल्पे श्रीभगवत्सूर्यस्य सहस्रनाम स्तोत्रम्" कहकर समाप्त होता है; कथा-भूमिका शतानीक व सुमन्तु के संवाद की है। यह सूर्य अष्टोत्तर शतनामावली से भिन्न रचना है — वह 108 नामों की अलग सूची है जो "अरुण" से आरंभ होती है। एक तकनीकी बात दर्ज है: आधार-पृष्ठ पर नाम 1005 के आगे विराम-चिह्न (दण्ड) छूटा हुआ है, जिससे यांत्रिक पाठ-निष्कर्षण उसे छोड़ देता है और गिनती 1007 दिखती है — कारण खोजकर सुधारा गया, संख्या घटाकर नहीं।
देव परिचय
श्री सूर्य देव
Lord Surya (Sun)
सूर्य देव प्रत्यक्ष देव हैं — तेज, आरोग्य व ऊर्जा के स्रोत; गायत्री मंत्र के अधिष्ठाता सविता।
