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3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
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FAQ
श्री सूर्य देव आरती — सामान्य प्रश्न
सूर्य आरती प्रातः सूर्योदय के समय अर्घ्य देने के पश्चात तथा रविवार को करना सर्वोत्तम है; मकर संक्रांति व रथ सप्तमी पर इसका विशेष महत्व है।
तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल पुष्प/अक्षत डालकर सूर्य की ओर मुख कर खड़े होकर जल अर्पित करें और मंत्र का स्मरण करें।
इससे आरोग्य, तेज, आत्मविश्वास व यश की प्राप्ति होती है तथा कुंडली में सूर्य की स्थिति बलवान होती है।
सूर्य देव को लाल पुष्प, अक्षत, रोली व गुड़ अर्पित करना तथा जल का अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।
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