समय
4 मिनट
श्लोक/चौपाई
8
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
रविवार; मकर संक्रांति; छठ; प्रातः सूर्योदय
उद्देश्य:आरोग्य (Health)तेज व बल (Vitality)बुद्धि (Intellect)
✓ संपूर्ण
"ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान" सूर्य देव की प्रचलित आरती है। इसमें टेक और सात पद हैं, जो सूर्य के पूरे दिन का चक्र गाते हैं — उषाकाल में उदय, जब "जागता तब जग सारा", और गोधूलि में अस्त, जब "गोधन तब घर आते"। आरती सूर्य को "जगत् के नेत्रस्वरूपा" — जगत की आँख — कहती है।
FAQ
श्री सूर्य देव आरती — सामान्य प्रश्न
टेक ("ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान") और सात पद। तीनों प्रकाशित प्रतियों में ये सब हैं।
चौथा पद कहता है कि देवता, ऋषि और मनुष्य सूर्य का भजन करते हुए "आदित्य हृदय जपते" हैं, और उस स्तोत्र को "मंगलकारी" और "नव जीवनदान" देने वाला बताता है। आदित्यहृदय सूर्य का प्रसिद्ध स्तोत्र है; इस साइट पर उसका पूरा पाठ अलग पृष्ठ पर है।
हाँ — "जय कश्यप-नन्दन" वाली आरती भी प्रचलित है, जिसे द्रिक पंचांग देता है। यह पृष्ठ "ॐ जय सूर्य भगवान" वाली आरती का है।
तीन प्रकाशित प्रतियों से — वेबदुनिया (आधार), भक्तिभारत और भजनटाइम्स। टेक और सातों पद तीनों में हैं; अंतर केवल वर्तनी के हैं।
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