श्री सूर्य देव
śrī sūrya deva
सूर्य देव प्रत्यक्ष देव हैं — तेज, आरोग्य व ऊर्जा के स्रोत; गायत्री मंत्र के अधिष्ठाता सविता।
परिचय
सूर्य देव वैदिक परंपरा के प्रमुख प्रत्यक्ष देव हैं, जिन्हें सविता, भास्कर व आदित्य भी कहा जाता है। वे जीवन, तेज, आरोग्य और ऊर्जा के स्रोत हैं तथा समस्त सृष्टि के साक्षी माने जाते हैं।
गायत्री मंत्र में जिस "सवितृ" के तेज का ध्यान किया जाता है, वे सूर्य देव ही हैं। रविवार और प्रातःकालीन अर्घ्य उनकी आराधना के विशेष माध्यम हैं।
स्वरूप: सप्त-अश्वों के रथ पर आरूढ़, दोनों हाथों में कमल, तेजोमय प्रभामंडल से युक्त।
श्री सूर्य देव भक्ति संग्रह
आरती, चालीसा, मंत्र, स्तोत्र, अष्टकम, सहस्रनाम और अन्य भक्ति पाठ
आगामी संग्रह
आरती
जल्दचालीसा
जल्दअष्टकम्
जल्दसहस्रनाम
जल्दज्योतिष संबंध
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ये केवल परंपरागत/ज्योतिषीय शैक्षिक संबंध हैं — व्यक्तिगत सलाह या भविष्यवाणी नहीं।
संक्षिप्त विवरण
शुभ दिनरविवार
अन्य नामसविता, भास्कर, आदित्य, दिवाकर, रवि
वाहनसप्त-अश्व रथ
संगिनी/संगीसंज्ञा / छाया
क्षेत्रतेज, आरोग्य, ऊर्जा, यश
बीज मंत्रॐ सूर्याय नमः
