oṃ ghṛṇiḥ sūryāya namaḥ
Om Ghrini Suryaya Namah
सूर्य देव प्रत्यक्ष देव हैं — तेज, आरोग्य व ऊर्जा के स्रोत; गायत्री मंत्र के अधिष्ठाता सविता।
स्रोत: सूर्य उपासना मंत्र (सूर्याष्टाक्षर)
ॐ घृणिः सूर्याय नमः॥
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oṃ ghṛṇiḥ sūryāya namaḥ ||
Om Ghrini Suryaya Namah.
उच्चारण मार्गदर्शन: "घृ-णिः" में ऋ व मूर्धन्य "ण" का उच्चारण रखें, विसर्ग स्पष्ट बोलें, फिर "सूर्याय नमः"। शांत व स्पष्ट स्वर रखें।
जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।
माला: रुद्राक्ष या माणिक्य माला
उत्तम समय: प्रातः सूर्योदय व रविवार
प्रातः सूर्योदय के समय सूर्य को जल का अर्घ्य देकर इस मंत्र का 108 बार जप करें। रविवार को जप विशेष फलदायी होता है।
Lord Surya (Sun)
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