FAQ
छठ पूजा — सामान्य प्रश्न
छठ पूजा षष्ठी तिथि, शुक्ल पक्ष, कार्तिक को मनाया जाता है। सटीक तिथि हर वर्ष पंचांग के अनुसार बदलती है — इसी संग्रह का पंचांग पृष्ठ देखें।
छठ सूर्य की उपासना का लोकपर्व है, और उन विरल पर्वों में है जिनमें डूबते हुए सूर्य को भी अर्घ्य दिया जाता है — उगते को ही नहीं। यह मुख्यतः बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल तथा नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाता है।
छठ पूजा मुख्यतः श्री सूर्य देव की आराधना का पर्व माना जाता है। इसी पृष्ठ पर उनसे जुड़े आरती, चालीसा व मंत्र भी दिए गए हैं।
परंपरा में इस दिन नहाय-खाय (चतुर्थी) — स्नान तथा एक समय सात्त्विक भोजन, खरना (पंचमी) — दिनभर उपवास, संध्या को गुड़ की खीर का प्रसाद, संध्या अर्घ्य (षष्ठी) — डूबते सूर्य को अर्घ्य, उषा अर्घ्य (सप्तमी) — उगते सूर्य को अर्घ्य तथा पारण का विधान बताया जाता है। ये परंपरागत मान्यताएँ हैं; क्षेत्र और परिवार के अनुसार विधि में अंतर मिलता है।
अनुशंसित पाठ
छठ पूजा के लिए अनुशंसित आरती, चालीसा, मंत्र व स्तोत्र
आराध्य देव
