वापस
लिपि:
॥ श्री ॥

ॐ उमापतये नमः

मंत्र · श्री शिव

पाठ

1

ॐ उमापतये नमः॥

अर्थ (हिन्दी)

  1. उमापति शिव को नमस्कार। जो माता उमा (पार्वती) के पति हैं और जिनके साथ शक्ति सदा विराजमान है — उन महादेव को मैं प्रणाम करता हूँ।

लाभ

  • परंपरा में इसे दांपत्य-सुख व पति-पत्नी के बीच सामंजस्य से जोड़ा जाता है।
  • विवाह-बाधा निवारण के संकल्प के साथ कन्याओं द्वारा जप प्रचलित है।
  • गृह-कलह के शमन व पारिवारिक शांति की मान्यता है।
  • सोमवार व मंगला गौरी व्रत की युगल उपासना का मूल नाम-मंत्र माना जाता है।

कब करें पाठ

सोमवार व्रत में · मंगला गौरी व्रत (श्रावण मंगलवार) पर · प्रदोष काल व महाशिवरात्रि में · विवाह-संकल्प या दांपत्य-कल्याण की कामना से

स्रोत

शिव सहस्रनाम (महाभारत, अनुशासन पर्व) — "उमापतिः" नाम 95 व 896 · शिव शतनामावली — सम-अर्थी नाम "उमाकान्त" (13) व "गौरीपति" (99), drikpanchang

VedikMarg · निःशुल्क भक्ति संग्रह · vedikmarg.in