ॐ उमापतये नमः

oṃ umāpataye namaḥ

Umapati Mantra (Om Umapataye Namah)

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
सोमवार, मंगला गौरी व्रत व प्रदोष
उद्देश्य:दांपत्य सुख व प्रेम (Love)गृह-कल्याण (Harmony)मन की शांति (Peace)
✓ संपूर्ण नाम जाप

ॐ उमापतये नमः का अर्थ है “उमा (पार्वती) के पति शिव को नमस्कार”। शिव सहस्रनाम में “उमापतिः” दो बार — नाम 95 व 896 पर — आता है। परंपरा में इसे दांपत्य-सुख, विवाह-बाधा निवारण व गृह-कल्याण से जोड़ा जाता है। शुद्ध रूप “उमापतये” है, “उमापताय” नहीं।

परिचय

महादेव शिव त्रिदेवों में संहारक और कल्याणकारी देव हैं — योग, ध्यान और मोक्ष के अधिपति।

स्रोत: शिव सहस्रनाम (महाभारत, अनुशासन पर्व) — नाम "उमापतिः"

एक नज़र में

मंत्र / पाठॐ उमापतये नमः
IASToṃ umāpataye namaḥ
प्रकारनाम जाप
देवताश्री शिव
मूल स्रोतशिव सहस्रनाम (महाभारत, अनुशासन पर्व) — नाम "उमापतिः"
जप संख्या108
मालारुद्राक्ष माला
शुभ दिनसोमवार, मंगला गौरी व्रत व प्रदोष
पाठ समय30 सेकंड
कठिनाईसरल

उद्भव / पृष्ठभूमि

उमापति अर्थात् "उमा (पार्वती) के पति"। यह नाम शिव को अकेले नहीं, अर्धांगिनी के साथ स्मरण करता है — और शैव-शाक्त परंपरा में यही युग्म-भाव विशेष माना जाता है, क्योंकि शिव को चेतना और शक्ति को क्रिया कहा गया है; दोनों के बिना सृष्टि अधूरी मानी जाती है।

यही भाव अर्धनारीश्वर स्वरूप में मूर्त होता है, जहाँ एक ही देह का आधा भाग शिव और आधा पार्वती है। इसी कारण परंपरा में यह नाम-मंत्र दांपत्य-सुख, विवाह-बाधा निवारण और गृहस्थ-कल्याण से जोड़ा जाता है। सोमवार व्रत तथा मंगला गौरी व्रत में शिव-पार्वती की युगल उपासना का यही आधार बताया जाता है।

मंत्र

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ॐ उमापतये नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ उमापतये नमः॥

oṃ umāpataye namaḥ ||

Om Umapataye Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "उ-मा" में "मा" दीर्घ है। अंत में सावधानी — यह "उमापतये" है, "उमापताय" नहीं; "पति" शब्द का चतुर्थी रूप "पतये" बनता है, ठीक वैसे ही जैसे "पशुपतये" में। पूरा रूप "उ-मा-प-त-ये न-मः" — कोमल व स्नेहपूर्ण स्वर में दोहराएँ।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

ॐप्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
उमामाता पार्वती
पतिस्वामी, अर्धांग
उमापतयेउमा के पति (शिव) को
नमःनमस्कार, समर्पण

अर्थ (हिन्दी)

  1. उमापति शिव को नमस्कार। जो माता उमा (पार्वती) के पति हैं और जिनके साथ शक्ति सदा विराजमान है — उन महादेव को मैं प्रणाम करता हूँ।

लाभ

  • परंपरा में इसे दांपत्य-सुख व पति-पत्नी के बीच सामंजस्य से जोड़ा जाता है।
  • विवाह-बाधा निवारण के संकल्प के साथ कन्याओं द्वारा जप प्रचलित है।
  • गृह-कलह के शमन व पारिवारिक शांति की मान्यता है।
  • सोमवार व मंगला गौरी व्रत की युगल उपासना का मूल नाम-मंत्र माना जाता है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: रुद्राक्ष माला

उत्तम समय: सोमवार प्रातः व प्रदोष काल

जप का उत्तम समय

सोमवार व्रत मेंमंगला गौरी व्रत (श्रावण मंगलवार) परप्रदोष काल व महाशिवरात्रि मेंविवाह-संकल्प या दांपत्य-कल्याण की कामना से

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

शिव-पार्वती की युगल प्रतिमा या शिवलिंग-गौरी के समक्ष जल, बिल्वपत्र व श्वेत-लाल पुष्प अर्पित करें और रुद्राक्ष माला से 108 बार जप करें। परंपरा में इस मंत्र का जप शिव और पार्वती — दोनों का साथ स्मरण करते हुए किया जाता है, केवल शिव का नहीं। दंपती द्वारा साथ बैठकर जप करने की परंपरा भी बताई जाती है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपराशिव सहस्रनाम (महाभारत, अनुशासन पर्व) — "उमापतिः" नाम 95 व 896 · शिव शतनामावली — सम-अर्थी नाम "उमाकान्त" (13) व "गौरीपति" (99), drikpanchang
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री शिव

Lord Shiva

महादेव शिव त्रिदेवों में संहारक और कल्याणकारी देव हैं — योग, ध्यान और मोक्ष के अधिपति।

देवता वर्गसंहार · योग · ध्यान · कल्याण · मोक्ष
वाहननंदी (वृषभ)
संबंधित वारसोमवार
मुख्य मंत्रॐ नमः शिवाय
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ॐ उमापतये नमः — सामान्य प्रश्न

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