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लिपि:
॥ श्री ॥
विष्णु गायत्री मंत्र
मंत्र · श्री विष्णु
पाठ
1
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
अर्थ (हिन्दी)
- हम नारायण को जानते हैं और वासुदेव का ध्यान करते हैं; वे विष्णु हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें।
लाभ
- मन को शांति व स्थिरता प्राप्त होती है।
- भय व बाधाओं से रक्षा होती है।
- भक्ति व आध्यात्मिक उन्नति होती है।
कब करें पाठ
प्रातः व संध्या · गुरुवार व एकादशी को · नित्य जप हेतु
स्रोत
पारंपरिक विष्णु गायत्री परंपरा
