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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ विश्वनाथाय नमः
मंत्र · श्री शिव
पाठ
1
ॐ विश्वनाथाय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- विश्व के नाथ शिव को नमस्कार। जो सम्पूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी हैं और काशी में विश्वनाथ रूप में विराजते हैं — उन्हें मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- परंपरा में इसे मोक्ष-मार्ग व आध्यात्मिक उन्नति का साधक मंत्र माना जाता है।
- मन में व्यापकता व समता का भाव जगने की मान्यता है।
- काशी-यात्रा के संकल्प व सोमवार व्रत में इसका जप विशेष कहा गया है।
- चित्त की चंचलता घटाकर एकाग्रता बढ़ाने वाला माना जाता है।
कब करें पाठ
सोमवार व प्रदोष काल में · प्रातः स्नान के बाद · काशी विश्वनाथ दर्शन या यात्रा-संकल्प पर · महाशिवरात्रि व श्रावण मास में
स्रोत
शिव शतनामावली — नाम "विश्वनाथ" क्रम 73 (drikpanchang) · शिव अष्टोत्तर शतनामावली (शक्तिप्रमोद) — नाम "विश्वेश्वराय" क्रम 54 · काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग उपासना परंपरा, वाराणसी
