समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
सोमवार व प्रदोष
उद्देश्य:आध्यात्मिक उन्नति (Spiritual Growth)मोक्ष (Liberation)मन की शांति (Peace)
✓ संपूर्ण नाम जाप
ॐ विश्वनाथाय नमः का अर्थ है “विश्व के स्वामी शिव को नमस्कार”। यह नाम शिव शतनामावली में क्रम 73 पर आता है और काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग की प्रधान उपासना का नाम-मंत्र है। परंपरा में इसे मोक्ष-मार्ग व आध्यात्मिक उन्नति से जोड़ा जाता है; सोमवार व प्रदोष काल विशेष माने जाते हैं।
FAQ
ॐ विश्वनाथाय नमः — सामान्य प्रश्न
इसका अर्थ है — "विश्व के स्वामी शिव को नमस्कार"। "विश्व" अर्थात् सम्पूर्ण ब्रह्मांड और "नाथ" अर्थात् अधिपति। यह नाम शिव शतनामावली में क्रम 73 पर आता है और शिव की सर्वव्यापकता का द्योतक है।
वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं और इसी नाम की प्रधान उपासना-पीठ हैं। काशी को परंपरा में "अविमुक्त क्षेत्र" कहा जाता है, इसलिए यह मंत्र काशी-यात्रा व दर्शन-संकल्प के साथ विशेष रूप से जपा जाता है।
दोनों का अर्थ एक ही है — विश्व के स्वामी। शिव अष्टोत्तर शतनामावली में "ॐ विश्वेश्वराय नमः" रूप आता है और शतनामावली में "विश्वनाथ"। काशी के ज्योतिर्लिंग को दोनों नामों से पुकारा जाता है।
सामान्य परंपरा एक माला अर्थात् 108 बार की है। नियमित उपासक इसे प्रतिदिन एक या अधिक माला जपते हैं; संख्या से अधिक महत्व नियमितता व श्रद्धा का बताया जाता है।
परंपरा में इसके लिए सोमवार व प्रदोष विशेष कहे जाते हैं। दैनिक जप का सुझाया गया समय प्रातः व प्रदोष काल है। इसके अतिरिक्त परंपरा में ये अवसर बताए जाते हैं — सोमवार व प्रदोष काल में; प्रातः स्नान के बाद; काशी विश्वनाथ दर्शन या यात्रा-संकल्प पर; महाशिवरात्रि व श्रावण मास में। सामान्य नियम यह कहा जाता है कि समय जो भी चुनें, वह प्रतिदिन एक ही रहे — इससे जप में स्थिरता आती है।
यह नाम-मंत्र है, अर्थात इष्ट के नाम का जप। परंपरा में नाम-जप के लिए दीक्षा अनिवार्य नहीं मानी जाती — इसे स्त्री-पुरुष, किसी भी आयु व किसी भी वर्ग का व्यक्ति श्रद्धापूर्वक जप सकता है। यही नाम-मार्ग की विशेषता कही जाती है कि इसमें पात्रता की शर्त भाव है, विधि नहीं।
"विश्" में "श्" तालव्य है — इसे "विस्" न बोलें। परंपरा में कहा जाता है कि मंत्र-जप में शुद्ध उच्चारण का विशेष महत्व है, इसलिए आरंभ में धीरे-धीरे व स्पष्ट बोलकर अभ्यास करें और गति बाद में बढ़ाएँ।
पर्व
