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लिपि:
॥ श्री ॥
ॐ यशोदानन्दनाय नमः
मंत्र · श्री कृष्ण
पाठ
1
ॐ यशोदानन्दनाय नमः॥
अर्थ (हिन्दी)
- यशोदानन्दन को नमस्कार। जो माता यशोदा के पुत्र हैं और जिन्होंने जगत् का स्वामी होते हुए भी एक माँ की गोद में शिशु-भाव स्वीकार किया — उन श्रीकृष्ण को मैं प्रणाम करता हूँ।
लाभ
- वात्सल्य रस की भक्ति का प्रमुख नाम-मंत्र माना जाता है।
- परंपरा में इसे संतान-सुख व माता-पुत्र स्नेह से जोड़ा जाता है।
- माताओं द्वारा संतान के कल्याण हेतु जप प्रचलित है।
- मन में सरलता व शिशु-भाव जगने की मान्यता है।
कब करें पाठ
जन्माष्टमी व नन्दोत्सव पर · बुधवार व एकादशी को · संतान के कल्याण के संकल्प के साथ · प्रातः-संध्या नित्य पूजा में
स्रोत
श्री कृष्ण अष्टोत्तर शतनामावली (नारद पञ्चरात्र) — सम-अर्थी नाम 9 "ॐ यशोदावत्सलाय नमः" · श्री गोपाल सहस्रनाम — यशोदा-मूलक नाम · नोट: ठीक यह शब्द-रूप शतनामावली की सूची में नहीं मिला; यह व्रज-भक्ति परंपरा का संबोधन है
