स्वास्थ्य व शांति साधना
1. आरंभिक प्रार्थना — ॐ गं गणपतये नमः
11 बार।
ॐ गं गणपतये नमः॥
2. मंत्र — महामृत्युंजय मंत्र
आरोग्य व रक्षा हेतु — 11 बार।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
3. मंत्र — ॐ नमः शिवाय
शांति हेतु — 21 बार।
ॐ नमः शिवाय॥
4. आरती — श्री शिव आरती
भगवान शिव की आराधना।
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
एकानन चतुरानन पंचानन राजे। हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे। त्रिगुण रूप निरखता त्रिभुवन जन मोहे॥
अक्षमाला बनमाला मुण्डमाला धारी। त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे। सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे॥
कर मध्ये कमण्डलु, चक्र त्रिशूल धारी। जगकर्ता जगभर्ता, जगसंहारकारी॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, जानत अविवेका। प्रणवाक्षर मध्ये ये, तीनों हैं एका॥
श्री शिवजी की आरती, जो कोई नर गावे। कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥
5. समापन चिंतन
शरीर व मन में शांति का अनुभव करें। कुछ क्षण गहरी, धीमी श्वास लेते हुए विश्राम करें।
