आज का शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त, अमृत काल, विजय मुहूर्त और विशेष योगों का सटीक समय जानें।

आज का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त
गणना हो रही है…
अभिजीत मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
🌅
सूर्योदय
🌇
सूर्यास्त
🌙
चंद्रोदय
🌘
चंद्रास्त

✅ आज क्या करें

नए व्यापार या कार्य का शुभारंभ करें
महत्वपूर्ण अनुबंध व समझौते करें
यात्रा और गृह प्रवेश करें
निवेश और बड़ी खरीदारी करें
सरकारी और बैंकिंग कार्य निपटाएँ
शिक्षा और नई विद्या का आरंभ करें
पूजा-पाठ और अनुष्ठान करें

❌ आज क्या न करें

राहुकाल में नए कार्य शुरू न करें
बुधवार को अभिजीत मुहूर्त न मानें
यमगंड और गुलिक काल में महत्वपूर्ण कार्य न करें
अशुभ नक्षत्र में बड़े फैसले न लें
क्रोध और विवाद में पड़ने से बचें
ऋण लेना और जोखिमपूर्ण सट्टा न करें

✨ विशेष शुभ योग

🌟सर्वार्थ सिद्धि योग
विशेष वार और नक्षत्र के मेल से बनता है। इसमें शुरू किए गए कार्य सिद्ध होते हैं।
📆 रवि, सोम, बुध, गुरु, शुक्ररोहिणी, अश्विनी, पुष्य, हस्त, अनुराधा
☀️रवि पुष्य योग
सब योगों का राजा। खरीदारी, निवेश, नया व्यापार के लिए सर्वोत्तम।
📆 केवल रविवारपुष्य नक्षत्र
🪐गुरु पुष्य योग
सोना, वाहन, संपत्ति खरीदने और नए व्यापार के लिए अत्यंत शुभ।
📆 केवल गुरुवारपुष्य नक्षत्र

आज के शुभ मुहूर्त — New Delhi

समय सूर्योदय और सूर्यास्त पर आधारित है। अंतिम निर्णय के लिए स्थानीय पंडित या पंचांग से परामर्श करें।

कार्य अनुसार शुभ मुहूर्त

कौन-सा काम किस मुहूर्त में करें — एक नज़र में

💍
विवाह / सगाई
अभिजीतअमृत काल
🏠
गृह प्रवेश
अभिजीतविजय
💼
नया व्यापार / दुकान
अभिजीतअमृत काल
✈️
यात्रा प्रारंभ
अमृत कालविजय
🚗
सोना / वाहन / घर खरीद
अमृत कालअभिजीत
💰
निवेश / बैंक कार्य
अभिजीतअमृत काल
📝
परीक्षा / साक्षात्कार
विजयअभिजीत
🙏
पूजा / अनुष्ठान
ब्रह्मअमृत काल
💊
दवा / उपचार शुरू करना
अमृत कालअभिजीत
📚
नई शिक्षा / विद्यारंभ
अभिजीतअमृत काल
⚖️
सरकारी / कानूनी कार्य
अभिजीतविजय
🎯
नई नौकरी ज्वाइन
विजयअभिजीत

इस मुहूर्त में क्या करें?

प्रत्येक शुभ मुहूर्त में अनुशंसित, आध्यात्मिक, व्यावसायिक कार्य और परहेज

अभिजीत मुहूर्तसर्वश्रेष्ठ मुहूर्त
सूर्य माध्याह्न ± 24 मिनट — दिन का सबसे शक्तिशाली शुभ काल
अनुशंसित कार्य
  • नए व्यापार / उद्योग का शुभारंभ
  • महत्वपूर्ण अनुबंध व समझौते पर हस्ताक्षर
  • गृह प्रवेश और भूमि पूजन
  • विवाह और मंगनी संस्कार
  • बड़े जीवन-निर्णय लेना
  • सरकारी आवेदन और कार्य
  • बैंक खाता खोलना और निवेश
आध्यात्मिक कार्य
  • मंत्र दीक्षा और गुरु दीक्षा
  • यज्ञ और हवन
  • देव प्रतिष्ठा और मूर्ति स्थापना
  • नामकरण और अन्नप्राशन संस्कार
व्यावसायिक कार्य
  • नया व्यापार / दुकान / कार्यालय खोलना
  • महत्वपूर्ण व्यापारिक अनुबंध
  • वाहन और मशीनरी खरीद
  • साझेदारी का आरंभ
इनसे बचें
  • बुधवार को इस मुहूर्त का उपयोग न करें
  • राहुकाल के साथ ओवरलैप की जाँच करें
  • क्रोध और विवाद से बचें
बुधवार को राहु की दृष्टि के कारण अभिजीत मुहूर्त प्रभावहीन रहता है।
अमृत कालअत्यंत शुभ
चौघड़िया का सर्वोत्तम काल — हर दिन अलग-अलग समय पर
अनुशंसित कार्य
  • यात्रा और तीर्थ यात्रा का शुभारंभ
  • नई वस्तु, वाहन और घर की खरीद
  • दवा और उपचार शुरू करना
  • पूजा-पाठ और अनुष्ठान
  • परिवारिक संस्कार और समारोह
  • महत्वपूर्ण बैठकें और वार्ता
  • नई नौकरी / पद ग्रहण
आध्यात्मिक कार्य
  • पूजा और ध्यान
  • मंत्र जाप और कीर्तन
  • दान-पुण्य और तीर्थ स्नान
  • नामकरण और विद्यारंभ संस्कार
व्यावसायिक कार्य
  • नई खरीदारी और व्यापारिक लेनदेन
  • निवेश और फंड ट्रांसफर
  • ग्राहक से पहली मुलाकात
  • नई सेवा या उत्पाद लॉन्च
इनसे बचें
  • झगड़े और कानूनी विवाद
  • जोखिमपूर्ण सट्टा और जुआ
  • ऋण लेना
  • शत्रुता और द्वेष के कार्य
अमृत काल सूर्योदय से गणित किया जाता है — हर दिन और हर स्थान के लिए समय भिन्न।
विजय मुहूर्तविजय प्रदाता
माध्याह्न के 2 घंटे बाद — लगभग 2:00 PM से 2:48 PM
अनुशंसित कार्य
  • महत्वपूर्ण बैठकें और प्रेजेंटेशन
  • परीक्षा और साक्षात्कार
  • प्रतियोगिता और खेल-कूद में भाग
  • कोर्ट केस और कानूनी कार्य
  • नई नौकरी ज्वाइन करना
  • पदोन्नति और पुरस्कार समारोह
  • बड़े लक्ष्यों की घोषणा और शुरुआत
आध्यात्मिक कार्य
  • विजय पूजा और हवन
  • हनुमान पूजन
  • माँ दुर्गा और देवी आराधना
  • शत्रु शमन अनुष्ठान
व्यावसायिक कार्य
  • बिक्री प्रस्तुति और पिच
  • टेंडर जमा करना
  • नया पद और जिम्मेदारी ग्रहण
  • प्रतिस्पर्धा में भागीदारी
इनसे बचें
  • आलस्य और विलंब
  • अनावश्यक विवाद और बहस
  • नए ऋण लेना
  • स्वास्थ्य-विरुद्ध कार्य
विजय मुहूर्त लगभग सभी दिनों में 2:00–2:48 PM के आसपास होता है।

साप्ताहिक शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली के वास्तविक सूर्योदय/सूर्यास्त पर आधारित — इस सप्ताह के समय (Astronomy Engine)

रविवार
11:54 AM – 12:50 PM
02:42 PM03:38 PM
06:54 PM07:49 PM
सोमवारआज
11:55 AM – 12:51 PM
02:42 PM03:38 PM
06:54 PM07:50 PM
मंगलवार
11:55 AM – 12:51 PM
02:43 PM03:38 PM
06:54 PM07:50 PM
बुधवार
वर्जित (बुधवार)
02:43 PM03:39 PM
06:54 PM07:50 PM
बृहस्पतिवार
11:55 AM – 12:51 PM
02:43 PM03:39 PM
06:54 PM07:50 PM
शुक्रवार
11:56 AM – 12:51 PM
02:43 PM03:39 PM
06:54 PM07:50 PM
शनिवार
11:56 AM – 12:52 PM
02:43 PM03:39 PM
06:54 PM07:50 PM
अभिजीत मुहूर्तविजय मुहूर्तगोधूलि मुहूर्त
समय नई दिल्ली, भारत (सूर्योदय 6:00 AM) के अनुसार। स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त के आधार पर समय भिन्न होगा।

शुभ मुहूर्त — सम्पूर्ण जानकारी

वैदिक मुहूर्त शास्त्र की विस्तृत जानकारी

मुहूर्त का महत्व

वैदिक ज्योतिष में मुहूर्त एक विशेष समय खंड है जो किसी कार्य की शुरुआत के लिए शुभ होता है। सही मुहूर्त में किया गया कार्य अधिक सफल और फलदायी होता है क्योंकि उस समय ग्रह-नक्षत्रों की ऊर्जा अनुकूल होती है।

अभिजीत मुहूर्त — दिन का सर्वश्रेष्ठ काल

अभिजीत मुहूर्त सूर्य के माध्याह्न स्थान से जुड़ा होता है। इस समय सूर्य की ऊर्जा सर्वाधिक होती है। "अभिजीत" का अर्थ है जिसमें विजय मिले। बुधवार को यह मुहूर्त राहु की दृष्टि के कारण प्रभावहीन माना जाता है।

अमृत काल की महत्ता

अमृत काल चौघड़िया का सर्वोत्तम भाग है। इसका समय हर दिन सूर्योदय के अनुसार बदलता है। यात्रा, खरीदारी, निवेश, दवा शुरू करना — सभी कार्यों के लिए यह अत्यंत अनुकूल माना जाता है।

विजय मुहूर्त — कब और क्यों

विजय मुहूर्त हर दिन माध्याह्न के लगभग 2 घंटे बाद आता है। इस काल में सूर्य पश्चिम की ओर ढलना शुरू होता है। परीक्षा, साक्षात्कार, प्रतियोगिता और कानूनी कार्यों के लिए यह विशेष उपयुक्त माना जाता है।

पुष्य नक्षत्र — सर्वोत्तम क्रय नक्षत्र

पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। सोना, वाहन, संपत्ति, इलेक्ट्रॉनिक्स — इसमें खरीदी गई वस्तु जीवन भर लाभकारी रहती है। रवि और गुरु पुष्य योग इसके सबसे दुर्लभ और शुभ रूप हैं।

सर्वार्थ सिद्धि योग का फल

सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए कार्य "सर्व अर्थ सिद्ध" करने वाले होते हैं। यह योग विशेष वार और नक्षत्र के मेल से बनता है। मुहूर्त ज्योतिष में इसे अत्यंत शुभ माना जाता है।

मुहूर्त और पंचांग का संबंध

शुभ मुहूर्त केवल समय पर नहीं, बल्कि उस दिन की तिथि, नक्षत्र और योग पर भी निर्भर करता है। शुभ तिथि में शुभ मुहूर्त और भी प्रभावशाली हो जाता है। इसीलिए पंचांग और मुहूर्त एक-दूसरे के पूरक हैं।

मुहूर्त में किन कार्यों से बचें

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल में नए कार्य न करें। अशुभ तिथियों जैसे अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या पर विशेष सतर्कता रखें। बुधवार को अभिजीत मुहूर्त का उपयोग न करें।

शुभ मुहूर्त — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आपके लिए उपयोगी पंचांग टूल्स

दैनिक पंचांग, मुहूर्त और वैदिक समय गणना से जुड़े अन्य उपयोगी टूल्स

राहु काल

आज का राहुकाल समय जानें और इस अशुभ काल में नए कार्यों से बचें।

चौघड़िया

दिन और रात के चौघड़िया मुहूर्त देखें और शुभ समय चुनें।

अभिजीत मुहूर्त

दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल — महत्वपूर्ण कार्यों के लिए उत्तम समय।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत, अमृत काल व विजय मुहूर्त सहित आज के सभी शुभ समय देखें।

त्योहार कैलेंडर

हिंदू व्रत, एकादशी, पूर्णिमा और प्रमुख त्योहारों का कैलेंडर।

आज का पंचांग

आज का सम्पूर्ण पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और मुहूर्त।