श्री साईं बाबा
śrī sāī bābā
शिरडी के साईं बाबा श्रद्धा और सबूरी के संत हैं — सर्वधर्म समभाव और सेवा के प्रतीक।
परिचय
शिरडी के साईं बाबा 19वीं-20वीं शताब्दी के महान संत हैं जिन्होंने "सबका मालिक एक" का संदेश देकर हिन्दू-मुस्लिम सहित सभी धर्मों को एक सूत्र में पिरोया। उनके दो मूल मंत्र थे — श्रद्धा (विश्वास) और सबूरी (धैर्य)।
धूनी, सेवा और करुणा उनके जीवन के केंद्र रहे। गुरुवार उनकी आराधना का विशेष दिन है और शिरडी आज एक प्रमुख तीर्थ है।
स्वरूप: श्वेत कफनी व सिर पर वस्त्र, धूनी के समीप आसीन, सौम्य व करुणामय मुखमुद्रा।
श्री साईं बाबा भक्ति संग्रह
आरती, चालीसा, मंत्र, स्तोत्र, अष्टकम, सहस्रनाम और अन्य भक्ति पाठ
संबंधित पर्व व व्रत
आगामी संग्रह
मंत्र
जल्दस्तोत्रम्
जल्दअष्टकम्
जल्दसहस्रनाम
जल्दसंक्षिप्त विवरण
शुभ दिनगुरुवार
अन्य नामशिरडी साईं, साईंनाथ, सद्गुरु साईं
क्षेत्रश्रद्धा, सबूरी, सेवा, करुणा
बीज मंत्रॐ साईं नमो नमः
