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3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
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FAQ
श्री अयप्पा आरती — सामान्य प्रश्न
भगवान अयप्पा हरि (विष्णु) व हर (शिव) के पुत्र — हरिहरपुत्र — माने जाते हैं, जो केरल के सबरीमला धाम में विराजमान हैं।
अयप्पा आरती मण्डल काल (41 दिन के व्रत), मकर संक्रांति (मकरविलक्कु) व शनिवार-संध्या में करना विशेष फलदायी है।
इसका अर्थ है "हे स्वामी अयप्पा, मैं आपकी शरण में हूँ" — यह अयप्पा भक्ति का प्रमुख जयघोष व समर्पण-मंत्र है।
इससे भय व संकट से रक्षा होती है, मन में संयम व आत्मबल बढ़ता है और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
