श्री अयप्पा आरती
śrī ayyappā āratī
Ayyappa Aarti (Swami Ayyappa / Hariharaputra)
परिचय
स्रोत: पारंपरिक अयप्पा स्वामी आरती
उद्भव / पृष्ठभूमि
भगवान अयप्पा हरि (विष्णु) व हर (शिव) के पुत्र — हरिहरपुत्र — माने जाते हैं, जो केरल के सबरीमला धाम में विराजमान हैं। यह आरती मण्डल काल व मकर संक्रांति (मकरविलक्कु) पर तथा भक्तों द्वारा "स्वामिये शरणम् अयप्पा" के जयघोष के साथ गाई जाती है।
आरती (लिरिक्स)
जय अयप्पा स्वामी, जय हरिहरपुत्रा। सबरीमला विराजे, करूँ मैं तव सेवा॥
हे अयप्पा स्वामी, हे हरिहरपुत्र, आपकी जय हो! सबरीमला में विराजमान आपकी मैं सेवा करता हूँ।
हरि-हर के तुम नंदन, ब्रह्मचारी रूपा। योग-मुद्रा में बैठे, तेज अनूपा॥
आप हरि व हर के पुत्र, ब्रह्मचारी स्वरूप हैं; योग-मुद्रा में विराजमान आपका तेज अनुपम है।
अठारह सीढ़ी चढ़कर, भक्त दर्शन पाते। "स्वामिये शरणम्" कहकर, मन को हर्षाते॥
अठारह पवित्र सीढ़ियाँ चढ़कर भक्त दर्शन पाते हैं; "स्वामिये शरणम् अयप्पा" कहकर अपने मन को हर्षित करते हैं।
भय-संकट सब हरते, मनोरथ पूरण। शरण पड़े की रक्षा, करते दुख-चूरण॥
आप भय-संकट हर लेते हैं और मनोरथ पूर्ण करते हैं; शरण में आए जनों की रक्षा कर उनके दुःख चूर कर देते हैं।
अयप्पा की आरती, जो जन श्रद्धा गावे। भय-संकट सब मिटते, मनवांछित पावे॥
जो भक्त श्रद्धा से अयप्पा की यह आरती गाता है, उसके समस्त भय-संकट मिट जाते हैं और वह मनोवांछित फल पाता है।
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अर्थ (हिन्दी)
- हे अयप्पा स्वामी, हे हरिहरपुत्र, आपकी जय हो! सबरीमला में विराजमान आपकी मैं सेवा करता हूँ।
- आप हरि व हर के पुत्र, ब्रह्मचारी स्वरूप हैं; योग-मुद्रा में विराजमान आपका तेज अनुपम है।
- अठारह पवित्र सीढ़ियाँ चढ़कर भक्त दर्शन पाते हैं; "स्वामिये शरणम् अयप्पा" कहकर अपने मन को हर्षित करते हैं।
- आप भय-संकट हर लेते हैं और मनोरथ पूर्ण करते हैं; शरण में आए जनों की रक्षा कर उनके दुःख चूर कर देते हैं।
- जो भक्त श्रद्धा से अयप्पा की यह आरती गाता है, उसके समस्त भय-संकट मिट जाते हैं और वह मनोवांछित फल पाता है।
लाभ
- भय, संकट व नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
- मन में संयम, भक्ति व आत्मबल बढ़ता है।
- मनोकामना पूर्ण होकर सुख-शांति प्राप्त होती है।
कब करें पाठ
पाठ विधि
भगवान अयप्पा के समक्ष दीप जलाकर पुष्प अर्पित करें, "स्वामिये शरणम् अयप्पा" के जयघोष के साथ आरती गाएँ। मण्डल व्रत व मकर संक्रांति पर इसका विशेष महत्व है।
