श्री झूलेलाल आरती
śrī jhūlelāla āratī
Jhulelal Aarti (Uderolal / Varun Dev)
परिचय
स्रोत: पारंपरिक झूलेलाल आरती (सिंधी)
उद्भव / पृष्ठभूमि
भगवान झूलेलाल (उडेरोलाल) सिंधी समाज के इष्टदेव व जल-देव वरुण के अवतार माने जाते हैं। इनका प्राकट्य चेटीचंड (सिंधी नववर्ष) पर मनाया जाता है। यह आरती जल-पूजन व चेटीचंड पर श्रद्धापूर्वक गाई जाती है।
आरती (लिरिक्स)
जय जय झूलेलाल, उडेरोलाल स्वामी। जल-देव वरुण अवतारी, तुम अन्तर्यामी॥
हे झूलेलाल, हे उडेरोलाल स्वामी, आपकी जय हो! आप जल-देव वरुण के अवतार व सबके अन्तर्यामी हैं।
पल्लव-वस्त्र विराजे, मीन पर असवारी। श्वेत दाढ़ी शोभे, छवि अति प्यारी॥
सुन्दर वस्त्र धारण किए, मीन (मछली) पर सवारी करते हुए; श्वेत दाढ़ी से सुशोभित आपकी छवि अति प्यारी है।
सिंधी जन के रक्षक, अत्याचार मिटाया। धर्म-रक्षा हित तुमने, अवतार है पाया॥
आप सिंधी जनों के रक्षक हैं, आपने अत्याचार मिटाया; धर्म की रक्षा हेतु आपने अवतार लिया।
जो जन तुमको ध्याता, संकट सब टारे। सुख-समृद्धि देते, भक्तन के प्यारे॥
जो भक्त आपका ध्यान करता है, उसके सब संकट दूर हो जाते हैं; हे भक्तों के प्यारे, आप सुख-समृद्धि देते हैं।
झूलेलाल की आरती, जो जन श्रद्धा गावे। सुख-समृद्धि वह पावे, मनवांछित पावे॥
जो भक्त श्रद्धा से झूलेलाल की यह आरती गाता है, वह सुख-समृद्धि तथा मनोवांछित फल प्राप्त करता है।
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अर्थ (हिन्दी)
- हे झूलेलाल, हे उडेरोलाल स्वामी, आपकी जय हो! आप जल-देव वरुण के अवतार व सबके अन्तर्यामी हैं।
- सुन्दर वस्त्र धारण किए, मीन (मछली) पर सवारी करते हुए; श्वेत दाढ़ी से सुशोभित आपकी छवि अति प्यारी है।
- आप सिंधी जनों के रक्षक हैं, आपने अत्याचार मिटाया; धर्म की रक्षा हेतु आपने अवतार लिया।
- जो भक्त आपका ध्यान करता है, उसके सब संकट दूर हो जाते हैं; हे भक्तों के प्यारे, आप सुख-समृद्धि देते हैं।
- जो भक्त श्रद्धा से झूलेलाल की यह आरती गाता है, वह सुख-समृद्धि तथा मनोवांछित फल प्राप्त करता है।
लाभ
- भय, संकट व विपत्ति से रक्षा होती है।
- सुख, समृद्धि व मनोकामना-पूर्ति होती है।
- मन में भक्ति, साहस व सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
कब करें पाठ
पाठ विधि
भगवान झूलेलाल के समक्ष जल, पुष्प व दीप (बहिराणा साहिब) अर्पित करें, "झूलेलाल बेड़ा-पार" का जयघोष करते हुए आरती गाएँ। चेटीचंड पर इसका विशेष महत्व है।
