समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
✓ संपूर्ण
FAQ
श्री झूलेलाल आरती — सामान्य प्रश्न
भगवान झूलेलाल (उडेरोलाल) सिंधी समाज के इष्टदेव व जल-देव वरुण के अवतार माने जाते हैं, जिन्होंने धर्म-रक्षा हेतु अवतार लिया।
यह आरती चेटीचंड (सिंधी नववर्ष व झूलेलाल जन्मोत्सव) पर, जल-पूजन में तथा नित्य संध्या में गाई जाती है।
चेटीचंड सिंधी नववर्ष व भगवान झूलेलाल का प्राकट्य-पर्व है, जिसे सिंधी समाज बड़े उत्साह से मनाता है।
इससे भय व संकट से रक्षा होती है तथा सुख, समृद्धि व मनोकामना-पूर्ति होती है।
