समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
6
कठिनाई
मध्यम
शुभ दिन
चेटीचंड; संध्या पूजा
उद्देश्य:रक्षा (Protection)समृद्धि (Prosperity)मनोकामना (Wish fulfilment)
✓ संपूर्ण
झूलेलाल की प्रचलित आरती सिंधी में है — "ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा; पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा"। इसमें टेक और छह पद हैं, और आरती झूलेलाल को "अमरलाल" और "लाल" कहकर पुकारती है। अंतिम पद में छाप है — "जेठानंद आनंद कर, पूरन करियो आशा"।
FAQ
श्री झूलेलाल आरती — सामान्य प्रश्न
सिंधी में। टेक है — "ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा; पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा"। हर पद का हिन्दी भावार्थ साथ दिया गया है।
अंतिम पद में छाप है — "जेठानंद आनंद कर, पूरन करियो आशा"। इसके अलावा रचयिता के बारे में किसी प्रकाशित प्रति में जानकारी नहीं।
दो प्रकाशित प्रतियों से — हिंदूनिधि (आधार) और नॉलेज गैलरी। टेक और छहों पद दोनों में शब्दशः एक हैं।
