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3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
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FAQ
श्री नाग देवता आरती — सामान्य प्रश्न
नाग देवता शिव के आभूषण व विष्णु की शय्या (शेषनाग) रूप में पूजनीय हैं; इनकी पूजा सर्प-भय व कालसर्प दोष से रक्षा तथा वंश-वृद्धि हेतु की जाती है।
नाग पंचमी श्रावण मास की शुक्ल पक्ष पंचमी को मनाई जाती है, जब नाग देवता को दूध व लावा अर्पित किया जाता है।
इससे सर्प-भय व कालसर्प दोष से रक्षा होती है तथा वंश-वृद्धि, सुख व समृद्धि प्राप्त होती है।
हाँ, श्रद्धापूर्वक नाग देवता की पूजा-आरती कालसर्प दोष की शांति में सहायक मानी जाती है।
