नवग्रह मंदिर

navagraha mandira

कुंभकोणम् व मयिलाडुतुरै के आसपास नौ मंदिर, हर एक एक ग्रह को समर्पित — सूर्य से केतु तक।

नवग्रह मंदिर तमिलनाडु के कुंभकोणम् व मयिलाडुतुरै के आसपास फैले नौ मंदिर हैं, जिनमें से हर एक एक ग्रह को समर्पित है — सूर्य से केतु तक।

ये मूलतः शिव-मंदिर हैं

एक बात पहले समझ लेनी चाहिए, क्योंकि वह प्रायः छूट जाती है। **इनमें से आठ मंदिरों में मुख्य देवता शिव हैं, ग्रह नहीं।** ग्रह की अपनी अलग सन्निधि होती है, पर गर्भगृह शिव का है।

अपवाद केवल **सूर्यनार कोविल** है — नौ में अकेला मंदिर जहाँ मुख्य देवता स्वयं ग्रह हैं, और अकेला जहाँ नौ ही ग्रहों की अलग-अलग सन्निधियाँ एक साथ हैं।

यानी यह "ग्रहों के नौ मंदिर" नहीं, "नौ शिव-मंदिर जो नौ ग्रहों से जुड़े हैं" कहना अधिक सही होगा।

⚠️ यह "the" नवग्रह सूची नहीं है

यह **कुंभकोणम् समूह** है — तमिलनाडु के उस क्षेत्र की एक विशिष्ट परंपरा, जहाँ ये नौ मंदिर लगभग तीस किलोमीटर के दायरे में बिखरे हैं।

असम के गुवाहाटी में भी एक नवग्रह मंदिर है, और देश में अन्य क्षेत्रीय नवग्रह-स्थल भी हैं। वे अलग परंपराएँ हैं, इस सूची का हिस्सा नहीं।

यह भेद स्पष्ट रखना इसलिए ज़रूरी है कि "नवग्रह मंदिर" खोजने वाला पाठक यह मान सकता है कि कोई एक सर्वमान्य सूची है। वैसी सूची नहीं है।

यह यात्रा क्यों की जाती है

नवग्रह की यह यात्रा प्रायः किसी ग्रह-दशा या दोष के निवारण के भाव से की जाती है — शनि की साढ़ेसाती, राहु-केतु के दोष, गुरु का गोचर।

परंपरा में हर ग्रह का अपना दिन है और अपना मंदिर, और उस दिन उस मंदिर में पूजा को विशेष माना जाता है।

इस यात्रा को ज्योतिष से जोड़कर देखा जाता है, इसलिए यहाँ एक बात कह देना उचित है: ये पृष्ठ इन स्थानों की कथा, इतिहास और यात्रा-जानकारी देते हैं। किसी ग्रह-दोष का निवारण किस पूजा से होगा, यह निर्णय आपका और आपके ज्योतिषी का है — यह मार्गदर्शिका वह दावा नहीं करती।

नवग्रह मंदिर — पूरी सूची

#मंदिरग्रहस्थानविवरण
1सूर्यनार कोविलसूर्यसूर्यनार कोविल, मयिलाडुतुरै
2कैलासनाथर मंदिरचंद्रतिंगलूर, तंजावुर
3वैतीश्वरन् कोविलमंगलवैतीश्वरन् कोविल, मयिलाडुतुरै
4श्वेतारण्येश्वर मंदिरबुधतिरुवेंकाडु, मयिलाडुतुरै
5आपत्सहायेश्वर मंदिरगुरुआलंगुडी, तिरुवारूर
6अग्नीश्वर मंदिरशुक्रकांजनूर, मयिलाडुतुरै
7दर्भारण्येश्वर मंदिरशनितिरुनल्लार, कारैक्कालपुदुच्चेरी में, तमिलनाडु में नहीं
8नागनाथर मंदिरराहुतिरुनागेश्वरम्, तिरुवारूर
9नागनाथस्वामी मंदिरकेतुकीळपेरुम्पल्लम्, तिरुवारूर

सूची का स्रोत: Wikipedia — Navagraha temples in Tamil Nadu; docs/tirth-collections-s0-list.md §8

यात्रा

नौ मंदिर कुंभकोणम् और मयिलाडुतुरै के आसपास लगभग तीस किलोमीटर के दायरे में हैं, यद्यपि कुछ स्रोत इसे 60 से 130 किलोमीटर तक बताते हैं क्योंकि तिरुनल्लार कुछ दूर पड़ता है।

अधिकांश यात्री **कुंभकोणम् को आधार बनाकर** एक या दो दिन में सब पूरे कर लेते हैं। एक दिन में नौ करना संभव है, पर उसमें हर मंदिर पर बहुत कम समय मिलता है।

⚠️ **तिरुनल्लार तमिलनाडु में नहीं, पुदुच्चेरी के कारैक्काल ज़िले में है।** यह बार-बार ग़लत लिखा जाता है। व्यवहार में इससे यात्रा पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता — वह उसी मार्ग पर है — पर तथ्य सही रहना चाहिए।

परंपरा में हर ग्रह का अपना वार है, और उस वार पर उस मंदिर के दर्शन को विशेष माना जाता है — सूर्य के लिए रविवार, चंद्र के लिए सोमवार, और इसी क्रम में आगे।