श्री गजानन महाराज आरती

śrī gajānana mahārāja āratī

Gajanan Maharaj Aarti (Shegaon)

समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
✓ संपूर्ण

परिचय

स्रोत: पारंपरिक गजानन महाराज आरती (शेगांव)

उद्भव / पृष्ठभूमि

श्री गजानन महाराज शेगांव (महाराष्ट्र) के परम सिद्ध दत्त-परम्परा के संत हैं, जो अपने चमत्कारों व "गण गण गणात बोते" भजन हेतु प्रसिद्ध हैं। यह आरती गुरुवार, ऋषि पंचमी (प्रकट दिन) व नित्य संध्या में गाई जाती है।

आरती (लिरिक्स)

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जय जय सद्गुरु गजानन, अवलिया अवतारा। शेगांव में विराजे, करते भव-तारा॥

हे सद्गुरु गजानन, हे अवलिया (सिद्ध) अवतार, आपकी जय हो! शेगांव में विराजमान आप भक्तों को भवसागर से तारते हैं।

दिगम्बर रूप मनोहर, मस्त फकीरी छाई। "गण गण गणात बोते", धुन मन को भाई॥

दिगम्बर मनोहर रूप, मस्त फकीरी छाई हुई; "गण गण गणात बोते" की धुन मन को भा जाती है।

भक्तन के दुख हरते, चमत्कार दिखाए। श्रद्धा से जो सुमिरे, संकट सब जाए॥

आप भक्तों के दुःख हरते हैं और चमत्कार दिखाते हैं; जो श्रद्धा से स्मरण करता है, उसके सब संकट दूर हो जाते हैं।

दत्त-परम्परा शोभे, ज्ञान-वैराग्य धारा। शरण पड़े की रक्षा, करते गजानन प्यारा॥

दत्त-परम्परा में सुशोभित, ज्ञान व वैराग्य की धारा बहाने वाले; हे प्यारे गजानन, आप शरणागत की रक्षा करते हैं।

गजानन की आरती, जो जन श्रद्धा गावे। सुख-शान्ति वह पावे, गुरु-कृपा पावे॥

जो भक्त श्रद्धा से गजानन महाराज की यह आरती गाता है, वह सुख-शांति तथा गुरु-कृपा प्राप्त करता है।

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अर्थ (हिन्दी)

  1. हे सद्गुरु गजानन, हे अवलिया (सिद्ध) अवतार, आपकी जय हो! शेगांव में विराजमान आप भक्तों को भवसागर से तारते हैं।
  2. दिगम्बर मनोहर रूप, मस्त फकीरी छाई हुई; "गण गण गणात बोते" की धुन मन को भा जाती है।
  3. आप भक्तों के दुःख हरते हैं और चमत्कार दिखाते हैं; जो श्रद्धा से स्मरण करता है, उसके सब संकट दूर हो जाते हैं।
  4. दत्त-परम्परा में सुशोभित, ज्ञान व वैराग्य की धारा बहाने वाले; हे प्यारे गजानन, आप शरणागत की रक्षा करते हैं।
  5. जो भक्त श्रद्धा से गजानन महाराज की यह आरती गाता है, वह सुख-शांति तथा गुरु-कृपा प्राप्त करता है।

लाभ

  • भय, संकट व विपत्ति का नाश होता है।
  • गुरु-कृपा, भक्ति व मन की शांति प्राप्त होती है।
  • श्रद्धा से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

कब करें पाठ

गुरुवार कोऋषि पंचमी (प्रकट दिन) परनित्य प्रातः व संध्या में

पाठ विधि

श्री गजानन महाराज के समक्ष दीप-धूप जलाकर पुष्प अर्पित करें, "गण गण गणात बोते" का स्मरण करते हुए आरती गाएँ। गुरुवार व प्रकट दिन पर इसका विशेष महत्व है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरापारंपरिक गजानन महाराज आरती संग्रह
रचयितापारंपरिक
अंतिम अद्यतनजून 2026

श्री गजानन महाराज आरती — सामान्य प्रश्न

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