समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
कठिनाई
मध्यम
शुभ दिन
गजानन महाराज प्रकट दिन; गुरुवार
उद्देश्य:गुरु-भक्ति (Devotion to the Guru)संकट-निवारण (Relief from troubles)शांति (Peace)
✓ संपूर्ण
शेगाव के संत गजानन महाराज की प्रचलित आरती मराठी में है — "जय जय सत्चितस्वरूपा स्वामी गणराया"। इसमें ध्रुवपद और चार पद हैं। आरती उनकी लीलाएँ गिनाती है — बिना आग के चिलम जलाना, सूखे कुएँ में पानी लाना — और अंतिम पद में छाप है: "स्वामी दासगणूचे मान्य करा कवन"।
FAQ
श्री गजानन महाराज आरती — सामान्य प्रश्न
अंतिम पद में छाप है — "स्वामी दासगणूचे मान्य करा कवन": यह दासगणू की रचना है।
वह भजन जो गजानन महाराज गाया करते थे। आरती का दूसरा पद कहता है — "करूनि गणि गण गणात बोते या भजना"।
दो प्रकाशित प्रतियों से — वेबदुनिया मराठी (आधार) और संत साहित्य। ध्रुवपद और चारों पद दोनों में हैं।
पर्व
