समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
✓ संपूर्ण
FAQ
श्री गुरु नानक देव आरती — सामान्य प्रश्न
श्री गुरु नानक देव जी सिख धर्म के प्रथम गुरु व "इक ओंकार" (एक निराकार परमात्मा) के उपदेशक हैं, जिन्होंने समता, सेवा व नाम-स्मरण का संदेश दिया।
यह आरती स्वयं गुरु नानक देव जी ने जगन्नाथ पुरी में रची, जिसमें उन्होंने समस्त सृष्टि (आकाश, सूर्य-चन्द्र, वायु, वनस्पति) को ही परमात्मा की आरती बताया।
यह आरती गुरु नानक जयंती (प्रकाश पर्व) पर तथा नित्य प्रातः-संध्या कीर्तन में गाई जाती है।
इससे मन को शांति, ज्ञान-ज्योति व आत्म-बोध मिलता है, अहंकार दूर होता है और गुरु-कृपा प्राप्त होती है।
पर्व
