श्री नामदेव आरती

śrī nāmadeva āratī

Sant Namdev Aarti

समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
✓ संपूर्ण

परिचय

स्रोत: पारंपरिक संत नामदेव आरती

उद्भव / पृष्ठभूमि

संत नामदेव महाराष्ट्र के वारकरी सम्प्रदाय के महान संत व विठोबा (पंढरपुर) के परम भक्त हैं, जिनकी वाणी गुरु ग्रंथ साहिब में भी संकलित है। यह आरती नामदेव जयंती व विठ्ठल-भक्ति सत्संग में गाई जाती है।

आरती (लिरिक्स)

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जय जय संत नामदेव, विठ्ठल के प्यारे। नाम-भक्ति सिखलाई, तुम जग के तारे॥

हे संत नामदेव, हे विठ्ठल के प्यारे, आपकी जय हो! आपने नाम-भक्ति सिखाई और जगत को तारा।

पंढरपुर के वासी, विठोबा गुण गाए। भाव-भक्ति के बल पर, प्रभु को रिझाए॥

पंढरपुर के निवासी, आपने विठोबा (विठ्ठल) के गुण गाए; भाव व भक्ति के बल पर आपने प्रभु को प्रसन्न कर लिया।

अभंग रचे अनेक, हरि-गुण बरसाए। जाति-भेद को तजकर, समता दरसाए॥

आपने अनेक अभंग (भक्ति-पद) रचे और हरि-गुणों की वर्षा की; जाति-भेद त्यागकर समता का आदर्श दिखाया।

नाम-सुमिरन की महिमा, जग को समझाई। भक्तन के मन-मंदिर, नामदेव समाई॥

आपने नाम-स्मरण की महिमा जगत को समझाई; हे नामदेव, आप भक्तों के मन-मंदिर में समाए हुए हैं।

नामदेव जी की आरती, जो जन श्रद्धा गावे। नाम-भक्ति रस पावे, सहज शान्ति पावे॥

जो भक्त श्रद्धा से संत नामदेव की यह आरती गाता है, वह नाम-भक्ति का रस तथा सहज शांति प्राप्त करता है।

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अर्थ (हिन्दी)

  1. हे संत नामदेव, हे विठ्ठल के प्यारे, आपकी जय हो! आपने नाम-भक्ति सिखाई और जगत को तारा।
  2. पंढरपुर के निवासी, आपने विठोबा (विठ्ठल) के गुण गाए; भाव व भक्ति के बल पर आपने प्रभु को प्रसन्न कर लिया।
  3. आपने अनेक अभंग (भक्ति-पद) रचे और हरि-गुणों की वर्षा की; जाति-भेद त्यागकर समता का आदर्श दिखाया।
  4. आपने नाम-स्मरण की महिमा जगत को समझाई; हे नामदेव, आप भक्तों के मन-मंदिर में समाए हुए हैं।
  5. जो भक्त श्रद्धा से संत नामदेव की यह आरती गाता है, वह नाम-भक्ति का रस तथा सहज शांति प्राप्त करता है।

लाभ

  • नाम-स्मरण व भक्ति का भाव गहरा होता है।
  • मन को सहज शांति व समता की प्राप्ति होती है।
  • भक्ति-रस व आध्यात्मिक उन्नति बढ़ती है।

कब करें पाठ

नामदेव जयंती परआषाढ़ी/कार्तिकी एकादशी (वारी) परनित्य संध्या व सत्संग में

पाठ विधि

भगवान विठ्ठल व संत नामदेव के समक्ष तुलसी व पुष्प अर्पित करें, अभंग व नाम-कीर्तन करते हुए श्रद्धापूर्वक आरती गाएँ। एकादशी व वारकरी सत्संग में इसका विशेष महत्व है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरापारंपरिक संत आरती संग्रह
रचयितापारंपरिक
अंतिम अद्यतनजून 2026

श्री नामदेव आरती — सामान्य प्रश्न

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