श्री मीरा बाई आरती

śrī mīrā bāī āratī

Meera Bai Aarti

समय
3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
✓ संपूर्ण

परिचय

स्रोत: पारंपरिक मीरा बाई आरती

उद्भव / पृष्ठभूमि

संत मीरा बाई कृष्ण-प्रेम की परम भक्त व मध्यकालीन भक्ति-आंदोलन की महान कवयित्री हैं, जिन्होंने अपना सर्वस्व गिरधर गोपाल को समर्पित कर दिया। यह आरती मीरा जयंती (शरद पूर्णिमा) व कृष्ण-भक्ति सत्संग में गाई जाती है।

आरती (लिरिक्स)

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जय जय मीरा बाई, गिरधर की दीवानी। प्रेम-भक्ति की मूरत, कृष्ण की रागिनी॥

हे मीरा बाई, गिरधर (कृष्ण) की दीवानी, आपकी जय हो! आप प्रेम-भक्ति की मूर्ति व कृष्ण की रागिनी हैं।

"मेरे तो गिरधर गोपाल", यही धुन गाई। राजमहल को तजकर, प्रभु-प्रीत निभाई॥

"मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई" — यही धुन आपने गाई; राजमहल का सुख त्यागकर प्रभु-प्रेम निभाया।

विष का प्याला पीकर, अमृत कर डाला। प्रभु की कृपा से तुमने, हर संकट टाला॥

(शत्रुओं द्वारा दिया) विष का प्याला पीकर भी आपने उसे अमृत कर दिया; प्रभु की कृपा से आपने हर संकट टाल दिया।

भजन-कीर्तन गाए, जग को राह दिखाई। प्रेम-भक्ति की ज्योति, घर-घर पहुँचाई॥

आपने भजन-कीर्तन गाकर जगत को (भक्ति का) मार्ग दिखाया; प्रेम-भक्ति की ज्योति घर-घर तक पहुँचाई।

मीरा बाई आरती, जो जन श्रद्धा गावे। प्रेम-भक्ति रस पावे, कृष्ण-कृपा पावे॥

जो भक्त श्रद्धा से मीरा बाई की यह आरती गाता है, वह प्रेम-भक्ति का रस तथा श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करता है।

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अर्थ (हिन्दी)

  1. हे मीरा बाई, गिरधर (कृष्ण) की दीवानी, आपकी जय हो! आप प्रेम-भक्ति की मूर्ति व कृष्ण की रागिनी हैं।
  2. "मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई" — यही धुन आपने गाई; राजमहल का सुख त्यागकर प्रभु-प्रेम निभाया।
  3. (शत्रुओं द्वारा दिया) विष का प्याला पीकर भी आपने उसे अमृत कर दिया; प्रभु की कृपा से आपने हर संकट टाल दिया।
  4. आपने भजन-कीर्तन गाकर जगत को (भक्ति का) मार्ग दिखाया; प्रेम-भक्ति की ज्योति घर-घर तक पहुँचाई।
  5. जो भक्त श्रद्धा से मीरा बाई की यह आरती गाता है, वह प्रेम-भक्ति का रस तथा श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करता है।

लाभ

  • कृष्ण के प्रति प्रेम व भक्ति का भाव गहरा होता है।
  • मन में समर्पण, धैर्य व सकारात्मकता आती है।
  • भक्ति-रस व आध्यात्मिक आनन्द की प्राप्ति होती है।

कब करें पाठ

मीरा जयंती (शरद पूर्णिमा) परजन्माष्टमी व नित्य संध्या मेंकृष्ण-भक्ति सत्संग में

पाठ विधि

गिरधर गोपाल (कृष्ण) व मीरा बाई के समक्ष पुष्प व दीप अर्पित करें, मीरा के भजनों का स्मरण करते हुए श्रद्धापूर्वक आरती गाएँ। मीरा जयंती व कृष्ण-सत्संग में इसका विशेष महत्व है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरापारंपरिक संत आरती संग्रह
रचयितापारंपरिक
अंतिम अद्यतनजून 2026

श्री मीरा बाई आरती — सामान्य प्रश्न