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3 मिनट
श्लोक/चौपाई
5
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FAQ
श्री रविदास आरती — सामान्य प्रश्न
संत गुरु रविदास जी निर्गुण भक्ति-धारा के महान संत व समाज-सुधारक हैं, जिन्होंने समता, श्रम की गरिमा व सहज भक्ति का संदेश दिया।
रविदास आरती रविदास जयंती (माघ पूर्णिमा) पर तथा नित्य संध्या व सत्संग में करना शुभ माना जाता है।
इसका अर्थ है कि यदि मन शुद्ध व पवित्र हो तो तीर्थ-स्नान के बिना भी, अपने पात्र (कठौती) के जल में ही गंगा-स्नान का पुण्य मिल जाता है — बाह्य आडम्बर से बढ़कर मन की पवित्रता है।
इससे मन को सहज शांति व आत्म-ज्ञान मिलता है, भेदभाव दूर होता है और भक्ति व समता का भाव बढ़ता है।
पर्व
