तुलसी विवाह

Tulsi Vivah

अक्टूबर–नवंबर

महत्व

तुलसी विवाह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में, प्रायः द्वादशी को किया जाता है — तुलसी जी का शालिग्राम (विष्णु) के साथ विवाह।

यह देवउठनी एकादशी के ठीक बाद आता है, जब भगवान विष्णु चार मास की योग-निद्रा से जागते हैं। इसी के साथ चातुर्मास समाप्त होता है और हिंदू विवाह-मुहूर्तों का काल पुनः आरंभ होता है — इसीलिए इस पर्व को वर्ष का पहला विवाह भी कहा जाता है।

तिथि पर एकमत नहीं: परंपरा इसे देवउठनी एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा के बीच किसी भी शुभ दिन करने की अनुमति देती है; अधिकांश लोग द्वादशी को करते हैं, कुछ पूर्णिमा को।

पूजन विधि व परंपरा

  • तुलसी के पौधे व शालिग्राम का विधिवत विवाह
  • तुलसी-मंडप की सज्जा तथा गन्ने का मंडप
  • मंगल गीत व तुलसी विवाह की कथा
  • दीप-दान तथा तुलसी-परिक्रमा

तिथि / पंचांग

तिथिद्वादशी
पक्षशुक्ल
माहकार्तिक
समय (लगभग)अक्टूबर–नवंबर
आराध्यश्री विष्णु
स्रोततुलसी का शालिग्राम से विवाह तथा चातुर्मास की समाप्ति — प्रचलित परंपरा · ⚠️ तिथि पर स्रोत एकमत नहीं — देवउठनी एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा के बीच कोई भी शुभ दिन; अधिकांश परंपरा द्वादशी मानती है, जो यहाँ लिया गया है
आज का पंचांग

तुलसी विवाह — सामान्य प्रश्न

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