ॐ हनुमते नमः। संकटमोचनाय नमः

oṃ hanumate namaḥ | saṃkaṭamocanāya namaḥ

Sankatmochan Mantra

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
मंगलवार व शनिवार
उद्देश्य:संकट मोचन (Relief from Crisis)रक्षा (Protection)भय नाश (Fearlessness)
✓ संपूर्ण साधना मंत्र

ॐ हनुमते नमः। संकटमोचनाय नमः — यह हनुमान जी के संकटमोचन स्वरूप का साधना मंत्र है। “संकटमोचन” अर्थात् संकटों को दूर करने वाले; यह नाम तुलसीदास कृत संकटमोचन हनुमानाष्टक से आता है, जिसकी हर चौपाई इसी नाम पर समाप्त होती है। संकट व विपत्ति के समय इसका जप प्रचलित है।

परिचय

पवनपुत्र हनुमान भक्ति, बल और निर्भयता के प्रतीक हैं — श्रीराम के परम भक्त और संकटमोचन।

स्रोत: हनुमान साधना परंपरा — संकटमोचन स्वरूप का मंत्र-विन्यास

एक नज़र में

मंत्र / पाठॐ हनुमते नमः। संकटमोचनाय नमः
IASToṃ hanumate namaḥ | saṃkaṭamocanāya namaḥ
प्रकारसाधना मंत्र
देवताश्री हनुमान
मूल स्रोतहनुमान साधना परंपरा — संकटमोचन स्वरूप का मंत्र-विन्यास
जप संख्या108
मालारुद्राक्ष माला
शुभ दिनमंगलवार व शनिवार
पाठ समय30 सेकंड
कठिनाईसरल

उद्भव / पृष्ठभूमि

संकटमोचन हनुमान जी का सर्वाधिक प्रिय नामों में है — और उसका स्रोत बिलकुल स्पष्ट है। तुलसीदास कृत "संकटमोचन हनुमानाष्टक" की हर चौपाई इसी टेक पर समाप्त होती है: "को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो" — अर्थात् संसार में कौन नहीं जानता कि आपका नाम संकटमोचन है। अष्टक के आठों पद हनुमान जी के उन प्रसंगों को गिनाते हैं जहाँ उन्होंने किसी न किसी का संकट हरा।

वाराणसी का श्री संकट मोचन मंदिर इसी नाम पर है और परंपरा में उसकी स्थापना तुलसीदास से जोड़ी जाती है — कहा जाता है कि उन्हें वहीं हनुमान जी के दर्शन हुए थे। मंगलवार व शनिवार को वहाँ विशेष भीड़ होती है।

एक बात स्पष्ट रहनी चाहिए। "संकटमोचन" नाम पूरी तरह प्रमाणित है, पर यह दो-हिस्से वाला मंत्र-रूप — "ॐ हनुमते नमः। संकटमोचनाय नमः" — किसी शास्त्रीय मंत्र-सूची में नहीं मिला। यह हनुमान साधना परंपरा में प्रचलित विन्यास है, जिसमें पहले सामान्य नमस्कार और फिर स्वरूप-विशेष नमस्कार किया जाता है। इसे शास्त्रीय मंत्र बताकर प्रस्तुत नहीं किया गया।

मंत्र

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ॐ हनुमते नमः। संकटमोचनाय नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ हनुमते नमः। संकटमोचनाय नमः॥

oṃ hanumate namaḥ | saṃkaṭamocanāya namaḥ ||

Om Hanumate Namah, Sankatmochanaya Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: पहला भाग "हनुमते" है, "हनुमानाय" नहीं — "हनुमत्" का चतुर्थी रूप "हनुमते" बनता है। दूसरे भाग में "संकटमोचनाय" — यहाँ "मोचन" में "च" तालव्य है और अंत "नाय" दीर्घ। दोनों भागों के बीच थोड़ा ठहराव रखें, क्योंकि ये दो अलग नमस्कार हैं। स्वर दृढ़ व निर्भय रखें।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

ॐप्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
हनुमतेहनुमान को
संकटविपत्ति, कठिनाई
मोचनमुक्त करने वाला, दूर करने वाला
संकटमोचनायसंकटों को दूर करने वाले को
नमःनमस्कार, समर्पण

अर्थ (हिन्दी)

  1. हनुमान को नमस्कार। संकटों को दूर करने वाले (संकटमोचन) को नमस्कार।

लाभ

  • परंपरा में इसे संकट, विपत्ति व भय से मुक्ति की प्रार्थना से जोड़ा जाता है।
  • आकस्मिक कठिनाई, मुक़दमे या यात्रा-भय में स्मरण किया जाता है।
  • संकटमोचन हनुमानाष्टक के पाठ के साथ पूरक जप के रूप में प्रचलित है।
  • सरल उच्चारण — कठिन समय में भी दोहराया जा सकता है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: रुद्राक्ष माला

उत्तम समय: मंगलवार व शनिवार, प्रातः या संध्या

जप का उत्तम समय

मंगलवार व शनिवार कोसंकट, विपत्ति या भय के समयहनुमान जयंती परसंकटमोचन हनुमानाष्टक के पाठ के साथ

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

हनुमान जी के विग्रह के समक्ष चमेली के तेल का दीपक जलाएँ, सिंदूर व लाल पुष्प अर्पित करें और रुद्राक्ष माला से 108 बार जप करें। परंपरा में संकट के समय संकल्प लेकर जप आरंभ करने की बात कही जाती है। संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ करने वाले साधक इसे उसके पूर्व या पश्चात जपते हैं।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरासंकटमोचन हनुमानाष्टक — तुलसीदास (नाम का स्रोत; टेक "संकटमोचन नाम तिहारो") · श्री संकट मोचन मंदिर, वाराणसी — उपासना परंपरा · नोट: यह दो-हिस्से वाला मंत्र-रूप किसी शास्त्रीय मंत्र-सूची में नहीं मिला; स्रोत साधना परंपरा है
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री हनुमान

Lord Hanuman

पवनपुत्र हनुमान भक्ति, बल और निर्भयता के प्रतीक हैं — श्रीराम के परम भक्त और संकटमोचन।

देवता वर्गशक्ति · भक्ति · रक्षा · साहस · संकटमोचन
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मुख्य मंत्रॐ हं हनुमते नमः
श्री हनुमान के पाठ
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ॐ हनुमते नमः। संकटमोचनाय नमः — सामान्य प्रश्न

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