ॐ क्लीं कृष्णाय नमः

oṃ klīṃ kṛṣṇāya namaḥ

Om Kleem Krishnaya Namah

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
बुधवार व जन्माष्टमी
उद्देश्य:प्रेम (Love)भक्ति (Devotion)आकर्षण (Attraction)
✓ संपूर्ण

परिचय

श्री कृष्ण भगवान विष्णु के पूर्णावतार हैं — प्रेम, लीला और गीता-ज्ञान के दाता।

स्रोत: पारंपरिक कृष्ण बीज मंत्र

मंत्र

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ॐ क्लीं कृष्णाय नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ क्लीं कृष्णाय नमः॥

oṃ klīṃ kṛṣṇāya namaḥ ||

Om Kleem Krishnaya Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "क्लीं" को दीर्घ ई व अनुस्वार सहित ("क्लीम्") नासिक्य ध्वनि में बोलें, फिर "कृष्-णाय" व "न-मः"। मधुर व भावपूर्ण स्वर में दोहराएँ।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

प्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
क्लींकामबीज — प्रेम व आकर्षण का बीजाक्षर
कृष्णायकृष्ण को
नमःनमस्कार

अर्थ (हिन्दी)

  1. भगवान कृष्ण को नमस्कार। "क्लीं" कामबीज है जो प्रेम, आकर्षण व मधुर भक्ति का प्रतीक है तथा कृष्ण की कृपा को आकर्षित करता है।

लाभ

  • कृष्ण के प्रति प्रेम व मधुर भक्ति बढ़ती है।
  • सम्बन्धों में प्रेम व सौहार्द आता है।
  • मन प्रसन्न होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: तुलसी माला

उत्तम समय: प्रातः, संध्या व बुधवार

जप का उत्तम समय

बुधवार व जन्माष्टमी कोप्रातः व संध्यानित्य जप हेतु

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

कृष्ण जी के समक्ष तुलसी व माखन अर्पित कर तुलसी माला से 108 बार जप करें। बुधवार व जन्माष्टमी को जप विशेष फलदायी होता है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरापारंपरिक कृष्ण बीज मंत्र परंपरा
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री कृष्ण

Lord Krishna

श्री कृष्ण भगवान विष्णु के पूर्णावतार हैं — प्रेम, लीला और गीता-ज्ञान के दाता।

देवता वर्गप्रेम · धर्म · भक्ति · ज्ञान
मुख्य मंत्रॐ क्लीं कृष्णाय नमः
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ॐ क्लीं कृष्णाय नमः — सामान्य प्रश्न

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