श्री कृष्णः शरणं मम

śrī kṛṣṇaḥ śaraṇaṃ mama

Shri Krishnah Sharanam Mama

समय
20 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
नित्य (विशेषकर बुधवार)
उद्देश्य:शरणागति (Surrender)भक्ति (Devotion)शांति (Peace)
✓ संपूर्ण

परिचय

श्री कृष्ण भगवान विष्णु के पूर्णावतार हैं — प्रेम, लीला और गीता-ज्ञान के दाता।

स्रोत: पुष्टिमार्ग (वल्लभ संप्रदाय) शरणागति मंत्र

मंत्र

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श्री कृष्णः शरणं मम॥

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उच्चारण (Pronunciation)

श्री कृष्णः शरणं मम॥

śrī kṛṣṇaḥ śaraṇaṃ mama ||

Shri Krishnah Sharanam Mama.

उच्चारण मार्गदर्शन: "श्री", "कृष्-णः", "श-र-णं", "म-म" को स्पष्ट व सम स्वर में बोलें। "शरणं" में अनुस्वार का नासिक्य उच्चारण रखें।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

श्री कृष्णःश्री कृष्ण
शरणंशरण, आश्रय
मममेरी/मेरे

अर्थ (हिन्दी)

  1. श्रीकृष्ण ही मेरी शरण हैं। यह पूर्ण समर्पण (शरणागति) का मंत्र है, जिसमें भक्त अपना सब कुछ कृष्ण को सौंप देता है।

लाभ

  • मन में पूर्ण समर्पण व निश्चिंतता आती है।
  • चिंता व भय दूर होकर शांति मिलती है।
  • कृष्ण-भक्ति व श्रद्धा गहरी होती है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: तुलसी माला

उत्तम समय: प्रातः, संध्या व नित्य

जप का उत्तम समय

नित्य प्रातः व संध्याबुधवार व जन्माष्टमी कोचिंता या संकट के समय

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

कृष्ण जी का स्मरण कर श्रद्धा व समर्पण-भाव से इस मंत्र का बार-बार जप करें। माला से 108 बार जप अथवा दिनभर मानसिक स्मरण किया जा सकता है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपरापुष्टिमार्ग शरणागति परंपरा
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री कृष्ण

Lord Krishna

श्री कृष्ण भगवान विष्णु के पूर्णावतार हैं — प्रेम, लीला और गीता-ज्ञान के दाता।

देवता वर्गप्रेम · धर्म · भक्ति · ज्ञान
मुख्य मंत्रॐ क्लीं कृष्णाय नमः
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श्री कृष्णः शरणं मम — सामान्य प्रश्न

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