FAQ
पितृ पक्ष 2025 — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2025 में पितृ पक्ष 7 सितंबर 2025 से 21 सितंबर 2025 तक है। इसमें 15 दिन आते हैं और सोलह तिथियों का श्राद्ध होता है। ये तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त से गणना की गई हैं।
2025 में सर्वपितृ अमावस्या 21 सितंबर 2025, रविवार को है। यह पितृ पक्ष का अंतिम दिन है और सब पितरों के लिए है — उनके लिए भी जिनकी मृत्यु-तिथि याद नहीं। उस दिन अपराह्न काल 13:27 से 15:53 तक है।
2025 में महा भरणी 11 सितंबर 2025, बृहस्पतिवार को है। यह दिन तिथि से नहीं, भरणी नक्षत्र से तय होता है, इसलिए हर साल अलग पड़ता है।
2025 में मघा श्राद्ध 19 सितंबर 2025, शुक्रवार को है। यह मघा नक्षत्र वाला दिन है। मघा का संबंध पितरों से माना गया है, इसीलिए इस दिन का अपना महत्व है।
तिथियाँ सोलह होती हैं, पर दिन 15 हैं। कारण यह है कि 10 सितंबर 2025 को एक ही दिन दो श्राद्ध पड़ रहे हैं — तिथि छोटी पड़ने पर उसका श्राद्ध पिछले दिन के साथ आ जाता है। यह गणना का स्वाभाविक हिस्सा है, कोई चूक नहीं।
तिथियाँ प्रायः वही रहती हैं, पर मुहूर्त का समय बदल जाता है। कुतुप, रोहिण और अपराह्न काल सूर्योदय-सूर्यास्त से बनते हैं, इसलिए हर शहर में थोड़े आगे-पीछे होते हैं। दूर के शहरों में कभी-कभी तिथि में भी एक दिन का अंतर आ सकता है।
