FAQ
पितृ पक्ष 2026 — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में पितृ पक्ष 26 सितंबर 2026 से 10 अक्टूबर 2026 तक है। इसमें 15 दिन आते हैं और सोलह तिथियों का श्राद्ध होता है। ये तिथियाँ नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त से गणना की गई हैं।
2026 में सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को है। यह पितृ पक्ष का अंतिम दिन है और सब पितरों के लिए है — उनके लिए भी जिनकी मृत्यु-तिथि याद नहीं। उस दिन अपराह्न काल 13:18 से 15:37 तक है।
2026 में महा भरणी 29 सितंबर 2026, मंगलवार को है। यह दिन तिथि से नहीं, भरणी नक्षत्र से तय होता है, इसलिए हर साल अलग पड़ता है।
2026 में मघा श्राद्ध 7 अक्टूबर 2026, बुधवार को है। यह मघा नक्षत्र वाला दिन है। मघा का संबंध पितरों से माना गया है, इसीलिए इस दिन का अपना महत्व है।
तिथियाँ सोलह होती हैं, पर दिन 15 हैं। कारण यह है कि 30 सितंबर 2026 को एक ही दिन दो श्राद्ध पड़ रहे हैं — तिथि छोटी पड़ने पर उसका श्राद्ध पिछले दिन के साथ आ जाता है। यह गणना का स्वाभाविक हिस्सा है, कोई चूक नहीं।
तिथियाँ प्रायः वही रहती हैं, पर मुहूर्त का समय बदल जाता है। कुतुप, रोहिण और अपराह्न काल सूर्योदय-सूर्यास्त से बनते हैं, इसलिए हर शहर में थोड़े आगे-पीछे होते हैं। दूर के शहरों में कभी-कभी तिथि में भी एक दिन का अंतर आ सकता है।
