समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
सोमवार व पूर्णिमा
उद्देश्य:मन की शांति (Peace)स्वास्थ्य (Health)आध्यात्मिक उन्नति (Spiritual Growth)
✓ संपूर्ण नाम जाप
ॐ चन्द्रशेखराय नमः का अर्थ है “मस्तक पर चंद्र धारण करने वाले शिव को नमस्कार”। शतनामावलियों में यह “शशाङ्कशेखर” व “शशिशेखराय” रूप में मिलता है। परंपरा में इसे मन की चंचलता व चंद्र-दोष की शांति से जोड़ा जाता है; सोमवार और पूर्णिमा इसके जप के लिए विशेष हैं।
FAQ
ॐ चन्द्रशेखराय नमः — सामान्य प्रश्न
चन्द्रशेखर अर्थात् "जिनके मस्तक पर चंद्रमा सुशोभित है"। "शेखर" का अर्थ शिखर या मस्तक का आभूषण है। शिव के जटाजूट पर विराजमान बालचंद्र शीतलता, संयम व काल-गणना का प्रतीक माना जाता है।
शतनामावलियों में यह नाम "शशाङ्कशेखर" (शिव शतनामावली, क्रम 82) और "शशिशेखराय" (अष्टोत्तर शतनामावली, क्रम 5) रूप में मिलता है। "शशि", "शशाङ्क" और "चन्द्र" — तीनों चंद्रमा के पर्याय हैं, इसलिए अर्थ में कोई भेद नहीं; "चन्द्रशेखर" उसी नाम का सर्वाधिक प्रचलित रूप है।
परंपरा में कही जाने वाली कथा के अनुसार दक्ष के शाप से क्षीण होते चंद्रमा ने शिव की शरण ली और शिव ने उन्हें मस्तक पर धारण कर उनका क्षय रोक दिया। प्रतीक रूप में यह बताता है कि शिव प्रचंड होकर भी शीतल हैं।
सोमवार चंद्र का दिन माना जाता है, इसलिए वह इसके जप के लिए विशेष है। पूर्णिमा, प्रदोष काल और रात्रि शयन से पूर्व का समय भी परंपरा में उपयुक्त बताया जाता है।
परंपरा में इस मंत्र का जप 108 बार — अर्थात एक माला — करने का विधान कहा जाता है, और इसके लिए रुद्राक्ष या स्फटिक माला का प्रयोग बताया जाता है। जप का सुझाया गया समय सोमवार संध्या व चंद्रोदय काल है। संख्या से अधिक महत्व नियमितता तथा शुद्ध उच्चारण का माना गया है — प्रतिदिन एक माला, बीच-बीच में छोड़कर की गई अधिक संख्या से श्रेष्ठ कही जाती है।
यह नाम-मंत्र है, अर्थात इष्ट के नाम का जप। परंपरा में नाम-जप के लिए दीक्षा अनिवार्य नहीं मानी जाती — इसे स्त्री-पुरुष, किसी भी आयु व किसी भी वर्ग का व्यक्ति श्रद्धापूर्वक जप सकता है। यही नाम-मार्ग की विशेषता कही जाती है कि इसमें पात्रता की शर्त भाव है, विधि नहीं।
"चन्द्र" में "न्द्र" संयुक्ताक्षर है — इसे "चन-दर" की तरह न तोड़ें। परंपरा में कहा जाता है कि मंत्र-जप में शुद्ध उच्चारण का विशेष महत्व है, इसलिए आरंभ में धीरे-धीरे व स्पष्ट बोलकर अभ्यास करें और गति बाद में बढ़ाएँ।
पर्व
