ॐ शङ्कराय नमः

oṃ śaṅkarāya namaḥ

Shankar Mantra (Om Shankaraya Namah)

समय
30 सेकंड
जप संख्या
108
कठिनाई
सरल
शुभ दिन
सोमवार व प्रदोष
उद्देश्य:मन की शांति (Peace)कल्याण व मंगल (Auspiciousness)आध्यात्मिक उन्नति (Spiritual Growth)
✓ संपूर्ण नाम जाप

ॐ शङ्कराय नमः शिव अष्टोत्तर शतनामावली का नाम 10 है। “शम्” (कल्याण) और “कर” (करने वाला) से बने इस नाम का अर्थ है कल्याण करने वाले। सरल उच्चारण के कारण परंपरा में इसे बालकों व नए साधकों के लिए उपयुक्त माना जाता है। हिन्दी वर्तनी “शंकराय” भी शुद्ध है।

परिचय

महादेव शिव त्रिदेवों में संहारक और कल्याणकारी देव हैं — योग, ध्यान और मोक्ष के अधिपति।

स्रोत: शिव अष्टोत्तर शतनामावली (शक्तिप्रमोद) — नाम 10

एक नज़र में

मंत्र / पाठॐ शङ्कराय नमः
IASToṃ śaṅkarāya namaḥ
प्रकारनाम जाप
देवताश्री शिव
मूल स्रोतशिव अष्टोत्तर शतनामावली (शक्तिप्रमोद) — नाम 10
जप संख्या108
मालारुद्राक्ष माला
शुभ दिनसोमवार व प्रदोष
पाठ समय30 सेकंड
कठिनाईसरल

उद्भव / पृष्ठभूमि

शङ्कर शब्द "शम्" और "कर" से बना है — "शम्" अर्थात् कल्याण, शांति, सुख; और "कर" अर्थात् करने वाला। इस प्रकार शङ्कर वे हैं जो कल्याण करते हैं, शांति देते हैं। यह नाम शिव के स्वभाव को एक ही शब्द में कह देता है — वे संहारक अवश्य हैं, पर संहार भी उनका कल्याण के लिए ही है।

यह शिव के सर्वाधिक प्रचलित नामों में है और अष्टोत्तर शतनामावली में क्रम 10 पर आता है। हिन्दी भाषी क्षेत्रों में शिव को सबसे अधिक इसी नाम से पुकारा जाता है — भजन, आरती व लोकगीतों में "शंकर" नाम बार-बार आता है। यही नाम आगे चलकर आदि शंकराचार्य के नाम में भी आया, जिन्हें परंपरा शिव का अवतार मानती है।

मंत्र

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ॐ शङ्कराय नमः॥

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उच्चारण (Pronunciation)

ॐ शङ्कराय नमः॥

oṃ śaṅkarāya namaḥ ||

Om Shankaraya Namah.

उच्चारण मार्गदर्शन: "शङ्" में "ङ्" नासिक्य कंठ्य वर्ण है — हिन्दी में यही ध्वनि "शं" से निकलती है, इसलिए बोलने में कठिनाई नहीं। "श" तालव्य है ("स" नहीं)। पूरा रूप "शङ्-क-राय न-मः"; "राय" का "आ" दीर्घ है। हिन्दी वर्तनी "शंकराय" भी शुद्ध मानी जाती है।

शब्द-अर्थ (Word-by-Word)

ॐप्रणव — परब्रह्म का प्रतीक
शम्कल्याण, शांति, सुख
करकरने वाला
शङ्करायकल्याण करने वाले (शिव) को
नमःनमस्कार, समर्पण

अर्थ (हिन्दी)

  1. शङ्कर को नमस्कार। जो "शम्" अर्थात् कल्याण व शांति करने वाले हैं — जिनका प्रत्येक कार्य, संहार भी, जीव के मंगल के लिए ही है — उन शिव को मैं प्रणाम करता हूँ।

लाभ

  • परंपरा में इसे मन की शांति व कल्याण-भाव जगाने वाला मंत्र माना जाता है।
  • गृह-क्लेश व पारिवारिक अशांति में जप प्रचलित है।
  • सरल उच्चारण के कारण बालकों व नए साधकों के लिए उपयुक्त कहा जाता है।
  • दैनिक शिव उपासना का सुलभ नाम-मंत्र माना जाता है।

अनुशंसित जप संख्या

जप संख्या: प्रतिदिन 108 बार (एक माला)।

माला: रुद्राक्ष माला

उत्तम समय: प्रातः व संध्या

जप का उत्तम समय

प्रातः व संध्या नित्य पूजा मेंसोमवार व प्रदोष काल मेंमहाशिवरात्रि व श्रावण मास मेंमानसिक अशांति या पारिवारिक कलह के समय

जप विधि (चैंटिंग मेथड)

शिवलिंग पर जल व बिल्वपत्र अर्पित कर, स्वच्छ आसन पर बैठकर रुद्राक्ष माला से 108 बार जप करें। यह सरल नाम-मंत्र है, इसलिए इसे चलते-फिरते मानसिक जप के रूप में भी दोहराया जा सकता है — परंपरा में ऐसे जप को "अजपा" कहा जाता है। संध्या समय दीपक जलाकर परिवार के साथ सामूहिक जप की परंपरा भी है।

प्रामाणिकता व स्रोत

स्थिति✓ संपूर्ण
स्रोत परंपराशिव अष्टोत्तर शतनामावली (शक्तिप्रमोद) — नाम 10 "ॐ शङ्कराय नमः" · शिव शतनामावली — नाम "शङ्कर" क्रम 74 (drikpanchang)
अंतिम अद्यतनजून 2026

देव परिचय

श्री शिव

Lord Shiva

महादेव शिव त्रिदेवों में संहारक और कल्याणकारी देव हैं — योग, ध्यान और मोक्ष के अधिपति।

देवता वर्गसंहार · योग · ध्यान · कल्याण · मोक्ष
वाहननंदी (वृषभ)
संबंधित वारसोमवार
मुख्य मंत्रॐ नमः शिवाय
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ॐ शङ्कराय नमः — सामान्य प्रश्न

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