यह खंड सनातन परंपराओं को उनके मूल ग्रंथों से समझाता है। गोत्र और प्रवर — बौधायन का नियम, 73 गण और 3,140 गोत्र-नाम, खोजने और मिलाने के टूल सहित। साथ में 38 ऋषियों के जीवन-परिचय, उनकी 24 गाथाएँ, और ज्ञान-परंपरा में उनका योगदान। हर बात के साथ उसका स्रोत।
गोत्र के टूल
गोत्र खोजें, दो गोत्रों का प्रवर मिलाएँ, या उपनाम से अभिलेख देखें — ग्रंथ की तालिका से।
गोत्र खोजें
गोत्र का नाम लिखें — ग्रंथ की तालिका में उसका गण, प्रवर और ऋषि-कुल।
प्रवर मिलान
वर और कन्या पक्ष के दो गोत्र चुनें — बौधायन के नियम से सगोत्र हैं या नहीं।
उपनाम से गोत्र जानकारी
उपनाम (surname) लिखें — ऐतिहासिक अभिलेखों और ग्रंथ की तालिका में क्या दर्ज है।
ऋषि से गोत्र
बौधायन के आठ गोत्रकार ऋषि, और हर ऋषि के प्रवर वाले गण।
गोत्र सूची
ग्रंथ की तालिका के सभी 3,140 गोत्र-नाम, वर्णक्रम से, गण सहित।
गोत्र को समझें
गोत्र का अर्थ, प्रवर, विवाह, पूजा-संकल्प और कुल-परंपरा — हर विषय का अपना पृष्ठ।
गोत्र क्या है
गोत्र का अर्थ, सगोत्र का नियम, और 42 प्रमुख गोत्रों के पृष्ठ।
प्रवर और गण
73 गण और हर गण का प्रवर — सूत्र-वार, ऋषि-कुल के क्रम से।
अपना गोत्र कैसे पता करें
अपना गोत्र और प्रवर पक्का करने के व्यावहारिक तरीके, और गोत्र अज्ञात हो तो क्या करें।
गोत्र और विवाह
सगोत्र विवाह, प्रवर का महत्व, विवाह के बाद स्त्री का गोत्र, और गोत्र पता न हो तो क्या करें।
पूजा, संकल्प और संस्कार
संकल्प में गोत्र कैसे बोलें, और उपनयन, विवाह, श्राद्ध व पिंडदान में गोत्र।
कुल, जाति और उपनाम
गोत्र, कुल, कुलदेवता, जाति और उपनाम में अंतर, और कुछ समाजों की परंपरा।
गोत्र-कथा
गोत्र परंपरा की उत्पत्ति, सप्तर्षि, ऋषि-वंशावलियाँ और वेद से संबंध।
गोत्र — प्रश्न-उत्तर
गोत्र, प्रवर, सगोत्र विवाह, सपिण्ड और अज्ञात गोत्र — सब प्रश्न एक जगह।
ऋषि, उनकी गाथाएँ और योगदान
जीवन-परिचय, ग्रंथों से पूरी कथाएँ, और वेद, आयुर्वेद, योग व दर्शन में उनका योगदान।
सभी ऋषि
38 ऋषियों के पृष्ठ — सप्तर्षि, रामायण-महाभारत के ऋषि, स्रोत-सहित जीवन-परिचय।
ऋषियों की महान गाथाएँ
24 गाथाएँ — ग्रंथों से पूरी कथा, जहाँ ग्रंथ अलग कहते हैं वहाँ दोनों रूप।
ऋषियों का योगदान
5 लेख — वेद, आयुर्वेद, योग और दर्शन में ऋषियों का योगदान।
चुनी हुई गाथाएँ
9 ऋषि-कुल
गोत्र-प्रवर ग्रंथ हर गोत्र को किसी ऋषि-कुल और उसके एक गण में रखते हैं।
