गण 29 — रथीतराः
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| आङ्गिरस · पार्षदश्व · वैरूप | 3 | आश्वलायन | तालिका का मुख्य |
| आष्टादंष्ट्र · पार्षदश्व · वैरूप | 3 | आश्वलायन | विकल्प |
| आङ्गिरस · वैरूप · पार्षदश्व | 3 | आपस्तम्ब, बौधायन, मत्स्य पुराण | इस ग्रंथ का मुख्य |
| आङ्गिरस · पार्षदश्व · राथीतर | 3 | कात्यायन | इस ग्रंथ का मुख्य |
| आष्टादंष्ट्र · वैरूप · पार्षदश्व | 3 | आपस्तम्ब | विकल्प |
| आङ्गिरस · वैरूप · राथीतर | 3 | बौधायन, मत्स्य पुराण | विकल्प |
स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 196 — “Angira, Virupa, Rathitara”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।
आश्वलायन मुख्य प्रवर "पृषदश्व" परिवारों के लिए देते हैं, और बाक़ी ग्रंथ रथीतरों के लिए.
इस गण में ग्रंथ ने 24 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें
गण 30 — मुद्गलाः
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| आङ्गिरस · भार्म्यश्व · मौद्गल्य | 3 | आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, मत्स्य पुराण | तालिका का मुख्य |
| तार्क्ष्य · भार्म्यश्व · मौद्गल्य | 3 | आश्वलायन, आपस्तम्ब | विकल्प |
| आङ्गिरस · ताण्डि · मौद्गल्य | 3 | मत्स्य पुराण | इस ग्रंथ का मुख्य |
| आङ्गिरस · मत्स्यदग्ध · मौद्गल्य | 3 | मत्स्य पुराण | इस ग्रंथ का मुख्य |
स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 196 — “Angira, Matsyadagdha, Mudgala · Angira, Tandya, Maudgalya”. यह ऊपर दिए पाठ से अलग है।
मत्स्य पुराण के दो रूप हैं: हंसजिह्व आदि के लिए "आङ्गिरस, ताण्डि, मौद्गल्य" (ग्रंथ में छपाई अस्पष्ट, "ताव्य" जैसी; अनुवादों में ताण्डि/Tandya), और सत्यमुग्रि आदि के लिए — जहाँ यह ग्रंथ "भार्म्यश्व" पढ़ता है, पर मत्स्य के अंग्रेज़ी और हिन्दी दोनों अनुवाद "मत्स्यदग्ध" पढ़ते हैं.
इस गण में ग्रंथ ने 25 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें · मौद्गल्य गोत्र
गण 31 — विष्णुवृद्धाः
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| आङ्गिरस · पौरुकुत्स · त्रासदस्यव | 3 | आश्वलायन, बौधायन, मत्स्य पुराण | तालिका का मुख्य |
इस गण में ग्रंथ ने 42 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें
गण 32 — यौवनाश्वाः
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| आङ्गिरस · आम्बरीष · यौवनाश्व | 3 | आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, मत्स्य पुराण | तालिका का मुख्य |
| मान्धात्र · आम्बरीष · यौवनाश्व | 3 | आश्वलायन, आपस्तम्ब | विकल्प |
| आङ्गिरस · मान्धात्र · कौत्स | 3 | आपस्तम्ब | इस ग्रंथ का मुख्य |
आपस्तम्ब "आङ्गिरस, मान्धात्र, कौत्स" कुत्स परिवारों के लिए बताते हैं.
इस गण में ग्रंथ ने 42 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें · कुत्स गोत्र · हरित गोत्र
गण 33 — काण्वाः
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
|---|---|---|---|
| आङ्गिरस · आजमीढ · काण्व | 3 | आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण | तालिका का मुख्य |
| आङ्गिरस · घौर · काण्व | 3 | आश्वलायन | विकल्प |
स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 196 — “Angira, Ajamidha, Kanva”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।
इस गण में ग्रंथ ने 41 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें · कण्व गोत्र · मार्कण्डेय गोत्र
गण 34 — संकृतयः
| प्रवर | ऋषि | किस ग्रंथ के अनुसार | |
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| आङ्गिरस · साङ्कृत्य · गौरुवीत | 3 | आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण | तालिका का मुख्य |
| आङ्गिरस · गौरुवीत · साङ्कृत्य | 3 | आश्वलायन | इस ग्रंथ का मुख्य |
| शाक्त्य · गौरुवीत · साङ्कृत्य | 3 | आश्वलायन | विकल्प |
स्वतंत्र मिलान: The Matsya Puranam, Part 2 (Sacred Books of the Hindus, vol. 17) (1917), अध्याय 196 — “Angira, Samkriti, Gauraviti”. यह ऊपर दिए मत्स्य पाठ से मेल खाता है।
इस गण में ग्रंथ ने 42 नाम दर्ज किए हैं। पूरी सूची देखें · सांकृत्य गोत्र
