प्रवर — 73 गोत्र-गण, सूत्र-वार

प्रवर का अर्थ, प्रवर में ऋषियों की संख्या और सगोत्र का नियम — ग्रंथ के वचन सहित। 9 ऋषि-कुलों के सभी 73 गण, हर गण का मुख्य प्रवर और किस सूत्र में वह दर्ज है।

प्रवर क्या है?

प्रवर गोत्र के उन ऋषियों के नाम हैं जिन्हें लेकर यज्ञ में अग्नि का आह्वान किया जाता है। श्रुति के अनुसार प्रवर में एक, दो, तीन या पाँच ऋषि होते हैं — चार कभी नहीं। एक ही प्रवर वाले गोत्र मिलकर "गण" बनाते हैं, और ग्रंथ की तालिका में ऐसे 73 गण हैं।

प्रवर में कितने ऋषि

एकं वृणीते द्वौ वृणीते त्रीन्वृणीते न चतुरो वृणीते पञ्च वृणीते न पञ्चातिवृणीते।

प्रवर में एक, दो, तीन या पाँच ऋषि बोले जाते हैं — चार नहीं, और पाँच से अधिक नहीं।

— गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (The Principles of Pravara and Gotra), द्वितीय संस्करण, पृष्ठ 26 (प्रवरमञ्जरी, श्रुति-वचन) (archive.org leaf 64)
1 ऋषि वाला प्रवर5 रूप
2 ऋषि वाला प्रवर6 रूप
3 ऋषि वाला प्रवर114 रूप
5 ऋषि वाला प्रवर16 रूप

ग्रंथ की तालिका के सभी 141 प्रवर-रूप इस नियम के भीतर हैं — चार ऋषियों वाला एक भी नहीं।

सगोत्र का नियम

एक एव ऋषिर्यावत्प्रवरेष्वनुवर्तते। तावत्समानगोत्रत्वमन्यत्र भृग्वङ्गिरसां गणात्॥

सात ऋषियों और आठवें अगस्त्य में से कोई एक ऋषि जब तक दो प्रवरों में साझा हो, तब तक वे समान गोत्र माने जाते हैं — भृगु और आङ्गिरस के गणों को छोड़कर।

— गोत्रप्रवरनिबन्धकदम्बम् (The Principles of Pravara and Gotra), द्वितीय संस्करण, पृष्ठ 26 (प्रवरमञ्जरी, बौधायन का वचन) (archive.org leaf 64)

यानी सात ऋषियों और अगस्त्य में से कोई एक ऋषि दो परिवारों के प्रवर में साझा हो, तो परंपरा उन्हें समान गोत्र मानती है। प्रवरमञ्जरी के अनुसार जमदग्नि-भिन्न भृगु-गण और गौतम-भरद्वाज-भिन्न आङ्गिरस-गण इस नियम से बाहर हैं, क्योंकि उनके प्रवर में इन आठ में से कोई ऋषि नहीं आता।

भृगु-कुल — गण 1–11

गण 1 — जामदग्न्या वत्साःभार्गव, च्यावन, आप्नवान, और्व, जामदग्न्य · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 350 नाम · 1 और रूप
गण 2 — अजामदग्न्या वत्साःभार्गव, च्यावन, आप्नवान · आश्वलायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 0 नाम
गण 3 — आर्ष्टिषेणाःभार्गव, च्यावन, आप्नवान, आर्ष्टिषेण, आनूप · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 40 नाम · 1 और रूप
गण 4 — बिदाःभार्गव, च्यावन, आप्नवान, और्व, बैद · आश्वलायन, बौधायन · 39 नाम · 2 और रूप
गण 5 — यस्काः वीतहव्याःभार्गव, वैतहव्य, सावेदस · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 122 नाम
गण 6 — श्यैताः अथवा वैन्याःभार्गव, वैन्य, पार्थ · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन · 4 नाम
गण 7 — मित्रयुवाःवाध्र्यश्व · आश्वलायन, आपस्तम्ब · 48 नाम · 2 और रूप
गण 8 — शुनकाःगार्त्समद · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन · 35 नाम · 3 और रूप
गण 9 — वत्सपुरोधसौभार्गव, च्यावन, आप्नवान, वात्स, पौरोधस · प्रवरदर्पण (कमलाकर भट्ट) · 0 नाम · 1 और रूप
गण 10 — वैजवनैमथितौभार्गव, च्यावन, आप्नवान, वैजव, नैमथित · प्रवरदर्पण (कमलाकर भट्ट) · 0 नाम
गण 11 — वेदविश्वज्योतिषःभार्गव, शाठर, माठर · प्रवरदर्पण (कमलाकर भट्ट) · 0 नाम

हर गण के प्रवर के सभी रूप और मत्स्य पुराण से मिलान: भृगु-कुल के गण और प्रवर

गौतम (आङ्गिरस)-कुल — गण 12–22

गण 12 — आयास्या गौतमाःआङ्गिरस, आयास्य, गौतम · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन · 35 नाम
गण 13 — उचथ्या गौतमाःआङ्गिरस, औचथ्य, गौतम · आश्वलायन, आपस्तम्ब, कात्यायन · 108 नाम · 1 और रूप
गण 14 — रहूगणाः शरद्वन्ताःआङ्गिरस, राहूगण्य, गौतम · आश्वलायन · 15 नाम · 1 और रूप
गण 15 — सोमराजकाःआङ्गिरस, सौमराज्य, गौतम · आश्वलायन · 0 नाम
गण 16 — वामदेवाःआङ्गिरस, वामदेव्य, गौतम · आश्वलायन · 3 नाम · 3 और रूप
गण 17 — बृहदुक्थाःआङ्गिरस, बार्हदुक्थ, गौतम · आश्वलायन, आपस्तम्ब · 1 नाम
गण 18 — कक्षीवन्तःआङ्गिरस, औचथ्य, औशिज, गौतम, काक्षीवत · आश्वलायन · 13 नाम · 3 और रूप
गण 19 — दीर्घतमसःआङ्गिरस, औचथ्य, दैर्घतमस · आश्वलायन · 1 नाम · 1 और रूप
गण 20 — औशनसाःआङ्गिरस, गौतम, औशनस · बौधायन · 8 नाम
गण 21 — कारेणुपालाःआङ्गिरस, गौतम, कारेणुपाल · बौधायन · 6 नाम
गण 22 — राघवाःआङ्गिरस, राघव, गौतम · प्रवरदर्पण (कमलाकर भट्ट) · 0 नाम

हर गण के प्रवर के सभी रूप और मत्स्य पुराण से मिलान: गौतम (आङ्गिरस)-कुल के गण और प्रवर

भारद्वाज (आङ्गिरस)-कुल — गण 23–28

गण 23 — मातवचसःआङ्गिरस, बार्हस्पत्य, भारद्वाज, वान्दन, मातवचस · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन · 11 नाम · 1 और रूप
गण 24 — भारद्वाजाःआङ्गिरस, बार्हस्पत्य, भारद्वाज · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 255 नाम
गण 25 — शैन्याःआङ्गिरस, बार्हस्पत्य, भारद्वाज, गार्ग्य, शैन्य · आश्वलायन, बौधायन, मत्स्य पुराण · 126 नाम · 5 और रूप
गण 26 — कपयःआङ्गिरस, आमहीयव, औरुक्षय · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 76 नाम · 1 और रूप
गण 27 — आत्मभुवःआङ्गिरस, बार्हस्पत्य, भारद्वाज, मान्त्रवर, आत्मभुव · मत्स्य पुराण · 10 नाम
गण 28 — शौङ्गशैशिरयःआङ्गिरस, बार्हस्पत्य, भारद्वाज, कात्य, आत्कील · आश्वलायन, आपस्तम्ब · 9 नाम · 3 और रूप

हर गण के प्रवर के सभी रूप और मत्स्य पुराण से मिलान: भारद्वाज (आङ्गिरस)-कुल के गण और प्रवर

केवल-आङ्गिरस-कुल — गण 29–34

गण 29 — रथीतराःआङ्गिरस, पार्षदश्व, वैरूप · आश्वलायन · 24 नाम · 5 और रूप
गण 30 — मुद्गलाःआङ्गिरस, भार्म्यश्व, मौद्गल्य · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, मत्स्य पुराण · 25 नाम · 3 और रूप
गण 31 — विष्णुवृद्धाःआङ्गिरस, पौरुकुत्स, त्रासदस्यव · आश्वलायन, बौधायन, मत्स्य पुराण · 42 नाम
गण 32 — यौवनाश्वाःआङ्गिरस, आम्बरीष, यौवनाश्व · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, मत्स्य पुराण · 42 नाम · 2 और रूप
गण 33 — काण्वाःआङ्गिरस, आजमीढ, काण्व · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 41 नाम · 1 और रूप
गण 34 — संकृतयःआङ्गिरस, साङ्कृत्य, गौरुवीत · आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 42 नाम · 2 और रूप

हर गण के प्रवर के सभी रूप और मत्स्य पुराण से मिलान: केवल-आङ्गिरस-कुल के गण और प्रवर

अत्रि-कुल — गण 35–40

गण 35 — श्यावाश्वाःआत्रेय, आर्चनानस, श्यावाश्व · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 167 नाम
गण 36 — गविष्ठिराःआत्रेय, गाविष्ठिर, पौर्वातिथ · आश्वलायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 29 नाम · 1 और रूप
गण 37 — अतिथयःआत्रेय, आर्चनानस, पौर्वातिथ · बौधायन · 22 नाम · 1 और रूप
गण 38 — वाग्भूतकाःआत्रेय, आर्चनानस, वाग्भूतक · बौधायन · 2 नाम
गण 39 — पुत्रिकापुत्राःआत्रेय, वामरथ्य, पौत्रिक · कात्यायन, मत्स्य पुराण · 14 नाम
गण 40 — सुमङ्गलाःआत्रेय, सौमङ्गल, श्यावाश्व · प्रवरदर्पण (कमलाकर भट्ट) · 0 नाम

हर गण के प्रवर के सभी रूप और मत्स्य पुराण से मिलान: अत्रि-कुल के गण और प्रवर

विश्वामित्र-कुल — गण 41–57

गण 41 — औदलाःवैश्वामित्र, दैवरात, औदल · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 126 नाम
गण 42 — दैवतरसाःवैश्वामित्र, दैवश्रवस, दैवतरस · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन · 11 नाम
गण 43 — धानञ्जयाःवैश्वामित्र, माधुच्छन्दस, धानञ्जय · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन · 12 नाम · 1 और रूप
गण 44 — आजाःवैश्वामित्र, माधुच्छन्दस, आज · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन · 14 नाम · 1 और रूप
गण 45 — रौहिणाःवैश्वामित्र, माधुच्छन्दस, रौहिण · आश्वलायन · 1 नाम
गण 46 — आष्टकाःवैश्वामित्र, माधुच्छन्दस, आष्टक · आश्वलायन · 13 नाम · 3 और रूप
गण 47 — पौरणाःवैश्वामित्र, दैवरात, पौरण · आश्वलायन · 6 नाम · 1 और रूप
गण 48 — आक्षीलाःवैश्वामित्र, कात्य, आक्षील · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन · 45 नाम · 1 और रूप
गण 49 — कौशिकाःवैश्वामित्र, आघमर्षण, कौशिक · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन · 3 नाम
गण 50 — रैवणाःवैश्वामित्र, गाधिन, रैवण · आश्वलायन · 1 नाम
गण 51 — क्रथकाःवैश्वामित्र, रौत्थक, रैवण · बौधायन · 14 नाम · 2 और रूप
गण 52 — वैणवाःवैश्वामित्र, गाथिन, वैणव · आश्वलायन · 1 नाम
गण 53 — शालङ्कायनाःवैश्वामित्र, शालङ्कायन, कौशिक · आश्वलायन · 5 नाम
गण 54 — इन्द्रकौशिकाःवैश्वामित्र, ऐन्द्र, कौशिक · आश्वलायन · 1 नाम
गण 55 — साहुलाःवैश्वामित्र, साहुल, माहुल · प्रवरदर्पण (कमलाकर भट्ट) · 0 नाम
गण 56 — हिरण्यरेतसःवैश्वामित्र, हैरण्यरेतस · प्रवरदर्पण (कमलाकर भट्ट) · 0 नाम
गण 57 — सुवर्णरेतसःवैश्वामित्र, कापातरस · प्रवरदर्पण (कमलाकर भट्ट) · 0 नाम

हर गण के प्रवर के सभी रूप और मत्स्य पुराण से मिलान: विश्वामित्र-कुल के गण और प्रवर

कश्यप-कुल — गण 58–62

गण 58 — कश्यपाःकाश्यप, आवत्सार, आसित · आश्वलायन · 1 नाम
गण 59 — शण्डिलाःशाण्डिल, आसित, दैवल · आश्वलायन, कात्यायन · 121 नाम · 8 और रूप
गण 60 — रेभाःकाश्यप, आवत्सार, रैभ्य · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन · 1 नाम
गण 61 — निध्रुवाःकाश्यप, आवत्सार, नैध्रुव · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 382 नाम
गण 62 — लौगाक्षयःकाश्यप, आवत्सार, वासिष्ठ · बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 39 नाम · 1 और रूप

हर गण के प्रवर के सभी रूप और मत्स्य पुराण से मिलान: कश्यप-कुल के गण और प्रवर

वसिष्ठ-कुल — गण 63–67

गण 63 — वासिष्ठाःवासिष्ठ · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 160 नाम · 1 और रूप
गण 64 — उपमन्यवःवासिष्ठ, आभरद्वसव्य, ऐन्द्रप्रमद · आश्वलायन, कात्यायन · 146 नाम · 1 और रूप
गण 65 — पराशराःवासिष्ठ, शाक्त्य, पाराशर्य · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 120 नाम
गण 66 — कुण्डिनाःवासिष्ठ, मैत्रावरुण, कौण्डिन्य · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन, मत्स्य पुराण · 68 नाम
गण 67 — जातूकर्ण्याःवासिष्ठ, आत्रेय, जातूकर्ण्य · मत्स्य पुराण · 9 नाम

हर गण के प्रवर के सभी रूप और मत्स्य पुराण से मिलान: वसिष्ठ-कुल के गण और प्रवर

अगस्त्य-कुल — गण 68–73

गण 68 — सौमवाहाःआगस्त्य, दार्ढ्यच्युत, ऐध्मवाह · आश्वलायन, आपस्तम्ब, बौधायन, कात्यायन · 52 नाम · 3 और रूप
गण 69 — साम्भवाहाःआगस्त्य, दार्ढ्यच्युत, साम्भवाह · बौधायन · 1 नाम
गण 70 — याज्ञवाहाःआगस्त्य, दार्ढ्यच्युत, याज्ञवाह · बौधायन · 1 नाम
गण 71 — मायोभुवाःआगस्त्य, माहेन्द्र, मायोभुव · कात्यायन, मत्स्य पुराण · 19 नाम
गण 72 — पौरणाःआगस्त्य, पौर्णमास, पौरण · कात्यायन, मत्स्य पुराण · 2 नाम
गण 73 — पाणिकाःआगस्त्य, हैमवर्च, हैमोदक · प्रवरदर्पण (कमलाकर भट्ट) · 0 नाम · 1 और रूप

हर गण के प्रवर के सभी रूप और मत्स्य पुराण से मिलान: अगस्त्य-कुल के गण और प्रवर

स्रोत